
राज्य की 294 सीटों में 15 फीसदी यानी 44 सीटों पर इतने वोटरों के नाम कट गए हैं, जितना 2021 में जीत का अंतर भी नहीं था। ऐसे में जब 4 मई को बंगाल चुनाव के नतीजे आएंगे तो इन सीटों पर भी नजर होगी कि आखिर मतदाताओं की संख्या घटने का असर किस पर हुआ है।

कुछ इलाकों में भ्रम की स्थिति भी बन सकती है और टाइट फाइट के मुकाबलों में यदि मुसलमानों के कुछ हजार वोट भी इधर के उधर हुए हालात बदल सकते हैं। इसके अलावा मुस्लिमों के एक वर्ग में टीएमसी से नाराजगी की भी बात है। उनका कहना है कि ममता बनर्जी को वोट देने के लिए हम भाजपा के टारगेट पर रहते हैं।

होम मिनिस्टर अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया है। उन्होंने कहा कि हम डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट की नीति अपनाकर घुसपैठ की समस्या का हल करेंगे। अमित शाह ने कहा कि भाजपा की ओर से बंगाल में अंधकार का राज खत्म किया जाएगा।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिली है। असम पुलिस उन्हें गिरफ्तार के लिए तलाश रही थी। इस बीच तेलंगाना हाई कोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह के लिए अग्रिम जमानत दे दी है।

भाजपा ने 2021 में कुल 77 सीटें पाई थीं और यह बड़ी सफलता थी क्योंकि 2016 में वह 3 ही जीत सकी थी। अब यदि भाजपा ने अपना स्कोर पूरे प्रदेश में बढ़ाया तो यहां की 9 सीटें भी अहम होंगी। इसी तरह टाइट फाइट की स्थिति में टीएमसी भी चाहेगी कि उसकी हालत यहां बेहतर रहे और ममता बनर्जी खुद इसके लिए ऐक्टिव हैं।

हरिवंश को यह मौका उन्हें नामित करके दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से जारी आदेश के चलते उन्हें मनोनीत किया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि एक मनोनीत सांसद के रिटायरमेंट से जो रिक्ति हुई है, उस स्थान पर हरिवंश को मौका दिया गया है। अब वह फिर से राज्यसभा सांसद होंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने महिला आरक्षण ऐक्ट में संशोधन को मंजूरी दी है। अब 16 अप्रैल से तीन दिनों का संसद के स्पेशल सेशन बुलाया जाएगा। इस दौरान इस विधेयक को मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस बीच भाजपा ने भी बड़ी तैयारी कर ली है और महिलाओं के बीच बड़े पैमाने पर संपर्क साधा जाएगा।

केंद्र सरकार ने बहस के दौरान दलील दी कि यदि इस तरह से अधिकार की बात की जाए तो कई मंदिर ऐसे हैं, जहां सिर्फ वेजिटेरियन खाना ही मिलता है। वहां कोई नॉनवेज ना खा सकता है और ना ले जा सकता है। ऐसी स्थिति में यदि कोई कहे कि मैं तो नॉनवेज लेकर जाना चाहता हूं तो मंदिर उसे रोकेगा।

फिलहाल 79 साल के शेर बहादुर देउबा नेपाल के बाहर हैं और इलाज करा रहे हैं। देउबा का कनहा है कि मेरे और परिवार के खिलाफ लगे करप्शन के आरोप गलत हैं। ये सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि मेरे परिवार की संपत्तियों के बारे में गलत प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है।

भबानीपुर विधानसभा सीट में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या ही करीब 25 फीसदी कम हो गई है। SIR से पहले यहां कुल 2 लाख 6 हजार मतदाता थे। इनमें से 51 हजार नाम हट गए हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार SIR में जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनमें से 23 फीसदी मुसलमान हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त की बात पर IAS अनुराग यादव ने सख्त ऐतराज जाहिर कर दिया और कहा कि आप हमसे इस तरह से बात नहीं कर सकते। अपने अनुभव का हवाला देते हुए अनुराग यादव ने कहा कि हमने भी इस सेवा में 25 साल गुजारे हैं। आप हमसे इस तरह से बात नहीं कर सकते।

उदलगुरी सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेन दायमारी ने नाम वापस ले लिया है। इसके अलावा पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मीडिया के सामने इसका ऐलान किया और कहा कि मैं कांग्रेस छोड़ रहा हूं। उम्मीदवारी भी वापस ले रहा हूं। उन्होंने पार्टी पर जमकर भड़ास निकली और कहा कि मैंने टिकट मांगा ही नहीं था।

आईआईटी वाले बाबा अभय सिंह ने जिस अघंजर महादेव मंदिर में शादी की है, उसका इतिहास भी दिलचस्प है। यह मंदिर धर्मशाला में धौलाधार की वादियों में स्थित है। धर्मशाला शहर से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर खनियारा में यह स्थित है। बगल से ही एक खड्ड बहता है और रमणीक वातावरण यहां का है।

सवाल यह है कि आखिर ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम का दावा करने वाले चीन की अफगानिस्तान में अब इतनी क्यों दिलचस्पी है और इसका भारत पर इसका कितना असर होगा। दरअसल सार्क देशों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश चीन लंबे समय से करता रहा है। अफगानिस्तान भी उसका ही एक हिस्सा है।

हिंदी बड़ी आबादी द्वारा ना सिर्फ स्वीकार की जा रही है बल्कि उसके महत्व को समझते हुए सीखने के प्रयास भी हो रहे हैं। इसका उदाहरण कर्नाटक स्टेट बोर्ड के नतीजों ने भी प्रस्तुत किया है। कर्नाटक स्कूल बोर्ड के छात्रों में से कुल 93 फीसदी ऐसे रहे हैं, जिन्होंने तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को चुना है।

उद्धव सेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ईरान के मसले पर भारत सरकार के स्टैंड और विदेश मंत्री की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि आखिर ईरान और अमेरिका के बीच भारत को मध्यस्थता करने की क्या जरूरत है। प्रियंका ने कहा कि पाकिस्तान के लिए भी विदेश मंत्री ने सही शब्द का प्रयोग किया।

वीडियो में दिखता है कि एक तुर्की पुलिसकर्मी हमलावरों के खिलाफ जवाबी ऐक्शन के लिए बंदूक निकालता है और फायर करता है। इस दौरान एक शख्स खून में लथपथ दिखता है। इसके अलावा एक वीडियो में फायरिंग की आवाजें सुनी जा रही हैं और घबराकर लोग इधर-उधर भागते हैं ताकि किसी तरह अपनी जान बचा सकें।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का कहना है कि ईरान के 1.4 करोड़ लोग मरने के लिए तैयार हैं। हम ईरान की सुरक्षा और अस्मिता के लिए खुद को कुर्बान भी कर सकते हैं। पेजेश्कियान ने कहा, ‘मैं खुद ईरान के लिए कुर्बान होने को तैयार हूं। मेरे साथ ईरान के 1.4 करोड़ लोगों ने अब तक शपथ ली है।’

सरकार ने कहा कि पितृसत्तात्मक व्यवस्था पश्चिमी देशों की अवधारणा है और इसे भारत में जस का तस लागू नहीं किया जा सकता। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि भारत में तो महिलाओं का दर्जा काफी ऊंचा और अलग है। उन्होंने कहा कि यहां महिलाओं को समान अधिकार हैं। इसके अलावा उन्हें और ऊंचा ही स्थान मिला है।

महाकुंभ में वैरागी के तौर पर दिखने वाले अभय सिंह जब पत्नी के साथ पहुंचे तो लोग सरप्राइज रह गए। इसी आश्चर्य के भाव को लेकर लोग उन्हें देखने पहुंचने लगे और सेल्फी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। अभय सिंह ने कहा कि बैंक में कुछ कागजी काम के चलते वह अपनी प्रीतिका के साथ आए हैं।