इलेक्ट्रिक कारों की जंग में नया किंग, 2025 में Tesla को पछाड़कर नंबर-1 बनी ये कंपनी; 22.5 लाख EV बेच डाली
साल 2025 BYD के लिए किसी गेम-चेंजर से कम नहीं रहा। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ी वजह रही कंपनी की इंटरनेशनल स्ट्रैटेजी। BYD ने सिर्फ चीन तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि दुनियाभर के बाजारों पर फोकस किया।

साल 2025 BYD के लिए किसी गेम-चेंजर से कम नहीं रहा। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ी वजह रही कंपनी की इंटरनेशनल स्ट्रैटेजी। BYD ने सिर्फ चीन तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि दुनियाभर के बाजारों पर फोकस किया। नतीजा ये हुआ कि 2025 में कंपनी की कुल बिक्री का करीब एक चौथाई हिस्सा विदेशों से आया। वहीं, एक मिलियन से ज्यादा गाड़ियां एक्सपोर्ट की गईं। ब्राजील, थाईलैंड और हंगरी जैसे देशों में फैक्ट्रियां लगाकर BYD ने लोकल प्रोडक्शन शुरू किया, जिससे लागत भी कम हुई और ग्राहकों तक पहुंच भी आसान हो गई। यही वजह है कि साउथ अमेरिका से लेकर यूरोप तक BYD की पकड़ मजबूत होती चली गई।






मिलती जुलती गाड़ियाँ
और गाड़ियां देखें
Ford को भी पीछे छोड़ दिया
अपने घरेलू बाजार चीन में भी BYD का जलवा बरकरार रहा। जहां बाकी चीनी ब्रांड्स भी तेजी से आगे बढ़े, वहीं BYD ने अपनी लीड बनाए रखी। इसी दमदार घरेलू और विदेशी बिक्री के सहारे कंपनी ने 2025 के आखिर तक करीब 46 लाख गाड़ियां बेच दीं। इस आंकड़े के साथ BYD ने Ford को भी पीछे छोड़ दिया, जिसकी बिक्री करीब 44 लाख यूनिट रही। इतना ही नहीं, इस बड़ी उपलब्धि ने BYD को दुनिया की टॉप-6 ऑटो कंपनियों में शामिल कर दिया।
BYD बनी 2025 की नंबर-1 EV कंपनी
BYD की असली जीत इलेक्ट्रिक कारों के मोर्चे पर दिखी। साल 2025 में कंपनी ने करीब 22.5 लाख पूरी तरह इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जो कि Tesla से लगभग 6 लाख ज्यादा हैं। इसी के साथ BYD साल 2025 की सबसे ज्यादा EV बेचने वाली कंपनी बन गई। इसकी बड़ी वजह है कंपनी का वर्टिकली इंटीग्रेटेड मॉडल। BYD अपनी बैटरी और अहम पार्ट्स खुद बनाती है, जिससे न सिर्फ सप्लाई चेन पर कंट्रोल रहता है बल्कि गाड़ियों की कीमत भी काबू में रहती है। 2022 में पेट्रोल-डीज़ल कारों को पूरी तरह छोड़ने के बाद BYD ने सिर्फ EV और प्लग-इन हाइब्रिड पर ही दांव लगाया और वही दांव अब रंग लाता दिख रहा है।
Tesla के लिए 2025 आसान नहीं रहा
दूसरी तरफ Tesla के लिए 2025 उतना आसान नहीं रहा। अमेरिका समेत कई बड़े बाजारों में मुकाबला बढ़ गया, सरकारी नीतियां बार-बार बदलीं और EV सब्सिडी को लेकर भी असमंजस बना रहा। इन सबका असर ग्राहकों की खरीद पर पड़ा और Tesla की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई। अब इलेक्ट्रिक गाड़ियां सिर्फ एक नया ट्रेंड नहीं रहीं, बल्कि पूरी ग्लोबल ऑटो इंडस्ट्री की सबसे बड़ी लड़ाई बन चुकी हैं। BYD की तेज़ बढ़त साफ दिखाती है कि चीनी कंपनियां अब ग्लोबल लीडर बनने की ओर तेजी से बढ़ रही हैं।
लेखक के बारे में
Ashutosh Kumarदेश-दुनिया की खबरों में रुचि पत्रकारिता में खींच लाई। IIMC, नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में ‘लाइव हिंदुस्तान’ से हुई। बीते करीब 4 सालों से आशुतोष बिजनेस और ऑटो सेक्शन में काम कर रहे हैं। राजनीति, बिजनेस और धर्म में खास रुचि है। लाइव हिंदुस्तान में बिजनेस, टेक, ऑटो, स्पोर्ट्स, एस्ट्रोलॉजी, करियर और न्यूज सेक्शन में लगातार काम करने का अनुभव है। लाइव हिंदुस्तान के लिए बिहार चुनाव 2025 का ग्राउंड पर जाकर पूरा वीडियो कवरेज किया है। बड़े नेताओं और लेखकों के साथ 50 से ज्यादा इंटरव्यू लेने का अनुभव भी रखते हैं। आशुतोष को उनकी रिपोर्टिंग के लिए संस्थान की ओर से प्रतिष्ठित ‘Digi journo of the Quarter’ अवार्ड भी मिल चुका है।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



