इस शहर के RTO डिपार्टमेंट की बड़ी तैयारी, 7 लाख गाड़ियों पर लगेगा बैन! इसमें 5 लाख टू-व्हीलर्स शामिल
देश के अंदर पॉल्युशन को कम करने के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। तो दूसरी तरफ, राज्य सरकार भी इसमें पीछे नहीं है। दरअसल, दिल्ली के बाद, पुणे भारत का अगला ऐसा बड़ा शहर बन सकता है जो पुरानी गाड़ियों पर सख्ती करेगा।

देश के अंदर पॉल्युशन को कम करने के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। तो दूसरी तरफ, राज्य सरकार भी इसमें पीछे नहीं है। दरअसल, दिल्ली के बाद, पुणे भारत का अगला ऐसा बड़ा शहर बन सकता है जो पुरानी गाड़ियों पर सख्ती करेगा। जिला प्रशासन 15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों की शहर की सीमा में एंट्री पर रोक लगाने पर विचार कर रहा है। यह कदम शहर में बढ़ते प्रदूषण लेवल, बिगड़ती एयर क्वालिटी और बढ़ते ट्रैफिक जाम को देखते हुए उठाया गया है। इस बैन से 7 लाख से ज्यादा गाड़ियों पर असर पड़ने की संभावना है।
जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी जो रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) के चेयरमैन भी हैं, वो एक फॉर्मल प्रपोजल तैयार कर रहे हैं जिसे मंजूरी के लिए महाराष्ट्र राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इसके अनुसार, 15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों को शहर की सीमा में चलने की इजाजत नहीं होगी। अगर प्रपोजल को मंजूरी मिल जाती है, तो शहर में अभी चल रही 7 लाख से ज्यादा गाड़ियों को पुणे में एंट्री करने से बैन किया जा सकता है।
5 लाख से ज्यादा टू-व्हीलर्स शामिल
पुणे रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस के डेटा से इस बैन का असली लेवल पता चलता है। जिले में 6,83,411 प्राइवेट और 46,284 ट्रांसपोर्ट गाड़ियां 15 साल से ज्यादा पुरानी हैं। इस आंकड़े में ज्यादातर टू-व्हीलर हैं, जिनकी लगभग 5,12,575 यूनिट शामिल हैं। इन सभी पर असर पड़ेगा। बहुत से लोग पहले से इस्तेमाल किए गए टू-व्हीलर (बाइक और स्कूटर) खरीदते हैं, क्योंकि उनकी शुरुआती कीमत कम होती है और दूसरे लोग नए टू-व्हीलर सस्ते होने के कारण सालों तक चलाते रहते हैं। प्रशासन के इस नए कदम से ऐसे लोगों पर असर पड़ेगा, जिनमें ज्यादातर रोजाना आने-जाने वाले हैं।
30% तक पॉल्यूशन होगा कम
यह प्रस्ताव पुणे की बिगड़ती एयर क्वालिटी को देखते हुए तैयार किया जा रहा है। शहर के एयर पॉल्यूशन में टेलपाइप एमिशन का बहुत बड़ा हाथ है। अधिकारियों का मानना है कि इस बैन से पॉल्यूशन का लेवल 20-30% तक कम हो सकता है। हाल के सालों में गाड़ियों की डेंसिटी भी तेजी से बढ़ी है। इससे मुख्य सड़कों पर अक्सर जाम और ट्रैफिक से जुड़ी दूसरी दिक्कतें होती हैं। प्रशासन का मानना है कि पुरानी गाड़ियों को धीरे-धीरे हटाने से एमिशन कम करने और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर लोड कम करने में मदद मिल सकती है। पुरानी गाड़ियां आम तौर पर ज्यादा पॉल्यूशन करती हैं, खासकर अगर उनका ठीक से मेंटेनेंस ना किया जाए।
केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने महाराष्ट्र में पुरानी गाड़ियों के लगातार इस्तेमाल को रोकने के लिए पहले ही उपाय लागू कर दिए हैं। इनमें ज्यादा रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल फीस और 15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों के लिए ग्रीन टैक्स शामिल है। हालांकि, कई गाड़ी मालिकों ने ये एक्स्ट्रा चार्ज देकर अपनी गाड़ियां चलाना जारी रखा है। पुणे के अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा सिस्टम ने शहर की सड़कों से पुरानी गाड़ियों को हटाने में काफी मदद नहीं की है।
डेटा कलेक्ट कर रहा RTO
पुणे RTO अभी प्रपोजल को मजबूत करने के लिए पुरानी गाड़ियों पर डिटेल्ड डेटा कलेक्ट कर रहा है। एक बार सबमिट होने के बाद, प्लान को लागू करने से पहले राज्य सरकार से मंजूरी लेनी होगी। लागू करने के तरीके, टाइमलाइन और संभावित छूट अभी तक तय नहीं हुई हैं। ये राज्य सरकार के प्रपोजल की समीक्षा करने और उस पर जवाब देने के बाद ही तय किए जाएंगे। अगर इसे हरी झंडी मिल जाती है, तो यह प्रपोजल पुणे की शहरी ट्रांसपोर्ट पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। फिर ज्यादा शहर इसे प्रदूषण और भीड़भाड़ की चुनौतियों से निपटने के लिए एक टेम्पलेट के तौर पर देख सकते हैं।
लेखक के बारे में
Narendra Jijhontiyaनरेंद्र जिझोतिया देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी लेखनी के लिए चर्चित नाम बन चुके हैं। गाड़ियों का रिव्यू, फर्स्ट राइडिंग इम्प्रेशन, कम्पेरिजन, सेल्स एनालिसिस, यूटिलिटी (DIY, How To Do) जैसे विषयों पर उनकी शानदार पकड़ है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट को लेकर वो लगातार सुर्खियों में रहते हैं। ऑटो के लॉन्च इवेंट में अपने अलग एंगल के लिए भी उन्हें जाना जाता है। वे लाइव हिन्दुस्तान के साथ असिस्टेंट न्यूज एडिटर के तौर पर पिछले 4 सालों से भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। 2008 में जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से पत्रकारिता पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ (रायपुर) में बतौर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर की। 18 साल के लंबे करियर के दौरान वे बंसल न्यूज (भोपाल), दैनिक भास्कर डिजिटल (भोपाल) समेत 5 संस्थानों में काम कर चुके हैं। वे स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई सेक्शन में काम कर चुके हैं। उन्हें दैनिक भास्कर में यूरेका अवॉर्ड, हाईफाइव अवॉर्ड, बेस्ट स्टोरी अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, लाइव हिन्दुस्तान में डिजी स्टार अवॉर्ड का सम्मान मिल चुका है। वे टीवी जर्नलिज्म के दौरान हॉकी मैच में लाइव कॉमेंट्री भी कर चुके हैं। उन्हें क्रिकेट खेलना, सिगिंग, साइकिलिंग पसंद है।
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