Md. Anis

शॉर्ट बायो: मो. अनीस पिछले 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान हिन्दी जमशेदपुर संस्करण में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर रहे हैं।

परिचय एवं अनुभव
मो. अनीस क्राइम रिपोर्टिंग के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं । पत्रकारिता में उन्हें 33 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान जमशेदपुर में बतौर क्राइम रिपोर्टर कार्यरत हैं। वे साइबर क्राइम में विशेष पकड़ रखते हैं। 2018 से पेशेवर अपराध में साइबर क्राइम ने तेजी से प्रवेश किया । उन्होंने उसकी नब्ज पकड़ी । समय के साथ रिपोर्टिंग के तरीके बदले। साइबर क्राइम से जुड़ी सुचनाओं से खुद को अपडेट किया। साइबर क्राइम से जुड़ी और लोगों को जागरूक करते हुए रिपोर्ट लिखी।

करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
मो. अनीस ने अपने करियर की शुरुआत 1992 में दैनिक आज जैसे तत्कालीन प्रमुख अखबार से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2003 में हिन्दुस्तान से जुड़े फिर 2007 में टीवी चैनल साधना न्यूज में कोल्हान प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका निभायी। 2013 से अबतक हिन्दुस्तान के साथ काम कर रहे हैं। बारीकियों और विशेषज्ञता के साथ साइबर क्राइम की रिपोर्टिंग की । अबतक साइबर क्राइम से जुड़े सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हो चुके हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.Sc (बायोलॉजी) में स्तानतक हैं।

एंटरटेनमेंट और विजन
साइबर क्राइम, फोरेंसिक से जुड़े मामले, वीडियो एडिटिंग और नक्सल पर अनीस गहरी पैठ रखते हैं। उनका मानना है कि अपराध की दुनिया में साइबर क्राइम तेजी से जगह बना रहा है। लगातार इसके स्वरूप बदल रहे हैं ,जिसे पकड़ने की जरूरत है। यह पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। समय से हर उम्र वर्ग के लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। उनका लक्ष्य पाठकों को इसके प्रति जागरूक और साक्षर करने की जरूरत है।

विशेषज्ञता
साइबर अपराध में ओटीपी मॉडस को उजागर किया। म्यूल अकाउंट के गेमिंग प्लेटफॉर्म बनने को लोगों के सामने लाया। डिजिटल करेंसी और साइबर अपराध के गठजोड़ के बारे में आलेख पेश किया।

नक्सली दंपती को शादी के लिए करानी पड़ती थी नसबंदी

नक्सलियों के संगठन में प्रेम करना पाप माना जाता था। नक्सली दंपत्तियों से विवाह के लिए शर्त होती थी कि वे बच्चे नहीं पैदा करेंगे। इस प्रक्रिया में नसबंदी कराई जाती थी। शादी में पीएलजी की टोपी पहनकर एक-दूसरे का हाथ पकड़कर शपथ लेते थे। यह जीवन संगठन की गतिविधियों के अनुरूप चलता था।

Sep 16, 2026 11:19 am IST

सेंट्रल कमेटी मेंबर आकाश ने अपनी नक्सल की बंग टुकड़ी को भंग किया

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेता 64 वर्षीय आकाश ने पश्चिम बंगाल राज्य कमेटी की सैन्य इकाई 'बंग ब्रिगेड' को भंग कर दिया है। नक्सली आंदोलन के इतिहास में किसी सीसीएम स्तर के नेता द्वारा यह पहला मामला है। आकाश, जो कि सक्रिय मुख्यमंत्री सदस्य है, ने अपनी खराब स्वास्थ्य स्थिति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण यह फैसला लिया।

Sep 15, 2026 08:54 am IST

सदस्यों की कमी हुई तो किराए पर शूटर ले रहे गैंगस्टर

अपराध की दुनिया में गैंगवार के तौर-तरीके में बदलाव आ रहा है। पहले जहां गिरोह के अपने शूटर होते थे, अब पैसे के बदले दूसरे शूटरों को बुलाने का चलन बढ़ रहा है। इससे गिरोह और सरगना की पहचान भी बदल रही है। तकनीकी साक्ष्यों पर निर्भरता बढ़ गई है और गिरोह के नेटवर्क को अधिक महत्व दिया जा रहा है।

Sep 05, 2026 02:45 pm IST

जिस नक्सलबाड़ी में जन्म लिया, वहीं दम तोड़ने के कगार पर नक्सलवाद

पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी में 1967 में शुरू हुआ नक्सल आंदोलन, अब अपनी अंतिम सांसें ले रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के दबाव के कारण नक्सल संगठन कमजोर हुआ है। 2000 के दशक में लालगढ़-जंगलमहल माओवादी गतिविधियों का केंद्र बना। हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों का अभियान सारंडा में नक्सलियों के लिए बड़ा झटका रहा।

Aug 21, 2026 02:27 am IST

नक्सलियों की आखिरी लड़ाई में प्यार पड़ा भारी

यह कहानी नक्सलियों के बीच प्रेम और संगठन के भीतर के तनाव को उजागर करती है। अनीता ने बीरेन के लिए नक्सली दस्ते को छोड़ा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उनका प्रेम संबंध संगठन में रिश्तों के दबाव और अंतर्विरोध को सामने लाता है।

Aug 14, 2026 02:16 pm IST

आकाश के दस्ते से भागी अनीता, किया पुलिस के सामने सरेंडर

सरायकेला-खरसावां पुलिस की नक्सल विरोधी कार्रवाई के बाद भाकपा माओवादी की सदस्य अनीता कयाम उर्फ नुनी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। मदन महतो की गिरफ्तारी के बाद वह एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली के पास गई थी। अंततः उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।

Aug 09, 2026 04:45 pm IST

दलमा जोन में नक्सलियों के लिए सुरक्षित रूट मैप तैयार करता था सागर

रवि सरदार उर्फ सागर उर्फ बीरेन एक सक्रिय नक्सली सदस्य था, जो सुरक्षा रूट तैयार करने और दस्तों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने का कार्य करता था। उसने पुलिस की मौजूदगी पर नजर रखने और जरुरत के अनुसार स्थानीय संपर्कों से मदद लेने की जिम्मेदारी निभाई। उसके काम के कारण नक्सली दस्ते लंबे समय तक पुलिस से बचकर चलते थे।

Aug 08, 2026 01:11 pm IST

पीएम आवास योजना से बने मकान को बना रखा था नक्सलियों ने डेरा, अनीता, मंगल और मालती भाग निकले

सरायकेला-खरसावां पुलिस की नक्सल विरोधी कार्रवाई में 4 अगस्त 2026 को तीन नक्सल सदस्य फरार हो गए। इनकी पहचान अनीता कयाम, मंगल सिंह सरदार और मालती मुर्मू के रूप में हुई। पुलिस ने छापेमारी की लेकिन इन तीनों ने चकमा देकर भागने में सफलता प्राप्त की। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

Aug 08, 2026 12:54 pm IST

सारंडा में मिसिर बेसरा और आकाश के बीच मतभेद के बाद हुआ था नक्सलियों में बिखराव

भाकपा (माओवादी) के ईस्टर्न रिजनल ब्यूरो में मिसिर बेसरा और असीम मंडल के बीच विवाद के बाद नक्सली दस्तों में बिखराव शुरू हुआ। आकाश ने संगठन को फिर से खड़ा करने के प्रयास में संसाधनों की कमी और पुलिस दबाव का सामना किया। 22 जनवरी को सुरक्षा ऑपरेशन के बाद दोनों नेताओं के बीच मतभेद बढ़ गए।

Aug 07, 2026 12:03 pm IST

Jamshedpur News: वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा के लिए बनेगी पुलिस की विशेष टीम

Jamshedpur News: शहर में बैंक, एटीएम, माइक्रो फाइनेंस संस्थानों और अन्य वित्तीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को

Jul 23, 2026 11:01 am IST

72 फर्जी अकाउंट से अश्लीलता का जाल, कैलिफोर्निया से मिली रिपोर्ट

जमशेदपुर में सोशल मीडिया के जरिए अश्लीलता फैलाने और फर्जी अकाउंट बना कर 91 लोगों को परेशान करने का मामला सामने आया है। साइबर सेल ने 72 फर्जी प्रोफाइल का खुलासा किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य इकट्ठा कर आरोपियों की पहचान तेज कर दी है और सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी है।

Feb 27, 2026 11:31 am IST