Hindi Newsऑटो न्यूज़Apple may have burnt as much as 10 billion dollor on its failed car project check details here

ऐपल को 10 बिलियन डॉलर का फटका, फेल हुआ पिछले 10 साल से चल रहा ये कार प्रोजेक्ट! वजह जान चौंक जाएंगे आप

पिछले 10 साल से चल रहा ऐपल के कार प्रोजेक्ट के फेल होने की खबर इस समय सुर्खियों में है। रिपोर्ट के मुताबिक यह कार प्रोजेक्ट फेल होने से ऐपल को लगभग 10 बिलियन डॉलर का फटका लगा है। आइए इसकी डिटेल्स जानते हैं।

Sarveshwar Pathak लाइव हिंदुस्तानFri, 1 March 2024 11:43 AM
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ऐपल (Apple) ने अपनी फेल कार प्रोजेक्ट पर अब तक संभवतः $10 बिलियन का खर्च कर दिया है। इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी मीडिया में ऐपल कंपनी द्वारा अपने प्रोजेक्ट टाइटन पर काम रोकने की कई रिपोर्टें सामने आई हैं। इस खबर से दुनिया भर में ऐपल प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा है। प्रोजेक्ट टाइटन कंपनी का एक गोपनीय प्रोजेक्ट था, जो अनिवार्य रूप से iPhone निर्माता की एक इलेक्ट्रिक कार पर काम करती थी। हालांकि, ऐपल (Apple) ने न तो इसकी पुष्टि की है और न ही खंडन किया है कि प्रोजेक्ट टाइटन को बंद कर दिया गया है। अब एक रिपोर्ट में ऐपल को 10 बिलियन डॉलर का फटका, फेल हुआयह बताया जा रहा है कि कंपनी ने इस पर 10 बिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए हैं।

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ऐपल (Apple) एक दशक से अधिक समय से अपने इलेक्ट्रिक कार प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था, लेकिन यह कभी भी आसान नहीं रहा। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ऐपल (Apple) शुरू में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की दुनिया में टेस्ला के प्रभुत्व को चुनौती देना चाहता था। ऐसी भी सुगबुगाहट थी कि एप्पल टेस्ला का अधिग्रहण करना चाहती है और एलन मस्क के साथ बातचीत कर रहा है।

प्रोजेक्ट टाइटन से जुड़े थे लगभग 2,000 लोग

ऐसा बताया गया है कि जिस समय ऐपल (Apple) ने कथित तौर पर कार प्रोजेक्ट को छोड़ने का निर्णय लिया था, उस समय लगभग 2,000 लोग प्रोजेक्ट टाइटन से जुड़े थे। अटकलें लगाई जा रही हैं कि कथित तौर पर काम रुकने का एक मुख्य कारण दुनिया भर में चुनौतीपूर्ण आर्थिक स्थिति हो सकती है, जिसके कारण ईवी की मांग में गिरावट आई है। ऐसे समय में जब टेस्ला, रेनो, फॉक्सवैगन और अन्य कंपनियां अधिक किफायती ईवी पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, लागत कारक भी बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि लॉन्च होने पर ऐपल कार की कीमत 100,000 डॉलर से कम होने की संभावना नहीं थी।

कुछ खास फीचर्स पर काम कर रही थी ऐपल

ऐपल (Apple) अपनी कार में ऐसे फीचर्स पेश करना चाहती थी, जो किसी भी रायवल कार कंपनी द्वारा अब तक पेश न किया गया हो। इसका मतलब है ऐपल अपनी कार को सबसे अलग बनाना चाहती थी। इनके खास फीचर्स की बात करें तो इसमें एक ऐसे सनरूफ पर काम चल रहा था , जो कार के केबिन में एंट्री करने वाली सूरज की किरणों से गर्मी को कम करता है। इसके अलावा एक विंडशील्ड पर भी काम किया जा रहा था, जो दिशा दिखाती है। इस तरह के कुछ फीचर हाइलाइट्स थे, जिन पर काम किया जा रहा था। भले ही Apple अधिकांश वाहनों के अंदर स्क्रीन बनाने के लिए CarPlay सिस्टम पर बड़ा दांव लगा रही है। हालांकि, यह संभावना नहीं है कि जिन एडवांस टेक पर काम किया जा रहा था, उन्हें आगे बढ़ाया जाए।

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