
केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर निगरानी करने के लिए क्यूआरटी का गठन किया है। यह दल झूठी जानकारी पर 24 घंटे निगरानी रखेंगे और दो घंटे के भीतर जवाब देंगे। यह कदम सोशल मीडिया पर फैली फर्जी सूचनाओं को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।

नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली के बीच उपभोग कर्ज की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। पिछले सात वर्षों में लोगों ने कर्ज लेकर बिंदास जीवन जीना शुरू कर दिया है। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के आंकड़ों के अनुसार, उपभोग ऋण 49.7% तक पहुंच गया है। आरबीआई ने चिंता जताई है कि यह स्थिति भविष्य में वित्तीय जोखिम पैदा कर सकती है।

सिर्फ पैन कार्ड और आधार देकर कुछ ही मिनटों में 50 हजार रुपये तक का लोन मिल रहा है। लेकिन यही आसान दिखने वाला कर्ज हजारों लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। ऊंची ब्याज दर, भारी पेनल्टी और रिकवरी एजेंटों की लगातार कॉल ने कई ग्राहकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।