सेफ्टी से समझौता नहीं! चीन में अचानक रिकॉल हुईं 43 लाख कारें, जानिए क्या है वजह
चीन सरकार ने कारों के फैंसी और छुप जाने वाले फ्लश डोर हैंडल्स पर नकेल कस दी है। इमरजेंसी के टाइम पर कार के दरवाजे न खुलने और लोगों के फंसने के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

चीन सरकार ने कारों के फैंसी और छुप जाने वाले फ्लश डोर हैंडल्स पर नकेल कस दी है। किसी एक्सीडेंट या इमरजेंसी के टाइम पर कार के दरवाजे न खुलने और लोगों के फंसने के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। चीन 2027 से नई कारों में ऐसे छुपने वाले हैंडल लगाने पर पूरी तरह रोक लगाने वाला दुनिया का पहला देश बनने जा रहा है। इस नए नियम के आने से पहले ही चीन में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉल शुरू हो गया है। न्यूज वेबसाइट rushlane में छपी एक खबर के अनुसार, इनमें टेस्ला और शाओमी समेत 9 बड़ी कंपनियों की करीब 43 लाख गाड़ियां वापस बुलाई जा रही हैं।
क्यों गरमाया यह मुद्दा?
बता दें कि टेस्ला के देखा-देखी कई चीनी और विदेशी कंपनियों ने भी अपनी कारों में ये छुपने वाले हैंडल देने शुरू कर दिए थे। लेकिन दिक्कत यह है कि जब कोई बड़ा एक्सीडेंट होता है या कार का इलेक्ट्रिकल सिस्टम ठप्प पड़ जाता है, तो ये हैंडल बाहर ही नहीं आते। इससे हादसे के वक्त लोगों को बाहर निकालने या मदद पहुंचाने में काफी देर हो जाती है। हाल ही में शाओमी की SU7 कार में आग लगने से एक ड्राइवर की मौत के बाद यह मुद्दा और गरमा गया था।
मिलती जुलती गाड़ियाँ
और गाड़ियां देखें
Renault Triber
₹ 5.81 - 8.69 लाख
Honda Amaze
₹ 7.48 - 10 लाख
Toyota Land Cruiser
₹ 2.18 - 2.25 करोड़
Ferrari Roma
₹ 3.76 करोड़
Ferrari Portofino
₹ 3.5 करोड़
Mercedes-Benz G-Class
₹ 2.9 करोड़
रिकॉल की गई 43 लाख गाड़ियां
रिकॉल की गई इन 43 लाख गाड़ियों में सबसे बड़ा आंकड़ा अमेरिकी कंपनी टेस्ला का है। टेस्ला की लगभग 29.8 लाख कारें (Model 3, Model Y, Model S और Model X) इसमें शामिल हैं। इसके अलावा, टेक ब्रांड शाओमी की करीब 3.90 लाख, लीपमोटर की 3.71 लाख और एक्सपेंग की लगभग 2.64 लाख कारें वापस बुलाई गई हैं। गीली और दूसरी कई कंपनियों ने भी अपनी गाड़ियां रिकॉल की हैं। हालांकि, कंपनियों का कहना है कि यह रिकॉल किसी खराबी की वजह से नहीं, बल्कि इमरजेंसी में सेफ्टी बढ़ाने के लिए एक एहतियाती कदम है।
ऐसे हो रहा समस्या को हल
समस्या को हल करने के लिए कंपनियां गाड़ियों में कोई बड़ा बदलाव करने के बजाय सॉफ्टवेयर और गाइडेंस का सहारा ले रही हैं। ज्यादातर कंपनियां कारों में साफ दिखने वाले वार्निंग स्टीकर लगा रही हैं ताकि जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी लीवर तुरंत मिल जाए। साथ ही, इंटरनेट (OTA) के जरिए नया सॉफ्टवेयर अपडेट भेजा जा रहा है। जैसे टेस्ला एक नया अपडेट दे रही है, जिससे एक्सीडेंट होते ही कार के सारे शीशे अपने आप नीचे हो जाएंगे।
सेफ्टी एजेंसी कर रही जांच
अब सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि अमेरिका की सेफ्टी एजेंसी (NHTSA) भी इन इलेक्ट्रिक हैंडल्स की जांच-पड़ताल कर रही है। चीन के इस कड़े फैसले और बैन के बाद अब दुनिया भर की कार कंपनियों को नई गाड़ियों के डिजाइन पर फिर से सोचना पड़ेगा। भले ही ये छुपने वाले हैंडल देखने में कितने भी स्टाइलिश क्यों न लगें, लेकिन आने वाले समय में कंपनियां स्टाइल से ज्यादा इंसानी सुरक्षा और पुराने जमाने वाले सिंपल दरवाजों को ही पहली पसंद बनाएंगी।


