Arvind Mishra

शार्ट बायो : सांस्कृतिक समीक्षक के रूप में हिंदी पत्रकारिता में खास पहचान रखने वाले अरविन्द मिश्र अपने परिवार में तीसरी पीढ़ी के पत्रकार हैं। उनके दादा स्व.पं.जनार्दन दत्त मिश्र ‘व्यास’ ने आजादी की लड़ाई में अपनी लेखनी से देश की सेवा की। उनके पिता नवगीतकार स्व.पं.अशोक मिश्र ‘सामयिक’ ने देश के कई राष्ट्रीय समाचार पत्रों में उच्च पदों पर सेवाएं दीं।


परिचय एवं अनुभव

अरविन्द मिश्र, हिंदी सांस्कृतिक पत्रकारिता का जाना पहचाना नाम है। बीते ढ़ाई दशक से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता की मुख्य धारा में बतौर सांस्कृतिक पत्रकार कार्यरत हैं। पत्रकारिता की शुरुआत क्राइम रिपोर्टर के रूप में हुई। दैनिक आज और अमर उजाला के लिए अर्से तक धर्म-संस्कृति की रिपोर्टिंग के साथ-साथ खेल पत्रकारिता भी की। रंगमंच, साहित्यिक मंच और संचालन विधा पर लेखन करने के साथ ही स्वयं उक्त विधाओं से जुड़े भी हैं।


करियर का सफर

अरविन्द मिश्र ने विद्यार्थी जीवन के दौरान ही काशी के सांध्यकालीन एवं साप्ताहिक समाचार पत्रों के लिए लिखना शुरू कर दिया था। वर्ष 1997 में दैनिक आज से जुड़कर मुख्य धारा की पत्रकारिता आरंभ की। आज अखबार चार वर्ष सेवा देने के बाद वर्ष 2002 में दैनिक अमर उजाला के वाराणसी संस्करण से बतौर रिपोर्टर जुड़े। वर्ष 2008 से 2012 तक अमर उजाला कॉम्पैक्ट की डेस्क और रिपोर्टिंग टीम को लीड किया। बरेली में अमर उजाला कॉम्पैक्ट की लॉन्चिंग कराई। वर्ष 2013 में दैनिक हिन्दुस्तान के पटना संस्करण से जुड़े। हिन्दुस्तान की ‘पटना लाइव’ टीम को चार वर्षों तक लीड किया। वर्ष 2018 से वाराणसी में बतौर मुख्य संवाददाता कार्यरत हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग

हाईस्कूल की परीक्षा विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी के रूप में उत्तीण करने के बाद इंटरमीडिएट की परीक्षा वाणिज्य विषय से दी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा यूपी बोर्ड से उत्तीर्ण की। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से वर्ष 1994 में बीकॉम की पढ़ाई पूरी की। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण एम.कॉम की पढ़ाई पूरी नहीं हो सकी। बहुत ही कम समय में अरविन्द मिश्र ने अमर उजाला में सांस्कृतिक पत्रकारिता के नवीन मानदण्ड स्थापित कर दिए। इस दौरान उन्होंने ‘काशी परिक्रमा’, ‘आमने-सामने’ और ‘देखी तुम्हरी काशी’ जैसे कॉलमों के माध्यम से अपनी लेखनी को धार दी। प्रदूषण की मार झेल रही गंगा पर उन्होंने विशेष रूप से कार्य किया। गंगा पर उनके विशिष्ट लेखन से प्रभावित होकर ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरुशंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उन्हें गंगारविन्द नाम दिया। सोशल मीडिया पर अरविन्द मिश्र इसी नाम से पहचाने जाते हैं। हिन्दुस्तान से जुड़ने के बाद अरविन्द मिश्र ने सांस्कृति पत्रकारिता में मील के कई पत्थर स्थापित किए। उन रिपोर्ट में रामनगर की रामलीला, नाटी इमली के भरत मिलाप से लेकर काशी में होने वाले धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों की अनेकानेक रिपोर्ट शामिल हैं। संकट मोचन संगीत समारोह और काशी के अति प्राचीन बेनियाबाग के इतिहास को पहली बार कलमबंद करने का श्रेय भी अरविन्द मिश्र को ही जाता है। उन्हें हिन्दुस्तान अखबार की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर दिए जाने वाले ‘होनहार अवार्ड’ इंडिवीजुअल कैटेगरी में छह बार दिए जा चुके हैं। जिन समाचार शृंखलाओं के लिए उन्हें यह अवार्ड मिले उनमें ‘काकोरी काण्ड के नायक’, ‘मैं बेनियाबाग हूं’, ‘प्रेमचंद के बहाने’, ‘प्रेमचंद से छल’, ‘सब्जीवाला शायर’ और ‘गंगा कावेरी’ शामिल हैं। संकट मोचन संगीत समारोह, काशी तमिल संगमम, बनारस लिट् फेस्ट जैसे वृहद आयोजनों की यादगार कवरेज की कटिंग पाठकों ने सहेज कर रखी है। 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग के दिन अरविन्द मिश्र ने 23 अगस्त की तारीख को चंद्रयान दिवस के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल छेड़ी। इसका नतीजा यह हुआ कि दक्षिण अफ्रीका की यात्रा से लौट कर सीधे इसरो पहुंचे प्रधानमंत्री ने इस दिन को नेशनल स्पेस डे के रूप में मनाने की घोषणा कर दी।


विशेषज्ञता

अरविन्द मिश्र निश्चित रूप से सांस्कृति पत्रकार के रूप में अपनी खास पहचान रखते हैं लेकिन मानवीय कोणों वाली स्टोरी, शिक्षा, खेल और प्रशासनिक रिपोर्टिंग में भी अपनी दक्षता प्रमाणित की है। एक सफल रिपोर्टर होने के साथ ही उन्होंने अपने आप को एक छायाकार के रूप में भी स्थापित किया। हिन्दुस्तान समाचार पत्र में पटना और वाराणसी संस्करण में सौ से अधिक फोटोग्राफ पर बाइलाइन मिल चुकी है। काशी में देवदीपावली के उत्सव की उनके द्वारा ली गई तस्वीर को हिन्दुस्तान के देशभर के सभी संस्करणों में प्रमुखता से स्थान मिल चुका है।

Varanasi News: समागम में दिखी शास्त्रीय नृत्यों की झलक

Varanasi News: वाराणसी के बीएचयू महामना सभागार में मोक्ष सदन ऐंड चैरिटेबल ट्रस्ट ने काशी गंगा गोदावरी सांस्कृतिक समागम-2026 आयोजित किया। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के कलाकारों ने कुचिपुड़ी और भरतनाट्यम प्रस्तुत किए, जबकि उत्तर प्रदेश की छात्राओं और नृत्य कलाकारों ने शिव स्तुति तथा श्रीकृष्ण वंदना से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।

Oct 15, 2026 02:25 am IST

Varanasi News: बालिकाओं के बीच बांटी गई 110 सिलाई मशीन

Varanasi News: वाराणसी में काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट के सिलाई-कढ़ाई एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र का 15वां सत्रांत समारोह आयोजित हुआ। चेतगंज स्थित आर्य महिला पीजी कॉलेज में 110 बालिकाओं को सिलाई मशीनें, दो प्रशिक्षुओं को लैपटॉप और 80 बच्चों को प्रमाण-पत्र दिए गए। विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बेटियों को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास की सराहना की।

Oct 15, 2026 01:21 am IST

Varanasi News: दृष्टि दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

Varanasi News: वाराणसी में श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंधविद्यालय का 54वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। दिव्यांग बच्चों ने भजन, गीत, और नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। मुख्य अतिथि पं. शशिशेखर महाराज ने बताया कि शारीरिक अक्षमता हौसले को नहीं रोक सकती। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया।

Oct 07, 2026 09:12 pm IST

Varanasi News: काली मठ में बही गायन, वादन, नृत्य की त्रिवेणी

Varanasi News: वाराणसी के प्राचीन काली मठ में तीन दिवसीय संगीत महोत्सव का आयोजन हुआ। इस दौरान विभिन्न कलाकारों ने गायन, वादन और नृत्य का प्रदर्शन किया। भजनों और कथक नृत्य ने दर्शकों का मन मोहा। विशेष रूप से, बच्चे भी कार्यक्रम में भाग लेकर दर्शकों की सराहना प्राप्त की।

Oct 06, 2026 01:33 am IST

अष्टाक्षरी महामंत्र से स्पंदित हुआ वातावरण

वाराणसी में आनंद मार्ग प्रचारक संघ का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन समाप्त हुआ। अधिवेशन के अंतिम दिन हजारों आनंद मार्गियों ने शोभायात्रा निकाली। इसमें मानवता के एक होने का संदेश दिया गया। तांडव नृत्य प्रतियोगिता में विभिन्न प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए गए। अखंड नामसंकीर्तन भी आयोजित किया गया।

Oct 04, 2026 11:34 pm IST

आचार्य शुक्ल ने हिंदी के इतिहास को दिया तार्किक आधार

वाराणसी में आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 142वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हिंदी आलोचना और इतिहास लेखन में उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई। डॉ. दयानिधि मिश्र और अन्य विद्वानों ने आचार्य शुक्ल के योगदान को सराहा। कार्यक्रम में 'निर्वाचित गल्प' पुस्तक का विमोचन भी हुआ।

Oct 04, 2026 11:16 pm IST

मातृशक्ति के प्रति श्राद्ध से निवेदित की श्रद्धा

वाराणसी में पितृपक्ष के नवमी तिथि पर श्रद्धा श्राद्ध का आयोजन किया गया। विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने पिशाचमोचन कुंड पर तर्पण और श्राद्ध किया। तीन सौ से अधिक पुरोहितों ने इस कर्मकांड का संचालन किया। पिंडदान का विधान पूरे दिन जारी रहा, जबकि गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही।

Oct 04, 2026 11:01 pm IST

‘आगमन’ ने तृप्त किया 10 हजार अजन्मी बेटियों को

वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर मातृ नवमी तिथि पर 'आगमन' संस्था द्वारा 10,000 कोख में मारी गई बेटियों के श्राद्ध का अनुष्ठान आयोजित किया गया। पं. दिनेश दुबे के नेतृत्व में पांच कर्मकांडी ब्राह्मणों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस वर्ष यह अनुष्ठान का दसवां वर्ष था, जिसमें 1.60 लाख अजन्मी बेटियों का श्राद्ध किया गया।

Oct 04, 2026 07:39 pm IST

हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष हैं आचार्य शुक्ल

वाराणसी में बीएचयू के मुक्ताकाशी मंच पर हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 142वीं जयंती के अवसर पर ‘हिंदी आलोचना में आचार्य शुक्ल’ पर परिचर्चा हुई। प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने आचार्य की आलोचना के देशज स्वरूप की खोज पर प्रकाश डाला। कई विद्वानों ने उनकी दृष्टि और योगदान पर अपने विचार साझा किए।

Oct 04, 2026 07:30 pm IST

छात्रों से नवाचारियों तक ने टैक्शन से सीखे सबक

आईआईटी बीएचयू में आयोजित 'टैक्शन-2026' कार्यक्रम ने छात्रों और उद्यमियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया। इस कार्यक्रम में वेंचर निर्माण, ग्राहक सत्यापन और उत्पाद विकास पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रतिभागियों को वास्तविक स्थितियों में विचारों को परखने का अवसर मिला।

Oct 04, 2026 07:27 pm IST

गोमाता के लिए सभी दलों को कर देंगे विवश: शंकराचार्य

वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गोमाता को राष्ट्रमाता बनाने का आह्वान किया। उन्होंने राजनीतिक दलों से गाय की रक्षा के लिए कदम उठाने की उम्मीद जताई। वे चातुर्मास के बाद इस अभियान में जुटने का वादा करते हैं। शंकराचार्य ने राम मंदिर चढ़ावे की चोरी पर भी टिप्पणी की।

Oct 01, 2026 02:04 am IST

Varanasi News: ‘इंकलाब-ए-इश्क’ के साथ गिरा महोत्सव का पर्दा

Varanasi News: वाराणसी में 'इंकलाब-ए-इश्क' नाटक का मंचन हुआ। यह नाटक प्रेम, स्मृति और विभाजन की त्रासदी पर आधारित है। दर्शकों में तालियों और हूटिंग का हास्यास्पद व्यवहार देखा गया। नाटक 1947 के भारत-विभाजन की मानव कथा कहता है और स्थानीय रंगकर्मियों की रचनाओं को मंच देने का प्रयास करता है।

Oct 01, 2026 01:48 am IST

मध्यप्रदेश के दस हजार लोगों ने किया पिंडदान

पितृपक्ष की द्वितीया तिथि के अवसर पर काशी में गंगा तट से पिशाचमोचन तीर्थ तक हजारों तीर्थयात्री पिंडदान करने पहुंचे। विशेष रूप से अश्वदान का विधान भी किया गया। इसके अलावा, जागृति फाउंडेशन द्वारा तुलसी के पौधों का वितरण भी किया गया।

Sep 29, 2026 02:10 am IST

Varanasi News: साहित्य शास्त्र के अध्येता थे भोलाशंकर व्यास

Varanasi News: वाराणसी। बीएचयू के हिंदी विभाग के डॉ.भोलाशंकर व्यास भारतीय साहित्य शास्त्र के गहरे अध्येता थे। सोमवार को अर्दली बाजार पुस्तकालय में ‘हिंदी की धरोहर’ व्याख्यानमाला में उनके योगदान को याद किया गया। उन्होंने 'समुद्र संगम' जैसे ऐतिहासिक उपन्यासों के माध्यम से मानवता का संदेश दिया।

Sep 29, 2026 12:07 am IST

पितृऋण से मुक्ति का माध्यम बना जौ और चावल का पिंड

वाराणसी में पितृऋण चुकाने का विशेष काल पितृपक्ष रविवार से शुरू हुआ। तीर्थयात्रियों ने पिशाचमोचन तीर्थ पर श्राद्ध-तर्पण विधियों का पालन किया। चावल और जौ के पिंडों से पितृऋण से मुक्ति का प्रयास किया गया। गंगा का जलस्तर बढ़ा रहने के कारण श्रद्धालुओं को घाट पर कठिनाई का सामना करना पड़ा।

Sep 27, 2026 10:50 pm IST

Varanasi News: ‘आदिम अनंत कथा’ में जीवन के विविध पक्ष दर्शाए

Varanasi News: वाराणसी में रविवार को चार दिवसीय आश्विन नाट्य महोत्सव की शुरुआत हुई। महोत्सव में 'आदिम अनंत कथा' नाटक का अच्छी तरह मंचन किया गया जिसमें मानवीय संवेदनाएं और आंतरिक संघर्षों को प्रदर्शित किया गया। अतिथियों ने काशी की रंगमंचीय परंपरा की महत्ता पर जोर दिया।

Sep 27, 2026 10:33 pm IST

Varanasi News: पितृपक्ष में संगीत पुरखों को देस मल्हार से रागांजलि

Varanasi News: वाराणसी। पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने काशिका श्रृंखला की तीसरी कड़ी में राग देस मल्हार से संगीत पुरखों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ठुमरी के दौरान बादल और बिजली के अहसास को सुरों में बखूबी पेश किया। कार्यक्रम में उनकी असहजता के बावजूद आकर्षक संवाद किया गया। अंत में उन्होंने राग बिहाग में अन्य ठुमरियाँ भी गाईं।

Sep 27, 2026 10:29 pm IST

निचले स्तरों पर संस्कृत की स्थिति काफी दयनीय

वाराणसी में स्वामी वन वैभवारण्य सरस्वती ने तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के संस्कृत में बातचीत के समर्थन बयान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कई युवा संस्कृत में अपना परिचय भी नहीं दे पाते, जिससे संस्कृत के उत्थान में बाधा आ रही है। संस्कृत शिक्षा की स्थिति सुधारने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

Sep 27, 2026 07:00 pm IST

Varanasi News: कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चौतरफा नजर रखने की ताकीद

Varanasi News: वाराणसी में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वरुण चौधरी ने कार्यकर्ताओं को नगर निगम की समस्याओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी। बैठक में जलभराव, सीवर, सफाई और सड़कों जैसी स्थानीय समस्याओं पर चर्चा की गई। वरुण चौधरी ने अधिकारियों से सक्रियता से समाधान मांगने का निर्देश दिया और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर मुद्दों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।

Sep 27, 2026 06:57 pm IST

सुरीली शाम में संगीत के साथ सम्मान भी

वाराणसी में शुक्रवार को 'सुरीली सांझ' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को नमन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन दीपिका कल्चरल सोसाइटी और होटल रेडिसन द्वारा किया गया। संगीत और नृत्य के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें प्रसिद्ध गायकों और नर्तकों ने भाग लिया।

Sep 26, 2026 02:06 am IST