

कॉफी बोर्ड की इस योजना के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र के आदिवासी किसानों को कॉफी की खेती शुरू करने के लिए प्रति हेक्टेयर ₹50,000 तक की सब्सिडी दी जाती है। इसका उद्देश्य झूम भूमि पर वनीकरण बढ़ाना और किसानों को स्थायी आजीविका प्रदान करना है।


वाइजर योजना के तहत विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्र की महिला शोधकर्ताओं को भारत-जर्मनी सहयोग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय रिसर्च का अवसर मिलता है। चयनित प्रतिभागियों को प्रोजेक्ट ग्रांट, जर्मनी में रहने का भत्ता, यात्रा सहायता, वीजा और मेडिकल इंश्योरेंस जैसी वित्तीय सुविधाएं दी जाती हैं।


एसईआरबी अनुसंधान वैज्ञानिक योजना के तहत इंस्पायर फैकल्टी और रामानुजन फेलोशिप पूरी कर चुके वैज्ञानिकों को रिसर्च जारी रखने के लिए ₹1.20 लाख मासिक फेलोशिप, ₹7 लाख वार्षिक रिसर्च ग्रांट और अतिरिक्त संस्थागत सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना अधिकतम 3 वर्ष तक अनुसंधान कार्य को समर्थन देती है।


एसईआरबी सायर योजना के तहत विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्र के योग्य वैज्ञानिकों को विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में 2 से 6 महीने तक अनुसंधान प्रशिक्षण का अवसर मिलता है। चयनित प्रतिभागियों को 3,000 अमेरिकी डॉलर मासिक फेलोशिप, हवाई यात्रा, बीमा और अन्य वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है।


राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना के तहत ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारक युवाओं को उद्योगों में एक वर्ष की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाती है। प्रशिक्षण के दौरान स्टाइपेंड भी मिलता है और सफलतापूर्वक पूरा करने पर भारत सरकार द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।


सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के एम.फिल और पीएचडी शोधार्थियों को जेआरएफ के रूप में ₹31,000 और एसआरएफ के रूप में ₹35,000 प्रतिमाह फेलोशिप दी जाती है। साथ ही कंटिन्जेंसी ग्रांट, एचआरए और अन्य सुविधाओं का लाभ भी मिलता है।


आईसीएमआर पोस्ट डॉक्टरल फेलोशिप योजना के तहत मेडिकल और हेल्थ साइंसेज में पीएचडी, एमडी या एमएस पूरी कर चुके शोधकर्ताओं को ₹65,000 मासिक फेलोशिप, एचआरए तथा ₹3 लाख वार्षिक रिसर्च ग्रांट दिया जाता है। यह फेलोशिप उन्नत स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए अधिकतम 2 वर्ष तक उपलब्ध रहती है।


सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की डॉ. अम्बेडकर पोस्ट-मैट्रिक ईबीसी छात्रवृत्ति योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के छात्रों को मेंटेनेंस अलाउंस, ट्यूशन फीस और अन्य अनिवार्य शुल्कों के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। यह योजना 10वीं के बाद उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद करती है।


श्रम और रोजगार मंत्रालय की इंटर्नशिप योजना के तहत लॉ, एमबीए, एमएसडब्ल्यू, एमएससी, एमए और रिसर्च स्कॉलर्स को सरकारी नीतियों, श्रम कानूनों और डेटा विश्लेषण का व्यावहारिक अनुभव मिलता है। चयनित इंटर्न्स को ₹8,000 मासिक स्टाइपेंड और इंटर्नशिप पूरी होने पर प्रमाण पत्र दिया जाता है।


नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की इंटर्नशिप योजना के तहत लॉ और पर्यावरण अध्ययन के छात्रों को पर्यावरण कानून, अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव मिलता है। इंटर्नशिप आमतौर पर 4 सप्ताह की होती है और सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।


भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की इंटर्नशिप योजना के तहत स्नातक छात्रों को ₹10,000 और पोस्ट ग्रेजुएट व रिसर्च स्कॉलर्स को ₹20,000 मासिक वजीफा दिया जाता है। इंटर्नशिप पूरी करने पर अनुभव प्रमाण पत्र भी मिलता है। यह योजना जलमार्ग परिवहन और रिसर्च का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है।


कार्मिक,लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की डीएफएफटी योजना के तहत आईएएस,आईपीएस, आईएफओएस, केंद्रीय सचिवालय सेवा और राज्य सिविल सेवा के पात्र अधिकारियों को विदेशों में 6 से 12 महीने तक के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक क्षमता और वैश्विक अनुभव को बढ़ाना है।


सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की वयोश्रेष्ठ सम्मान योजना के तहत असाधारण साहस और बहादुरी दिखाने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है। चयनित विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है।


जैव प्रौद्योगिकी विभाग की रामलिंगस्वामी पुनः प्रवेश अध्येतावृत्ति योजना के तहत विदेश से लौटने वाले भारतीय वैज्ञानिकों को ₹1 लाख मासिक फेलोशिप, एचआरए और शोध कार्य के लिए लाखों रुपये का वार्षिक रिसर्च फंड दिया जाता है। यह योजना देश में उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देती है।


विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इंस्पायर फेलोशिप योजना के तहत विज्ञान, इंजीनियरिंग, कृषि, फार्मेसी और चिकित्सा क्षेत्रों के मेधावी छात्रों को पीएचडी के लिए मासिक फेलोशिप, एचआरए और ₹20,000 वार्षिक आकस्मिक अनुदान दिया जाता है। यह सहायता अधिकतम 5 वर्षों तक उपलब्ध रहती है।


आईसीएआर की राष्ट्रीय प्रोफेसर और राष्ट्रीय अध्येता योजना के तहत उत्कृष्ट कृषि वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों को राष्ट्रीय महत्व के शोध कार्यों के लिए वित्तीय सहायता, वेतनमान और अनुसंधान अनुदान प्रदान किया जाता है। यह योजना कृषि एवं संबद्ध विज्ञान में उच्च स्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा देती है।


यूजीसी की डॉ. डी. एस. कोठारी अनुसंधान अनुदान योजना के तहत नव नियुक्त स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों को शोध परियोजनाओं के लिए ₹10 लाख तक का अनुदान दिया जाता है। यह राशि दो वर्षों तक उपकरण, फील्डवर्क, रिसर्च सामग्री और यात्रा संबंधी खर्चों के लिए उपयोग की जा सकती है।


जनजातीय कार्य मंत्रालय की इस योजना के तहत अनुसूचित जनजाति के पात्र छात्रों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए ट्यूशन फीस, रहने का खर्च और अन्य वित्तीय सहायता दी जाती है। एमफिल और पीएचडी छात्रों को फेलोशिप भी मिलती है, जिसकी राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में भेजी जाती है।


शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी की एमेरिटस फेलोशिप योजना के तहत योग्य सेवानिवृत्त शिक्षकों को दो वर्षों तक ₹31,000 प्रतिमाह मानदेय और ₹50,000 वार्षिक आकस्मिक अनुदान दिया जाता है। यह योजना अनुभवी शिक्षकों को उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध कार्य जारी रखने का अवसर प्रदान करती है।


वित्त मंत्रालय की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक सुरक्षित निवेश पर 7.40% सालाना ब्याज प्राप्त कर सकते हैं। योजना में तिमाही ब्याज भुगतान, धारा 80C के तहत टैक्स छूट और 5 वर्ष की मैच्योरिटी के साथ विस्तार की सुविधा भी मिलती है।