अब हर कार होगी पूरी तरह सुरक्षित, देश की सभी गाड़ियों में मिलेगी ADAS फीचर्स की सेफ्टी
कारों की सेफ्टी के लिए कंपनियां कई अलग-अलग फीचर्स दे रही हैं। इसमें एयरबैग, कैमरा, सेंसर के साथ अब ADAS का इस्तेमाल भी किया जाने लगा है। ADAS यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम अब गाड़ियों में हिस्सा बनता जा रहा है। पहले ये सिर्फ लग्जरी गाड़ियों में देखने को मिलता था।

कारों की सेफ्टी के लिए कंपनियां कई अलग-अलग फीचर्स दे रही हैं। इसमें एयरबैग, कैमरा, सेंसर के साथ अब ADAS का इस्तेमाल भी किया जाने लगा है। ADAS यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम अब गाड़ियों में हिस्सा बनता जा रहा है। पहले ये सिर्फ लग्जरी गाड़ियों में देखने को मिलता था। हालांकि, अब अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन-कीपिंग असिस्ट जैसे फीचर्स धीरे-धीरे आम कारों में भी मिलने लगे हैं। ADAS को लेकर कंपनियों का दावा रहता है कि ये एक्सीडेंट को रोकने में काफी मदद करते हैं।






भारत जैसे देश के लिए, जहां रोड सेफ्टी एक बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है, इसका असर बहुत बड़ा हो सकता है। भारत में हर साल 1.5 लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे यह दुनियाभर में सबसे खतरनाक सड़क वाले इलाकों में से एक बन गया है। सालों से सेफ्टी से जुड़ी बातचीत ज्यादातर पैसिव सेफ्टी फीचर जैसे एयरबैग, क्रैश स्ट्रक्चर और भारत NCAP जैसे प्रोग्राम के तहत सेफ्टी रेटिंग पर ही केंद्रित रही है।
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ADAS, एक्टिव सेफ्टी सिस्टम जो एक्सीडेंट को पूरी तरह से रोकने के लिए डिजाइन किए गए हैं, लेकिन इसमें एक मुश्किल है। ज्यादातर ADAS टेक्नोलॉजी को ऐसे बाजारों में डेवलप और टेस्ट किया गया है जहां ट्रैफिक का सिस्टम ठीक-ठाक है, लेन साफ तौर पर मार्क की गई हैं और ड्राइविंग का तरीका सही है। भारतीय सड़कें बहुत अलग माहौल दिखाती हैं। इसमें घना ट्रैफिक, अलग-अलग तरह की गाड़ियां, लेन मार्किंग एक जैसी नहीं होतीं और ड्राइविंग के पैटर्न का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
ARAI का ADAS को लेकर प्लान
इस कमी को समझते हुए, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) ने पुणे के पास देश का पहला खास ADAS टेस्ट सिटी लॉन्च किया है। तालेगांव के पास तकवे में 20 एकड़ में फैली यह फैसिलिटी, कंट्रोल्ड माहौल में भारतीय सड़कों के हालात को फिर से बनाती है। इसका मकसद ऑटोमेकर्स को खास तौर पर भारतीय हालात के लिए ADAS टेक्नोलॉजी को टेस्ट, वैलिडेट और कैलिब्रेट करने देना है।
इस पहल को ऑफिशियली द ADAS शो के तीसरे एडिशन के दौरान शुरू किया गया, जिसमें सरकारी अधिकारियों, ग्लोबल OEMs, सप्लायर्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस फैसिलिटी में सिम्युलेटेड शहरी माहौल, मुश्किल चौराहे, लेन में बदलाव और टेस्टिंग इक्विपमेंट शामिल हैं, जिन्हें असल दुनिया के ड्राइविंग हालात को कॉपी करने के लिए डिजाइन किया गया है। आने वाले दिनों में ये सभी गाड़ियों में आम हो जाएंगे।
ARAI के डायरेक्टर डॉ. रेजी मथाई ने कहा कि भारत को अपने ADAS टेस्टिंग ईकोसिस्टम की जरूरत क्यों है? ऑटोनॉमस सिस्टम बनाने में डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्या भूमिका है? भारत NCAP 2.0 जैसे सेफ्टी नियम इसे अपनाने में कैसे तेजी ला सकते हैं? उन्होंने यह भी बताया कि ADAS टेक्नोलॉजी को भारत की मुश्किल सड़कों के हिसाब से क्यों अपनाना चाहिए और ज्यादा सुरक्षित, स्मार्ट गाड़ियों की ओर सफर कई लोगों की उम्मीद से ज्यादा तेज क्यों हो सकता है।
उन्होंने कहा, "मैं कह सकता हूं कि इस टेक्नोलॉजी को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। ADAS एक ऐसी चीज है जिस पर हम सीरियसली विचार कर रहे हैं क्योंकि यह भारत में सड़क हादसों और मौतों की समस्या को हल करने में मदद कर सकता है। अगर आप देखें कि पिछले 4 या 5 सालों में चीजें कैसे बदली हैं, तो हम सोच रहे हैं कि देश में ADAS फीचर्स कैसे लाए जाएं। हमारा एक फायदा यह है कि भारत यूनाइटेड नेशंस लेवल पर रेगुलेशन डिस्कशन में हिस्सा लेता है। इससे हमें यह समझने में मदद मिलती है कि दूसरे देश टेक्नोलॉजी को कैसे अपना रहे हैं और भारत के लिए उनमें से कितनी चीजें अपनाई जा सकती हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "मकसद सिर्फ रेगुलेशन बनाना या गाइडलाइन जारी करना और यह कहना नहीं है कि जरूरतें पूरी हो गई हैं। नतीजा इससे कहीं ज्यादा बड़ा होना चाहिए। यहीं से ADAS टेस्ट सिटी बनाने का विचार हमारे प्लान में आया। आज आप जो देख रहे हैं, वह अभी भी डेवलपमेंट में है। हालांकि, जब आप यहां की फैसिलिटी और ट्रायल्स देखेंगे, तो आपको एहसास होगा कि आइडिया एक कंट्रोल्ड माहौल में असली शहर के हालात को फिर से बनाना है।
लेखक के बारे में
Narendra Jijhontiyaनरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।
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