
हम यहां E20 या E85 की बात नहीं कर रहे, बल्कि ये बता रहे है कि यदि किसी फ्यूल पंप पर गलती से आपकी पेट्रोल कार में डीजल या डीजल कार में पेट्रोल भर जाए, तब क्या होगा? कई बार लोगों के साथ ऐसा हादसा हो जाता है।

कई मौके पर ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें कार एक्सीडेंट की वजह मैटिंग बनी है। मैट की वजह से एक्सीडेंट होने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। तो चलिए आपको इसी मैटिंग से जुड़ी गलती के बारे में बताते हैं।

भारतीय बाजार में कार से जुड़ी कई ऐसी एक्सेसरीज मौजूद हैं, जो उसमें हमेशा रखना चाहिए। ये एक्सेसरीज कई मौके पर आपके काम आती हैं। ये एक्सेसरीज अलग-अलग मौसम के साथ आपकी और कार सेफ्टी में भी अहम रोल प्ले करते हैं। हम यहां ऐसी ही कुल एक्सेसरीज के बारे में आपको बता रहे हैं।

इस हेलमेट में वन-टच क्विक-रिलीज वाइजर मैकेनिज्म, डायनामिक वेंटिलेशन, इंटीग्रेटेड वेंट्स, रेगुलेटेड डेनसिटी EPS और एक हटाने योग्य लाइनर दिया गया है। इसकी अंदर की पैडिंग हाइपोएलर्जेनिक है, जिसे निकालकर धोया जा सकता है। कंपनी ने इसमें ज्यादा से ज्यादा फीचर्स शामिल करने की पूरी कोशिश की है।
इन शील्ड की खास बात ये है कि ये बाइक के चारों तरफ एक शील्ड तैयार कर देती है। जिससे धूप, गर्म हवा या बारिश का पानी आपको भीगा नहीं पाता। आसान शब्दों में समझा जाए तो ये आपकी बाइक को दो पहिए वाली कार बना देती हैं। इन कवर्स की कीमतें करीब 1000 रुपए से शुरू हो जाती है।
BIS की अधिसूचना में कहा गया है कि नए स्टैंडर्ड 15 मई, 2026 से प्रभावी होंगे। नया पेश किया गया स्टैंडर्ड, IS 19850:2026, E22, E25, E27 और E30 फ्यूल, पॉजिटिव इग्निशन इंजन वाले व्हीकल में उपयोग के लिए निर्जल इथेनॉल और मोटर गैसोलीन का ब्लेंडिंग के लिए विशिष्टताओं को शामिल करता है।
एक सप्ताह के अंदर फ्यूल दो बार महंगा हो चुका है। पहले इसमें 3-3 रुपए का इजाफा किया गया था, तो अब इसमें 90-90 पैसे की बढ़ोतरी गई है। खबरों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इसमें और भी इजाफा देखने को मिलेगा। ऐसे में अब वक्त आ गया है कि लोग अपनी कारों के माइलेज पर भी ध्यान देना शुरू कर दें।
ये चार्जर पूरे देश भर में लगाए जाएंगे। इसमें राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्य शामिल हैं। सरकारी तेल एजेंसियों, जिनमें हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम शामिल हैं, इन सभी को इन EV चार्जर को लगाने की हरी झंडी दे दी गई है।
एसोसिएशन के अनुसार, दिल्ली के करारी और उत्तर प्रदेश के लोनी के आसपास संचालित अवैध प्रोडक्शन यूनिट बेहद कम लागत पर नकली BIS मार्क वाले हेलमेट बनाने के बड़े केंद्र बन चुके हैं। कपूर ने कहा कि यदि फर्जी हेलमेट को निर्माण स्तर पर ही रोक दिया जाए, तो वे बाजार तक पहुंच ही नहीं पाएंगे।
ये एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक तक का एरिया कवर करेगा। इस एक्सप्रेसवे को लेकर दावा है कि 594 किलोमीटर का सफर महज 6 घंटे में पूरा हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे की खास बात ये है कि इस पर टोल सिस्टम को एकदम अलग रखा गया है। वहीं, इस पर चलने वाले सभी व्हीकल को टोल देना होगा।