
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) में टूट ने ‘इंडिया गठबंधन’ की चिंता बढ़ा दी है। विपक्ष को भरोसा है कि एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए के तरफ नहीं झुकेंगे। एनसीपी (एसपी) के सांसद सुप्रिया सुले ने एनडीए में शामिल होने की खबरों का इनकार किया।

कांग्रेस राज्यसभा में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए सक्रिय है। उसे कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड में सीटें जीतने की उम्मीद है। पार्टी क्रॉस वोटिंग को रोकने के लिए गंभीर है और उसने सभी राज्यों के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं। तमिलनाडु में भी बातचीत चल रही है जिससे सीटें बढ़ सकती हैं।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय के नेतृत्व में कांग्रेस ने दो विधायकों के शपथ लेने से सत्ता में हिस्सेदारी प्राप्त की है। इससे पार्टी को राज्य में खोई हुई जमीन वापस पाने की उम्मीद है। कांग्रेस के सांसद मणिकम टैगोर के अनुसार, इससे पार्टी का प्रभाव बढ़ेगा और मतदाताओं से संवाद का मौका मिलेगा।

कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने वंशवाद की राजनीति को भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा बताया था। हाल के चुनावों में मतदाताओं ने वंशवाद को नकार दिया है। तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल में मतदाताओं ने परिवारवाद के खिलाफ वोट दिया। यह वंशवाद की राजनीति के कमजोर होने का संकेत है।