
कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप ₹600 करोड़ से ज्यादा है। लंबे समय के निवेशकों के लिए यह शेयर किसी चौंकाने वाले प्रदर्शन से कम नहीं रहा है। पिछले 5 साल में इसने करीब 4,480% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, जबकि 3 साल में करीब 55% की बढ़त दर्ज की है।

वेंचुरा का कहना है कि यस बैंक के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों में मार्जिन बढ़ाने, एसेट क्वालिटी सुधारने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर बैंक का फोकस साफ नजर आया है। हालांकि, क्रेडिट ग्रोथ की रफ्तार और डिविडेंड को लेकर अभी भी कुछ अनिश्चितता बनी हुई है।

कभी कर्ज में डूबी सुजलॉन एनर्जी की फाइनेंशियल हालत अब काफी सुधर चुकी है। कंपनी ने पिछले कुछ सालों में लगातार कर्ज घटाया है, कैपिटल स्ट्रक्चर को मजबूत किया है और कैश फ्लो बेहतर किया है।

कुल IPO साइज 54 लाख शेयरों का है, जिसकी वैल्यू ₹62.64 से ₹66.42 करोड़ के बीच होगी। यह आईपीओ BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा। निवेशकों के लिए लॉट साइज 1,000 शेयर का है और न्यूनतम निवेश करीब ₹1.23 लाख से शुरू होगा।

गुरुवार को भी इस स्टॉक में अच्छी तेजी देखने को मिली और यह 6.60 फीसदी चढ़कर ₹32.49 पर बंद हुआ। इससे पहले इसका क्लोजिंग प्राइस ₹30.49 था। फिलहाल इस शेयर का 52 हफ्ते का हाई ₹57.80 और लो ₹26.80 है।

ट्रंप ने कहा कि वह पीएम मोदी को बहुत सम्मान देते हैं और उन्हें अपना अच्छा दोस्त मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच 'एक अच्छा सौदा' जरूर होगा। यह बयान उन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के बाद दिया।

कंपनी के बोर्ड की बैठक बुधवार, 28 जनवरी को होने वाली है। इस बैठक में दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी और साथ ही इक्विटी शेयरों के बोनस इश्यू पर भी फैसला लिया जा सकता है।

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, यानी इसमें कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी। 21 जनवरी को दाखिल दस्तावेज के मुताबिक, कुल 5.06 करोड़ इक्विटी शेयर मौजूदा शेयरधारक बेचेंगे और इससे मिलने वाली पूरी रकम उन्हीं को जाएगी, कंपनी के पास कोई नया पैसा नहीं आएगा।

कंपनी ने साफ किया है कि आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और सामान्य कॉरपोरेट कार्यों में किया जाएगा। केआरएम आयुर्वेद का यह इश्यू 21 जनवरी से 23 जनवरी तक खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड ₹128 से ₹135 प्रति शेयर तय किया गया है।

कंपनी के शेयर आज बुधवार को 275 रुपये पर बंद हुए। अगर इसके रिटर्न की बात करें तो शेयर ने 6 महीनों में 28%, एक साल में 41% और दो साल में 102% का शानदार रिटर्न दिया है।

Who is Albinder Dhindsa: ब्लिंकिट को भारत में क्विक कॉमर्स का बड़ा नाम बनाने वाले अल्बिंदर ढिंडसा अब जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी इटरनल के नए CEO बन गए हैं।

Eternal Q3 Result: इटरनल (Zomato की पेरेंट कंपनी) के फाउंडर और ग्रुप CEO दीपिंदर गोयल ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने शेयरधारकों को चिट्ठी लिखकर बताया है कि वह अब ग्रुप CEO की भूमिका से हटेंगे।

इस गिरावट की शुरुआत 5 जनवरी से हुई थी, जब PG इलेक्ट्रोप्लास्ट का शेयर करीब ₹630 के स्तर पर बंद हुआ था। उस समय शेयर चार दिन की लगातार तेजी के बाद मजबूत दिख रहा था। लेकिन इसके बाद से हालात पूरी तरह बदल गए।

इस फैसले से उन लोगों को खास फायदा होगा, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद आय का कोई पक्का जरिया नहीं होता। बता दें कि इस साल का बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। इससे पहले सरकार का यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।

इससे पहले मंगलवार को भी नतीजों के बाद शेयर में लगभग 3% की गिरावट दर्ज की गई थी। निवेशकों ने मुनाफे में सुधार के बावजूद कंपनी के कमजोर राजस्व आंकड़ों और बाजार के नकारात्मक संकेतों पर ज्यादा ध्यान दिया।

प्रबंधन के अनुसार, कुछ सेगमेंट में सुधार दिख रहा है, लेकिन लागत से जुड़ी चुनौतियां और बाजार की अनिश्चितता अभी भी बनी हुई हैं। इसी कारण निवेशकों ने नतीजों को सतर्क नजरिए से देखा।

अक्टूबर–दिसंबर तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। इस दौरान शॉपर्स स्टॉप का रेवेन्यू सालाना आधार पर सिर्फ 2.6% बढ़कर ₹1,415 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,379.5 करोड़ था।

वॉरेन बफेट की निवेश शैली से प्रेरित माने जाने वाले रमेश दामानी लंबे समय से ऐसे बिजनेस में पैसा लगाते हैं, जिनका मैनेजमेंट मजबूत हो और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस लगातार बेहतर हो रही हो। BSE के मेंबर और ‘Wizards of Dalal Street’ जैसे चर्चित शो के होस्ट रह चुके दामानी की हर खरीद पर बाजार की नजर रहती है।

2019 में स्थापित कंपनी फिलहाल देश के अलग-अलग शहरों में 6 अस्पताल और 5 क्लीनिक संचालित कर रही है। इसके साथ ही कंपनी ने विदेशों में रहने वाले मरीजों तक पहुंच बनाने के लिए टेलीमेडिसिन और ऑनलाइन कंसल्टेशन की सुविधा भी शुरू की है।

यह कंपनी की 100% स्वामित्व वाली इकाई होगी और इसे कंपनी की संबंधित पार्टी माना जाएगा। यह नया डेवलपमेंट बुधवार, 21 जनवरी के ट्रेडिंग सेशन में शेयर पर असर डाल सकता है। हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि इस सब्सिडियरी ने अभी तक अपना कारोबार शुरू नहीं किया है।