
नक्सलियों के संगठन में प्रेम करना पाप माना जाता था। नक्सली दंपत्तियों से विवाह के लिए शर्त होती थी कि वे बच्चे नहीं पैदा करेंगे। इस प्रक्रिया में नसबंदी कराई जाती थी। शादी में पीएलजी की टोपी पहनकर एक-दूसरे का हाथ पकड़कर शपथ लेते थे। यह जीवन संगठन की गतिविधियों के अनुरूप चलता था।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेता 64 वर्षीय आकाश ने पश्चिम बंगाल राज्य कमेटी की सैन्य इकाई 'बंग ब्रिगेड' को भंग कर दिया है। नक्सली आंदोलन के इतिहास में किसी सीसीएम स्तर के नेता द्वारा यह पहला मामला है। आकाश, जो कि सक्रिय मुख्यमंत्री सदस्य है, ने अपनी खराब स्वास्थ्य स्थिति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण यह फैसला लिया।

अपराध की दुनिया में गैंगवार के तौर-तरीके में बदलाव आ रहा है। पहले जहां गिरोह के अपने शूटर होते थे, अब पैसे के बदले दूसरे शूटरों को बुलाने का चलन बढ़ रहा है। इससे गिरोह और सरगना की पहचान भी बदल रही है। तकनीकी साक्ष्यों पर निर्भरता बढ़ गई है और गिरोह के नेटवर्क को अधिक महत्व दिया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी में 1967 में शुरू हुआ नक्सल आंदोलन, अब अपनी अंतिम सांसें ले रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के दबाव के कारण नक्सल संगठन कमजोर हुआ है। 2000 के दशक में लालगढ़-जंगलमहल माओवादी गतिविधियों का केंद्र बना। हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों का अभियान सारंडा में नक्सलियों के लिए बड़ा झटका रहा।

यह कहानी नक्सलियों के बीच प्रेम और संगठन के भीतर के तनाव को उजागर करती है। अनीता ने बीरेन के लिए नक्सली दस्ते को छोड़ा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उनका प्रेम संबंध संगठन में रिश्तों के दबाव और अंतर्विरोध को सामने लाता है।

सरायकेला-खरसावां पुलिस की नक्सल विरोधी कार्रवाई के बाद भाकपा माओवादी की सदस्य अनीता कयाम उर्फ नुनी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। मदन महतो की गिरफ्तारी के बाद वह एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली के पास गई थी। अंततः उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।

रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरेन एक सक्रिय नक्सली सदस्य था, जो सुरक्षा रूट तैयार करने और दस्तों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने का कार्य करता था। उसने पुलिस की मौजूदगी पर नजर रखने और जरुरत के अनुसार स्थानीय संपर्कों से मदद लेने की जिम्मेदारी निभाई। उसके काम के कारण नक्सली दस्ते लंबे समय तक पुलिस से बचकर चलते थे।

सरायकेला-खरसावां पुलिस की नक्सल विरोधी कार्रवाई में 4 अगस्त 2026 को तीन नक्सल सदस्य फरार हो गए। इनकी पहचान अनीता कयाम, मंगल सिंह सरदार और मालती मुर्मू के रूप में हुई। पुलिस ने छापेमारी की लेकिन इन तीनों ने चकमा देकर भागने में सफलता प्राप्त की। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

भाकपा (माओवादी) के ईस्टर्न रिजनल ब्यूरो में मिसिर बेसरा और असीम मंडल के बीच विवाद के बाद नक्सली दस्तों में बिखराव शुरू हुआ। आकाश ने संगठन को फिर से खड़ा करने के प्रयास में संसाधनों की कमी और पुलिस दबाव का सामना किया। 22 जनवरी को सुरक्षा ऑपरेशन के बाद दोनों नेताओं के बीच मतभेद बढ़ गए।

Jamshedpur News: शहर में बैंक, एटीएम, माइक्रो फाइनेंस संस्थानों और अन्य वित्तीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को

जमशेदपुर में सोशल मीडिया के जरिए अश्लीलता फैलाने और फर्जी अकाउंट बना कर 91 लोगों को परेशान करने का मामला सामने आया है। साइबर सेल ने 72 फर्जी प्रोफाइल का खुलासा किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य इकट्ठा कर आरोपियों की पहचान तेज कर दी है और सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी है।