
Varanasi News: वाराणसी के बीएचयू महामना सभागार में मोक्ष सदन ऐंड चैरिटेबल ट्रस्ट ने काशी गंगा गोदावरी सांस्कृतिक समागम-2026 आयोजित किया। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के कलाकारों ने कुचिपुड़ी और भरतनाट्यम प्रस्तुत किए, जबकि उत्तर प्रदेश की छात्राओं और नृत्य कलाकारों ने शिव स्तुति तथा श्रीकृष्ण वंदना से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।

Varanasi News: वाराणसी में काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट के सिलाई-कढ़ाई एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र का 15वां सत्रांत समारोह आयोजित हुआ। चेतगंज स्थित आर्य महिला पीजी कॉलेज में 110 बालिकाओं को सिलाई मशीनें, दो प्रशिक्षुओं को लैपटॉप और 80 बच्चों को प्रमाण-पत्र दिए गए। विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बेटियों को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास की सराहना की।

Varanasi News: वाराणसी में श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंधविद्यालय का 54वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। दिव्यांग बच्चों ने भजन, गीत, और नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। मुख्य अतिथि पं. शशिशेखर महाराज ने बताया कि शारीरिक अक्षमता हौसले को नहीं रोक सकती। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया।

Varanasi News: वाराणसी के प्राचीन काली मठ में तीन दिवसीय संगीत महोत्सव का आयोजन हुआ। इस दौरान विभिन्न कलाकारों ने गायन, वादन और नृत्य का प्रदर्शन किया। भजनों और कथक नृत्य ने दर्शकों का मन मोहा। विशेष रूप से, बच्चे भी कार्यक्रम में भाग लेकर दर्शकों की सराहना प्राप्त की।

वाराणसी में आनंद मार्ग प्रचारक संघ का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन समाप्त हुआ। अधिवेशन के अंतिम दिन हजारों आनंद मार्गियों ने शोभायात्रा निकाली। इसमें मानवता के एक होने का संदेश दिया गया। तांडव नृत्य प्रतियोगिता में विभिन्न प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए गए। अखंड नामसंकीर्तन भी आयोजित किया गया।

वाराणसी में आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 142वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हिंदी आलोचना और इतिहास लेखन में उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई। डॉ. दयानिधि मिश्र और अन्य विद्वानों ने आचार्य शुक्ल के योगदान को सराहा। कार्यक्रम में 'निर्वाचित गल्प' पुस्तक का विमोचन भी हुआ।

वाराणसी में पितृपक्ष के नवमी तिथि पर श्रद्धा श्राद्ध का आयोजन किया गया। विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने पिशाचमोचन कुंड पर तर्पण और श्राद्ध किया। तीन सौ से अधिक पुरोहितों ने इस कर्मकांड का संचालन किया। पिंडदान का विधान पूरे दिन जारी रहा, जबकि गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही।

वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर मातृ नवमी तिथि पर 'आगमन' संस्था द्वारा 10,000 कोख में मारी गई बेटियों के श्राद्ध का अनुष्ठान आयोजित किया गया। पं. दिनेश दुबे के नेतृत्व में पांच कर्मकांडी ब्राह्मणों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस वर्ष यह अनुष्ठान का दसवां वर्ष था, जिसमें 1.60 लाख अजन्मी बेटियों का श्राद्ध किया गया।

वाराणसी में बीएचयू के मुक्ताकाशी मंच पर हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 142वीं जयंती के अवसर पर ‘हिंदी आलोचना में आचार्य शुक्ल’ पर परिचर्चा हुई। प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने आचार्य की आलोचना के देशज स्वरूप की खोज पर प्रकाश डाला। कई विद्वानों ने उनकी दृष्टि और योगदान पर अपने विचार साझा किए।

आईआईटी बीएचयू में आयोजित 'टैक्शन-2026' कार्यक्रम ने छात्रों और उद्यमियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया। इस कार्यक्रम में वेंचर निर्माण, ग्राहक सत्यापन और उत्पाद विकास पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रतिभागियों को वास्तविक स्थितियों में विचारों को परखने का अवसर मिला।

वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गोमाता को राष्ट्रमाता बनाने का आह्वान किया। उन्होंने राजनीतिक दलों से गाय की रक्षा के लिए कदम उठाने की उम्मीद जताई। वे चातुर्मास के बाद इस अभियान में जुटने का वादा करते हैं। शंकराचार्य ने राम मंदिर चढ़ावे की चोरी पर भी टिप्पणी की।

Varanasi News: वाराणसी में 'इंकलाब-ए-इश्क' नाटक का मंचन हुआ। यह नाटक प्रेम, स्मृति और विभाजन की त्रासदी पर आधारित है। दर्शकों में तालियों और हूटिंग का हास्यास्पद व्यवहार देखा गया। नाटक 1947 के भारत-विभाजन की मानव कथा कहता है और स्थानीय रंगकर्मियों की रचनाओं को मंच देने का प्रयास करता है।

पितृपक्ष की द्वितीया तिथि के अवसर पर काशी में गंगा तट से पिशाचमोचन तीर्थ तक हजारों तीर्थयात्री पिंडदान करने पहुंचे। विशेष रूप से अश्वदान का विधान भी किया गया। इसके अलावा, जागृति फाउंडेशन द्वारा तुलसी के पौधों का वितरण भी किया गया।

Varanasi News: वाराणसी। बीएचयू के हिंदी विभाग के डॉ.भोलाशंकर व्यास भारतीय साहित्य शास्त्र के गहरे अध्येता थे। सोमवार को अर्दली बाजार पुस्तकालय में ‘हिंदी की धरोहर’ व्याख्यानमाला में उनके योगदान को याद किया गया। उन्होंने 'समुद्र संगम' जैसे ऐतिहासिक उपन्यासों के माध्यम से मानवता का संदेश दिया।

वाराणसी में पितृऋण चुकाने का विशेष काल पितृपक्ष रविवार से शुरू हुआ। तीर्थयात्रियों ने पिशाचमोचन तीर्थ पर श्राद्ध-तर्पण विधियों का पालन किया। चावल और जौ के पिंडों से पितृऋण से मुक्ति का प्रयास किया गया। गंगा का जलस्तर बढ़ा रहने के कारण श्रद्धालुओं को घाट पर कठिनाई का सामना करना पड़ा।

Varanasi News: वाराणसी में रविवार को चार दिवसीय आश्विन नाट्य महोत्सव की शुरुआत हुई। महोत्सव में 'आदिम अनंत कथा' नाटक का अच्छी तरह मंचन किया गया जिसमें मानवीय संवेदनाएं और आंतरिक संघर्षों को प्रदर्शित किया गया। अतिथियों ने काशी की रंगमंचीय परंपरा की महत्ता पर जोर दिया।

Varanasi News: वाराणसी। पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने काशिका श्रृंखला की तीसरी कड़ी में राग देस मल्हार से संगीत पुरखों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ठुमरी के दौरान बादल और बिजली के अहसास को सुरों में बखूबी पेश किया। कार्यक्रम में उनकी असहजता के बावजूद आकर्षक संवाद किया गया। अंत में उन्होंने राग बिहाग में अन्य ठुमरियाँ भी गाईं।

वाराणसी में स्वामी वन वैभवारण्य सरस्वती ने तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के संस्कृत में बातचीत के समर्थन बयान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कई युवा संस्कृत में अपना परिचय भी नहीं दे पाते, जिससे संस्कृत के उत्थान में बाधा आ रही है। संस्कृत शिक्षा की स्थिति सुधारने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

Varanasi News: वाराणसी में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वरुण चौधरी ने कार्यकर्ताओं को नगर निगम की समस्याओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी। बैठक में जलभराव, सीवर, सफाई और सड़कों जैसी स्थानीय समस्याओं पर चर्चा की गई। वरुण चौधरी ने अधिकारियों से सक्रियता से समाधान मांगने का निर्देश दिया और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर मुद्दों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।

वाराणसी में शुक्रवार को 'सुरीली सांझ' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को नमन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन दीपिका कल्चरल सोसाइटी और होटल रेडिसन द्वारा किया गया। संगीत और नृत्य के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें प्रसिद्ध गायकों और नर्तकों ने भाग लिया।