


शॉर्ट बायो : काजल शर्मा पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय एवं अनुभव
काजल शर्मा भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल टीम की लीड हैं। 2020 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
काजल ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2014 में अमर उजाला डिजिटल के साथ उन्होंने न्यू मीडिया की दुनिया में कदम रखा। 2017 से 2020 तक नवभारत टाइम्स (NBT) में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल कवरेज के बाद वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ से जुड़ीं और वर्तमान में इन दोनों सेक्शंस की टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
B.Sc (बायोलॉजी) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण काजल को विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह मनोरंजन बीट पर कमांड होने के साथ मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज़ लिख रही हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
फिल्म, बॉक्स ऑफिस ऐनालिसिस, ट्रेंड्स, टीवी, ओटीटी और लाइफस्टाइल विषयों पर काजल की गहरी समझ है। उन्होंने कई सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। काजल का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
बॉलीवुड, साउथ मूवीज़ और टीवी रियलिटी शोज
मूवी और वेब सीरीज रिव्यू
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
हेल्थ, फिटनेस, प्रिवेंटिव केयर और डेली लाइफ हैक्स
मेडिकल रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग









































हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। करीब एक सदी से यह अखबार हिंदी भाषी पाठकों की पसंद बना हुआ है। देश-दुनिया की Hindi News को पढ़ने के लिए यह अखबार लगातार पाठकों की पसंद बना हुआ है। इसके अतिरिक्त समकालीन मुद्दों पर त्वरित टिप्पणी, विद्वानों के विचार और साहित्यिक सामग्री को भी लोग पसंद करते रहे हैं। यहां आप ग्लोबल से लोकल तक के सभी समाचार एक ही स्थान पर पा सकते हैं। हिन्दुस्तान अखबार आपको उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, झारखंड, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों की खबरें प्रदान करता है। दक्षिण भारत के राज्यों की खबरें भी आप यहां पाते हैं।
इसके अतिरिक्त मनोरंजन, बिजनेस, राशिफल, करियर, ऑटो, गैजेट्स और प्रशासन से जुड़ी खबरें भी यहां आप पढ़ सकते हैं। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है।



































डॉ. जे.एन पांडेय
संक्षिप्त विवरण
डॉ. जे.एन पांडेय एक वैदिक ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञ हैं, जिनके पास 25 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनके लेख पर दुनियाभर के पाठक भरोसा जताते आ रहे है। यही वजह है कि ज्योतिष और वास्तु के क्षेत्र में इनकी एक विशिष्ट पहचान है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
वैदिक ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञ डॉ. जे. एन. पांडेय ने वाराणसी के प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (B.H.U.) से वैदिक ज्योतिष में डॉक्टरेट और मास्टर डिग्री प्राप्त की है। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 1992 में भारत के यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (U.G.C.) द्वारा डॉ. पांडे को राष्ट्रीय विद्वान के रूप में चुना गया, जिससे उन्हें वैदिक ज्योतिष के क्षेत्र में गहन शोध करने का अवसर मिला।
योगदान
शोध और अकादमिक योगदान के अलावा, डॉ. पांडेय ने B.H.U. द्वारा प्रकाशित प्रतिष्ठित पंचांग (विश्व पंचांगम) में सह-संपादक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही उन्होंने B.H.U. में स्नातक छात्रों को पढ़ाकर नई पीढ़ी के ज्योतिषियों को अपने गहन ज्ञान और शैक्षणिक दृष्टिकोण से मार्गदर्शन प्रदान किया।
उपलब्धियां
डॉ. पांडेय साइबर एस्ट्रो लिमिटेड के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और मई 1997 में कंपनी के गठन से ही मुख्य ज्योतिषी के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ज्योतिष टीम का नेतृत्व करते हुए उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं और कंटेंट प्रदान किया। 2008 में वे कंपनी के मुख्य संचालन अधिकारी बने और पूरे संगठन के संचालन और व्यवसाय की जिम्मेदारी संभाली। बाद में डॉ. पांडे साइबर मीडिया समूह की कंपनियों के शीर्ष निर्णय-निर्माण निकाय (S.F.R.M.) का हिस्सा बने। 27 वर्षों तक की लंबी सेवा के बाद उन्होंने अप्रैल 2024 में साइबर एस्ट्रो लिमिटेड से अपना रास्ता अलग कर लिया
विशेषज्ञ
वैदिक ज्योतिष के क्षेत्र में गहन शोध
वास्तु एक्सपर्ट

शॉर्ट बायो : विवेक पाण्डेय पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान (एचटीडीएस) में सीनियर कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
विवेक पाण्डेय की मीडिया जगत में अपनी पहचाना है। पत्रकारिता में उन्हें 19 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में सीनियर कंटेंट क्रिएटर तौर पर कार्यरत हैं। 2016 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने खबरों के बदलते ट्रेंड्स, पाठकों की रुचि और डेटा-ड्रिवन रिपोर्टिंग पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
विवेक ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में अमर उजाला से की, जहाँ उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी। 2010 में अमर उजाला कम्पैक्ट में रिपोर्टिंग टीम के इंचार्ज के रूप में जिम्मेदारी निभाई। 2013 से वह हिन्दुस्तान समाचार पत्र से सीनियर कंटेंट क्रिएटर के रूप में जुड़े। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान के साथ-साथ लाइव हिन्दुस्तान के लिए भी रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि एवं विशेषज्ञता
विवेक ने कॉमर्स में स्नातक तथा मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा प्राप्त किया है। उन्हें क्राइम रिपोर्टिंग में गहरा अनुभव है। क्राइम बीट पर मजबूत पकड़ के साथ वह पब्लिक इंटरेस्ट से जुड़े मुद्दों पर डाटा, ट्रेंड और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज़ लिखते हैं।
विजन
विवेक पाण्डेय का मानना है कि पत्रकारिता की बुनियाद तथ्यपरकता, विश्वसनीयता और जवाबदेही पर टिकी होती है।
उन्होंने हिन्दुस्तान और लाइव हिन्दुस्तान के लिए कई एक्सक्लूसिव और प्रभावशाली स्टोरीज़ की हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी पहुँचाना है।
विशेषज्ञता क्षेत्र
क्राइम रिपोर्टिंग, रिसर्च आधारित रिपोर्टिंग
एक्सक्लूसिव स्टोरीज़
एक्सप्लेनर और इन-डेप्थ रिपोर्टिंग

शॉर्ट बायो :
विशाल शुक्ला लगभग 22 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में मुरादाबाद में ‘हिन्दुस्तान’ के चीफ रिपोर्टर के रूप में सिटी रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
विशाल शुक्ला ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी शुरुआत वर्ष 2004 में दैनिक जागरण, कानपुर से की। वर्ष 2006 में वह अमर उजाला, मुरादाबाद से जुड़े। वर्ष 2012 में ‘हिन्दुस्तान’ मुरादाबाद यूनिट की लॉन्चिंग के साथ ही उन्होंने संस्थान ज्वाइन किया और तब से लगातार वहीं कार्यरत हैं।
लगभग दो दशकों से अधिक के करियर में उन्होंने प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक, अपराध, किसान और कृषि सहित लगभग सभी प्रमुख बीट्स पर व्यापक रिपोर्टिंग की है। जमीनी मुद्दों को तथ्यपरक और संतुलित ढंग से प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली की खास पहचान रही है। वर्तमान में वह सिटी रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व करते हुए खबरों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित कर रहे हैं।
करियर का सफर
विशाल ने अपने करियर की नींव प्रिंट पत्रकारिता से रखी। दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य करते हुए उन्होंने रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और मजबूत फील्ड अनुभव हासिल किया। 2012 में ‘हिन्दुस्तान’ मुरादाबाद यूनिट की शुरुआत के साथ वह इस टीम का हिस्सा बने और समय के साथ चीफ रिपोर्टर की जिम्मेदारी संभाली।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विशाल शुक्ला ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में डिप्लोमा कोर्स किया, जिसने उन्हें प्रिंट के साथ-साथ मीडिया के तकनीकी और प्रस्तुतीकरण पक्ष की भी समझ दी। शिक्षा और फील्ड अनुभव के संयोजन ने उनके पत्रकारिता करियर को मजबूती प्रदान की।
विजन और कार्यशैली
चुनाव, राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग में उनका विशेष अनुभव रहा है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने उल्लेखनीय और प्रभावशाली कवरेज की। कृषि, खेल और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों पर भी उन्होंने गहन रिपोर्टिंग की है। विशाल का उद्देश्य समाज में छिपी प्रतिभाओं और जमीनी मुद्दों को सामने लाना रहा है। उन्होंने अपनी रिपोर्टिंग के माध्यम से कई हुनरमंद और प्रतिभाशाली लोगों को समाज के सामने प्रस्तुत किया, साथ ही उनकी समस्याओं और उपलब्धियों को प्रमुखता से उजागर किया।
विशेषज्ञता
लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव कवरेज
राजनीति और प्रशासनिक रिपोर्टिंग
कृषि एवं किसान मुद्दे
सामाजिक सरोकार और जनहित विषय
खेल एवं स्थानीय प्रतिभाओं पर विशेष रिपोर्टिंग

शॉर्ट बायो :
विपिन कुमार शर्मा पिछले 26 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान प्रिंट’ में रामपुर के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। वह जिले की टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
विपिन कुमार शर्मा को प्रिंट पत्रकारिता का 26 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान प्रिंट’ में रामपुर के ब्यूरो चीफ हैं। वर्ष 2020-21 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने बदलते मीडिया परिदृश्य और पाठकों की रुचि के अनुरूप कंटेंट रणनीति को मजबूती दी है।
लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने राजनीतिक, प्रशासनिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर प्रभावी रिपोर्टिंग की है। टीम नेतृत्व के साथ-साथ खबरों की गुणवत्ता, संतुलन और विश्वसनीयता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता रही है।
करियर का सफर
विपिन कुमार शर्मा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 1999 में अमर उजाला से की। इसके बाद वह दैनिक जागरण से जुड़े, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की गहन समझ और फील्ड अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2012 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़कर नई जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2015 में उन्हें रामपुर का ब्यूरो चीफ बनाया गया। तब से वह लगातार इस पद पर रहते हुए जिले की टीम का सफल नेतृत्व कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विपिन कुमार शर्मा हिन्दी साहित्य में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। साहित्यिक पृष्ठभूमि ने उनकी लेखन शैली को गहराई और संवेदनशीलता प्रदान की है। हिन्दी साहित्य और पत्रकारिता का यह संयोजन उनकी रिपोर्टिंग को विश्लेषणात्मक और प्रभावशाली बनाता है।
साहित्यिक सक्रियता और विजन
विपिन कुमार शर्मा एक जाने-माने कवि भी हैं। वह नियमित रूप से कवि सम्मेलनों और काव्य गोष्ठियों में भाग लेते हैं। देश के समसामयिक हालात और राजनीतिक घटनाक्रमों पर उनकी रचनाएं विशेष रूप से सराही जाती हैं।
राजनीतिक विषयों पर उनकी गहरी समझ है। उन्होंने कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के साक्षात्कार किए हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी पहुंचाना है।
विशेषज्ञता
राजनीतिक और प्रशासनिक रिपोर्टिंग
साहित्यिक गतिविधियां और काव्य लेखन
समसामयिक एवं राजनीतिक विषयों पर विश्लेषण
वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों के साक्षात्कार
प्रमुख साक्षात्कार:
पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल, गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, आजम खां, मुख्तार अब्बास नकवी, जयाप्रदा, अमर सिंह सहित कई प्रमुख राजनीतिक व्यक्तित्व।

हिन्दुस्तान में पिछले 8 साल से रिपोर्टिंग टीम का अहम हिस्सा हैं। गोरखपुर के मूल निवासी विपिन नागवंशी को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने प्रिंट मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। स्वास्थ्य, पर्यावरण व मौसम की रिपोर्टिंग पर विशेष पकड़। अर्थशास्त्र से ग्रेजुएट और मास कम्युनिकेशन से यूजी में डिप्लोमा। विपिन, रिसर्च, डॉटा और विश्लेषण के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में 'कुछ अलग' अंदाज पाठकों तक पहुंचाते हैं। हिन्दुस्तान से पहले स्वतंत्र चेतना व राष्ट्रीय सहारा गोरखपुर में 11 साल तक और प्रभात खबर भागलपुर में ढाई साल तक रिपोर्टर के रूप में काम कर चुके हैं।

शार्ट बायो: प्रत्रकारिता में 24 वर्षों का अनुभव रखने वाले विनोद मुसान वर्तमान में हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक 'हिन्दुस्तान' (देहरादून) में बतौर चीफ रिपोर्टर स्टेट ब्यूरो टीम के सदस्य हैं।
परिचय एवं अनुभव
वर्ष 2002 में दैनिक जागरण से अपने कॅरियर की शुरुआत करने वाले विनोद मुसान ने पत्रकारिता के उतार-चढ़ाव को करीब से देखा है। 2006 से 2024 तक अमर उजाला के साथ उनका लंबा और सफल जुड़ाव रहा। जिसमें उन्होंने जालंधर, लुधियाना (पंजाब) और मुरादाबाद (यूपी) जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों में अपनी रिपोर्टिंग से विशिष्ट पहचान बनाई। वर्तमान में वे देहरादून हिन्दुस्तान में बतौर चीफ रिपोर्टर स्टेट ब्यूरों में काम करते हुए प्रदेश की राजनीति और शासन-प्रशासन पर पैनी नज़र रखते हैं।
शिक्षा और विशेषज्ञता
बीएससी- बायोलॉजी और जनसंचार में पीजी होने के कारण, विनोद की खबरों में वैज्ञानिक तार्किकता और सहज भाषा का अनूठा मिश्रण मिलता है।
उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र:
राजनीति एवं गवर्नेंस,पर्यावरण एवं हिमालय, डिजास्टर मैनेजमेंट, गृह विभाग और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दे, रिसर्च आधारित रिपोर्ट।
विशेषज्ञता:
राजनीतिक खबरें, वन एवं पर्यावरण, हिमालयी विषयों पर पकड़, लोक संस्कृति और लोकाचार, विज्ञान समाचार आपदा प्रबंधन
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
फाइनेंस, डिजास्टर, एजुकेशन रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग
रचनात्मक पहलू
पत्रकारिता की व्यस्तताओं के बीच विनोद अपनी रचनात्मकता को भी जीवित रखते हैं। वे केवल शब्दों के ही नहीं, बल्कि कला के भी पारखी हैं
नेचुरल आर्ट: ड्रिफ्ट वुड आर्ट, नक्काशी (Carving) और स्टोन आर्ट में उनकी विशेष रुचि है। उन्हें कुकिंग और नए स्वाद तलाशने का शौक है।

शॉर्ट बायो :
विनय शर्मा बीते 16 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान मेरठ में वेस्ट यूपी में क्राइम बीट संभाल रहे हैं। वह मेरठ में क्राइम टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव :
विनय शर्मा प्रिंट मीडिया में प्रतिष्ठित नाम हैं और पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान की मेरठ यूनिट में बतौर चीफ क्राइम रिपोर्टर कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान में वर्ष 2016 से लगातार कार्यरत हैं और अपराध की बड़ी घटनाओं की कवरेज में मजबूत पकड़ रखते हैं।
कॅरियर का सफर :
विनय शर्मा ने अपना कॅरियर वर्ष 2010 में दैनिक जागरण से शुरू किया। यहीं से उन्होंने पत्रकारिता के बुनियादी सिद्धांतों को समझा। वर्ष 2016 में हिन्दुस्तान मीडिया से जुड़े और वेस्ट यूपी में काम शुरू किया। फिलहाल में वेस्ट यूपी में क्राइम संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
ग्रेजुएशन और मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के बाद दैनिक जागरण में ज्वाइन किया। क्राइम की घटनाओं की कवरेज के साथ ही साफ्ट स्टोरी कवरेज भी कर रहे हैं।
विजन
अपराध और आतंकी घटनाओं की कवरेज में विनय शर्मा को गहरी समझ है। इन्होंने कई बड़े प्रकरण में एक्सक्लूसिव और ब्रेकिंग खबरें दी हैं। साथ ही कई बड़े मामलों में कवरेज भी दी है। विनय शर्मा का लक्ष्य है कि प्रमाणिक तथ्यों के आधार पर पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचाई जाए।
विशेषज्ञता
अपराध, एंटी करप्शन, ईओडब्ल्यू, सीआईडी, सीबीआई और एंटी टेररिस्ट स्क्वायड समेत जेल बीट कवरेज।

शॉर्ट बायो : विमल पुर्वाल पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में दैनिक हिंदुस्तान (HT Group) में उत्तराखंड में स्टेट ब्यूरो में मुख्य संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
विमल पुर्वाल को हिंदी पत्रकारिता में 19 सालों से अधिक का अनुभव है। विमल ने अपने पत्रकारिता के कॅरियर की शुरुआत 2007 में राष्ट्रीय सहारा से की। 2008 उत्तराखंड में वह हिंदुस्तान की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। गढ़वाल में रुद्रप्रयाग और श्रीनगर में ब्यूरो प्रभारी रहने के बाद 2013 में उन्होंने बतौर सीनियर रिपोर्टर देहरादून में पत्रकारिता शुरू की। विमल वर्तमान में देहरादून हिंदुस्तान की ब्यूरो टीम का हिस्सा हैं।
कॅरियर का सफर
विमल पुर्वाल ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में राष्ट्रीय सहारा से की। 2008 में हिंदुस्तान से जुड़ने के बाद चार साल तक उत्तराखंड के विभिन्न पार्वतीय जिलों में पहाड़ की मुश्किलों, आपदा की कई बड़ी घटनाओं के साथ ही चारधाम यात्रा को कवर किया। 2013 से विमल हिंदुस्तान देहरादून में बतौर सीनियर रिपोर्टर सिटी टीम से जुड़े और इस दौरान कई उल्लेखनीय खबरों के कारण चर्चाओं में रहे। 2016 से वह हिंदुस्तान की स्टेट ब्यूरो टीम में बतौर मुख्य संवाददाता कार्यरत हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
एमए (English) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट विमल को श्रीनगर में गढ़वाल विवि और मेडिकल कॉलेज की रिपोर्टिंग के दौरान खबरों से विशेष पहचान मिली। मेडिकल कॉलेज के मुन्ना भाई गैंग को पकड़वाने में उनकी खबरों की अहम भूमिका रही। इस दौरान कई एक्सक्लूसिव खबरों की वजह से श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे 18 मुन्ना भाई एमबीबीएस को कॉलेज छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। 2013 में देहरादून आने के बाद भी एक्सक्लूसिव खबरों का सिलसिला जारी रखते हुए राज्य के चर्चित टैक्सी बिल घोटाले का पर्दाफाश किया। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के एक दर्जन सीएमओ, सीएमएस और निदेशकों के खिलाफ कारवाई हुई। जबकि दो मुख्यमंत्रियों के पीएस भी कार्रवाई की जद में आए। एक अन्य चर्चित एएनएम घोटाले में तत्कालीन सीएमओ को बर्खास्त करना पड़ा। 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान विमल ने एक महीने तक आपदा प्रभावित केदारनाथ क्षेत्र में रिपोर्टिंग की। केदारनाथ त्रासदी की लाइव कवरेज पूरे देश में चर्चित रही। जबकि नेपाल भूकंप के दौरान भी उनकी कई खबरें अंतराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनीं।
विजन
स्वास्थ्य, पर्यावरण, वित्त और संसदीय पत्रकारिता के साथ ही राजनैतिक फील्ड में पत्रकारिता का लंबा अनुभव।
विशेषज्ञता
स्वास्थ्य, फाइनेंस, संसदीय और पॉलिटिकल मामले।

शॉर्ट बायो: विक्रम गिरि आर्थिक मामलों, व्यापार, उद्योग और बैंकिंग बीट को कवर करने वाले अनुभवी पत्रकार हैं। वे पिछले नौ वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान रांची संस्करण में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभवविक्रम गिरि प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्हें आर्थिक, व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग में विशेष दक्षता प्राप्त है। आयकर और जीएसटी विषयों पर मजबूत पकड़ के साथ वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हलचलों पर नजर रखते हैं और उनके स्थानीय प्रभावों को विश्लेषणात्मक रूप में प्रस्तुत करते हैं।
करियर का सफर विक्रम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2017 में पत्रिका समूह के साथ कंटेंट क्रिएटर के रूप में की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण में कार्य करते हुए प्रिंट पत्रकारिता की मजबूत समझ विकसित की। वर्ष 2021 से वे हिन्दुस्तान रांची संस्करण में आर्थिक व व्यापारिक बीट संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अपराध की रिपोर्टिंगविक्रम ने बीएससी (भौतिकी) के बाद प्रतिष्ठित माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। विज्ञान और पत्रकारिता की इस संयुक्त पृष्ठभूमि के कारण वे रिसर्च आधारित, तकनीकी और विश्लेषणात्मक विषयों की रिपोर्टिंग में विशेष रुचि रखते हैं।
विशेषज्ञता
आर्थिक नीतियां, बैंकिंग व वित्तीय तंत्र, उद्योग व व्यापार, टैक्सेशन (आयकर, जीएसटी)। विक्रम का उद्देश्य जटिल आर्थिक विषयों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और नीतिगत बदलावों के वास्तविक प्रभाव को सामने लाना है।

शॉर्ट बायो: विकास कुमार पिछले 14 वर्षों से जहानाबाद जिले की पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं। वे शिक्षा, बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर गाइडेंस विषयों के विशेषज्ञ पत्रकार के रूप में पहचाने जाते हैं।
परिचय एवं अनुभव
विकास कुमार ने शिक्षा बीट की रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई है। 14 वर्षों के अपने अनुभव में उन्होंने स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, मेडिकल, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा, बोर्ड परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और करियर विकल्पों तक विस्तृत कवरेज की है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, विश्लेषणात्मक और विद्यार्थियों के हित को केंद्र में रखने वाली रही है। वे शिक्षा जगत में नीतिगत बदलाव, नई शिक्षा नीति, परीक्षा पैटर्न में परिवर्तन, रिजल्ट विश्लेषण और प्रवेश प्रक्रियाओं जैसे जटिल विषयों को सरल भाषा में समझाने के लिए जाने जाते हैं।
करियर का सफर
विकास ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। वहां उन्होंने शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग की। इससे उन्हें शैक्षणिक संस्थानों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से सीधे संवाद का अनुभव मिला। वर्ष 2013 में वे हिन्दुस्तान से जुड़े। यहां विभिन्न बीटों पर काम किया। यहां उन्होंने शिक्षा बीट को नई दृष्टि और गहराई दी। प्रवेश परीक्षा, बोर्ड परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे एसएससी, यूपीएससी, रेलवे, राज्य स्तरीय भर्तियां आदि), रिजल्ट कवरेज और करियर गाइडेंस से जुड़ी उनकी रिपोर्टें व्यापक रूप से पढ़ी और सराही जाती रही हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विकास कुमार ने इंटर साइंस के बाद बीजेएमसी (बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) तथा एमजेएमसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। पत्रकारिता की अकादमिक समझ और व्यावहारिक अनुभव के संतुलन ने उन्हें गहन विश्लेषण और प्रभावी प्रस्तुति की क्षमता प्रदान की है।
पत्रकारिता और विजन
विकास का मानना है कि शिक्षा केवल सूचना नहीं बल्कि भविष्य निर्माण का आधार है। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य छात्रों और युवाओं को सही समय पर सटीक, प्रमाणिक और मार्गदर्शक जानकारी उपलब्ध कराना है ताकि वे अपने करियर को लेकर सही निर्णय ले सकें। वे शिक्षा से जुड़ी खबरों को सिर्फ रिपोर्ट नहीं करते बल्कि उन्हें संदर्भ, विश्लेषण और उपयोगिता के साथ प्रस्तुत करते हैं।
विशेषज्ञता
शिक्षा बीट (स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय)
बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाएं, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा, रिजल्ट, एडमिशन एवं भर्ती प्रक्रियाएं
करियर गाइडेंस एवं काउंसलिंग
शिक्षा नीति एवं सरकारी योजनाएं
परीक्षा पैटर्न व ट्रेंड विश्लेषण

विजय वर्मा पिछले करीब 24 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने लखनऊ से अपने करियर की शुरुआत की और लंबे समय तक हिंदुस्तान में स्टाफ रिपोर्टर से लेकर सीनियर रिपोर्टर और प्रमुख संवाददाता के रूप में काम किया। प्रशासन, राजनीति, शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं की रिपोर्टिंग में उनकी मजबूत पहचान है।
परिचय एवं अनुभव
विजय वर्मा उत्तर प्रदेश, विशेषकर राजधानी लखनऊ की पत्रकारिता में एक जाना-पहचाना नाम हैं। करीब ढाई दशक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर शहरी विकास से जुड़ी गंभीर और असरदार पत्रकारिता की है। हिंदुस्तान में रहते हुए उन्होंने न सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज़ बल्कि जनहित से जुड़ी गहन और फॉलो-अप आधारित रिपोर्टिंग को प्राथमिकता दी, जिससे कई मामलों में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई भी हुई।
करियर का सफर (हिंदुस्तान से शुरुआत)
विजय वर्मा ने पत्रकारिता की शुरुआत लखनऊ से हिंदुस्तान अखबार के साथ की। उन्होंने रियल एस्टेट, शहरी विकास, नागरिक सुविधाएं जैसे अहम क्षेत्रों में लगातार रिपोर्टिंग की और राजधानी लखनऊ के बदलते शहरी स्वरूप पर कई बड़ी स्टोरीज़ कीं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विजय वर्मा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी बहुआयामी है। लखनऊ विश्वविद्यालय से बी.कॉम (स्नातक), समाजशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन, लोक प्रशासन में डिप्लोमा और इसके बाद लखनऊ विश्वविद्यालय से ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इस अकादमिक आधार ने उन्हें सामाजिक मुद्दों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और नीतिगत फैसलों को गहराई से समझने में मदद की, जो उनकी रिपोर्टिंग में साफ झलकता है।
शहरी विकास और असरदार पत्रकारिता
राजधानी लखनऊ में तेजी से हो रहे शहरी विकास, बुनियादी ढांचे, नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक लापरवाहियों पर विजय वर्मा ने कई प्रभावशाली खबरें कीं।
विशेषज्ञता
शहरी विकास, रियल एस्टेट और नागरिक सुविधाएं

शॉर्ट बायो: विद्यासागर पिछले 32 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
विद्यासागर मीडिया जगत में जाना-माना नाम है। उन्हें पत्रकारिता में 32 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में 2010 से कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान शुरू होने के बाद डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई।उन्हें कई विषयों पर विशेष लेखन कर अणिट छाप छोड़ी।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
विद्यासागर ने अपने करियर की शुरुआत 1994 में जनसत्ता कोलकाता से की। इसके बाद प्रभात खबर, डीडी मेट्रो कोलकाता, दैनिक जागरण फरीदाबाद और अमर उजाला दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रमुख अखबारों में रिपोर्टिंग में बेहतर प्रदर्शन किया। प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद हिन्दुस्तान से जुड़े और वर्तमान में प्रिंट और डिजिटल दोनों में बेहतर कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
स्नातक कला संकाय। राजनीतिक, सामाजिक-सांस्कृतिक और खेल के साथ-साथ वन्यजीव एवं पर्यावरण के क्षेत्र में लंबे समय तक पत्रकारिता का अनुभव।
विशेषज्ञता
शोध, वन्यजीव और पर्यावरणखोजी पत्रकारिता, रेलवे और डाकघर बचत जैसे कई घोटालों का खुलासा सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

विधि सिंह पिछले 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में दैनिक अखबार ' हिन्दुस्तान' में विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत है।
परिचय एवं अनुभव
विधि सिंह प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 27 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में क्राइम और अन्य विभिन्न मुद्दों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। 2004 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
विधि ने अपने करियर की शुरुआत 1999 में कुबेर टाइम्स, 2000 में दैनिक जागरण जैसे अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता को गहराई से समझा। 2004 में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ काम शुरू किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और क्राइम रिपोर्टिंग
M.Sc (केमिस्ट्री), B.Ed और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। वर्ष 2000 से क्राइम रिपोर्टिंग कर रहे हैं। कानून और पुलिसिंग की बेहतर समझ है। खोजी पत्रकारिता और माफिया के ख़िलाफ़ रिपोर्टिंग के साथ कई बड़े घोटालों पर सीरीज चलाई। विधि का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका उद्देश्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
क्राइम रिपोर्टिंग, विभिन्न मुद्दों पर कवरेज।

शॉर्ट बायो : वाचस्पति उपाध्याय
करीब 15 वर्षों से पत्रकारिता के पेशे से जुड़ा हूं। वर्तमान में हिन्दुस्तान वाराणसी यूनिट में कार्यरत हूं।
परिचय एवं अनुभव
वाचस्पति उपाध्याय हिन्दुस्तान समाचार पत्र के वाराणसी यूनिट में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। करीब 15 वर्षों के अनुभव के साथ वर्तमान में नगर निगम, विकास प्राधिकरण और बिजनेस तथा आरएसएस बीट पर कार्य करते हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
वाचस्पति उपाध्याय ने अपने करियर की शुरुआत करियर्स 360 मैगजीन नई दिल्ली से किया। वर्ष 2010 में इस मैगजजीन में शिक्षा और करियर से जुड़े मुद्दों पर लेखन किया। इसके बाद वर्ष दिसंबर 2011 में प्रतिष्ठित समाचार पत्र हिन्दुस्तान के हिन्दुस्तान जॉब्स में कार्य शुरू किया। फिर करीब छह माह बाद गुरुग्राम में जुलाई 2015 तक रिपोर्टिंग किया। अगस्त 2015 से वाराणसी यूनिट में कार्यरत हूं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बीएचयू से अर्थशास्त्र में स्नातक, इतिहास में स्नातकोत्तर करने के बाद मुंबई स्थित जर्नलिज्म मेंटर संस्था से मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा किया। वर्तमान में नगर निगम, वाराणसी विकास प्राधिकरण, आरएसएस, बिजनेस बीट पर कार्य कर रहा हूं।
विजन
वाचस्पति उपाध्याय का मानना है कि पुष्ट होने वाले और प्रमाणित तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता इसकी आधारशिला है।
विशेषज्ञता
जनता के मुद्दों पर आधारित रिपोर्टिंग करना और जन समस्याओं का समाधान करते हुए अपने पाठकों और आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए खबरें लिखना।
अपने बीट से इतर बड़े आयोजनों को प्रतिद्वंदी अखबारों की तुलना में बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना।
इंटरनेशनल टेंपल कांक्लेव, अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह, पिछले वर्ष मुंबई में इंडिया मैरिटाइम वीक 2025 समेत बनारस की प्राचीन धार्मिक संस्थाओं के विशेष आयोजनों को बेहतर तरीके से लिखना।

शॉर्ट बायो: उमेश पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। हिन्दुस्तान, छपरा जिला ब्यूरो टीम से जुड़े हैं। खबरों में कला संस्कृति, खेलकूद, जन सरोकार, सामाजिक व महिला प्रधान मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स के साथ पाठकों की रुचि पर अपनी पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
वर्ष 1999 में कॅरियर की शुरुआत हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख अखबार से की। फिलहाल हिन्दुस्तान के छपरा कार्यालय में कार्यरत हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
एमए संस्कृत और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण भाषा-संस्कृति और शब्द संयोजन पर इनकी विशेष पकड़ है। सर्वे और शोध परक विषयों पर भी इनकी लेखनी खूब चलती है।
विशेषज्ञता
कला संस्कृति, राजनेताओं व सेलिब्रिटी का इंटरव्यू, हेल्थ स्टाइल और बदलते शैक्षणिक स्वरूप पर उनकी विशेषज्ञता है।

शॉर्ट बायो : तरुण कुमार, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में टीम भागलपुर का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
तरुण कुमार भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में टीम भागलपुर को लीड कर रहे हैं। 2020 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
तरुण ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में दैनिक हिन्दुस्तान से ही की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद लाइव हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ न्यू मीडिया की दुनिया में कदम रखा। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान टीम भागलपुर को लीड कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
ग्रेजुएशन बाद बीजेएमसी की पढ़ाई कर पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। शुरुआत मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों के साथ की। मेडिकल में कई साइंटिफिक कांफ्रेंस को कवर करने और ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन मेडिकल स्टोरी की। इसके बाद रेलवे और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में आयी आधुनिकता, उससे हुए बदलाव, आमलोगों को उससे फायदे के बारे में विशेष स्टोरी की। रेलवे की तकनीकी पहलूओं की बारीक समझ रखते हुए कई स्टोरी की। इसी तरह कृषि के क्षेत्र में आयी आधुनिकता, जलवायु परिवर्तन और उसकी चुनौतियां, किसानों की बेसिक जरूरत और उसमें नई तकनीक का फायदा, जीआई प्राप्त कृषि उत्पादों के एक्सपोर्ट, बदलते फसल चक्र आदि पर भी स्टोरी की।
विजन
तरुण का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
कृषि और रेलवे

सुशील कुमार सिंह पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ' हिन्दुस्तान अखबार' में शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा कवर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
सुशील सिंह पत्रकारिता जगत में एक प्रतिष्ठित नाम है। जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा आदि की खबरें प्रमुखता से कवर करते हैं।
करियर का सफर (प्रिंट)
सुशील सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में की। कई प्रमुख अखबारों में काम करते हुए 2005 में हिन्दुस्तान अखबार से जुड़ा। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार में सेवाएं दे रहें हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी (पीसीएम), एमएससी मॉस कम्युनिकेशन में परास्नातक और बीएड करने वाले सुशील सिंह की बेसिक माध्यमिक और उच्च शिक्षा के अलावा चिकित्सा शिक्षा बीट में बेहतरीन कमाण्ड देखने को मिलती है। स्कूलों और चिकित्सा संस्थानों की पड़ताल, रोगियों व छात्रों से जुड़ी खबरें। विभिन्न रोगों पर होने वाले शोध, नई तकनीक व नवाचार से जुड़ी खबरें लिख रहे हैं।
एजुकेशन और हेल्थ से जुड़े मुद्दों और लाइफस्टाइल विषयों पर सुशील सिंह की गहरी समझ है। सुशील सिंह का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ एक जॉब नहीं बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक और सबसे पहले, प्रमाणिक जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के अलावा चिकित्सा संस्थानों की बहुत सी खास खबरें की हैं। स्कूलों के जर्जर भवन, प्रयोगशाला की दुर्दशा, सरकारी स्कूलों में बच्चों को देरी से दी जाने वाली किताबें, निजी स्कूलों में फीस, किताबों, यूनीफार्म के कीमतों और वैन व बस के किराओं में इजाफा की खबरें की हैं। इसके अलावा खासकर पीजीआई में दिल, गुर्दा, दिमाग, फेफड़ा, उच्च रक्तचाप, शुगर, लिवर, पैंक्रियाज से जुड़े रोग पर किये गए शोध और रोगियों से जुड़ी दिक्कतों के अलावा अन्य मुद्दे खबरों के माध्यम से उठाए हैं।

शॉर्ट बायो: सुनील कुमार पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में अलीगढ़ टीम में अलीगढ़ मुस्लिम विवि, राजा महेंद्र प्रताप विवि, मंगलायतन विवि समेत बेसिक शिक्षा को प्रजेंट कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
सुनील कुमार डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में अलीगढ़ से शिक्षा को प्रजेंट कर रहे हैं। नई शिक्षा नीति, अलीगढ़ मुस्लिम विवि से जुड़े सैकड़ों शोध की वजह से उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
काजल ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में दैनिक जागरण (Inext) और आईटीवी ग्रुप इंडिया न्यूज चंडीगढ़ जैसे प्रमुख संस्थानों से से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2015 में इंडिया न्यूज के साथ एंटरटेनमेंट, बॉलीवुड रिपोर्टिंग, डेस्क जॉब, सेंट्रल डेस्क पर काम किया। उसके बाद जुलाई 2018 बाद वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ से जुड़े। वर्तमान में अलीगढ़ यूनिट में वह शिक्षा को देख रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
बी.कॉम और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट देहरादून बाद उन्हें उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पत्रकारिता सीखने को मिली। एजुकेशन हब कहे जाने वाले शहर में उन्हें शिक्षा बिट पर रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। इसी वजह से वह शिक्षा बीट पर कमांड होने के साथ मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज़ लिख रहे है।
एंटरटेनमेंट और विजन
शिक्षा के साथ साथ फिल्म, बॉक्स ऑफिस ऐनालिसिस, ट्रेंड्स, टीवी, ओटीटी विषयों पर सुनील की गहरी समझ है। उन्होंने कई सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू मुंबई और अलीगढ़ दौरे आए कलाकार, निदेशक के किए हैं। सुनील का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।

शॉर्ट बायो: पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय सुमित कुमार सिन्हा राज्यस्तरीय अपराध, पुलिस और जांच एजेंसियों के मामलों के विशेषज्ञ हैं। मार्च, 2025 से ‘हिन्दुस्तान’, पटना के बिहार स्टेट ब्यूरो में प्रधान संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभवसुमित कुमार सिन्हा बिहार पत्रकारिता जगत के प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 21 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दी दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट ब्यूरो टीम में प्रधान संवाददाता हैं। मार्च 2025 से इस भूमिका में रहते हुए इन्होंने राज्यस्तरीय अपराध की घटनाओं, अपराध के बदले ट्रेंड, भ्रष्टाचार मामलों की जांच की रिपोर्टिंग पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर सुमित ने अपने करियर की शुरुआत जनवरी 2005 में हिन्दी दैनिक ‘आज’ से की। 2012 में राष्ट्रीय सहारा और फिर प्रभात खबर में रिपोर्टिंग की बारीकियां सीखी। वे 2013 से 2025 तक प्रभात खबर पटना में रहे। इस दौरान उन्होंने मुख्य संवाददाता के रूप में पटना जिले की रिपोर्टिंग टीम को लीड किया और फिर राज्य ब्यूरो में कई प्रमुख विभागों की रिपोर्टिंग से जुड़े रहे। मार्च 2025 से हिन्दुस्तान हिन्दी दैनिक पटना से जुड़ कर वर्तमान में गृह विभाग, बिहार पुलिस मुख्यालय, निगरानी, आर्थिक अपराध इकाई, सीबीआई, एनआईए, ईडी सहित अपराध अनुसंधान से जुड़ी तमाम प्रवर्तन एजेंसियों की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। इनके अलावा मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग, लोकायुक्त, मानवाधिकार आदि विभाग की रिपोर्टिंग भी संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अपराध की रिपोर्टिंगसमाजशास्त्र में स्नातक (BA Sociology) और जनसंचार में स्नातकोत्तर (MA Mass Communication) यह दोहरी विशेषज्ञता उन्हें अपराध की घटनाओं को सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ में विश्लेषित करने की क्षमता देती है। समाजशास्त्र की समझ से अपराध के मूल कारणों (जैसे गरीबी, असमानता) पर गहन विश्लेषण संभव।
प्रशासनिक रिपोर्टिंग का लंबा अनुभवप्रशासनिक रिपोर्टिंग में सुमित का लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने 2007 से 2019 तक जिला प्रशासन बीट कवर किया। इस दौरान लोकसभा से लेकर नगर निकायों के चुनावों की प्लानिंग और रिपोर्टिंग की। 2011 की जनगणना की रिपोर्टिंग का अनुभव पाया। राजनेताओं से लेकर पटना पहुंचे बड़े फिल्मी सितारों व प्रतिष्ठित व्यक्तित्व के इंटरव्यू किए। सुमित का मानना है कि अफवाह और अपुष्ट खबरों के इस दौर में पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी पहुंचाना बड़ी चुनौती है।
विशेषज्ञता
राज्यस्तरीय अपराध पत्रकारिता
गृह विभाग, बिहार पुलिस मुख्यालय
सीबीआई, ईओयू, एनआईए, विजिलेंस, ईडी की रिपोर्टिंग

सुमित गुप्ता पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान अखबार’ में मुख्य रूप से बिजिनेस की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। साथ ही बैंकिंग, जीएसटी देख रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
सुमित गुप्ता पत्रकारिता जगत में एक प्रतिष्ठित नाम है। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत सहारा समय न्यूज चैनल नोएडा से की। यूएनआई न्यूज एजेंसी और दूरदर्शन दिल्ली में भी सेवाएं दी। इसके बाद उन्होंने प्रिंट मीडिया में कदम रखा और डीएनए अखबार में काम किया। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
सुमित गुप्ता ने अपने करियर की शुरुआत 2012 में की। कई प्रमुख संस्थानों में काम करते हुए 2013 में हिन्दुस्तान अखबार में कदम रखा और वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार में सेवाएं दे रहें हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और बेहतरीन रिपोर्टिंग के लिए सम्मान
लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी और दिल्ली से एमएजेएमसी करने वाले सुमित गुप्ता की बिजनेस बीट में बेहतरीन कमाण्ड देखने को मिलती है।
विजन
कारोबार जगत, बैंकिंग, जीएसटी विषयों पर सुमित गुप्ता की गहरी समझ है। उन्होंने कई एक्सक्लूसिव खबरें लिखी हैं। सुमित गुप्ता का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ एक जॉब नहीं बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक और सबसे पहले, प्रमाणिक जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
बिजिनेस, बैंकिंग, जीएसटी की विशेष कवरेज से जुड़ी खास खबरें लिखने में उनको महारत हासिल है। इसके लिए उनको कई बार सराहा भी गया। जीएसटी से जुड़े मुद्दों पर उनकी खबरों का प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान लिया गया।

शॉर्ट बायो : सुहेल खान पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान' में डिफेंस सेक्टर, ऊर्जा, इन्फ्रास्ट्रक्चर और पॉलिटिकल खबरों को कवर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
सुहेल खान भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में पॉवर सेक्टर, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पॉलिटिकल और डिफेंस सेक्टर की खबरों को लीड कर रहे हैं। 2024 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
सुहेल खान ने अपने करियर की शुरुआत 2009 में अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबार से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। लंबे समय तक अमर उजाला में रहते हुए रेलवे, परिवहन सेवाएं, ऊर्जा क्षेत्र और राजनीति समेत कई प्रमुख बीटों पर काम करते हुए राष्ट्रीय स्तर की एक्सक्लूसिव खबरों की कवरेज की। 2024 की शुरुआत में अमर उजाला के बाद ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े और वर्तमान में डिफेंस बीट की राष्ट्रीय खबरों के साथ राजनीति, ऊर्जा, ईपीएफओ और इन्फ्राट्रक्चर बीटों की प्रमुख खबरों को लीड कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और तकनीकी रिपोर्टिंग
B.Sc और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण सुहेल को विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह डिफेंस, रेलवे और पॉवर बीट पर कमांड होने के साथ तकनीकी से जुड़े विषयों पर स्टोरीज़ लिख रहे हैं।
डिफेंस और पब्लिक कनेक्ट विजन
डिफेंस सेक्टर की खबरों की सुहेल को गहरी समझ है। उन्होंने आर्मी, एयरफोर्स, नेवी, एचएएल के अलावा डीआरडीओ-डीएमएसआरडीई और ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों के रक्षा उत्पादों के विकास और शोध के बारे में कई राष्ट्रीय स्तर की खबरें लिखीं। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवदेनशील सेक्टर होने से डिफेंस की खबरों को लिखने में बरती जाने वाली सावधानियों पर उनकी गहरी समझ है। इस भूमिका को सुहेल ने बखूबी निभाया और देश की सशस्त्र सेनाओं का मनोबल बढ़ाने वाली, उनकी जरूरतों से जुड़े उत्पादों और डिफेंस रिसर्च की एक्सक्लूसिव खबरें लिखी हैं। रक्षा क्षेत्र के अधिकारियों के इंटरव्यू किए हैं। इसके अलावा वह ऊर्जा, रेलवे, ट्रांसपोर्टेशन, ईपीएफओ और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी खबरों के ज़रिये पब्लिक कनेक्ट का विजन रखते हैं। सुहेल का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
डिफेंस, पॉवर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और राजनीतिक गतिविधियां
सेलिब्रिटी, मिनिस्टर, पॉलीटिकल लीडर, डिफेंस एक्सपर्ट के इंटरव्यू
रक्षा शोध, आयुध और नवाचार से जुड़े विषय
लोकसभा, विधानसभा चुनाव और निकाय चुनावों की कवरेज

शॉर्ट बायो: सुहैल खान पिछले 15 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिन्दुस्तान समाचार पत्र बरेली में कार्यरत हैं। नगर निगम और विकास प्राधिकरण बीट की रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
सुहैल खान प्रिंट और डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। वर्तमान में वह दैनिक हिन्दुस्तान, बरेली में विकास प्राधिकरण, नगर निगम, जल निगम, आवास विकास परिषद तथा मुस्लिम मामलों की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (एचटी डिजिटल स्ट्रीम्स लिमिटेड, हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से भी जुड़े रहे हैं। वर्ष 2014 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्होंने बदलते कंटेंट ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि को गहराई से समझा और उसे प्रभावी रिपोर्टिंग में ढाला।
करियर का सफर
सुहैल खान ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2010 में अमर उजाला समाचार पत्र से की, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग कौशल विकसित किया। वर्ष 2014 से हिन्दुस्तान समाचार पत्र बरेली यूनिट के साथ जुड़े। यहां ये सुन्नी बरेलवी मसलक के केंद्र दरगाह आला हजरत से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की भी कवरेज करते हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि एवं डेवलपमेंट रिपोर्टिंग
सुहैल खान बी.कॉम. स्नातक हैं। इन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं पर विशेष रिपोर्टिंग की है। विशेषज्ञों से संवाद कर योजनाओं की व्यवहारिकता, क्रियान्वयन और प्रभाव का विश्लेषण भी किया है। नगर निगम और विकास प्राधिकरण पर इनकी रिपोर्टिंग ने हिन्दुस्तान को प्रतिस्पर्धी अखबारों से आगे बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विशेषज्ञता एवं कार्यक्षेत्र
- डेवलपमेंट रिपोर्टिंग (नगर विकास, प्राधिकरण, जल व आवास योजनाएं)
- मुस्लिम मामलों और सामाजिक मुद्दों की गहन समझ

शॉर्ट बायो: सोमनाथ सत्योम पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में रेलवे, मिलिट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
सोमनाथ सत्योम पत्रकारिता जगह के एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ में बतौर सीनियर कॉटेंट क्रिएटर कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने पत्रकारिता के कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
सोमनाथ ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में राष्ट्रीय सहारा और फिर प्रभात खबर जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2015 में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ कैरियर को आगे बढ़ाया। वर्ष 2018 में बालिका गृह कांड में बेहतर रिपोर्टिंग के लिए स्टार गोल्ड टीम पुरस्कार से भी नवाजे गये। मई 2022 से सितंबर 2023 तक प्रभात खबर से जुड़े रहे। पुन : अक्टूबर 2023 से ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े। रेलवे, मिलिट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बीट पर विशेष पकड़ बनाये हुए हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.A (अर्थशास्त्र) और मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा होने के कारण सोमनाथ पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह रेलवे, इंफ्रास्स्ट्रक्चर, मेडिकल व मिलिट्री बीट पर कमांड होने के साथ ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सप्लेनर स्टोरीज लिख रहे हैं।
विजन
रेलवे और रेल यात्रियों के मुद्दाें पर सोमनाथ की गहरी समझ है। उन्होंने कई बड़े रेलवे योजनाओं, मेडिकल रिसर्च, मिलिट्री भर्ती (अग्निवीर) और टाउन डेवलॉपमेंट से जुड़े स्टोरीज किये हैं। सोमनाथ का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता ही है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
रेलवे, मिलिट्री, इंफ्रास्ट्रक्चर, राजनीतिक, सामाजिक सरोकार, मेडिकल रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग

संक्षिप्त परिचय: श्रेयसी मिश्रा पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान, रांची संस्करण में विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। वह उच्च शिक्षा, महिला, बाल विकास और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर गहन रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।
परिचय एवं अनुभव
श्रेयसी मिश्रा मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। वर्ष 2011 से हिन्दुस्तान, रांची संस्करण से जुड़ी श्रेयसी ने उच्च शिक्षा, नवाचार, शोध, अनुसंधान और नीति-आधारित विषयों की रिपोर्टिंग में विशेष दक्षता हासिल की है। बदलते शैक्षणिक रुझानों और पाठकों की रुचि को समझने की उनकी क्षमता उनकी रिपोर्टिंग को विशिष्ट बनाती है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल तक)
श्रेयसी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान, रांची से की। इससे पूर्व उन्होंने आकाशवाणी पटना, आकाशवाणी रांची, दूरदर्शन केंद्र पटना और दूरदर्शन केंद्र रांची में कार्य किया, जहां उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता की मजबूत नींव तैयार की। इन्होंने कला, संस्कृति और फिल्म जगत की रिपोर्टिंग में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। श्रेयसी ने गायक शान, मीका सिंह, कैलाश खेर, शारदा सिन्हा, पलाश सेन, ममता शर्मा, मालिनी अवस्थी, मनोज तिवारी, संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा, सितार वादक उस्ताद अमजद अली खान सहित अनेक ख्यातिप्राप्त कलाकारों और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, ओलंपियन मैरी कॉम जैसी विशिष्ट हस्तियों के साक्षात्कार किए हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
श्रेयसी मिश्रा ने इतिहास में स्नातकोत्तर (एमए) की उपाधि प्राप्त की है और फैशन डिजाइनिंग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। सक्रिय पत्रकारिता में आने से पूर्व उनकी कहानियां और आलेख संडे ऑब्ज़र्वर, नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान जैसे राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। संडे ऑब्जर्वर में उनका बिहार की तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का साक्षात्कार काफी चर्चित रहा था। इन्होंने सीबीएसई शिक्षा प्रणाली, एनईपी-2020, आधुनिक खेती के तरीके, नई फसलों क प्रभेद और ग्रामीण आजीविका से जुड़े विषयों पर भी कई एक्सक्लूसिव और प्रभावशाली स्टोरीज़ की हैं।

शॉर्ट बायो : शिवम सिंह पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से सक्रिय हैं। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान (एचटीडीएस) में वरिष्ठ कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं।
प्रोफेशनल परिचय
शिवम सिंह 15 वर्षों के अनुभव के साथ वह खबरों की बारीक समझ, तथ्यात्मक रिपोर्टिंग और पाठकों की रुचि के अनुरूप कंटेंट प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। 2024 से सीनियर रिपोर्टर की भूमिका में रहते हुए उन्होंने क्राइम व साइबर क्राइम बीट पर प्रिंट के सा डिजिटल पत्रकारिता के बदलते ट्रेंड्स, ऑडियंस बिहेवियर और डेटा-ड्रिवन रिपोर्टिंग पर मजबूत पकड़ विकसित की है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
शिवम ने पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2011 में जनसंदेश टाइम्स से की, जहां प्रिंट पत्रकारिता की ठोस नींव पड़ी। 2013 में अमर उजाला से जुड़कर रिपोर्टिंग का दायरा बढ़ाया। वर्ष 2024 से वह हिन्दुस्तान गोरखपुर में सीनियर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह प्रिंट के साथ-साथ लाइव हिन्दुस्तान के लिए सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि एवं विशेषज्ञता
शिवम सिंह कला स्नातक हैं। उन्हें प्रशासनिक, सामाजिक और विशेष रूप से क्राइम रिपोर्टिंग का गहरा अनुभव है। वह क्राइम बीट के साथ साइबर क्राइम के ट्रेंड और डेटा के साथ साइबर सुरक्षा पर एक्सपर्ट-वेरिफाइड व रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज़ लिखते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विजन
शिवम सिंह का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता, विश्वसनीयता और जवाबदेही पर आधारित होती है। उन्होंने हिन्दुस्तान के प्रिंट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए कई एक्सक्लूसिव व प्रभावशाली स्टोरीज़ की हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी पहुँचाना है।
विशेषज्ञता
क्राइम व साइबर क्राइम के साइबर सुरक्षाट्रेंड व डेटा आधारित एक्सप्लेनर

शॉर्ट बायो : शैलेश तिवारी पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में प्रतापगढ़ जिले के प्रभारी के तौर पर खबरें लिखते हैं।
परिचय एवं अनुभव
शैलेश तिवारी भारतीय प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में प्रयागराज संस्करण के प्रतापगढ़ ब्यूरो को लीड कर रहे हैं। 2021 से इस भूमिका में रहते हुए लोकल कंटेंट, खेल, साफ्ट स्टोरी, क्राइम और राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
शैलेश ने अपने करियर की शुरुआत 2014 में दैनिक भास्कर से की फिर अमर उजाला से जुड़े, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2014 में दैनिक भास्कर के साथ उन्होंने मीडिया की दुनिया में कदम रखा। 2014 से 2016 तक दैनिक भास्कर में हरियाणा के रोहतक और रेवाड़ी जिले में काम किया। दैनिक भास्कर की रेवाड़ी यूनिट लॉचिंग में प्रमुख भागेदारी रही। 2016 से 2021 तक अमर उजाला से जुड़कर हरियाणा के रेवाड़ी और झज्जर में बतौर ब्यूरो चीफ टीम का नेतृत्व किया। अमर उजाला की रोहतक यूनिट में क्लस्टर इंचार्ज और सिटी रिपोर्टिंग टीम का हिस्सा रहे। इसके साथ ही हरियाणा के फतेहाबाद, हिसार, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पानीपत, सोनीपत, करनाल में भी स्पेशल इवेंट का हिस्सा रहे। अमर उजाला मेरठ के बाद 2021 में हिन्दुस्तान में बरेली जिले से जुड़ने के बाद प्रयागराज संस्करण के प्रतापगढ़ ब्यूरो का नेतृत्व कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीए (हिस्ट्री), एमए (पॉलीटिकल साइंस) छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से करने के बाद स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी, मेरठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के बाद शैलेश को राजनीतिक और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से रजनीतिक गलियारों में चल रही हलचल और क्राइम से जुड़ी खबरों पर अच्छी कमांड होने के साथ अच्छी खबरें लिख रहे हैं।
रिपोर्टिंग और विजन
राजनीतिक हलचल और क्राइम के विषयों पर शैलेश की अच्छी पकड़ है। उन्होंने क्राइम की कई एक्सक्लूसिव स्टोरी की है। शैलेश का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है-उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
क्राइम रिपोर्टिंग और स्टिंग ऑपरेशन
राजनीतिक हलचल
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

शैलेंद्र श्रीवास्तव, पिछले 31 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिंदुस्तान स्टेट ब्यूरों में विशेष संवाददाता के रूप में काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
शैलेंद्र श्रीवास्तव एमजीएमसी हैं और पत्रकारिता जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। पत्रकारिता में 31 सालों का अच्छा अनुभव है। वर्तमान में हिंदुस्तान लखनऊ स्टेट ब्यूरों में पिछले 10 सालों से प्रिंट के साथ ही डिजिटल के लिए कंटेंट क्रिएशन का काम कर रहे हैं। खासतौर से शहरी विकास, स्वच्छता, ब्यूरोक्रेसी, सरकार की नीतियों के साथ राजनीतिक खबरों पर मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर
शैलेंद्र श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1995 में कुबेर टाइम्स लखनऊ से शुरू की। इसके बाद हिंदुस्तान वाराणसी, दैनिक जागरण धनबाद (झारखंड) के बाद वर्ष 2003 में अमर उजाला लखनऊ के साथ काम शुरू किया। अमर उजाला लखनऊ स्टेट ब्यूरो में नवंबर 2015 तक सेवाएं देने के बाद इसी साल से हिंदुस्तान लखनऊ स्टेट ब्यूरो में काम कर रहे हैं और राजनीतिक खबरों के साथ सरकार की अहम नीतियों को ब्रेक कर रहे हैं।
विशेषज्ञता
शहरी विकास, नगर विकास व शिक्षा की खबरों पर मजबूत पकड़
यूपी की ब्यूरोक्रेसी के साथ कैबिनेट फैसलों की अच्छी जानकारी
यूपी की राजनीतिक खबरों की गहरी जानकारी

शॉर्ट बायो :
शैलेन्द्र सेमवाल पिछले 28 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में दैनिक हिन्दुस्तान देहरादून में सीनियर कंटेंट क्रिएटर के रुप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव:
पिछले 28 सालों के सफर में शैलेन्द्र सेमवाल ने प्रिंट मीडिया क्षेत्र में विविध विषयों वाले आलेख लिखे हैं। 2008 से वह हिन्दुस्तान के मसूरी सेंटर के प्रभारी रहे। उनके विषयों में इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, शोधात्मक, विश्लेणात्मक, लाइफ स्टाइल, फैशन, फिल्म वर्ल्ड और घटनात्मक खबरें रही हैं। एक फीचर कंटेंट राइटर के रुप में उन्होंने समग्र विषयों पर लिखा है। इतिहास, आंचलिक विषयों और मुद्दों पर उनका गहन अध्ययन है।
कॅरियर का सफर
शैलेन्द्र सेमवाल ने अपने प्रिंट लेखन की शुरूआत अपने स्टडी के दौरान ही कर ली थी। 2003 में अमर उजाला देहरादून में बतौर ट्रेनी कॅरियर शुरू किया। 2004 में विकासनगर और मसूरी अमर उजाला के बतौर ब्यूरो प्रमुख काम किया। वह शिमला, पौड़ी जैसी जगहों पर अमर उजाला, जागरण और हिन्दुस्तान के लिए लिख चुके हैं। इसके अलावा अन्य प्रमुख पत्रिकाओं में भी उनका लेखन चल रहा था। 2008 में उत्तराखंड में हिन्दुस्तान लांच होने के बाद से वह हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं। 2010 से देहरादून में कार्यरत हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि:
शैलेन्द्र सेमवाल ने सन 2000 में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि से एमएससी जूलोजी करने के बाद बीजे और एमजेएमसी की डिग्री हासिल की। साहित्य रंगकर्म से जुड़ाव से उनका रुझान पत्रकारिता की ओर हुआ। साहित्य, संस्कृति, मनोरंजन, इतिहास, विज्ञान जैसी बीट पर कमांड है। उनकी शोध परक अनेक लेख ऑल एडिशन, फ्रंट पेज पर प्रकाशित होते रहे हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
कॅरियर में आर्ट, कल्चर, एंटरटेनमेंट, राज्य की राजनीति से जुड़े विषयों पर कई सेलिब्रिटी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू का अवसर मिला। शैलेन्द्र सेमवाल का मानना है कि पत्रकारिता में विषयों की बुनियादी समझ होना जरुरी है। लगातार गहराई से जानने की जिज्ञासा रखना ही सार्थक पत्रकारिता महत्वपूर्ण अंग है।
विशेषज्ञता:
बॉलीवुड, उत्तराखंडी फिल्म संगीत, लोककला, नृत्य, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, किसी भी सेलिब्रिटी का उत्तराखंड कनेक्शन तलाशना, हिमालयी पर्यावरण, पारिस्थितिकी, सामाजिक मुद्दे, पर्यावरणीय आंदोलन, राज्य आंदोलन, राज्य का इतिहास, खोजपरक स्टोरी।

सौरभ शुक्ल पिछले 16 वर्षों से प्रिंट मीडिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिन्दुस्तान समाचारपत्र में वरिष्ठ संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। अपराध बीट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
सौरभ शुक्ल भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में अपराध की खबरों में लीड हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में कानपुर राष्ट्रीय सहारा से क्राइम रिपोर्टर के तौर पर शुरूआत की। वर्ष 2015 में दैनिक जागरण लखनऊ क्राइम रिपोर्टर रहें। कई बड़े स्टिंग आपरेशन किए। प्रिंट के साथ ही डिजिटल प्लेटफार्म के लिए खबरें की। सितंबर 2024 तक दैनिक जागरण में सेवाएं दी। सितंबर 2024 से हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में अपराध बीट की जिम्मेदारी का निर्वाह कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
स्नातक (बीए) और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा मास कम्यूनिकेशन से किया।
रूटीन खबरों में एक्सक्लूसिव और विजन
सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है- उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त कंटेट व जानकारी देना है। रूटीन खबरों में एक्सक्लूसिव व कुछ अगल करना बेहद पसंद है।
विशेषज्ञता
लेट नाइट ब्रेकिंग व एक्सक्लूसिव खबरें करना। अपराध की खबरों की तह तक जाना, गिरोह और अपराधियों की मार्डसअप्रेंडी पर फोकस कंटेंट परोस कर पाठकों को बांधना।

शॉर्ट बायो: सत्यदेव यादव पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान‘ में झारखंड के स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
सत्यदेव यादव हिंदी पत्रकारिता जगत का एक जाना-पहचाना नाम हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान दैनिक’(हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के झारखंड संस्करण में स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस भूमिका में रहते हुए वह राज्य की प्रशासनिक, राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों की व्यापक और प्रभावशाली कवरेज का नेतृत्व कर रहे हैं। एक गतिशील, परिणामोन्मुख और विश्लेषणात्मक सोच वाले पत्रकार के रूप में सत्यदेव यादव को खोजी पत्रकारिता, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और टीम मैनेजमेंट में विशेष दक्षता प्राप्त है।
करियर का सफर (ट्रेनी रिपोर्टर से स्टेट ब्यूरो चीफ तक)
सत्यदेव यादव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2003 में ‘हिन्दुस्तान दैनिक’, फरीदाबाद से ट्रेनी रिपोर्टर के रूप में की। शुरुआती वर्षों में उन्होंने विभिन्न बीट पर काम करते हुए पत्रकारिता की बुनियादी समझ और फील्ड अनुभव हासिल किया। फिर ‘अमर उजाला’, गाजियाबाद में 2005 से करीब साढ़े पांच वर्षों तक कार्य किया, जहां ट्रेनी रिपोर्टर से स्टाफ रिपोर्टर और सब-एडिटर तक का सफर तय किया। 2010 के बाद ‘हिन्दुस्तान दैनिक’ के साथ उनका सफर लगातार आगे बढ़ता गया। गाजियाबाद में सीनियर रिपोर्टर और कॉपी एडिटर रहने के बाद वह गुरुग्राम और नोएडा में सिटी चीफ रिपोर्टर बने। 2017 से वह रांची में कार्यरत हैं। स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में रणनीति और टीमवर्क के जरिए झारखंड सरकार के 35 से अधिक विभागों की सफल कवरेज सुनिश्चित कर रहे हैं।
नेतृत्व, कंटेंट और विजन
स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में सत्यदेव यादव न सिर्फ टीम का नेतृत्व करते हैं, बल्कि स्टोरी चयन, कंटेंट पैकेजिंग और एडिटोरियल दिशा तय करने में भी उनकी अहम भूमिका होती है। वह अपनी टीम को हमेशा फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग और ग्राउंड-लेवल वेरिफिकेशन पर जोर देने के लिए प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता होती है, और यही सोच उनके काम और नेतृत्व में साफ झलकती है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सत्यदेव यादव ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और जर्नलिज़्म एवं मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक हैं।
विशेषज्ञता
खोजी पत्रकारिता और ग्राउंड रिपोर्टिंग
राजनीतिक विषयों पर विश्लेषण
वन पर्यावरण, वन्य जीव
बिजली, रिन्यूबल एनर्जी
शहरी मुद्दे, ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टिंग

शॉर्ट बायो: सतीश कुमार पिछले 13 वर्षों से फोटो पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में फोटो जर्नलिस्ट है।
परिचय एवं अनुभव
सतीश कुमार मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में फोटो जर्नलिस्ट हैं।
करियर का सफर
सतीश ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में हिन्दुस्तान अखबार से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता में फोटो जर्नलिज्म की बुनियादी समझ विकसित की। वर्तमान में बतौर फोटो जर्नलिस्ट हिन्दुस्तान में कार्यरत है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
ड्रिवेन इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सप्लेनर स्टोरीज लिख रहे हैं।
विशेषज्ञता
प्राकृतिक, राजनितिज्ञ हस्ती, सेलिब्रेटी, स्पोर्टस फोटो

शॉर्ट बायो :
सत्येन्द्र कुलश्रेष्ठ हिन्दुस्तान में वर्ष 2010 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में अलीगढ़ में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में हैं। 2020 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
सत्येन्द्र ने ग्रेजुएशन और पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद अपने करियर की शुरुआत 2006 में पंजाब केसरी, वीक एंड टाइम्स जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2010 में हिन्दुस्तान से जुड़कर कार्य शुरू किया।
विशेषज्ञता
प्रशासनिक व राजनीतिक रिपोर्टिंग करते हुए सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। प्रिंट, डिजिटल मीडिया के साथ-साथ हिन्दुस्तान द्वारा आयोजित कार्यशाला में शामिल होने के बाद इलेक्ट्रोनिक मीडिया (वीडियो न्यूज) का अनुभव है।

शॉर्ट बायो: संतोष कुमार पाठक पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ' दैनिक हिन्दुस्तान' में इटावा जिला ब्यूरो इंचार्ज के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहा हूं।
परिचय एवं अनुभव
संतोष कुमार पाठक प्रिंट मीडिया में प्रतिष्ठित नाम है। जिन्हें पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह दैनिक हिन्दुस्तान में ब्यूरो इंचार्ज के तौर पर काम करते हुये टीम को लीड कर रहे हैं। 2007 से इस भूमिका में आये और बदलते दौर को अपने में शामिल करते हुये काम कर रहे हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
संतोष कुमार पाठक ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2000 में दैनिक अमर उजाला के साथ कानपुर से की थी। 11 साल अमर उजाला में काम करने के बाद दैनिक हिन्दुस्तान में वर्ष 2010 दिसंबर से काम शुरू किया। प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की।
शैक्षिक योग्यता व रिपोर्टिंग
कानपुर के क्राइस्ट चर्च कालेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद पत्रकारिता में कदम रखा और मेहनत व निजी समझ के बल पर धीरे धीरे आगे बढ़ते गये। अपराध, प्रशासनिक, राजनैतिक खबरों में विशेष रुचि होने के कारण ज्यादातर इन बीट पर काम किया। इसके साथ ही दूसरी बीट पर भी मौका निकालकर काम करते रहते हैं, इससे सभी बीट की बखूबी समझ है।
विशेष रुचि
लेखन व खेलकूद में विशेष रुचि है। खास तौर पर बैडमिंटन और क्रिकेट में दिलचस्पी ज्यादा है।
विशेषज्ञता
खोजपरक खबरों पर काम करने में विशेषज्ञता रखने वाला कहा जाये तो गलत नही ंहोगा। किसी खबर का एक सिरा मिल जाये तो उसके सिरे से सिरे जोड़ना बखूबी आता है। यही कारण रहा कि हिन्दुस्तान ग्रुप की ओर से विशेष कवरेज के लिये 2012 में प्रमाणपत्र व पुरस्कार भी प्राप्त किया।

शॉर्ट बायो : संतोष कुमार मनमोहन पिछले पंद्रह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। शुरूआती दौर में प्रभात खबर से जुड़े। इसके बाद वर्तमान में ये ‘हिन्दुस्तान’ मखदुमपुर प्रखंड में कार्यरत हैं। ये नगर पंचायत की खबरों के आलावा ग्रामीण क्षेत्र, वाणावर और एनएच पर होने वाली घटनाओं को कवर करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
प्रभात खबर और दैनिक हिंदुस्तान में रिपोर्टिंग के क्रम में कई बड़े कार्यक्रम का अनुभव। रिपोर्टिंग के सभी क्षेत्र में समान रूप से समाचार संप्रेषण का अनुभव। राष्ट्रीय स्तर की कई पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। एक कहानी संग्रह और एक काव्य संग्रह प्रकाशन की प्रतीक्षा में। कई ग्रुप में वीडियो और समाचार संप्रेषण का अनुभव। फेसबुक और व्हाट्सएप से व्यापक जनसंपर्क।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
मगध यूनिवर्सिटी से दो विषयों में स्नातक ऑनर्स की डिग्री हासिल की। बीएससी वनस्पति विज्ञान से करने के बाद हिंदी साहित्य में स्नातक प्रतिष्ठा की डिग्री हासिल की। फील्ड का अनुभव और अकादमिक पढ़ाई का मेल उनकी खबरों को विश्वसनीयता प्रदान करता है।
रिपोर्टिंग और विजन :
वर्तमान में मुख्य रूप से 'जहानाबाद बोले' पेज के लिए खबरें लिखते हैं। इसके अलावा मखदुमपुर नगर पंचायत और वाणावर पर्यटन स्थल की खबरों को कवर करते हैं। इनका मानना है कि पत्रकारिता जन-सरोकार से जुड़ी होनी चाहिए। ये डिजिटल वीडियो और त्वरित खबरों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
विशेषज्ञता
- ग्राउंड रिपोर्टिंग
- राष्ट्रीय स्तर की कई पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित
- दूरदर्शन और आकाशवाणी से काव्य पाठ।

शॉर्ट बायो :
संतोष कुमार चमोली पिछले 24 वर्ष वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में दैनिक हिन्दुस्तान में शिक्षा, सैनिक कल्याण, परिवहन, कृषि विषयों को कवर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
संतोष कुमार चमोली हिन्दुस्तान के साथ वर्ष 2010 से अलग-अलग भूमिकाओं में रहते हुए बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
संतोष कुमार चमोली ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2002 में दैनिक जागरण देहरादून से की। पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी और कोटद्वार में तैनाती के दौरान उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। उत्तरकाशी के वरुणावत भूस्खलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग भी इस दौरान इन्होंने की। 2006 में ई-टीवी के साथ जुड़कर उन्होंने इलेक्ट्रानिक मीडिया की दुनिया में कदम रखा। इस दौरान उत्तराखंड के बॉर्डर एरिया में काम करने के साथ ही नेपाल में राजशाही के खिलाफ हुए जनविद्रोह को इन्होंने ग्राउंड जीरो पर जाकर कवर किया। 2008 से 2010 तक दैनिक जागरण देहरादून के आई नेक्स्ट बाइलिंग्वल टेबुलाइट अखबार के साथ जुड़कर राजधानी देहरादून में अपराध की खबरों पर गहरी पकड़ बनाई। इसके बाद वह देहरादून में ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ से जुड़े। यहां मुख्य क्राइम रिपोर्टर रहने के बाद सिटी ब्यूरो टीम को लीड किया। अभी हिन्दुस्तान समाचार पत्र की स्टेट ब्यूरो टीम में मुख्य संवाददाता हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
बीएससी और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट संतोष जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता करते आ रहे हैं। नेपाल में राजशाही के खिलाफ माओवादी आंदोलन की लीड कर रहे माओवादी प्रमुख पुष्प कमल दहल ‘प्रंचड’ का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू भी इन्होंने किया। पौड़ी जिले में 2003 में सामने आया पटवारी भर्ती घपला हो या फिर 2016 में उत्तराखंड में ग्राम विकास अधिकारी भर्ती घपला, इन्होंने खोजी पत्रकारिता से बड़े खुलासे किए।
जनसरोकार और विजन
एजुकेशन, पॉलिटिकल, कृषि बागवानी, उपभोक्ता और पब्लिक इश्यू पर संतोष को गहरी समझ हैं।
संतोष कुमार की पत्रकारिता जनसरोकारपरक के साथ ही तथ्यात्मक और विश्वसनीयता है। संतोष कुमार का लक्षय पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
एजुकेशन, एग्रीक्लचर, कंज्यूर्स अफेयर्स, फाइनेंस

शॉर्ट बायो : संत कुमार दुबे पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के कैमूर जिला ब्यूरो टीम का हिस्सा हैं।
परिचय एवं अनुभव
संत कुमार दुबे को पत्रकारिता में 21 वर्षों से अधिक का अनुभव है। प्रिंट के अलावा इन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की भी समझ विकसित की। वर्ष 2018 से 2022 तक डिजिटल रिर्पोटिंग किया। डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर भी पकड़ है।
कॅरियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
कॅरियर की शुरुआत 1999 में ‘अमर उजाला’ से की। यहां प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। वर्ष 2001 में हिन्दुस्तान के साथ न्यू मीडिया की दुनिया में कदम रखा। कोशी टाइम्स, डेमोक्रेटिव न्यूज में एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल कवरेज के बाद ‘लाइव हिन्दुस्तान’ से जुड़े हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
स्नातक (मनोविज्ञान) और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इस वजह से पर्यावरण, पर्यटन स्थल, दुर्घटनाएं, बड़े मुद्दों, साक्षात्कार और अन्य क्षेत्र की स्टोरी कर रहे हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
पर्यावरण, पर्यटन स्थल, दुर्घटनाएं, संस्कृति, धार्मिक और लाइफस्टाइल विषयों पर गहरी समझ है। कई सेलिब्रिटी का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
हेल्थ, फिटनेस, प्रिवेंटिव केयर और डेली लाइफ हैक्स

शॉर्ट बायो: संजोग कुमार मिश्र पिछले 22 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में एजुकेशन और कॅरियर बीट का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
संजोग कुमार मिश्र भारतीय प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम है जिन्हें पत्रकारिता में 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ में एजुकेशन और कॅरियर बीट का नेतृत्व कर रहे हैं। जुलाई 2020 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने शिक्षा और कॅरियर की रिपोर्टिंग में खास पहचान बनाई है। विभिन्न भर्तियों पर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चल रहे विवाद पर पैनी नजर रखते हैं और समय-समय पर उनसे जुड़ी खबरें भी लिखते हैं।
करियर का सफर (अंग्रेजी से हिंदी पत्रकारिता)
संजोग कुमार मिश्र ने अपने करियर की शुरुआत 11 जनवरी 2004 को हिंदुस्तान टाइम्स (अंग्रेजी दैनिक) वाराणसी में बतौर रिपोर्टर की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। अक्टूबर 2007 में अंग्रेजी पत्रकारिता छोड़कर दैनिक जागरण प्रयागराज संस्करण में जूनियर रिपोर्टर के रूप में हिन्दी अखबार में कॅरियर शुरू किया। जून 2008 से अप्रैल 2009 तक डीएलए एएम (अंग्रेजी दैनिक) आगरा संस्करण में स्टाफ रिपोर्टर रहे। अप्रैल 2009 से अप्रैल 2011 तक हिंदुस्तान (हिंदी दैनिक), वाराणसी में स्टाफ रिपोर्टर रहे और उसके बाद से प्रयागराज में सक्रिय हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से मास्टर इन जर्नलिज्म (2004–05) और बैचलर इन जर्नलिज्म (2003–04), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से बी. कॉम (ऑनर्स) (2001–02) और एक वर्षीय डिप्लोमा इन इंग्लिश (2000-01) में किया। जिस बीएचयू से पढ़ाई की वहीं से रिपोर्टिंग कॅरियर की शुरुआत की। पिछले 22 सालों से शिक्षा बीट की रिपोर्टिंग पर कमांड होने के साथ ही लीगल रिपोर्टिंग में भी रुचि रखते हैं। राजनीतिक रिपोर्टिंग में भी खासे सक्रिय रहे हैं और 2022 के विधानसभा व 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रयागराज में रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व किया।
रिपोर्टिंग और विजन
शिक्षा, कॅरियर और उत्तर प्रदेश की विभिन्न भर्तियों पर संजोग की गहरी समझ है। उन्होंने कई खबरें ब्रेक की हैं। वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुम्भ के दौरान रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व कर महाकुम्भ की कई स्पेशल स्टोरी की। 2013 के महाकुम्भ और 2019 के कुम्भ की रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। संजोग का मानना है कि फ्री मीडिया के इस दौर में भी पाठकों का एक बड़ा वर्ग प्रिंट और उसके डिजिटल संस्करण के प्रति बड़ी उम्मीद से देख रहा है। प्रिंट मीडिया और उसके डिजिटल संस्करण की विश्वसनीयता पहले की अपेक्षा और बढ़ी है। पाठकों की इस अपेक्षा पर खरा बने रहना इनकी प्राथमिकता है।
विशेषज्ञता
शिक्षा, कॅरियर और शिक्षक भर्ती से जुड़े विषयों की जानकारी।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे भर्तियों के विवाद पर नजर।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा की गहरी समझ।
प्रयागराज की राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी।
महाकुम्भ, कुम्भ और माघ मेला की रिपोर्टिंग का अनुभव।

परिचय एवं अनुभव
संजय कुमार पाण्डेय भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 29 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ के कानपुर यूनिट में चीफ रिपोर्टर की भूमिका निभा रहे हैं। कई अखबारों के विभिन्न पदों पर काम किया है। अलग-अलग बीटों पर काम करने के साथ ही एक्सक्लूसिव खबरें निकाल लेने का खासा अनुभाव है। साहसिक पत्रकारिता करने में दक्षता हासिल है।
करियर का सफर
संजय कुमार पाण्डेय ने पत्रकारिता की शुरुआत गोरखपुर में वर्ष 1996 में स्वतंत्र चेतना दैनिक समाचार पत्र से की थी। वहां क्राइम रिपोर्टर से लेकर सिटी इंचार्ज तक की भूमिका निभाई। वर्ष 2002 में यूनाइटेड भारत में सिटी इंचार्रा की भूमिका निभाई। वर्ष 2003 से 2004 तक राष्ट्रीय सहारा के साप्हिक सहारा समय में गेस्ट राइटर के रूप में रहे। वर्ष 2005 से 2010 तक अमर उजाला मुरादाबाद में क्राइम रिपोर्टर के साथ ही रेलवे रिपोर्टर की भूमिका निभाई। नवंबर 2010 से 2012 तक दैनिक जागरण के लखनऊ यूनिट से संबद्ध रहे। लखीमपुर खीरी ब्यूरो चीफ की भूमिका निभाई। इसके बाद वर्ष 2013 में दैनिक जागण में ही मुरादाबाद आए जहां सिटी इंचार्ज और बाद में सिटी डेस्क इंचार्ज और आउटपुट हेड की भूमिका निभाई। वर्ष 2013 के ही दिसंबर माह में जागरण की जम्मू यूनिट में स्टेट ब्यूरो में काम शुरू किया। 24 मार्च को हिन्दुस्तान कानपुर में नियुक्ति हो गई। इसके बाद से हिन्दुस्तान कानपुर में ही कार्यरत हैं। पिछले ढाई वर्षों से सिटी इंचार्ज की भूमिका निभा रहे हैं।
विशेषज्ञता
डेवलपमेंट, क्राइम
रूटीन एक्सक्लूसिव खबरें ढूंढना और बड़ी कवरेज के रूप में परोसना
खबरों की पैकेजिंग, आंकड़ों से खेलना और मौके की पड़ताल से बड़ी खबरें बनाना
बड़ी खबरों की पैकेजिंग के लिए खुद ही फोटो खींचना और खबरों के एंगिल के हिसाब से तैयार करना

प्रोफाइल: संजय कुमार
शॉर्ट बायो :
शॉर्ट बायो: संजय कुमार, खगड़िया के मूल निवासी हैं। पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में प्रशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, टूरिज्म, रिवर ट्रांसपोर्ट आदि बीट की खबरें लिख रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
संजय कुमार, मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वे हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप में प्रशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, टूरिज्म, रिवर ट्रांसपोर्ट संवाददाता के रूप में प्रिंट सहित डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर: (प्रिंट से डिजिटल)
संजय कुमार ने अपने करियर की शुरुआत 2000 में दैनिक जागरण जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। उन्होंने दैनिक जागरण में वर्ष 2001 से क्राइम रिपोर्टिंग की शुरुआत की। साक्षरता की रिपोर्टिंग में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2006 में उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा पटना में ‘अक्षर श्री अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। 2007 में प्रभात खबर में आए और कई पॉजिटिव स्टोरी ब्रेक की। 2009 में प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश से बेस्ट रिपोर्टर अवार्ड इन ऑल एडिशन से सम्मानित हुए। 2012 में अमर उजाला, गोरखपुर गए और जनरल डेस्क पर सेकंड मैन के रूप में काम किया। 2015 में दैनिक भास्कर, भागलपुर आए। यहां डेस्क के साथ रिपोर्टिंग किया। कई बीट पर काम करते हुए अवार्ड पाए। 2021 में हिन्दुस्तान, भागलपुर से जुड़े।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय से बी.कॉम-एलएलबी और एनओयू से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल किया।
विजन
खबरों के केंद्र में पाठक को रखना और ब्रांड पर रीडर्स का विश्वास बरकरार रखना पत्रकारिता का मूल ध्येय है। इस मंत्र के बूते पिछले 25 सालों से पेशे में बेदाग छवि उनकी खासियत रही है।
विशेषज्ञता
डाटा जर्नलिज्म।

शॉर्ट बायो : संजय कुमार को पत्रकारिता में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) पटना के बिहार स्टेट ब्यूरो (पॉलिटिकल ब्यूरो) में विशेष संवाददाता हैं।
परिचय एवं अनुभव
संजय कुमार राजनीतिक, प्रशासनिक और विशेष खबरों की रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ पटना के राज्य ब्यूरो में विशेष संवाददाता हैं। दिसंबर, 2013 से ‘हिन्दुस्तान’ पटना में रहते हुए उन्होंने बिजली, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, परिवहन जैसे विभागों और जदयू, भाजपा, रालोसपा, कांग्रेस और राजद की राजनीतिक गतिविधियों का कवरेज किया।
करियर का सफर
संजय ने अपने करियर की शुरुआत 2003 में प्रभात खबर से की। रांची के बाद पटना में प्रशिक्षु संवाददाता के तौर पर संजय ने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। जुलाई 2006 में पटना में ‘राष्ट्रीय सहारा’ की लांचिंग के दौरान वह बतौर संवाददाता जुड़ गए। करीब तीन साल तक राष्ट्रीय सहारा में रेलवे, एयरपोर्ट, डाक-तार, संचार आदि विभागों का कवरेज किया। अगस्त 2009 में फिर से प्रभात खबर में बतौर वरीय संवाददाता के रूप में वापसी हुई और पॉलिटिकल ब्यूरो में योगदान दिया। जदयू जैसी राजनीतिक पार्टी के अलावा मुख्यमंत्री, बिजली, जल संसाधन, ग्रामीण कार्य जैसे विभागों का कवरेज किया। दिसम्बर 2013 में हिन्दुस्तान पटना के पॉलिटिकल ब्यूरो में बतौर प्रधान संवाददाता बने। वर्तमान में पथ, बिजली जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अलावा भाजपा को कवर करते हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
B.A (राजनीति विज्ञान ) के बाद प्रभात खबर पत्रकारिता संस्थान (पीकेआईएमएस) रांची से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट किया। दो दशक से अधिक के करियर में संजय ने विभिन्न विभागों व राजनीतिक दलों की गतिविधियों का कवरेज किया। इस कारण सरकारी विभागों और बिहार की राजनीति की बेहतर समझ है।
विशेषज्ञता
बिजली, सड़क, परिवहन, राजनीतिक घटनाक्रम

शॉर्ट बायो:
सलीम अहमद पिछले करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान मेरठ में उद्योग, व्यापार और कारोबार बीट कवर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
सलीम अहमद मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान, मेरठ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में उद्योग, व्यापार और कारोबार पर केंद्रित खबरें करते हैं। उन्होंने प्रिंट एवं डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर
सलीम अहमद ने कॅरियर की शुरुआत 1996 में राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रमुख अखबार से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद 2000 से 2006 तक अमर उजाला के साथ जुड़े रहे। 2006 में हिन्दुस्तान से जुड़कर काम शुरू किया और वर्तमान में उद्योग, व्यापार और कारोबार क्षेत्र में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीए और मास कम्युनिकेशन में डिग्री हासिल की। सलीम कारोबार, उद्योग, व्यापार बीट पर कमांड होने के साथ बिजली, वन विभाग और अन्य जुड़े विषयों पर अच्छी पकड़ रखते हैं।
विजन
उद्योग, व्यापार, कारोबार, फिल्म-इंटरटेनमेंट विषयों पर सलीम की गहरी समझ है। उन्होंने कई सेलिब्रिटी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। सलीम का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। इसको केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
उद्योग और कारोबार पर मजबूत पकड़ है। निर्यात और खेल उद्योग की खबरों में उन्हें महारत हासिल है।

शॉर्ट बायो : सागर जोशी, पिछले 13 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में हरिद्वार ब्यूरो इंचार्ज हैं।
परिचय एवं अनुभव
सागर जोशी हरिद्वार की पत्रकारिकता का जाना पहचाना नाम हैं। 2022 से हरिद्वार इंचार्ज की भूमिका में रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
सागर ने राष्ट्रीय सहारा से वर्ष 2013 में हरिद्वार से करियर शुरू किया। इसके बाद दैनिक जागरण और दो बार अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों में उन्होंने काम किया। हरिद्वार के अलावा रुड़की और देहरादून में भी काम किया। वर्ष 2017 में बतौर रिपोर्टर हिन्दुस्तान में शुरुआत की और कुंभ 2021 में बेहतर कवरेज के बाद हिन्दुस्तान में स्टाफ रिपोर्टर बनने का मौका मिला। 2021 में देहरादून में काम करने के बाद 2022 में हरिद्वार ब्यूरो का इंचार्ज बनाया गया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीए समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान से करने के कारण राजनीति की समझ है। प्रदेश के सबसे अधिक अपराध वाले जिला हरिद्वार में काम करने के कारण अपराध में अच्छी पकड़। छह सालों का क्राइम रिपोर्टर का अनुभव।
विजन
खेल, क्राइम, अध्यात्म, राजनीतिक ऐनालिसिस विषयों में सागर की समझ है। इसके अलावा ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा नगर निगम, प्रशासन समेत कई एक्सलूसिव स्टोरी पर जोर होना चाहिए। सागर का मानना है कि एक अच्छे रिपोर्टर में केवल खबर लिखने की क्षमता ही नहीं, बल्कि कई मानवीय गुण भी होने चाहिए। रिपोर्टर हमेशा सवाल पूछने वाला और आसपास हो रही घटनाओं के प्रति सजग होना चाहिए। छोटी-सी जानकारी में भी खबर खोजने की क्षमता जरूरी है। सही और भरोसेमंद जानकारी देना पत्रकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। बिना पुष्टि के खबर न लिखना, कई स्रोतों से जानकारी लेना और संतुलन बनाए रखना जरूरी है। रिपोर्टर को किसी पक्ष, दबाव या निजी विचार से प्रभावित हुए बिना निष्पक्ष रहकर काम करना चाहिए। सरल, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में लिखने की क्षमता जरूरी है ताकि आम पाठक भी खबर आसानी से समझ सके। लोगों से बात करने, भरोसा जीतने और सही सवाल पूछने की कला रिपोर्टर को बेहतर बनाती है। इंटरव्यू लेने की क्षमता सबसे जरूरी है। खबर समय पर देना अब पत्रकारिता का मूल नियम है। आज के दौर में मोबाइल जर्नलिज्म, सोशल मीडिया, फोटो-वीडियो और डिजिटल प्लेटफॉर्म की समझ होना भी जरूरी है।
उपलब्धियां
तीन बार हिन्दुस्तान होनहार का अर्वाड मिला। अर्द्धकुंभ 2016, कुंभ 2021 की मीडिया कवरेज के अलावा कई बार प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की कवरेज। काम के अलावा घूमना और खेलना, खेल में क्रिकेट, शतरंज, तैराकी में महाराथ
विशेषज्ञता
खेल
क्राइम
घोटाले (स्कैम/करप्शन) से जुड़ी रिपोर्टिंग
गहरी पड़ताल करने की क्षमता
दस्तावेज़ पढ़ने और समझने की योग्यता
सरकारी फाइलें, ऑडिट रिपोर्ट, आरटीआई जवाब
गोपनीय स्रोतों को संभालने की क्षमता
डेटा और डिजिटल जांच कौशल।

शॉर्ट बायो : रोहित कुमार त्रिवेदी पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में फोटो जर्नलिस्ट हैं वर्तमान में एचटीडीएसएल में फोटो जर्नलिस्ट के रूप में कार्य कर रहें हैं।
परिचय एवं अनुभव
रोहित कुमार त्रिवेदी भारतीय प्रिंट व डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम है। जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है वर्तमान में वह एसटीडीएसएल में एंटरटेनमेंट क्राइम राजनीतिक कार्यक्रम समस्यात्मक फोटो व अन्य अखबार की फोटो उपलब्ध कराना। 2008 से इस इस भूमिका में रहते हुए डिजिटल कंटेंट व फोटो में बदलते हुए फ्रेंड्स पाठकों की रुचि को देखते हुए फोटो दी है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
रोहित कुमार त्रिवेदी ने कैरियर का सफर 2008 में हिंदुस्तान अखबार कानपुर 2013 में राजस्थान पत्रिका में पत्रिका इंदौर संस्करण व 2014 से अब तक हिन्दुस्तान अखबार कानपुर एचटीडीएसएल में अपनी सम्पादकीय टीम के साथ कार्य कर रहा हूं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएशन बीए, एमए, पीजीडीजेएमसी पत्रकारिता में डिप्लोमा व एम जे पत्रकारिता में डिग्री हासिल करने के बाद लाइव फोटो व स्टोरी फोटो कैप्शन उपलब्ध कराएं।
एंटरटेनमेंट और विजन
फिल्म, बॉक्स ऑफिस ऐनालिसिस, ट्रेंड्स, टीवी, ओटीटी और लाइफस्टाइल विषयों पर काजल की गहरी समझ है। उन्होंने कई सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। काजल का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
बॉलीवुड, साउथ मूवीज़ और टीवी रियलिटी शोज
मूवी और वेब सीरीज रिव्यू
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
हेल्थ, फिटनेस, प्रिवेंटिव केयर और डेली लाइफ हैक्स
मेडिकल रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग, स्पोर्ट्स की लाइव एक्शन फोटो व डिजिटल विडियो

शॉर्ट बायो: रिेकू कुमारी पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में दैनिक हिन्दुस्तान में शिक्षा, महिला अधिकार से जुड़े मुद्दे, परिवहन, डाक-संचार आदि बीट्स को कवर करती हैं।
जिला परिवहन कार्यालय, जिला निबंधन कार्यालय, जीविका, महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार राज्य महिला आयोग, बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग, संचार विभाग आदि बीट का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय एवं अनुभव
रिंकू कुमारी पटना की पत्रकारिता में महत्वपूर्ण नाम हैं और उन्हें पत्रकारिता में 15 वर्षों का अनुभव है। शिक्षा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग को लेकर उनकी अलग पहचान है। वर्तमान में वह दैनिक हिन्दुस्तान, पटना (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में शिक्षा, महिला मुद्दा, जिला परिवहन कार्यालय, जिला निबंधन कार्यालय, जीविका, महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार राज्य महिला आयोग, बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग, संचार विभाग आदि बीट की रिपोर्टिंग करती हैं। अगस्त, 2025 से इस भूमिका में रहते हुए रिंकू कुमारी को डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
रिंकू ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में दैनिक जागरण से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2013 में प्रभात खबर से जुड़ी और अलग-अलग क्षेत्रों की रिपोर्टिंग में सक्रिय रहीं। अगस्त, 2017 में दैनिक हिन्दुस्तान, पटना से जुड़ीं। शुरुआती दौर में उन्होंने स्कूली शिक्षा पर कई बेहतर स्टोरी की, जो चर्चा में रही। इस दौरान कई महत्वपूर्ण खबरों को ब्रेक किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
स्कूल स्तर की शिक्षा दरभंगा में हुई। ललित नारायण मिथिला विवि, दरभंगा से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मास कम्यूनिकेशन का डिप्लोमा कोर्स जागरण इंस्टीच्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन, कानपुर से किया।
अनुभव
शिक्षा के क्षेत्र में मेरी गहरी समझ है। कई बड़ी खबरों के साथ ही एक्सक्लूसिव खबरें भी की हैं। मेरा मनना है कि पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देनी चाहिए।
विशेषज्ञता
शिक्षा, महिला मुद्दा, साइबर सुरक्षा आदि

शॉर्ट बायो: रविंद्र सिंह पिछले 18 साल से मुख्य धारा की पत्रकारिता क्षेत्र में कार्यरत हैं। दैनिक हिन्दुस्तान में ऋषिकेश और नई टिहरी में सेवाएं देने के बाद 2019 से देहरादून सिटी में सीनियर रिपोर्टर कार्यरत हैं। इससे पहले अमर उत्तरकाशी और राष्ट्रीय सहारा उत्तरकाशी में सेवाएं दीं। 2013 की उत्तरकाशी आपदा की बेहतर कवरेज की।
परिचय एवं अनुभव
रविंद्र सिंह पिछले 18 साल से उत्तराखंड की पत्रकारिता में जाना पहचाना नाम हैं। वर्तमान में वह दैनिक हिन्दुस्तान देहरादून बतौर वरिष्ठ संवाददाता कार्यरत हैं। ट्रांसपोर्ट, रेलवे, लोक निर्माण विभाग की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ हैं। उन्होंने मीडिया के बदलते दौर में खुद को अपडेट करते हुए पाठक वर्ग में मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
रविन्द्र ने अपने करियर की शुरुआत 2008 में दैनिक राष्ट्रीय सहारा से की। जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2010 से 2013 तक हिन्दुस्तान ऋषिकेश में सेवाएं दीं। इसके बाद बाद अप्रैल 2013 से 2016 तक दैनिक अमर उजाला उत्तरकाशी में सेवाएं दीं। इसके बाद दैनिक हिन्दुस्तान में ऋषिकेश और नई टिहरी में सेवाएं देने के बाद मौजूदा समय में 2019 से देहरादून सिटी में बतौर वरिष्ठ संवाददाता कार्यरत हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। उनकी यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उनकी रिपोर्टिंग में सत्ता, शासन और जन-नीति के गहरे विश्लेषण में स्पष्ट झलकती है।
एंटरटेनमेंट और विजन
सड़क, परिवहन, रेल, चारधाम, आपदा आदि विषयों पर रविंद्र की गहरी समझ है। रविंद्र का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है-उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विषय विशेषज्ञता
रविंद्र सिंह ने अपनी लेखनी के माध्यम से उत्तराखंड की बुनियादी समस्याओं और विकास कार्यों पर पैनी नजर रखी है। परिवहन एवं रेल कनेक्टिविटी और परिवहन सेवाओं के विस्तार पर व्यापक रिपोर्टिंग। सड़क एवं बुनियादी ढांचा पर दुर्गम पहाड़ियों से लेकर राजधानी की सड़कों और निर्माण कार्यों पर केंद्रित कवरेज।
उपलब्धियां और गतिविधियां
हिन्दुस्तान होनहार अवार्ड: पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हिन्दुस्तान समूह की ओर से रिकॉर्ड 7 बार इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित। उत्तराखंड यूथ आइकॉन 2024: समाज और पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रेरणादायी योगदान के लिए राज्य स्तर पर 'यूथ आइकॉन' सम्मान।
परिचय एवं अनुभव
मुख्यधारा की पत्रकारिता में 18 वर्षों का लंबा और विविधतापूर्ण अनुभव रखने वाले रविंद्र सिंह वर्तमान में दैनिक हिन्दुस्तान, देहरादून में सीनियर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर रविंद्र की लेखनी में राजनीतिक समझ और प्रशासनिक पकड़ का अनूठा संगम दिखता है।
विशेषज्ञता
ट्रांसपोर्ट, रेलवे, संचार, लोक निर्माण विभाग, आपदा कवरेज।

शॉर्ट बायो : रविकांत झा पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता फील्ड में हूं। फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।
परिचय एवं अनुभव
रविकांत झा झारखंड के मीडिया जगत के एक जानेमाने नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 24 वर्षों से अधिक समय का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के लिए क्राइम और रेलवे बिट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। अखबार के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के लिए भी रविकांत रोचक व पठनीय कंटेंट देते रहते हैं। इनकी झारखंड की पत्रकारिता में गहरी पैठ है।
करियर का सफर
रविकांत झा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण धनबाद से की थी। रविकांत वर्ष 2010 तक दैनिक जागरण धनबाद के साथ रहे। जागरण में वे शिक्षा, लाइफ स्टाइल एंड एंटरटेनमेंट के साथ रेलवे और धर्म-अध्यात्म व समाज जैसों विषयों को कवर करते थे। यह वह दौर था जब कागजों और पैक्स से पत्रकारिता कंप्यूटर और ई-मेल पर शिफ्ट हो रहा था। वर्ष 2010 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ धनबाद का दामन थामा। वर्ष 2010 में मीडिया जगत में न्यू मीडिया का अंकुरण हो चुका था। हिन्दुस्तान में रहते उन्होंने क्राइम और रेलवे जैसी बिट पर अपनी गहरी पहचान बनाई। न्यू मीडिया के साथ तालमेल बैठाते हुए वे प्रिंट के साथ-साथ ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए भी बेहतर सामग्री दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.COM (एकाउंट्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर में भी डिग्री कोर्स किया है। पत्रकारिता में रहते कई कानूनी कार्यशाला में शामिल हो चुके हैं। पत्रकारिता की अचार संहिता की बारीकी समझ है। हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित मोबाइल जर्नलिज्म (MoJo) की कार्यशाला में भी हिस्सा ले चुके हैं। धनबाद के साथ-साथ झारखंड के अपराध और अपराधियों के क्रोनोलॉजी से वे वाकिफ हैं।
विशेषज्ञता
क्राइम (सामान्य अपराध के साथ-साथ सीबीआई, ईडी, सीआईडी, रेल क्राइम व नक्सल गतिविधि)
रेलवे (रेलवे में ईस्टर्न जोन की हर छोटी-बड़ी गतिविधि)
पैनल डिस्कशन का पेशेवर तरीके से संचालन

शॉर्ट बायो : रवि बीएस नेगी पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्ष 2008 से हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में उत्तराखंड में स्टेट ब्यूरो टीम में मुख्य संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव: रवि को पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह हिन्दुस्तान के उत्तराखंड स्टेट पॉलिटिकल ब्यूरो टीम में मुख्य संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं।
करियर का सफर
रवि बीएस नेगी ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2001 से की। दैनिक जागरण, अमर उजाला में अपनी सेवाएं दीं। 2008 से मौजूदा समय तक हिन्दुस्तान देहरादून में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दैनिक जागरण में नगर निगम, एमडीडीए, जिला प्रशासन, अपराध, पेयजल सेक्टर में अपनी खबरों से मजबूत पहचान बनाई। अमर उजाला में भी आयकर, पेयजल जैसे सेक्टर में बेहतरीन खबरों से पाठकों में पहचान बनाई। हिन्दुस्तान में 2008 से 2014 तक नगर निगम, एमडीडीए, जिला प्रशासन, पेयजल सेक्टर में खबरों से में अहम भूमिका निभाई। देहरादून शहर की जाम की सबसे बड़ी समस्या रही चकराता रोड चौड़ीकरण अभियान चलाया। ये कौन अड़े हैं, जो शहर की रफ्तार रोके खड़े हैं, खबर से एक अलग पहचान बनाई। आज न सिर्फ ये सड़क चौड़ी हुई, बल्कि लोगों का बेहतर पुनर्वास हुआ। 2015 में हिन्दुस्तान स्टेट ब्यूरो टीम से जुड़े। हिन्दुस्तान अखबार की ओर से होनहार अवार्ड दिया गया। हिन्दुस्तान अखबार में 18 साल की नौकरी में कई बार बेस्ट रिपोर्टर का पुरस्कार प्राप्त किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बीएससी, एमए मास कम्युनिकेशन, एमए समाजशास्त्र में किया। बीएससी भौतिक विज्ञान, गणित और सांख्यिकी से होने के कारण रवि बीएस नेगी को विज्ञान, सिविल, इलेक्ट्रिकल, विकास प्राधिकरण, पेयजल जैसे सेक्टरों में लाभ मिला। पेयजल, ऊर्जा, पर्यटन, सहकारिता, शहरी विकास, आवास जैसे सेक्टर में अपनी रिपोर्टिंग से अपनी अलग पहचान स्थापित की।
विशेषज्ञता
पेयजल, ऊर्जा, पर्यटन, सहकारिता, शहरी विकास, आवास जैसे सेक्टर में अपनी रिपोर्टिंग से अपनी अलग पहचान स्थापित की।

शॉर्ट बायो: रंजीत कुमार सिंह पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। रंजीत को बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की पत्रकारिता का अनुभव है। वर्तमान में वे ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) पटना के पॉलिटिकल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के तौर पर कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभवपिछले 23 साल से पत्रकारिता में सक्रिय रंजीत कुमार सिंह ने अलग-अलग प्रदेश में अलग-अलग फील्ड की रिपोर्टिंग की है। इस वजह से वह विषय की गहरी समझ रखते हैं। साथ ही पत्रकारिता के नये ट्रेंड्स को भी समझते हैं। उन्हें बिहार और यूपी के चुनावों के कवरेज का भी अनुभव रहा है। ‘हिन्दुस्तान’ पटना के पॉलिटिकल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में वह कई प्रशासनिक विभागों और राजनीतिक दलों की गतिविधियों का कवरेज करते रहे हैं।
करियर का सफर रंजीत ने 2003 में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल में पढ़ाई के दौरान स्वतंत्र लेखन कर पत्रकारिता की समझ विकसित की। 2005 से 2013 तक अमर उजाला मेरठ और सहारनपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर निगम, छावनी परिषद के साथ ही प्रशासनिक और राजनीतिक खबरों पर पकड़ बनाई। इस दौरान अमर उजाला कॉम्पैक्ट प्रभारी के अलावा मेरठ और सहारनपुर ब्यूरो चीफ के रूप में टीम का नेतृत्व किया। अमर उजाला कॉम्पैक्ट के अलावा माई सिटी लॉन्चिंग की जिम्मेवारी संभाली। दिसंबर 2013 में पटना हिन्दुस्तान से जुड़ा। यहां पटना लाइव प्रभारी के बाद पटना सिटी रिपोर्टिंग ब्यूरो चीफ के रूप में अपनी भूमिका निभाई। जनसमस्याओं पर हिन्दुस्तान की ओर से चलाए गए अभियान से जुड़े रहे। दिसंबर 2022 से हिन्दुस्तान पटना के पॉलिटिकल ब्यूरो में बतौर विशेष संवाददाता काम कर रहे हैं। कृषि, सहकारिता, पशुपालन, उद्योग, नगर विकास, लोक स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति, आपदा प्रबंधन के साथ ही कांग्रेस और वामदल की राजनीतिक गतिविधियों का कवरेज किया। इन्हें यूपी और बिहार चुनाव कवरेज का अनुभव है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अपराध की रिपोर्टिंगरंजीत राजनीति विज्ञान में स्नातक(ऑनर्स) और माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर(एमजे) हैं। दो दशक से ज्यादा लंबे करियर में रंजीत ने विभिन्न विभागों व राजनीतिक दलों की गतिविधियों का कवरेज किया। इस कारण कई विभागों की बेहतर समझ है। मेरठ और पटना में कई राजनीतिक हस्तियों, फिल्मी सितारों व प्रतिष्ठित व्यक्तित्व के इंटरव्यू किए।
विशेषज्ञता
राजनीतिक खबरों के अलावा कृषि, सहकारिता, पशुपालन, खाद्य आपूर्ति, नगर विकास, उद्योग, लोक स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन।

शॉर्ट बायो: राममहेश मिश्र पिछले 31 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड में रेलवे, रोडवेज,कैंट, भाजपा, एय़रपोर्ट बीट की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
राम महेश मिश्र पत्रकारिता जगत में कानपुर में पहचान है। पत्रकारिता में 31 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में एचएमवीएल में काम कर रहे हैं। रेलवे, भाजपा, रोडवेज, एय़रपोर् विभाग में अच्छी पकड़ है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
राममहेश मिश्र ने अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष - 1995 हिन्दैदी दैनिक आज से की थी। इसके बाद हिन्दी दैनिक अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों से की। उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। वर्ष - 2014 में हिन्दी दैनिक हिन्दुस्तान के साथ काम शुरू किया। अभी भी हिन्दुस्तान अखबार में कार्यरत है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
एमए हिन्दी और मास कम्युनिकेशन कोर्स के साथ रेलवे की पत्रकारिता में विशेष रूप से काम किया। अभी भी रेलवे और एय़रपोर्ट की स्थानीय स्तर पर होने वाली खबरें और एक्सक्लूसिव खबरें भी निरंतर देने का प्रयास जारी है।
विजन
मानवीय संवेदना की खबरो को अपने विभाग में देखना। राष्ट्रीय घटनाओं की अपने विभाग से कनेक्टिविटी करके उससे संबंधित खबरें फाइल करना मुख्य ध्येय रहता है। इसमें काफी हद तक सफल भी होते हैं। इसके साथ ही अन्य हित की समस्याओं को प्राथमिकता से प्रकाशित करके उन पर असर और निरंतर तब तक फॉलो करते हैं, जब तक असर नहीं होता है।
विशेषज्ञता
रेलवे की दुर्घटनाओं पुर मौके पर जाने की जिज्ञासा निरंतर रहती है।
घटना की वजह जानने के साथ मानवीय संवेदनाओं पर पैनी नदर रखना
विभाग में सेलिब्रिटी के आने पर उनका एक्सक्लूसिव इंटरव्यू करना
रेलवे में होने वाले रिसर्च की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करना

शॉर्ट बायो :
राकेश प्रियदर्शी पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में सेना और कैंट बोर्ड बीट को देख रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
राकेश प्रियदर्शी मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में पश्चिम उत्तर प्रदेश, मेरठ में सेना और कैंट बोर्ड टीम की लीड करते हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया में कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर
राकेश प्रियदर्शी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2000 में हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख अखबार से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2007 से 2008 तक दैनिक जागरण में डिजिटल के साथ काम किया। 2008 से हिन्दुस्तान में शुरुआत की। यहां उन्होंने सेना, कैंट बोर्ड की खबरों की विशेष कवरेज की।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीए (आनर्स) और मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा होने के साथ पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। लगातार सेना, कैंट बोर्ड और राजनीति, प्रशासनिक खबरों को कवर कर रहे हैं। राजनीति, प्रशासन, सेना और कैंट बोर्ड बीट पर अच्छी पकड़ है।
विजन
सेना और कैंट बोर्ड के विषयों पर गहरी समझ है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। इस लक्ष्य के साथ ही पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
मेरठ समेत वेस्ट यूपी की राजनीति पर अच्छी समझ
प्रशासनिक गतिविधियों पर अच्छी पकड़
सेना और कैंट बोर्ड की गतिविधियों की एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग।

रजनीश कुमार रस्तोगी पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने लोकप्रिय हिन्दुस्तान और दैनिक जागरण जैसे प्रमुख अखबारों में रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में वह लखनऊ हिन्दुस्तान अखबार में हेल्थ बीट का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
रजनीश रस्तोगी प्रिंट मीडिया का जाना-पहचाना नाम है। पत्रकारिता में दो दशक का अनुभव रखने वाले रजनीश इस समय हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में हेल्थ बीट लीड के रूप में कार्यरत हैं। वह किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लोहिया संस्थान, कैंसर संस्थान, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, आईएमए, स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग जैसे प्रमुख संस्थानों की नियमित कवरेज करते हैं। छोटे-बड़े आयोजनों और घटनाओं पर त्वरित रिपोर्टिंग के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए भी खबरें लिखते हैं। मरीजों और तीमारदारों की समस्याएं, नई स्वास्थ्य योजनाएं और मेडिकल रिसर्च से जुड़ी खबरों के जरिए उन्होंने पाठकों के बीच मजबूत पहचान बनाई है।
करियर का सफर
रजनीश ने वर्ष 2005 में अपने करियर की शुरुआत की। 2008 में दैनिक जागरण से जुड़े। रजनीश लगातार हेल्थ बीट कवर कर रहे हैं।
शिक्षा और मेडिकल रिपोर्टिंग
रजनीश ने बीकॉम और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। लंबे अनुभव के कारण हेल्थ बीट पर उनकी अच्छी पकड़ है। वह रूटीन खबरों के साथ-साथ मेडिकल रिसर्च और स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर विषयों पर भी रिपोर्टिंग करते हैं।
सोच और विजन
मेडिकल शब्दावली, नई दवाएं, बीमारियां और आधुनिक इलाज की तकनीकों की उन्हें गहरी समझ है। रजनीश का मानना है कि पत्रकारिता की बुनियाद तथ्य और विश्वसनीयता पर टिकी होती है। उनका उद्देश्य पाठकों तक सही, प्रमाणिक और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है।
विशेषज्ञता
रजनीश कैंसर, बच्चों, हृदय, फेफड़े, महिलाओं से जुड़ी बीमारियों, सेमिनार और रिसर्च आधारित खबरों की प्रभावी रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें उदयपुर, मुंबई, गोवा, चैन्नई, दिल्ली और उत्तराखंड जैसे राज्यों में मीडिया फैलोशिप के तहत हिन्दुस्तान अखबार का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिला है।

राजकुमार शर्मा पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान लखनऊ में स्टेट ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
राजकुमार शर्मा प्रदेश में हिंदी पत्रकारिता क्षेत्र में प्रतिष्ठित नाम है, जिन्हें पत्रकारिता का करीब 25 वर्षों का अनुभव है। फिलहाल हिन्दुस्तान लखनऊ में स्टेट ब्यूरो का हिस्सा रहते हुए वे प्रिंट के साथ ही डिजिटल के लिए भी कंटेंट क्रिएशन का काम करते हैं। इसमें खासतौर से स्वास्थ्य संबंधी खबरें और राजनैतिक कंटेंट शामिल है।
करियर का सफर
राजकुमार शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत टीवी से की। उसके बाद प्रिंट मीडिया का रुख किया। दैनिक जागरण और अमर उजाला के बाद उन्होंने हिन्दुस्तान ज्वाइन किया और वे बीते करीब 19 साल से इसी ग्रुप का हिस्सा हैं। इस दौरान हिन्दुस्तान में आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा के बाद बिहार के पटना में स्टेट पॉलिटिकल ब्यूरो का हिस्सा रहे। अगस्त 2021 से वे लखनऊ स्टेट ब्यूरो में रहते हुए लाइव हिन्दुस्तान के लिए भी कंटेंट क्रिएशन का काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञता
राजकुमार शर्मा ने अपने करियर में यूं तो विभिन्न बीट पर काम किया लेकिन लंबे समय से खासतौर से उन्हें स्वास्थ्य बीट पर काम करने का अनुभव है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे नये प्रयोगों, मेडिकल रिसर्च और इस क्षेत्र से जुड़ी अन्य खबरों पर लगातार काम कर रहे हैं।

शॉर्ट बायो : राजेश पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के नवादा ब्यूरो कार्यालय का हिस्सा हैं।
परिचय एवं अनुभव:
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में नवादा कार्यालय में संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। वर्ष 2000 से इस भूमिका में रहते हुए बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर (प्रिंट)
1999 में पटना से प्रकाशित हिन्दी दैनिक ‘आज’ अखबार से कॅरियर की शुरुआत के बाद ‘हिन्दुस्तान’ अखबार के हिसुआ प्रखंड क्षेत्र से रिपोर्टिंग शुरू की। 2015 से यह सिलसिला ‘हिन्दुस्तान’ के नवादा कार्यालय से जारी है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग:
एम.ए. (हिन्दी) और फिल्म पत्रकारिता में डिप्लोमा के साथ हिन्दुस्तान अखबार के अलावा देश भर की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के लिए विविध विषयों पर खबर के अलावा आलेख लिखने का भी अनुभव रहा है। लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता:
हार्ड न्यूज, आलेख लेखन
कहानी-कविता लेखन
गीत लेखन
फिल्म पटकथा लेखन
विविध विषयों पर रिपोर्टिंग

शॉर्ट बायो: राजेश कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं। गया जी में प्रभात खबर के लिए फोटोग्राफी की। साथ ही ईटीवी के लिए कैमरामैन की भूमिका निभायी।
परिचय एवं अनुभव
पिछले आठ साल से हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हैं। डिजिटल कंटेट बनाने का प्रयास करते हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी से मगही भाषा में पोस्ट ग्रेजुएट। गयाजी शहर में राजेश ने अपराध, नगर निगम, स्वास्थ्य, खेल, कृषि आदि पर रिपोर्टिंग की है।
विशेषज्ञता
अपराध, हेल्थ और निगम की खबरें

शॉर्ट बायो:
राजीव शर्मा पिछले लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ मुरादाबाद में सीनियर कंटेंट क्रिएटर के पद पर कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
राजीव शर्मा ने वर्ष 2006 में दैनिक जागरण से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। वर्ष 2009 में वह अमर उजाला से जुड़े। 2012 में ‘हिन्दुस्तान’ मुरादाबाद यूनिट की लॉन्चिंग के साथ ही उन्होंने संस्थान ज्वाइन किया और तब से निरंतर यहीं कार्यरत हैं।
करियर की शुरुआत में उन्होंने शिक्षा, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग की। ‘हिन्दुस्तान’ में शुरुआत से ही उन्होंने स्वास्थ्य, उद्योग और कारोबार से जुड़े क्षेत्रों में विशेष रूप से काम किया। पिछले 14 वर्षों से स्वास्थ्य और इंडस्ट्री बीट पर उनकी गहरी और निरंतर सक्रियता रही है।
करियर का सफर
सामान्य शैक्षणिक पढ़ाई के बाद उन्होंने व्यावसायिक दृष्टिकोण से पत्रकारिता को चुना। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर डिग्री तथा रुहेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन एवं इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया।
स्वास्थ्य क्षेत्र की बारीकियों को समझने और उन्हें सरल, उपयोगी तथा जागरूकता बढ़ाने वाले समाचारों के रूप में प्रस्तुत करना उनकी विशेष रुचि रही है। लगातार अनुभव के साथ उन्होंने पाठकों तक तथ्यपरक, शोधपरक और उपयोगी जानकारी पहुंचाने की अपनी क्षमता को और मजबूत किया।
मुरादाबाद की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार निर्यात उन्मुख उद्योग है। इस कारण इंडस्ट्री, निर्यात, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव जैसे विषयों पर उनकी पकड़ मजबूत हुई है। स्वास्थ्य और उद्योग-दोनों ही क्षेत्रों में एक्सक्लूसिव, इनोवेटिव और जनहितकारी खबरों की खोज और प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है।
विजन
राजीव शर्मा का उद्देश्य स्वास्थ्य और उद्योग जैसे गंभीर विषयों को सरल भाषा में आम पाठकों तक पहुंचाना है, ताकि वे जागरूक और सूचित निर्णय ले सकें। तथ्यपरकता, उपयोगिता और सामाजिक सरोकार उनकी पत्रकारिता के मूल आधार हैं।
विशेषज्ञता
शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर रिपोर्टिंग
फिटनेस, बीमारियों की गंभीरता और प्रिवेंटिव केयर
स्वास्थ्य क्षेत्र में समय के साथ हो रहे बदलावों का विश्लेषण
मुरादाबाद की निर्यात आधारित इंडस्ट्री पर विस्तृत रिपोर्टिंग
अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य का स्थानीय उद्योग पर प्रभाव
उद्योग में नवाचार, वर्तमान चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं

शॉर्ट बायो : राजीव दत्त पाण्डेय पिछले 31 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। वर्तमान में वे हिन्दुस्तान समाचार पत्र में मुख्य संवाददाता हैं।
पत्रकारिता अनुभव
राजीव दत्त पाण्डेय को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों में काम करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत 1995 में दैनिक जागरण, गोरखपुर से की। वर्ष 2000 में कोलकाता में उन्होंने हिंदी टेलीविजन पत्रकारिता के शुरुआती दौर में हिंदी टीवी बुलेटिन ‘खास खबर आज की’ के लॉन्चिंग टीम का हिस्सा रहे। इसके बाद 2003 में पुनः प्रिंट मीडिया की ओर रुख किया और 2005 तक गोरखपुर में ‘सहारा-समय’ साप्ताहिक में सेवाएं दीं। जून 2005 से फरवरी 2013 तक वे दैनिक भास्कर, हरियाणा से जुड़े रहे। फरवरी 2013 में उन्होंने हिन्दुस्तान, गुरुग्राम में योगदान देना शुरू किया। अप्रैल 2017 से हिन्दुस्तान गोरखपुर में सेवाएं दे रहे हैं। नगर निगम,विकास प्राधिकरण के साथ नागरिक सुविधाओं को लेकर रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि-पुरस्कार
राजीव दत्त पाण्डेय विधि स्नातक हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा भी किया है। पत्रकारिता के साथ कानून और संचार की समझ ने उनकी रिपोर्टिंग को विश्लेषणात्मक और संतुलित दृष्टिकोण प्रदान किया है। गुरुग्राम हिन्दुस्तान में उन्हें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में सैन्य श्रेणी में प्लाट घोटाला के खुलासे के लिए हिन्दुस्तान स्टार अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस मामले में 500 से ज्यादा सेवानिवृत एवं सेवारत सैन्य कर्मियों पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
रिपोर्टिंग और विजन
राजीव दत्त पाण्डेय ने दैनिक भास्कर और हिन्दुस्तान में टीम लीडर के रूप में भी सफलतापूर्वक जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्तमान में वे विशेष रूप से शहरी विकास और कृषि से जुड़े मुद्दों पर गहरी समझ और विशेषज्ञता रखते हैं, जो उनकी रिपोर्टिंग को विश्वसनीय और प्रभावी बनाती है। राजीव के अनुसार पत्रकारिता केवल खबर पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की चेतना है। पत्रकार का पहला दायित्व सत्य, संतुलन और जनहित के प्रति होता है।
विशेषज्ञता
नगर नियोजन, स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, बुनियादी ढांचा, आवास, जलापूर्ति और स्वच्छता, कृषि व कृषि नीतियां ।

शॉर्ट बायो
राजदीप जाखड़ पिछले 16 साल से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय है और वर्तमान में हिन्दुस्तान में खेती-किसानी के साथ ही किसान संगठनों की भी कवरेज कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
राजदीप जाखड़ भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान मेरठ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में खेती-किसानी और किसान संगठन बीट कवर कर रहे हैं। 2023 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने प्रिंट एवं डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर
राजदीप जाखड़ ने कॅरियर की शुरुआत 2010 में अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबार से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2023 में हिन्दुस्तान’ से जुड़े और वर्तमान में प्रिंट मीडिया के साथ डिजिटल कंटेंट में भी योगदान दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
एजूकेशन और पॉलिटिकल साइंस में एमए, बीएड और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण राजदीप को पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला है। इन सभी के संयोजन से वे किसान संगठन और इससे जुड़ी राजनीति को बेहतर ढंग से समझते हैं।
खेती-किसान, किसान संगठन
राजदीप को खेतीबाड़ी से संबंधित विषयों के साथ किसान संगठनों की गहरी समझ है। कई बड़े किसान नेताओं के इंटरव्यू किए हैं। राजदीप का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है और हमारा लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
खेती-किसानी, किसान संगठन, विकास, ट्रांसपोर्ट।

शॉर्ट बायो :
राघवेंद्र प्रकाश शर्मा पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिन्दुस्तान समाचार पत्र में सीनियर कंटेंट क्रियेटर के पद पर कार्यरत हैं। 2009 से हिन्दुस्तान समाचाार पत्र से जुड़े राघवेंद्र रेलवे, रोडवेज, एयरपोर्ट, आरटीओ, कृषि की रिपोर्टिंग करते हैं।
परिचय एवं अनुभव:
राघवेंद्र प्रकाश शर्मा हिन्दुस्तान डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। 19 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव है। इन्हें रेलवे और रोडवेज की रिपोर्टिंग का बेहतर अनुभव है। डिजिटल दुनिया के दौर में कंटेंट के बदलते ट्रेंड और पाठकों की रुचि पर इनकी मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर:
2006 दिसंबर में ट्रेनी के तौर पर बरेली दैनिक जागरण पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा। यहां से 2008 में अमर उजाला बरेली में ज्वाइन किया। दिसंबर 2009 में हिन्दुस्तान समाचार बरेली के साथ जुड़े हैं। ट्रांसपोर्ट बीट के साथ-साथ क्राइम रिपोर्टिंग में अधिक अनुभव प्राप्त किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग:
हिंदी और अंग्रेजी विषय में एमए उत्तीर्ण हैं। बरेली कॉलेज से इन्होंने मास काम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है। 19 साल के कैरियर में ट्रांसपोर्ट सेवाओं की बेहतर खबरें लिखी हैं।
रिपोर्टिंग और विजन
क्राइम, रेलवे, रोडवेज, ट्रैफिक, आरटीओ, एयरपोर्ट, खेती-किसानी आदि विभागों की रिपोर्टिंग में राघवेंद्र प्रकाश शर्मा की अच्छी समझ है। राघवेंद्र का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। इनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
रेलवे, रोडवेज, ट्रैफिक,आरटीओ, एयरपोर्ट, खेती-किसानी, फॉरेस्ट आदि विभागों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ स्पेशल स्टोरी और विशेष पैकेज रिपोर्टिंग करने का अनुभव है।

शॉर्ट बायो: प्रवीण कुमार मिश्र पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ में खेल, स्कूली शिक्षा, कला-संस्कृति, फिल्म और पर्यटन कवर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभवप्रवीण कुमार मिश्र मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में खेल, स्कूली शिक्षा, कला-संस्कृति, फिल्म और पर्यटन की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। 2011 से खेल के साथ बदलती भूमिका में रहते हुए उन्होंने खबरों के माध्यम से पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत 2008 में जनसत्ता, दिल्ली (बतौर ट्रेनी रिपोर्टर) से की। 2009 में सन्मार्ग रांची अखबार से जुड़े। 2011 में हिन्दुस्तान रांची के साथ उन्होंने खेल पत्रकार के रूप में नई पारी शुरू की। लगभग छह साल मूल रूप से खेल पत्रकारिता में रहने के बाद 2017 से स्कूली शिक्षा, कला-संस्कृति, फिल्म और पर्यटन विषय, युवा मामले सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक : पोस्ट ग्रेजुएट, फेलोशिप और राष्ट्रीय पुरस्कारहिन्दी साहित्य से स्नातक के बाद मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट और पूर्व में एक क्रिकेट खिलाड़ी होने के कारण प्रवीण को पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह खेल बीट पर कमांड होने के साथ स्कूली शिक्षा और कला-संस्कृति के साथ अन्य विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड, रिसर्च आधारित और मानक के अनुरूप खबरें लिख रहे हैं। खेल के क्षेत्र में बेहतरीन खबरों के प्रकाशन के लिए 2023 में उन्हें भारतीय प्रेस परिषद ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया। 2014 में प्रवीण को खेल में ‘झारखंड के आधारभूत संरचनाओं के बेहतर इस्तेमाल’ विषय पर मुख्यमंत्री फेलोशिप भी प्राप्त हो चुकी है।
खेल, शिक्षा और विजन
झारखंड खेल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है, जहां खिलाड़ियों के लिए अपार संभावनाएं हैं। इसपर लंबे समय से काम करते हुए प्रवीण को इस विषय पर गहरी समझ है। उन्होंने कई देश-विदेश के नामचीन खिलाड़ी के साथ फिल्म जगत के कई सेलिब्रिटी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। स्कूली शिक्षा में भी कई खबरों के माध्यम से वे बदलाव भी लाने में सफल रहे। प्रवीण का मानना है कि पत्रकारिता, तथ्यपरक और सूचनाओं के सकारात्मक प्रेषण पर आधारित होनी चाहिए, जिससे खबर विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी रहे। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।

शॉर्ट बायो :
प्रवीण दीक्षित पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान मेरठ में उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
प्रवीण दीक्षित भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर
प्रवीण दीक्षित ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2006 में अमर उजाला अखबार से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2008 में हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। अमर उजाला और हिन्दुस्तान दोनों ही समाचार पत्रों में उन्हें शिक्षा, मौसम और पर्यावरण बीट पर काम करने का मौका मिला। 2008 से वे हिन्दुस्तान में लगातार इन बीट को कवर कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी, बीएड के साथ-साथ हिन्दी और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर होने से प्रवीण को विज्ञान, हिन्दी और पत्रकारिता का विशेष संयोजन मिला। इसी वजह से वह शिक्षा, विशेष रूप से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा पर कमांड के साथ ही इनोवेशन, रिसर्च और डाटा विश्लेषण पर केंद्रित स्टोरीज़ लिख रहे हैं।
उच्च शिक्षा और लक्ष्य
उच्च शिक्षा, मौसम और इससे जुड़े रिसर्च के विषयों पर प्रवीण की गहरी समझ है। उच्च शिक्षा में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। प्रवीण का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, शोध, यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई । डाटा विश्लेषण और इस पर केंद्रित समाचार
इनोवेटिव और रिसर्च बेस्ड न्यूज स्टोरीज

शॉर्ट बायो : प्रशांत कुमार आठ वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। केबल टीवी और न्यूज एजेंसी (आईएएनएस) के बाद वर्तमान में ये ‘हिन्दुस्तान’ के बिहारशरीफ ब्यूरो कार्यालय में कार्यरत हैं। यहां 'बोले बिहारशरीफ' पेज और शहर की प्रमुख घटनाओं को कवर करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट में काम करने का आठ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव है। वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' के बिहारशरीफ कार्यालय में अपनी सेवा दे रहे हैं। स्थानीय रिपोर्टिंग में पकड़ मजबूत है। वीडियो बनाने और फील्ड रिपोर्टिंग में दक्ष हैं।
कॅरियर का सफर:
कॅरियर की शुरुआत स्थानीय केबल चैनल से की। यहां पत्रकारिता की बुनियादी बारीकियां सीखीं। बदलते दौर के साथ यूट्यूब न्यूज चैनल्स के लिए काम किया। इसके बाद, प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी आईएएनएस के लिए नालंदा से दो वर्षों तक रिपोर्टिंग की। खबरों की गति और सटीकता पर काम किया। इस विस्तृत अनुभव के बाद हिन्दुस्तान अखबार से जुड़े।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि:
पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल की है। पत्रकारिता के क्षेत्र में दक्षता बढ़ाने के लिए वर्तमान में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कर रहे हैं। फील्ड का अनुभव और अकादमिक पढ़ाई का मेल उनकी खबरों को विश्वसनीयता प्रदान करता है।
रिपोर्टिंग और विजन :
वर्तमान में मुख्य रूप से 'बोले बिहारशरीफ' पेज के लिए खबरें लिखते हैं। शहर में हो रहीं घटनाओं को कवर करते हैं। इनका मानना है कि पत्रकारिता जन-सरोकार से जुड़ी होनी चाहिए। केबल और एजेंसी के अनुभव के कारण डिजिटल वीडियो और त्वरित खबरों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
विशेषज्ञता
नालंदा जिला और बिहारशरीफ की ग्राउंड रिपोर्टिंग
डिजिटल वीडियो और मोजो जर्नलिज्म
स्थानीय मुद्दों का विश्लेषण

शॉर्ट बायो: प्रदीप शर्मा पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में क्राइम और ट्रैफिक की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
प्रदीप शर्मा वर्ष 2007 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान व प्रिंट' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में प्रयागराज में क्राइम बीट लीड कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों से वह सीनियर कंटेट राइटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में महारत हासिल है। प्रदीप का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।
करियर का सफर
प्रदीप शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में अमर उजाला से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2011 में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ उन्होंने नई पारी की शुरुआत की और करीब दस वर्षों तक पत्रकारिता के क्षेत्र में अलग-अलग गतिविधियों सक्रित रहे। वर्ष 2023 में लोकमत महाराष्ट्र से जुड़कर गैर हिन्दी भाषी इलाके में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। जहां क्राइम, हेल्थ, यूथ, स्पोर्ट्स जैसे अलग-अलग खबरों की बेहतर कवरेज की। 2024 से एक बार ‘हिन्दुस्तान’ के साथ जुड़कर क्राइम की खबरें लिख रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से एमए (अंग्रेजी साहित्य) में करने के साथ ही मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की। 2007 से अमर उजाला में पत्रकारिता की शुरूआत करने के बाद हिन्दुस्तान व लोकमत जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान क्राइम बीट के साथ ही प्रशासनिक, स्पोर्ट्स, हेल्थ, यूथ व पॉलिटिकल एक्टिविटी से जुड़ी खबरों को भी कवर किया। आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।
रिपोर्टिंग और विजन
प्रिंट व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना प्रदीप की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स व क्राइम से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं। पत्रकारिता में महाकुम्भ, लोकसभा व विधानसभा चुनाव, बड़े नेताओं की जनसभा जैसी रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त है। प्रदीप के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आमजन के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।
विशेषज्ञता
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट की गहरी समझ।
अपराध खास तौर से साइबर क्राइम की रिपोर्टिंग की विशेषज्ञता।
महाकुम्भ व माघ मेला जैसे बड़े आयोजनों की रिपोर्टिंग।

शार्ट बायो :
पीयूष उपाध्याय पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान समाचार पत्र बरेली यूनिट में सीनियर कंटेन्ट क्रिएटर हैं।
परिचयर एवं अनुभव
पीयूष उपाध्याय वर्ष 2013 में हिन्दुस्तान बरेली से जुड़े और बीते 13 वर्षों में कई प्रमुख बीटों पर काम किया। 2017 से वह स्वास्थ्य, मेडिकल कालेज, पर्यावरण, सामाजिक संगठन जैसी बीट कवर कर रहे हैं। बीते 8 वर्षों में कोविड महामारी समेत स्वास्थ्य संबंधी कई विषयों जैसे टीबी मुक्त अभियान, एनीमिया के बढ़ते खतरे, मानसिक बीमारियों के तेजी से बढ़ रहे असर समेत कई ज्वलंत विषयों पर रिपोर्टिंग की।
करियर का सफर:
पीयूष उपाध्याय ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण प्रयागराज से की थी। पत्रकारिता की शुरआत में उनको क्राइम बीट कवर करने का अवसर मिला। 2009 में बतौर क्राइम रिपोर्टर उन्होंने हिन्दुस्तान प्रयागराज में करीब डेढ़ वर्ष रिपोर्टिंग की। 2010 से 2013 तक अमर उजाला वाराणसी में बतौर क्राइम रिपोर्टर काम किया। अप्रैल 2013 में उन्होंने हिन्दुस्तान बरेली में नई पारी शुरू की और 2017 तक क्राइम बीट कवर की। वर्तमान में वह स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण बीट कवर कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि:
एमए-बीएड पीयूष उपाध्याय ने जागरण इंस्टीट्यूट आफ मॉस कम्यूनिकेशन कानपुर से प्रिंट जर्नलिज्म में डिप्लोमा किया है। प्राचीन इतिहास और हिन्दी का छात्र होने की वजह से उनकी कला-साहित्य में भी काफी रुचि है। वर्तमान में शहर में होने वाले साहित्यिक आयोजन कवर कर रहे हैं।
रिपोर्टिंग और विजन:
इंवेस्टिगेशन (पड़ताल) में पीयूष उपाध्याय की काफी रुचि है। मेडिकल बीट में काम के दौरान उनकी कई पड़ताल वाली खबरें स्टेट लेवल पर प्रकाशित हुईं। पीयूष उपाध्याय का मानना है कि पत्रकारिता विश्वसनीयता का दूसरा नाम है। खबर तथ्यपरक और सच्चाई को दिखाने-बताने वाली हो, इससे अखबार की विश्वसनीयता और साख पाठकों के बीच मजबूत होती हैं।
विशेषज्ञता
स्वास्थ्य, क्राइम, कल्चर
इंवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग

शॉर्ट बायो: पीयूष श्रीवास्तव पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में रेलवे, रोडवेज, एयरवेज, बिजली और बिजनेस की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
पीयूष श्रीवास्तव भारतीय प्रिंट व डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में पीयूष ‘हिन्दुस्तान’ अखबार व ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बिजनेस, बिजली व परिवहन की खबरों को देख रहे हैं। 2015 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
पीयूष श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरुआत दिसंबर 2007 में ‘आई नेक्स्ट, दैनिक जागरण’ अखबार से की थी। इस दौरान क्राइम की खबरों पर महारत हासिल की। जून 2015 में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार प्रयागराज में सेवाएं देना शुरू किया। 2015 से 2024 तक क्राइम की रिपोर्टिंग की। वर्तमान में रेलवे, रोडवेज और एयरवेज के साथ ही बिजली और अर्थ-व्यापार से जुड़ी खबरें लिख रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। स्टेट यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली। उसी वक्त से लगातार प्रिंट मीडिया में सक्रिय रहे हैं। शुरूआती दौर में क्राइम रिपोर्टिंग और अब रेलवे, रोडवेज, एयरवेज के साथ ही बिजली, बिजनेस और परिवहन की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
रिपोर्टिंग और विजन
बिजली, परिवहन, बिजनेस, क्राइम की गतिविधियों की खबरों के साथ ही माघ मेला व कुम्भ मेला में रिपोर्टिंग का पीयूष श्रीवास्तव का लंबा अनुभव है। वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुम्भ के दौरान रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व कर महाकुम्भ की कई स्पेशल स्टोरी की। 2013 के महाकुम्भ और 2019 के कुम्भ की रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। पीयूष का मानना है कि सत्य, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जनता की आवाज़ को सशक्त मंच देना ही पत्रकार का मुख्य दायित्व है।
विशेषज्ञता
प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की रिपोर्टिंग का अनुभव।
प्रयागराज के चर्चित अतीक-अशरफ हत्याकांड की खास रिपोर्टिंग।
रेलवे, रोडवेज और एयरवेज की खबरों पर पैनी नजर।
जीएसटी के जानकार, व्यापारियों की समस्याओं की गहरी समझ।

शॉर्ट बायो: पवन तिवारी पिछले 24 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' हिंदी में सीनियर रिपोर्टर की भूमिका में कार्य कर रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता स्वास्थ्य और पर्यावरण (वायु प्रदूषण) से जुड़ी रिपोर्टिंग में है।
परिचय एवं अनुभव
पवन तिवारी ने 2001 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया। तबसे अब तक प्रिंट मीडिया में ही रहे। पूर्व में उच्च शिक्षा, शोध और अब स्वास्थ्य, पर्यावरण, मौसम संबंधी रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बीए, एमए (राजनीति शास्त्र) के अलावा पीजी डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और पीजी डिप्लोमा इन इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी की शिक्षा प्राप्त की है। इसका फायदा वह रिपोर्टिंग के दौरान बखूबी उठाते हैं। हर तरह के बड़े या विशेष आयोजनों को कवर करना, लाइव रिपोर्टिंग बहुत रास आती है। एआई की मदद से रिपोर्टिंग में वैल्यू एडिशन करके उसे प्रभावशाली बनाना भी उनकी विशेषता है।
राजनीतिक कवरेज
पिछले करीब 12 साल से राजनीतिक-चुनावी कवरेज कर रहे हैं। 2012 से 2014 तक भाजपा और 2015 से अब तक समाजवादी पार्टी को देख रहे हैं। चुनावी सभाओं के साथ चुनावों में ग्राउंड रिपोर्टिंग की है।
विशेषज्ञता
स्वास्थ्य, पर्यावरण (वायु प्रदूषण)
लाइव कवरेज, संवेदनशील मामले

शॉर्ट बायो: पंकत वत्स पिछले 18 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में व्यापार-व्यवसाय और कृषि एवं पशुपालन बीट को देख रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
पंकज वत्स के पास पत्रकारिता का 18 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर में उन्होंने खबरों को तथ्यपरकता, गहराई और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत कर अलग पहचान बनाई है। वर्तमान में हिन्दुस्तान समाचार पत्र (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में व्यापार-व्यवसाय, कृषि एवं पशुपालन बीट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बीते तीन वर्षों से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल प्रिंट पत्रकारिता में प्रभावशाली कंटेंट दिया है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी पाठकों की रुचि और बदलते ट्रेंड के अनुरूप मजबूत और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी पकड़, विश्लेषणात्मक दृष्टि और विषय की गहराई साफ झलकती है।
करियर का सफर
पंकज वत्स ने अपने कॅरियर की शुरुआत जनवरी 2008 में दैनिक भास्कर जालंधर से की। प्रिंट पत्रकारिता की मजबूत समझ के साथ उन्होंने जल्द ही उभरते पत्रकारों में अपनी पहचान बनाई। सितंबर 2010 में अमर उजाला से जुड़े और तीन वर्ष बाद अगस्त 2013 से हिन्दुस्तान समाचार पत्र बरेली यूनिट का हिस्सा बने। साल 2008 से 2022 तक डेस्क पर रहते हुए उन्होंने खबरों के संपादन और प्रस्तुति में गहरी पकड़ विकसित की। जून 2022 से फील्ड रिपोर्टिंग में कदम रखते हुए व्यापार-व्यवसाय, कृषि-पशुपालन और राजनीतिक पार्टियों से संबंधित बीटें संभाली। पशुपालन विषय पर उनकी शोधपरक खबरों को अन्य मीडिया संस्थानों ने भी प्रमुखता से फॉलो किया। डिजिटल पत्रकारिता में भी वे सक्रिय हैं और लाइव हिन्दुस्तान के लिए लगातार प्रभावी कंटेंट दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बीकॉम के बाद मास कम्युनिकेशन और सामाजिक विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन ने पंकज वत्स को वाणिज्यिक समझ, सामाजिक दृष्टि और पत्रकारिता कौशल का प्रभावी संगम प्रदान किया। इसी आधार पर उन्होंने व्यापार-व्यवसाय, राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ कृषि एवं पशुपालन जैसे विषयों पर शोधपरक और तथ्याधारित रिपोर्टिंग की। भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) और केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) की जटिल शोध जानकारियों को भी उन्होंने सरल और सहज भाषा में आम जनमानस तक पहुंचाकर उन्हें उपयोगी और समझने योग्य बनाया।
विशेषज्ञता
व्यापार-व्यवसाय, कृषि-पशुपालन और राजनीतिक खबरें

शॉर्ट बायो : ओमप्रकाश सती पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में फारेस्ट, वाइल्डलाइफ, पाल्युशन एंड इनवायरमेंट, मार्केट, टेक और एजुकेशन से जुड़े समाचार लिख रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
ओमप्रकाश सती को पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में फारेस्ट,वाइल्डलाइफ,एजुकेशन ,मार्केट एंड यूथस से जुड़े विषय पर काम कर रहे हैं।उनको फारेस्ट ,वाइल्डलाइफ और पोल्युशन से जुड़े विषयों का काफ़ी लंबा अनुभव है।
करियर का सफर
ओमप्रकाश ने अपने करियर की शुरुआत 2008 में अमर उजाला कॉम्पैक्ट से की थी। इसके बाद अमर उजाला में 2015 तक काम किया। 2015 से वे हिन्दुस्तान के प्रिंट और डिजिटल में अपनी सेवा दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी (पीसीएम)और मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा के बाद उन्होंने पत्रकारिता की राह चुनी। वे लंबे समय तक क्राइम रिपोर्टिंग में भी रहे। जिस कारण हार्ड खबरों में उनकी पकड़ काफी मजबूत है। एजुकेशन, वाइल्डलाइफ, पोल्युशन और इनवायरमेंट से जुड़े शोधों में उनकी रुचि और पकड़ है।
विशेषज्ञता
प्राइमरी एंड हायर एजुकेशन
इंडियन वाइल्डलाइफ एक्ट्स एंड लॉ
करियर विकल्प
हिमालयन वाइल्डलाइफ
ह्यूमन वाइल्डलाइफ कॉन्फ्लिक्ट
हिमालयन फ्लोरा एंड फोना

शॉर्ट बायो: नितेश ओझा पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे हिन्दुस्तान रांची में ब्यूरो की टीम में बतौर वरीय संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभवनितेश ओझा झारखंड के प्रिंट मीडिया जगत के एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नितेश ओझा, हिन्दुस्तान रांची के ब्यूरो टीम में बतौर वरीय संवाददाता के रूप में काम कर रहे हैं। इस रूप में रहते हुए वे राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों जैसे - कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा, खान एवं भूतत्व, पर्यटन, पेयजल एवं स्वच्छता, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण, खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले सहित ब्यूरोक्रेसी जैसे महत्वपूर्ण बीट की खबरों को कवर करते हैं। खबरों को लिखने के साथ सोशल मीडिया के बदलते स्वरूप के साथ पाठकों की रुचि की खबरों को प्रकाशित करने में उन्हें बेहतर कुशलता हासिल है।
करियर का सफर नितेश ओझा ने अपने करियर की शुरुआत नई दिल्ली से की। दिल्ली विश्वविद्यालय से 2013-14 में पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल करने के बाद इन्होंने नई दिल्ली में ही हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी से अपने करियर की शुरुआत की। उसके बाद अपने गृह जिला रांची में न्यूज विंग, लगातार वेब पोर्टल जैसे डिजिटल मीडिया में इन्होंने बतौर संवाददाता के रूप में काम किया। प्रतिष्ठित प्रिंट मीडिया में उनकी पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक भास्कर, रांची से शुरू हुई। यहां नितेश ओझा ने खनन, सड़क, शिक्षा आदि में इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग करते हुए कई बेहतरीन खबरें निकालीं। तीन फरवरी 2024 से वे हिन्दुस्तान से जुड़कर लगभग हर दिन विशेष खबरें दे रहे हैं।

शॉर्ट बायो: नीरज मिश्र पिछले 13 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान समाचार पत्र में स्टाफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं।
पत्रकारिता अनुभव
नीरज मिश्र को प्रिंट मीडिया में काम करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने 2013 में पत्रकारिता की शुरुआत अमर उजाला, गोरखपुर से की। वर्ष 2017 में प्रभात खबर, मुजफ्फरपुर, बिहार से जुड़कर पत्रकारिता की। इसके बाद पुन 2018 में गोरखपुर में अमर उजाला में सेवाएं दीं। जनवरी 2024 से हिन्दुस्तान, गोरखपुर संस्करण से जुड़कर रिपोर्टिंग में सेवाएं दे रहे हैं। तकनीकी और उच्च शिक्षा, वन व वन्य जीव के साथ चिकित्सा, शोध और डाटा आधारित खबरों से अपनी पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि-पुरस्कार
नीरज मिश्र, समाजशास्त्र विषय में परास्नातक हैं। मेडिकल रिपोर्टिंग में अनुभव होने की वजह से मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर एक्सपर्ट-वेरिफाइड खबरें लिख रहे हैं।
रिपोर्टिंग एवं विजन
नीरज मिश्र की शोध आधारित खबरों में काफी रुचि है। तकनीकी और उच्च शिक्षा के साथ स्वास्थ्य व चिकित्सा के क्षेत्र में शोध और डाटा आधारित कई खबरें नेशनल लेवल पर प्रकाशित हुई हैं। नीरज मिश्र के अनुसार पत्रकारिता केवल खबर पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि जनहित की चेतना है। मानते हैं कि तकनीक और तेजी के इस दौर में संवेदनशीलता और तथ्यात्मकता ही पात्रिकारिता को सुरक्षित रख सकती है।
विशेषज्ञता
स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और वन व वन्य जीवों से जुड़े मुद्दों की गहन समझ।

शॉर्ट बायो: नीरज कमल पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में दैनिक ‘हिन्दुस्तान’, पटना की सिटी रिपोर्टिंग टीम में स्वास्थ्य, नगर निगम, नागरिक सुविधाएं और पर्यावरण संबंधी मामले देखते हैं।
परिचय एवं अनुभव
नीरज कमल पटना की पत्रकारिता में प्रतिष्ठित नाम है, जिन्हें 16 वर्षों का अनुभव है। वह 2010 में ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े। उन्हें पटना में बदलाव, नगर निगम, पर्यावरण और मेडिकल बीट का गहन अनुभव है। रिपोर्टिंग टीम में प्रधान संवाददाता है। वर्तमान में दैनिक हिन्दुस्तान, पटना (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्वास्थ्य, पटना जिला भाजपा की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। साथ ही नगर निगम और पर्यावरण संबंधी मामलों को भी कवर करते हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
नीरज कमल ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में दैनिक हिंदुस्तान से की। यहां रहते हुए उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। कई महत्वपूर्ण खबरों को ब्रेक किया। बीट से संबंधित तमाम छोटी-बड़ी घटनाओं को कवर करने के साथ ही उससे जुड़ी खबरों में अखबार को आगे रखा। वे लगातार इस समूह के साथ बने हुए हैं। अगस्त, 2025 से नीरज कमल ने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स पर भी मजबूत पकड़ बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
पटना विश्वविद्यालय से इतिहास विषय से ग्रेजुएशन। दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। नीरज कमल को पर्यावरण, राजनीति, नगर विकास और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर पकड़ होने से पत्रकारिता में खासा लाभ मिला। पर्यावरण, स्वास्थ्य और नगर विकास से जुड़े बड़े-बड़े विशेषज्ञों का इंटरव्यू लिया। इन विषयों से जुड़े एक्सपर्ट वेरिफाइड और रिसर्च-ड्रिवेन स्टोरीज लिख रहे हैं। नीरज कमल का मानना है कि पत्रकारिता की नीव किसी भी संस्थान का उसका पत्रकार होता है। संस्थान का आंख पत्रकार ही होता है। देखने का नया नजरिया,केन्द्र में पाठक को रखकर सटीक,प्रमाणिक और तथ्यपरक जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
पर्यावरण, राजनीति और नगर विकास

शॉर्ट बायो
पिछले 26 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' (एचएमवीएल) में विशेष संवाददाता हैं। रिपोर्टिंग टीम को लीड करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
मुकेश कुमार सिंह झारखंड पत्रकारिता में लंबे समय से सक्रिय हैं। पत्रकारिता में 26 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड,धनबाद) में विशेष संवाददाता हैं। रिपोर्टिंग टीम को लीड करते हैं। झारखंड की राजनीति, कोयला खनन एवं झारखंड में आदिवासी समाज के सांस्कृतिक,सामाजिक एवं आर्थिक विषय के जानकार हैं। संताल परगना में सौरिया पहाड़िया एवं संताल जनजाति का डेमोग्राफिक स्टडी भी किया है।
करियर का सफर
मुकेश ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2000 में आकाशवाणी रांची से की। इसके बाद प्रभात खबर रांची एवं आज अखबार में कार्य किया। वर्ष 2003 में हिन्दुस्तान अखबार से जुड़े। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार, धनबाद में कार्यरत हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
एमए (एंथ्रोपॉलोजी / मानवशास्त्र) और बीजेएमसी (बैचलर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) हैं। झारखंड की राजनीति और खनन क्षेत्र की अच्छी समझ है। पॉलिटिकल, कोल माइनिंग एवं माइनिंग से संबंधित आर एंड डी के शोध एवं अनुसंधान पर लगातार लिखते रहे हैं।
विशेषज्ञता
- झारखंड की राजनीतिक गतिविधियों की गहरी समझ
- आदिवासी समाज की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विषयों में विशेषज्ञता
- झारखंड में खनन क्षेत्र की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव
- कोल माफिया, शोध एवं अनुसंधान, खनन के इतिहास और वर्तमान परिदृश्य पर लेखन

शॉर्ट बायो: मृत्युंजय कुमार पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में हेल्थ और हायर एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
मृत्युंजय कुमार, जिन्हें पत्रकारिता में 17 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में हेल्थ और हायर एजुकेशन की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। 2021 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
मृत्युंजय ने अपने करियर की शुरुआत 2009 में हिन्दुस्तान पटना से की। इसके बाद नई दुनिया दिल्ली, अमर उजाला नोएडा और गोरखपुर, हिन्दुस्तान गोरखपुर, दैनिक जागरण पटना, हिन्दुस्तान भागलपुर, प्रभात खबर मुजफ्फरपुर और अब हिन्दुस्तान मुजफ्फरपुर में काम कर रहे हैं। वर्ष 2014 में दैनिक जागरण में इन्हें डिजिटल बिहार प्रभारी बनाया गया। इसके बाद दैनिक जागरण पटना के सिटी जागरण टीम का प्रभारी बनाया गया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
पीजी हिन्दी, दिल्ली विश्वविद्यालय और प्रिंट पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा।
विशेषज्ञता
हेल्थ, एजुकेशन, कला संस्कृति, साहित्य

शॉर्ट बायो: मो. अनीस पिछले 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान हिन्दी जमशेदपुर संस्करण में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
मो. अनीस क्राइम रिपोर्टिंग के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं । पत्रकारिता में उन्हें 33 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान जमशेदपुर में बतौर क्राइम रिपोर्टर कार्यरत हैं। वे साइबर क्राइम में विशेष पकड़ रखते हैं। 2018 से पेशेवर अपराध में साइबर क्राइम ने तेजी से प्रवेश किया । उन्होंने उसकी नब्ज पकड़ी । समय के साथ रिपोर्टिंग के तरीके बदले। साइबर क्राइम से जुड़ी सुचनाओं से खुद को अपडेट किया। साइबर क्राइम से जुड़ी और लोगों को जागरूक करते हुए रिपोर्ट लिखी।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
मो. अनीस ने अपने करियर की शुरुआत 1992 में दैनिक आज जैसे तत्कालीन प्रमुख अखबार से की जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2003 में हिन्दुस्तान से जुड़े फिर 2007 में टीवी चैनल साधना न्यूज में कोल्हान प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका निभायी। 2013 से अबतक हिन्दुस्तान के साथ काम कर रहे हैं। बारीकियों और विशेषज्ञता के साथ साइबर क्राइम की रिपोर्टिंग की । अबतक साइबर क्राइम से जुड़े सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हो चुके हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
B.Sc (बायोलॉजी) में स्तानतक हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
साइबर क्राइम, फोरेंसिक से जुड़े मामले, वीडियो एडिटिंग और नक्सल पर अनीस गहरी पैठ रखते हैं। उनका मानना है कि अपराध की दुनिया में साइबर क्राइम तेजी से जगह बना रहा है। लगातार इसके स्वरूप बदल रहे हैं ,जिसे पकड़ने की जरूरत है। यह पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। समय से हर उम्र वर्ग के लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। उनका लक्ष्य पाठकों को इसके प्रति जागरूक और साक्षर करने की जरूरत है।
विशेषज्ञता
साइबर अपराध में ओटीपी मॉडस को उजागर किया। म्यूल अकाउंट के गेमिंग प्लेटफॉर्म बनने को लोगों के सामने लाया। डिजिटल करेंसी और साइबर अपराध के गठजोड़ के बारे में आलेख पेश किया।

शॉर्ट बायो: मो. फिरोज अख्तर पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में दैनिक ‘हिन्दुस्तान’, पटना के सिटी रिपोर्टिंग टीम में हैं। 'क्राइम' बीट को कवर करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
मो. फिरोज अख्तर को प्रिंट और डिजिटल मीडिया की समझ है l प्रिंट मीडिया में 20 वर्षों का अनुभव है। वर्ष 2006 में विभिन्न समाचार पत्रों में रिपोर्ट, फीचर लेखन शुरू किया। 2017 में‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े और फुलवारीशरीफ प्रखंड के प्रतिनिधि के रूप में काम किया। जन समस्याओं, स्वास्थ्य संबंधी मामले और घटनात्मक खबरों पर विशेष पकड़ है। अगस्त, 2025 से दैनिक हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में क्राइम बीट की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। वीडियो एडिटिंग, वीडियो क्रिएटर आदि की भी समझ है।
करियर का सफर ( प्रिंट से डिजिटल मीडिया)
मो. फिरोज अख्तर ने अपने करियर की शुरुआत 2006 में एक दैनिक अख़बार में डेस्क पर डिजाइनर के रूप में की। इसके बाद बिहार के कई अख़बारों में सिटी डेस्क, प्रादेशिक डेस्क पर काम किया l 2017 में दैनिक हिन्दुस्तान से जुड़े। ‘हिन्दुस्तान’ में रहते हुए प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। डिजिटल पत्रकारिता की भी जानकारी रखते हैं। क्राइम से जुड़ी कई महत्वपूर्ण खबरों को ब्रेक किया। एक्सक्लूसिव खबरें भी की हैं। मो. फिरोज अख्तर का मानना है कि पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देनी चाहिए। खाली समय में उन्हें नई टेक्नोलॉजी सीखना और यात्रा करना पसंद है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। इसके पहले 10वीं तक की पढ़ाई जहानाबाद के घोसी हाई स्कूल से और 11वीं - 12वीं की पढ़ाई एसएस कॉलेज जहानाबाद से की l इन्होंने ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स (एडीटीपी) भी किया है।
विशेषज्ञताअपराध संबंधी खबरें

शॉर्ट बायो :
मनोज मित्तल पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में दैनिक हिन्दुस्तान में वरिष्ठ संवाददाता की भूमिका में कार्य कर रहे हैं। इनकी विशेषज्ञता आर्थिक विषय है।
परिचय एवं अनुभव
मनोज मित्तल को हिंदी पत्रकारिता का दो दशक का अनुभव है। वर्ष 2006 में डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय से जनसंचार में परास्नातक किया है। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत 2006 से लगातार हिन्दुस्तान के आगरा संस्करण से जुड़े हैं। वाणिज्य के साथ ही टैक्स से संबंधित विषयों पर लगातार कवरेज की है।
आर्थिक कवरेज
कवरेज के दौरान गोदरेज समूह के प्रमुख आदि गोदरेज, कई बैंकों के सीएमडी, आयकर एवं जीएसटी के शीर्ष अधिकारियों के इंटरव्यू लिए हैं। खबर में आंकड़ों का प्रयोग करके रोचक किया है। स्थानीय उद्योगों पर निरंतर कार्य किए हैं। उनकी आवाज को लखनऊ एवं दिल्ली तक पहुंचाया है।
विशेषज्ञता
सामाजिक, आर्थिक, टैक्स, डाटा एनलिसिस

शॉर्ट बायो :
मनोज मिश्र पिछले 28 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' हिंदी आगरा में सिटी चीफ की भूमिका में कार्य कर रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता पर्यटन से जुड़ी रिपोर्टिंग में है।
परिचय एवं अनुभव
मनोज मिश्र को हिंदी पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। उन्होंने 1997 में अमर उजाला आगरा से पत्रकारिता की शुरुआत की। 28 साल के प्रिंट मीडिया के अनुभव के साथ उनका एक प्रतिष्ठित नाम है। प्रशासनिक बीट के साथ पर्यटन से जुड़ी कवरेज लगातार कर रहे हैं।
करियर का सफर
1997 से पत्रकारिता में सक्रिय। 2006 में वह 'हिन्दुस्तान' से जुड़े। मौजूदा समय में 'हिन्दुस्तान' आगरा में विशेष संवाददाता के पद पर हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पर्यटन रिपोर्टिंग
बीएससी (मैथ्स), एलएलबी, एमबीए के अलावा मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट के बाद उच्च शिक्षा का उन्हें फायदा मिला। पर्यटन और एएसआई की रिपोर्टिंग के साथ उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत 30 राष्ट्राध्यक्षों को कवर किया है। आगरा में भारत-पाक शिखर वार्ता की भी रिपोर्टिंग की।
राजनीतिक कवरेज
पिछले करीब 25 साल से राजनीतिक-चुनावी कवरेज कर रहे हैं।
विशेषज्ञता
पर्यटन, पुरातत्व
राजनीतिक, चुनावी, प्रशासनिक
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

शॉर्ट बायो : मनोज कुमार सहनी पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के लिए बेगूसराय से रिपोर्टिंग करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के लिए नियमित तौर पर रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध से जुड़ी घटनाओं पर विशेष पकड़। पिछले डेढ़ दशक से बेगूसराय जिले की पत्रकारिता में सक्रिय हैं।
कॅरियर का सफर
वर्ष 2002 में आज अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की। फिर प्रभात खबर से जुड़े। वर्तमान में हिन्दुस्तान के बेगूसराय जिला ब्यूरो टीम का हिस्सा हैं। क्राइम बीट को कवर करते हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बीएससी बायोलॉजी से स्नातक हैं। क्राइम, मेडिकल रिसर्च व हेल्थ बीट पर कमांड होने के साथ शिक्षा बीट पर भी पकड़ है।

शॉर्ट बायो : मनोहर काला पिछले 30 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय हैं। अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में ब्यूरो चीफ की भूमिका निभाने के बाद, वर्तमान में वे दैनिक हिन्दुस्तान में ऋषिकेश ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने देश की सबसे बड़ी टिहरी बांध परियोजना और हरिद्वार कुंभ जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं की ऐतिहासिक कवरेज की है।
परिचय एवं अनुभव
मनोहर काला उत्तराखंड की पत्रकारिता का एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में वे दैनिक हिन्दुस्तान ऋषिकेश में वरिष्ठ संवाददाता एवं ब्यूरो चीफ के रूप में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, अर्थशास्त्र और सामाजिक मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है। तीन दशकों के लंबे सफर में उन्होंने प्रिंट से लेकर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को अपनाते हुए पाठकों के बीच अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
कॅरियर का सफर
मनोहर ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1995 में अमर उजाला से की, जहां उन्होंने डेस्क पर पत्रकारिता की बुनियादी बारीकियों को समझा। इसके बाद वर्ष 2000 से 2008 तक वे दैनिक जागरण में टिहरी और ऋषिकेश के ब्यूरो चीफ रहे। वर्ष 2008 में वे हिन्दुस्तान समूह से जुड़े और बीते 17 वर्षों से ऋषिकेश ब्यूरो की कमान संभालते हुए टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
उन्होंने एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर से स्नातकोत्तर (एमए) और डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून से इतिहास में एमए की किया है। उनकी यह ऐतिहासिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि उनकी रिपोर्टिंग और विश्लेषण में गहराई व स्पष्टता प्रदान करती है।
दृष्टिकोण और विजन
राजनीति, अर्थशास्त्र और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर मनोहर की विशेषज्ञता सर्वविदित है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल धर्म जनता को सटीक और तथ्यात्मक जानकारी देना है। उनका लक्ष्य पाठकों को गंभीर विषयों पर सरल, प्रमाणिक और विश्लेषणात्मक जानकारी उपलब्ध कराना है।
विषय विशेषज्ञता
मनोहर काला ने विकास योजनाओं और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर पैनी नजर रखी है। एशिया के सबसे बड़े टिहरी बांध परियोजना की उनकी कवरेज को मील का पत्थर माना जाता है। इसके अलावा, हरिद्वार कुंभ और ऋषिकेश एम्स जैसे संस्थानों से जुड़ी स्वास्थ्य व सामाजिक रिपोर्टिंग में उनकी विशेष महारत है।
उपलब्धियां और गतिविधियां
बेस्ट पत्रकारिता प्रमाणपत्र (हिन्दुस्तान): वर्ष 2016 में उत्कृष्ट पत्रकारीय योगदान के लिए सम्मानित। बेस्ट पत्रकारिता प्रमाणपत्र (दैनिक जागरण): वर्ष 2006 में शानदार रिपोर्टिंग के लिए सम्मान। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और एम्स ऋषिकेश के कई कार्यक्रमों में मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता।
रुचियां: पत्रकारिता के साथ-साथ क्रिकेट के प्रति उनका विशेष लगाव है।
विशेषज्ञता
टिहरी और अन्य बांधों के निर्माण की योजनाएं।
दून ऋषिकेश रेलवे परियोजना की कवरेज।
सामाजिक मुद्दे और पर्यटन।

शॉर्ट बायो : मनीष कुमार श्रीवास्तव पिछले 16 वर्ष से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ समाचार पत्र में कार्यालय संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2009 से 2018 तक बलिया ब्यूरो कार्यालय में बतौर जूनियर रिपोर्टर और सेकेंड मैन और भदोही ब्यूरो मेंं कार्यालय प्रभारी के रूप में सेवाएं दी हैं। वर्ष 2022 से सिटी टीम से जुड़कर विकास भवन, चुनाव कार्यालय, रेलवे, रोडवेज, बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), एयरपोर्ट, जलमार्ग प्राधिकरण समेत अन्य परिवहन सेवाओं पर बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों (बीटवार) में बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी से जुड़ी खबरों का बेहतर संयोजन किया है।
कॅरियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
वर्ष 2009 में ‘हिन्दुस्तान’ समाचार पत्र से जुड़ने के बाद 09 साल तक कार्य किया। इसके बाद वर्ष 2018 में दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट से जुड़े। वर्ष 2022 में फिर से ‘हिन्दुस्तान’ सिटी रिपोर्टिंग टीम से जुड़े। डिजिटल के लिए तत्काल खबरें देना और डिजिटल माध्यमों की अच्छी समझ है।
शैक्षिक पृष्ठभूमि
राजनीति विज्ञान और समाज शास्त्र से स्नातक उत्तीर्ण होने के बाद पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। डिस्टेंस लर्निंग माध्यम से एमबीए (एचआर) भी किया।
विजन
मनीष कुमार श्रीवास्तव का मानना है कि समाचारों में तथ्य, प्रामाणिकता और उनका सरल तरीके से प्रस्तुतीकरण अधिक से अधिक पाठकों को जोड़ सकता है। उनका लक्ष्य पाठकों को ससमय, प्रमाणिक और तथ्यपरक जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
- रेलवे में हो रहे नए प्रयोगों की खबरें
- परिवहन सेवाओं में यात्री सुविधाओं से जुड़ी खबरें।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस।

शॉर्ट बायो: मनीष कुमार मिश्र पिछले 22 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान समाचार पत्र में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
मनीष मिश्र वर्ष 2013 में हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 13 वर्षों में कई प्रमुख बीटों पर काम किया। 2016 से वह स्वास्थ्य, चिकित्सा, चिकित्सा-शिक्षा, मौसम, उच्च शिक्षा और प्रदूषण जैसी बीट कवर कर रहे हैं। इस दौरान इंसेफेलाइटिस, कालाजार और कोविड महामारी समेत कई ज्वलंत विषयों पर न सिर्फ रिसर्च और डेटा आधारित रिपोर्टिंग की है बल्कि ग्राउंड रिपोर्टिंग और लाइव रिपोर्टिंग से अपनी पहचान बनाई है।
कॅरियर का सफर
मनीष कुमार मिश्र को इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया में काम करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से की। ईटीवी और सहारा समय में 8 साल बतौर संवाददाता कार्य किया। इस दौरान करीब 7 वर्ष सहारा समय समाचार चैनल में गोरखपुर और बस्ती में बतौर संवाददाता तैनात रहे। वर्ष 2012 से प्रिंट मीडिया से जुड़े। इस दौरान पायनियर व जनसंदेश टाइम्स से जुड़कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2013 से हिंदुस्तान से जुड़े हैं। वर्ष 2013 से 2015 तक हिंदुस्तान लखनऊ में अपनी सेवाएं दी वर्ष 2016 से हिन्दुस्तान, गोरखपुर संस्करण से जुड़कर रिपोर्टिंग में सेवाएं दे रहे हैं। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, पर्यावरण और मौसम पर शोध आधारित और डाटा आधारित खबरें कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि-पुरस्कार
मनीष कुमार मिश्र वाणिज्य में स्नातक, बीएड के साथ ही पत्रकारिता व जनसंचार से स्नातक व परास्नातक हैं। लखनऊ व गोरखपुर में उनकी पहचान चिकित्सा क्षेत्र में विशेष रिपोर्टर के तौर पर होती है।
रिपोर्टिंग और विजन
मनीष कुमार मिश्र स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, मौसम और पर्यावरण की रिपोर्टिंग कर अपनी गहरी छाप छोड़ रहे हैं। मनीष कुमार मिश्र के अनुसार, पत्रकारिता केवल खबर पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि जनहित की चेतना है। वह मानते हैं कि तकनीक और तेजी के इस दौर में संवेदनशीलता और तथ्यात्मकता ही पात्रिकारिता को सुरक्षित रख सकती है।
विशेषज्ञता
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, मौसम, पर्यावरण

शॉर्ट बायो: मनीष कुमार पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। जनवरी, 2025 से दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ में गोपालगंज जिला ब्यूरो की टीम से जुड़े हैं।
परिचय एवं अनुभव
ग्राउंड रिपोर्टिंग, खोजी पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर स्टोरी करते रहे हैं। करीब 18 वर्षों के कॅरियर में हरिभूमि, अमर उजाला, प्रभात खबर और दैनिक भास्कर जैसे समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। लगभग तीन माह तक एक न्यूज चैनल में भी कार्य। वर्तमान में ‘बोले गोपालगंज’ की रिपोर्टिंग की जिम्मेवारी है। मनीष को डिजिटल पत्रकारिता का भी अनुभव है।
करियर का सफर
कॅरियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की, जहां जमीनी मुद्दों, सामाजिक समस्याओं और प्रशासनिक गतिविधियों पर प्रभावशाली रिपोर्टिंग की। करीब ढाई साल की रिपोर्टिंग के बाद लगातार 15 साल तक डेस्क पर काम किया। अगस्त 2021 तक दैनिक भास्कर, पटना में रहे। इसके बाद “इनसाइड न्यूज” नाम से अपना यूट्यूब न्यूज चैनल शुरू किया। यह चैनल मात्र पांच महीने में मोनेटाइज हो गया, जो कंटेंट स्ट्रेटजी और डिजिटल समझ को दर्शाता है। जनवरी 2025 से दैनिक हिन्दुस्तान के साथ जुड़कर गोपालगंज में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रिंट जर्नलिज्म इन हिन्दी में पोस्ट ग्रेजुएट इन डिप्लोमा के बाद मास्टर इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा एवं प्रशिक्षण में योगदान
पत्रकारिता के साथ-साथ विशेष रुचि शिक्षा के क्षेत्र में रही है। अबेकस, वैदिक मैथ, फोनिक्स के टीचर ट्रेनर के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा DMIT (Dermatoglyphics Multiple Intelligence Test) की सहायता से कॅरियर काउंसिलिंग करते हैं। मशरूम पालन और हाईड्रोपोनिक्स विधि से खेती की तकनीक भी सीखी है। हर साल कुछ न कुछ नया सीखना इनकी हॉबी है। फिलहाल निमोनिक्स साइंस की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
पत्रकारिता दृष्टिकोण और विजन
पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को तथ्यपरक, निष्पक्ष और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है। रिपोर्टिंग शैली जमीनी हकीकत, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता देने पर आधारित है। गोपालगंज में रहते हुए जनसरोकार से जुड़े विषयों पर गंभीर और जिम्मेदार पत्रकारिता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बोले गोपालगंज की टीम का नेतृत्व करते हुए कई सामाजिक एवं स्थानीय समस्याओं का निदान कराया है।
विशेषज्ञता
ग्रामीण एवं जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
सामाजिक एवं प्रशासनिक मुद्दे
खोजी पत्रकारिता
शिक्षा एवं कॅरियर मार्गदर्शन
डिजिटल मीडिया और यूट्यूब न्यूज प्लेटफॉर्म संचालन

शार्ट बायो : महेश्वर सिंह बीते नौ वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित से जुड़ी खबरों के लिए पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वे हिन्दुस्तान अखबार में हरिद्वार जनपद के रुड़की क्षेत्र में टीम लीडर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
महेश्वर सिंह को पत्रकारिता में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव हैं। वर्तमान में वह प्रतिष्ठित हिन्दुस्तान अखबार में हरिद्वार जनपद के रुड़की क्षेत्र में टीम लीडर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वर्ष 2023 से इस भूमिका में रहते हुए अपराध के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
महेश्ववर ने अपने करियर की शुरुआत 2017 में दैनिक जनवाणी और अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों से की। जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2020 से प्रतिष्ठित हिन्दुस्तान अखबार से जुड़ा। वर्तमान में रुड़की सेंटर में टीम लीडर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन मास कम्युनिकेशन में पूरा करने के कारण पत्रकारिता के क्षेत्र में अच्छी समझ एवं पकड़ है। इसी वजह से क्राइम, आईआईटी, नगर निगम जैसे बीट पर अच्छी कमांड है।
विजन और अपराध रिपोर्टिंग
साइबर क्राइम, डिजिटल अरेस्ट, पुलिस, कोर्ट, अपराध से जुडी घटना क्रम, नगर निगम, आईआईटी से जुड़ी विषयों पर महेश्वर सिंह की गहरी समझ है। उन्होंने कई एक्सक्लूसिव खबरें भी घटनाक्रम से जुड़ी दिए हैं। महेश्वर का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्य परखता और विश्वसनीयता है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक प्रामाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
क्राइम, कोर्ट, नगर निगम, आईआईटी, सीबीआरआई, एनआईएच, राजनीति आदि रिपोर्टिंग।

शॉर्ट बायो: महेश पांडे पिछले 17 साल से पत्रकारिता क्षेत्र में हैं। साल 2025 में दैनिक हिन्दुस्तान में बतौर प्रमुख संवाददाता कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
दैनिक जागरण उत्तराखंड, दैनिक भास्कर पंजाब और हिन्दुस्तान ग्रुप में सेवाएं दी। 2025 जुलाई से दोबारा से संस्थान में जुड़े। अर्द्ध कुंभ और कुंभ जैसे बड़े आयोजनों में भी राष्ट्रीय महत्व की खबरें की हैं। दैनिक भास्कर पंजाब में रहने के दौरान भारत-पाकिस्तान युद्ध की कवरेज भी की है। अर्बन डेवलपमेंट प्लान, सूचना के अधिकार का ऑनलाइन कोर्स भी किया। वर्तमान में हिन्दुस्तान में देहरादून यूनिट में बतौर सिटी इंचार्ज की भूमिका में कार्यरत हैं।
कॅरियर का सफर
महेश ने 17 वर्ष पहले दैनिक जागरण उत्तराखंड में पत्रकारिता में कदम रखा। इसके बाद दैनिक हिन्दुस्तान देहरादून में काम किया। यहां से लुधियान में भाष्कर में बतौर सिटी इंचार्ज दो वर्ष से अधिक काम किया। फिर वापस देहरादून हिन्दुस्तान यूनिट में बतौर सिटी चीफ कार्यरत हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी से पीजी की पढ़ाई के महेश पांडे पत्रकारिता के पेशे में आए। सिटी टीम लीड करने के नाते राजनीति, अपराध, स्थानीय मुद्दों पर अच्छी पकड़ हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों में अच्छे जानकार हैं।
विजन एवं एंटरटेनमेंट
क्राइम रिपोर्टिंग, प्रशासनिक मामले, राजनीति और खेल की महेश को गहरी समझ है। महेश का मानना है कि आप जिस विषय को कवर करते हैं, उसके प्रति आपका दर्शन या नजरिया क्या है वह महत्वपूर्ण होता है। जनता से सीधा जुड़ाव जरूरी है। महेश क्रिकेट को खेलना और देखना पसंद है।
विशेषताएं
क्राइम, राजनीति, खेल आदि

शॉर्ट बायो: महावीर चौहान पिछले करीब 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान देहरादून में बतौर वरिष्ठ संवाददाता कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
महावीर चौहान प्रिंट मीडिया में 2011 से सक्रिय हैं। महावीर चौहान ने अपने करियर की शुरुआत 2011 में अमर उजाला शिमला से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2012 में दैनिक हिन्दुस्तान में हरिद्वार से सफर शुरू किया। इसके बाद हल्द्वानी तैनात रहे। वर्ष 2020 से देहरादून में कार्यरत हैं।
कॅरियर का सफर
महावीर चौहान ने अपने करियर की शुरुआत 2011 में अमर उजाला शिमला से की,जहां उन्होंने सिटी टीम में बतौर रिपोर्टर करीब एक साल तक कार्य करते हुए पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2012 में हिन्दुस्तान समाचार पत्र के साथ नए सफर की शुरुआत की। हरिद्वार में ढाई साल तक रिपोर्टर के तौर पर कार्य किया। 2014 से सितंबर 2015 तक हिन्दुस्तान देहरादून में बतौर सुपर स्ट्रिंगर कार्य किया। सितंबर 2015 से दिसंबर 2019 तक हल्द्वानी यूनिट में सब एडिटर के तौर पर कार्य किया। वर्ष 2020 से देहरादून में कार्यरत हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
जवाहर नवोदय विद्यालय से बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नाहन और पांवटा साहिब डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार से मास कॉम किया। इस दौरान आकाशवाणी नजीबाबाद उत्तरप्रदेश के साथ कार्य किया। शिमला में दूरदर्शन में एक माह का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
एंटरटेनमेंट और विजन
लाइफस्टाइल विषयों, बाजार, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि विषयों पर महावीर चौहान की गहरी समझ है। समय- समय पर सेलिब्रिटी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। मौजूदा समय में देहरादून में नगर निगम, एमडीडीए, स्मार्ट सिटी, कैन्ट बोर्ड, सिंचाई विभाग, उपभोक्ता फोरम की कवरेज कर रहे हैं। महावीर चौहान का मानना है कि पाठकों का भरोसा बरकरार रखने के लिए तथ्यपरक पत्रकारिता जरूरी है।
विशेषज्ञता
दून शहर की विभिन्न योजनाओं को लेकर गहरी समझ।
नगर निगम, एमडीडीए, स्मार्ट सिटी से संबंधित प्रोजेक्ट।
इंफ्रास्ट्रक्चर, मास्टर प्लान जैसे विषयों पर पकड़।

संक्षिप्त परिचय
लोकेश शर्मा पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान समूह) में स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
लोकेश शर्मा प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं और प्रमुख रूप से स्वास्थ्य विभाग देख रहे हैं। खोजी पत्रकार के रूप में उन्होंने पाठकों की रुचि और जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कार्य यात्रा
लोकेश शर्मा ने अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत वर्ष 2010 में दैनिक जागरण से की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बुनियादी समझ विकसित की। वर्ष 2010 से 2013 तक हाथरस में सक्रिय संवाददाता रहे। इसके बाद अलीगढ़ में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य करते हुए लगभग छह वर्षों तक अपराध और न्यायालय संबंधी विषयों की गहन रिपोर्टिंग की। जनवरी 2025 से वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और वर्तमान में स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पिछले एक साल में तीन अभियान चलाए, जिनका व्यापक असर हुआ।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि एवं रिपोर्टिंग क्षेत्र
राजनीति शास्त्र में स्नातक और जनसंचार में परास्नातक शिक्षा ने उन्हें राजनीति और पत्रकारिता की समझ का संतुलित दृष्टिकोण प्रदान किया। विभिन्न विषयों पर पकड़ के साथ वे कृषि, चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सत्यापित व अनुसंधान आधारित व्याख्यात्मक समाचार लिख रहे हैं।
विजन
लोकेश शर्मा का मानना है कि पत्रकारिता की वास्तविक शक्ति तथ्यपरकता और विश्वसनीयता में निहित है। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है।

शॉर्ट बायो: कुंदन कुमार पिछले 21 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं। वर्तमान समय में हिन्दुस्तान के सिटी टीम का नेतृत्व बतौर चीफ रिपोर्टर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
कुंदन कुमार हिंदी पत्रकारिता का एक प्रतिष्ठित नाम है। जिन्हें पत्रकारिता में 21 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान मुजफ्फरपुर में सिटी रिपोर्टिंग टीम को लीड कर रहे हैं। प्रशासनिक खबरों पर इनकी मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर
कुंदन ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में प्रभात खबर से की थी। उन्होंने राष्ट्रीय सहारा में भी काम किया और सिटी केबुल में बतौर न्यूज एंकर काम किया है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक रिपोर्टिंग
कुंदन B.Sc (केमेस्ट्री) और मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमाधारी हैं। प्रशासनिक खबरों पर मजबूत पकड़ के कारण सरकारी योजनाओं, आदेश निर्देश आदि की अच्छी परख है और इसपर इन्होंने बेहतरीन काम किया है।
विजन
प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता के हिसाब से पक्की खबरे प्रस्तुत करना और खबरों को आम लोगों के लिए उपयोगी और जानकारी परक बनाना इनका उद्देश्य है।
विशेषज्ञता
विशेष मौकों और घटनाओं की तथ्यपरक रिपोर्टिंग करना और टीम की खबरों को मानक पर कसने में ये दक्ष हैं। बड़ी घटनाओं में कवरेज की रूपरेखा तुरंत तैयार करना और उन्हें धरातल पर उतारना भी इनकी खास विशेषता है।

शॉर्ट बायो: कृष्ण कुमार मिश्र पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में जनपद उन्नाव ब्यूरो टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभवकृष्ण कुमार मिश्र भारतीय प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में जनपद उन्नाव ब्यूरो इंचार्ज हैं। वर्ष 2015 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने प्रतापगढ़, कानपुर साउथ, बुंदेलखंड में बांदा और अब उन्न्नाव में पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (डेस्क से रिपोर्टिंग)कृष्ण कुमार मिश्र ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2012 में राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। वर्ष 2012 में राष्ट्रीय सहारा में डेस्क पर रहे, जहां खबरों के सम्पादन में निपुण हुए। वर्ष 2014 फरवरी से 2015 जनवरी तक अमर उजाला की रोहतक यूनिट में डेस्क पर रहे। जहां जींद, सोनीपत, फतेहाबाद और सिरसा जैसे प्रमुख जिलों की कमान संभाली। वर्ष 2015 फरवरी में ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े। वर्तमान में बतौर ब्यूरो इंचार्ज जनपद उन्नाव टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंगB.Sc (बायोलॉजी) और मास कम्युनिकेशन में बीजेएमसी होने के कारण कृष्ण कुमार मिश्र को विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। क्राइम और राजनीति पर कमांड होने के साथ मेडिकल रिसर्च, समसामयिक घटनाक्रम आदि पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ स्टोरीज लिख रहे हैं।
एंटरटेनमेंट और विजनक्राइम, राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम आदि पर कृष्ण कुमार मिश्र की गहरी समझ है। उन्होंने कई एक्सक्लूसिव खबरें की हैं। कृष्ण कुमार मिश्र का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
क्राइम, राजनीति, हेल्थ, सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग

शॉर्ट बायो: कौशलेंद्र मिश्र पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में स्टेट ब्यूरो टीम के सदस्य हैं।
परिचय एवं अनुभव
कौशलेंद्र मिश्र प्रिंट मीडिया जगत के एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट ब्यूरो टीम के सदस्य हैं। 2014 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने प्रिंट मीडिया के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है। उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनाव को भी कवर किया है।
करियर का सफर (प्रिंट मीडिया)
कौशलेंद्र ने अपने करियर की शुरुआत 1998 में“प्रभात खबर’ हिंदी दैनिक के फीचर पृष्ठ पर आलेख लेखन से किया। इसके बाद, स्थानीय व राष्ट्रीय पत्रिकाओं के लिए समाचार संकलन और आलेख लेखन किया। प्रिंट मीडिया और हिंदी पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2005 से ‘प्रभात खबर’ के स्टेट ब्यूरो टीम में शामिल हुए। इसके बाद, 2014 से ‘हिन्दुस्तान’ के स्टेट ब्यूरो टीम के सदस्य हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
श्रम एवं समाज कल्याण (एलएसडब्लू) में पोस्ट ग्रेजुएट और मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा इन पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण कौशलेंद्र को समाज के विभिन्न पहलुओं और बदलते परिवेश में राज्य एवं राष्ट्रीय राजनीति को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिला। इसी वजह से वह चुनाव, वित्त एवं सभी प्रकार के कल्याण से जुड़े विषयों से संबंधित बीट पर कमांड होने के साथ मेडिकल रिसर्च एवं स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर लगातार लेखन करते रहे हैं। स्वास्थ्य, चुनाव प्रक्रिया, वित्तीय एवं बजटीय प्रावधानों, समाज कल्याण से जुड़े आदि विषयों पर गहरी समझ है। उन्होंने इन विषयों से संबंधित विशेषज्ञों एवं सेलिब्रिटी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। कौशलेंद्र का मानना है कि समाज के वंचित एवं हाशिए के लोगों को प्रभावित करने वाले विषयों की तथ्यपरक एवं विश्वसनीय प्रस्तुति पत्रकारिता की नींव है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
मेडिकल, हेल्थ, चुनाव प्रक्रिया, वित्तीय समीक्षा एवं विश्लेषण सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू मेडिकल रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग

शॉर्ट बायो: जितेंद्र कुमार पांडेय पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के छपरा जिला ब्यूरो टीम से जुड़कर शिक्षा, कृषि बीट में रिपोर्टिंग करते हैं। नियमित तौर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए रिपोर्टिंग करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
जितेंद्र ने सारण जिले के दाउदपुर से 2008 में रिपोर्टिंग की शुरुआत की। 2015 में छपरा जिला मुख्यालय में हिन्दुस्तान की ब्यूरो टीम का हिस्सा बने। प्रिंट के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
कॅरियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अपने कॅरियर की शुरुआत 2008 में हिन्दुस्तान अखबार से की। यहां प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2015 में जिला मुख्यालय में प्रिंट और डिजिटल में कदम रखा।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएमसी मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हैं। राष्ट्रीय स्तर की चार पांच खबरें एक्सक्लूसिव के तौर पर ब्रेक किया। इसके बाद राष्ट्रीय चैनलों ने भी उस खबर को उठाया।
विशेषज्ञता
खबरों में तथ्य उद्भेदन
एक्सक्लूसिव, शिक्षा

शॉर्ट बायो: जय प्रकाश सिंह पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए नियमित तौर पर स्टोरी व हार्ड न्यूज देते हैं।
परिचय एवं अनुभव
डिजिटल मीडिया जगत में सक्रिय हैं। पत्रकारिता में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। 2020 से इस भूमिका में रहते हुए डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अपने कॅरियर की शुरुआत 2015 में हिन्दुस्तान अखबार से की। यहां प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और वर्तमान में बदलते दौर की समझ और सीखने की ललक है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
एमए के बाद राजनीति विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इस वजह से मनोरंजन बीट पर कमांड होने के साथ राजनीति से जुड़ी स्टोरी लिखते हैँ।
विजन
विभिन्न विषयों पर गहरी समझ है। इनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग


शॉर्ट बायो : हरीश कुमार सिंह पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान समाचार पत्र में विकासनगर संस्करण में बतौर ब्यूरो टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
हरीश कुमार सिंह को पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में विकासनगर संस्करण में बतौर ब्यूरो प्रभारी लीड कर रहे हैं। विगत दो साल से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने विकासनगर संस्करण को पाठकों की रुचि के अनुरूप बनाया।
करियर का सफर
हरीश कुमार सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में राष्ट्रीय सहारा से की। इसके बाद दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों काम किया। जहां से उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2024 में वह हिन्दुस्तान समाचार पत्र से जुड़े। वर्तमान में विकासनगर संस्करण में ब्यूरो प्रभारी रहते हुए पांच सेंटरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
एमए इंग्लिश में पोस्ट ग्रेजुएट और मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा किया है।
एंटरटेनमेंट और विजन
क्राइम, खेल, सामान्य लोकल त्योहारों की गहरी समझ है। हरीश कुमार सिंह का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
क्राइम रिपोटिंग, हेल्थ रिपोटिंग, खेल रिपोटिंग

शॉर्ट बायोः हरींद्र तिवारी पिछले 28 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान रांची में विशेष संवाददाता हैं। सिटी रिपोर्टिंग टीम को लीड कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव: हरींद्र तिवारी झारखंड के मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 26 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान रांची की सिटी रिपोर्टिंग टीम को लीड कर रहे हैं। (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) वर्ष 2015 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने अपनी खास पहचान बनायी है।
करियर का सफर : हरींद्र ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1998 में प्रभात खबर से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2002 में हिन्दुस्तान ज्वाइन किया। हाईकोर्ट, पीएसयू और जिला प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण बीट पर काम कर चुके हैं। वर्ष 2014 में वह चीफ रिपोर्टर बने और अभी सिटी रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: बीए ऑनर्स (अर्थशास्त्र) और जर्नलिज्म में ग्रेजुएट और एलएलबी होने के कारण हरींद्र को लीगल, पीएसयू और प्रशासनिक पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह कोर्ट रिपोर्टिंग में बीट पर कमांड होने के साथ पीएसयू और प्रशासनिक विषयों पर खास वेरिफाइड एक्सप्लेनर स्ट्रोरी लिख रहे हैं। शिक्षा के अधिकार कानून लागू करने के पूर्व हाईकोर्ट ने उन्हें कोलकाता में प्रशिक्षण के लिए भेजा था। सुप्रीम कोर्ट की ओर से कटक में मीडिया के लिए आयोजित विशेष कार्यशाला में भी झारखंड से इन्हें भेजा गया था।
लीगल समझ और तथ्यों पर फोकस : कोर्ट रिपोर्टिंग के साथ इससे जुड़े अन्य संस्था- झालसा, बार कौंसिल से जुड़े मामलों की उन्हें गहरी समझ है। पीएसयू की कार्यशैली, खबरें और उनके मंत्रालय तक में इनके संपर्क हैं। इन्होंने हाईकोर्ट, एचईसी जैसे पीएसयू की कई खबरें ब्रेक की हैं। हरींद्र का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। इनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।

शॉर्ट बायो: गुलशाद अहमद पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान डिजिटल' और हिन्दुस्तान हिन्दी अखबार में प्रमुख संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभवगुलशाद अहमद मीडिया के एक प्रतिष्ठित पत्रकार हैं। 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान हिन्दी अखबार के मुजफ्फरपुर संस्करणर में कार्यरत हैं। 2004 से पत्रकार रहते हुए उन्होंने बेहतर कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर गुलशाद ने अपने करियर की शुरुआत 2004 में हिन्दी दैनिक आज से शुरू की। 2010 से हिन्दुस्तान अखबार में कार्यालय संवाददाता के रूप में काम किया और 2017 में दैनिक भास्कर में सीनियर क्राइम रिपोर्ट के रूप में ज्वाइन किया। पुन: हिन्दुस्तान में 2021 से बतौर प्रमुख संवाददाता के रूप में काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमिबीआरए बिहार विश्विद्यालय से स्नातक किया और पत्रकारिता क्क्षेत्र में लंबा अनुभव है। वह क्राइम रिपोर्टिंग में महारत रखते हैं। अपराध जगत की बेहतरीन स्टोरी व एक्सक्लुसिव खबरें लिखते रहे हैं।
विजनअपराध की खबरों की गुलशाद की गहरी समझ है। उन्होंने कई बेहतरीन स्टोरी व एक्सक्लुसिव खबरें लिखी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
अपराध की खबरों पर पकड़।

शॉर्ट बायो : पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में‘हिन्दुस्तान’ की सिटी टीम में जिला प्रशासन, वीआईपी और विकास भवन बीट का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
गौरव श्रीवास्तव भारतीय हिन्दी मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) कानपुर में जिला प्रशासन और विकास भवन को लीड करते हैं। 2021 से इस भूमिका में रहते हुए, उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है। बिजली और स्वच्छ भारत मिशन समेत कई अभियान चलाए।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
गौरव ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में इलेक्ट्रानिक मीडिया इंडिया टीवी से की। फिर राष्ट्रीय सहारा, जनसंदेश, दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों में रहे। जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2008 से 2012 तक अमर उजाला में क्राइम, विकास समेत कई बीट पर काम किया। 2013 से अब तक हिन्दुस्तान में कई फील्ड में काम किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कई अभियान
कामर्स, लॉ, पोस्ट ग्रेजुएशन और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण गौरव को कानून और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से प्रशासन बीट पर कमांड होने के साथ कानून की जानकारी और वीवीआईपी से जुड़े विषयों पर कई एक्सप्लेनर स्टोरीज़ लिखी। कई चुनावों की कवरेज को लीड किया। बिजली और स्वच्छ भारत मिशन समेत कई अभियान चलाए।
प्रशासन व पब्लिक कनेक्ट
जनता से जुड़ी खबरे, वर्तमान घटित विषयों से लेकर चुनावी गतिविधि आदि विषयों पर गौरव की गहरी समझ है। उन्होंने कई सेलिब्रेटी और वीआईपी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। गौरव का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
चुनाव कवरेज, सभा और सरकारी योजनाओं की पड़ताल
सेलिब्रिटी व वीआईपी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
कृषि से जुड़े मामले, एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग
बिजली व स्वच्छ भारत मिशन समेत कई अभियान

शॉर्ट बायो
पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिन्दुस्तान धनबाद में बतौर प्रिंसिपल कंटेंट क्रिएटर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
गंगेश गुंजन मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। जिनके पास पत्रकारिता में 23 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में बतौर प्रिंसिपल कंटेंट क्रिएटर काम कर रहे हैं। इन्होंने शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी खबरें, स्पोर्ट्स, फैशन-युवा और झारखंड की स्थानीय राजनीति की खबरों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
गंगेश गुंजन ने अपने कैरियर की शुरुआत 2002 से दैनिक जागरण अखबार से की। प्रिंट मीडिया और रिपोर्टिंग की बारीकियों को वहां से सीखा। 2009 में हिन्दुस्तान अखबार से जुड़कर अपने कैरियर को आगे बढ़ाया। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में प्रिंसिपल कॉरेस्पोंडेंट के पद पर काम करते हुए सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, जिला प्रशासन, स्पोर्ट्स और झारखंड के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बैचलर इन आर्टस (अर्थशास्त्र) और जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट रहने की वजह से पत्रकारिता के क्षेत्र में बड़ी बीटों पर बेहतर काम करने में सहायता मिली। ऑफ बीट, स्पोर्ट्स, फिल्म-म्यूजिक के क्षेत्र में कमांड होने का लाभ अखबार को मिल रहा है। सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर की खबरें राज्य स्तर पर प्रकाशित हुई है।
पत्रकारिता का विजन
गंगेश का मानना है कि पत्रकारिता का मूल, फील्ड रिपोर्टिंग से है। लोगों के आम जीवन में हो रही परेशानियों की खबरें आज भी सबसे अधिक पढ़ी जाती है। इन्होंने झारखंड के कई सेलिब्रेटी एमएस धोनी, बॉलीवुड एक्टर जीशान कादरी का इंटरव्यू किया है। युवा और महिलाओं पर आधारित खबरें को प्रमुखता देना उनके विजन में शामिल है।
विशेषज्ञता
- ग्राउंड रिपोर्टिंग
- ऑफबीट खबरें
- स्पोर्ट्स और फिल्में
- झारखंड की आदिवासी मूलवासी की खबरें
- सेलिब्रेटिज का इंटरव्यू

शार्ट बायो :
दिलीप कुमार पिछले 26 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वर्तमान में हिन्दुस्तान के फतेहपुर संस्करण में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
प्रिंट मीडिया में दिलीप कुमार चर्चित नाम हैं, जिन्हे पत्रकारिता में 26 साल का अनुभव हैं वर्तमान में वह हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप में फतेहपुर की टीम को लीड कर रहे हैं ल्ल वर्ष 2011 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने जिले के पाठको की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई हैं।
करियर का सफर
दिलीप कुमार ने करियर की शुरुआत वर्ष 2001 में अमर उजाला जैसे प्रमुख अख़बार से की हैं जहां प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2007 में वह हिन्दुस्तान टाइम्स में कदम रखा और गोरखपुर संस्करण की लंचिंग का हिस्सा रहे। वह बाद में कानपुर संस्करण में आकर फतेहपुर टीम के नेतृत्व का दायित्व संभाला।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोटिंग
समाजशात्र व राजनीति शास्त्र से स्नातक और मास कम्युनिकेशन करने के कारण राजनीति और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वज़ह से राजनीतिक बीट कमांड था, साथ अपराध और मेडिकल बीट पर भी पकड़ बनाते हुए कई स्पेशल स्टोरी लिखी।
विजन
क्राइम की खबरों को लेकर अच्छी समझ होने के कारण कई अनसुलझी घटनाओ की तह पर जाकर कवरेज करते हुए स्टोरी दी, जो बाद मे केस की विवेचना का हिस्सा बने.
विशेषज्ञयता
राजनेता समेत कई हस्तियों से इंटरव्यू लेकर प्रकाशित किया। टीम लीडर के नाते टीम के युवा साथियों को अपने अनुभवो को साझा करते हुए उन्हें प्रमोट किया।

शॉर्ट बायो : पिछले नौ वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। ‘हिन्दुस्तान’ के हाजीपुर ब्यूरो टीम का हिस्सा हैं।
कॅरियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
कॅरियर की शुरुआत 2016 में न्यूज 18 में सीतामढ़ी से की। 2017 में दैनिक भास्कर के लिए आरा से रिपोर्टिंग किया। वर्ष 2022 के अंत में हिन्दुस्तान से जुड़े। ‘लाइव हिन्दुस्तान’ से जुड़ने के बाद वर्तमान में सेकेंड मैन के रूप में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बीए (हिस्ट्री ऑनर्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण जिला प्रशासन के साथ क्राइम, नगर परिषद, धर्म और आध्यात्म के साथ-साथ मौसम की रिपोर्टिंग करने में महारत हासिल है। ट्रेंड्स, मौसम, जिला प्रशासन, योजनाओं और लाइफस्टाइल विषयों पर गहरी समझ है। कई एक्सक्लूसिव न्यूज किए हैं। इनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, नगर परिषद, जिला परिषद, क्राइम, धर्म कर्म, मौसम, स्पोर्ट्स, शिक्षा, हेल्थ और फिटनेस रिपोर्टिंग।

शॉर्ट बायो: चंद्रशेखर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ' हिन्दुस्तान' में बांदा ब्यूरो इंचार्ज के रूप में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
चंद्रशेखर भारतीय प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बुंदेलखंड के मंडल मुख्यालय बांदा में टीम को लीड कर रहे हैं। सितंबर 2025 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने प्रिंट कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (इलेक्ट्रानिक से प्रिंट)
चंद्रशेखर ने अपने करियर की शुरुआत 2015 में के न्यूज इंडिया चैनल से शुरू करने के बाद दैनिक आज, दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने अलग अलग जिलों में सेवाएं देकर प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2021 में अमर उजाला प्रिंट के साथ जुड़कर महोबा और हमीरपुर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में सेवाए दीं। इसके बाद वह 13 सितंबर 2025 को ‘हिन्दुस्तान’ से जुडे और वर्तमान में बांदा ब्यूरो इंचार्ज के रूप में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक रिपोर्टिंग
बीएससी (बायोलॉजी) और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन कानपुर विश्वविद्यालय से होने के कारण चंद्रशेखर को विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह प्रशासनिक व्यवस्था, शिक्षा, राजनीति, हेल्थ, समसमायिक मुद्दों पर कमांड होने के साथ वह इन पर स्टोरीज़ लिख रहे हैं।
विकास कार्य एवं विजन
विकास कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, अपराध, जिला प्रशासन, कारागार, नगर पालिका, खेलकूद, इलेक्ट्रानिक, डिजिटल विषयों पर चंद्रशेखर की गहरी समझ है। चंद्रशेखर का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है,उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
राजनीतिक शख्तियत एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
विकास कार्य, अर्थशास्त्र, बिजनेस, व्यापार, मेडिकल, लाइफ स्टाइल , प्रशासनिक , किसान, जवान, नौजवान , समसामयिक मुद्दे

शॉर्ट बायो : चंद्रशेखर बुडाकोटी पिछले 29 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में दैनिक हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में उत्तराखंड में स्टेट ब्यूरो टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
चंद्रशेखर बुडाकोटी भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 29 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) मे उत्तराखंड स्टेट पॉलिटिकल ब्यूरो टीम के लीडर हैं। हिंदुस्तान में वर्ष 2006 से विभिन्न भूमिकाओं में उन्होंने मीडिया के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
चंद्रशेखर बुडाकोटी ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996_97 में देहरादून से दैनिक जागरण से शुरुआत की। वर्ष 2000 में अमर उजाला में स्टेट ब्यूरो टीम से जुड़े। पांच साल तक राजनीतिक, वन पर्यावरण, शिक्षा, परिवहन समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी खबरों से मजबूत पहचान बनाई। वर्ष 2006 में हिन्दुस्तान से जुड़कर मेरठ ( उत्तर प्रदेश) में नई पारी शुरू की। वर्तमान में देहरादून में हिन्दुस्तान के उत्तराखंड स्टेट पॉलिटिकल ब्यूरो टीम के लीडर हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
B.Sc (बायोलॉजी) और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट होने के कारण चंद्र शेखर को विज्ञान, पर्यावरण, वाइल्ड लाइफ और पत्रकारिता का लाभ मिला। अमर उजाला में वर्ष 2001_02 के दौरान 9 महीने तक गढ़वाल मंडल में रोमिंग रिपोर्टर के रूप में विभिन्न सेक्टर में ऑफ बीट रिपोर्टिंग से अपनी अलग पहचान स्थापित की। वह राजनीतिक, फाइनेंस, प्राकृतिक आपदा और प्रबंधन, शिक्षा बीट पर कमांड होने के साथ वित्तीय विश्लेषण, शिक्षा के बदलाव और सुधार, कृषि_बागवानी से जुड़े विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन एक्सप्लेनर स्टोरीज़ लिख रहे हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
फाइनेंस, पॉलिटिकल, एजुकेशन, डिजास्टर, कृषि बागवानी, उपभोक्ता विषयों पर चंद्र शेखर की गहरी समझ है। उन्होंने कई ब्रेकिंग, एक्सक्लूसिव स्टोरीज ब्रेक की हैं। चंद्र शेखर का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। चंद्र शेखर का लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
फाइनेंस, पॉलिटिकल, एजुकेशन, डिजास्टर, कृषि बागवानी, उपभोक्ता मामले
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
फाइनेंस, डिजास्टर, एजुकेशन रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग

शॉर्ट बायो: चंदन द्विवेदी पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान', पटना में सिटी रिपोर्टिंग टीम का हिस्सा हैं। वह नगर निगम, स्मार्ट सिटी, बुडको और प्रदूषण मामलों के जानकार हैं।
परिचय एवं अनुभव
चंदन द्विवेदी को पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव है। वह 2012 में हिन्दुस्तान से जुड़े और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में पटना सिटी रिपोर्टिंग टीम में मुख्य संवाददाता हैं। 2019 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने साहित्यिक पत्रकारिता, रेलवे, एयरपोर्ट, मौसम, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी शिक्षा, पारम्परिक शिक्षा, स्टार्टअप और नवाचार के साथ साथ नगर निगम और स्मार्ट सिटी की विशेष खबरों के साथ पहचान बनाई है। खबरों की दुनिया के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है। डिजिटल की भी समझ रखते हैं।
करियर का सफर
चंदन द्विवेदी ने अपने करियर की शुरुआत 2012 में हिंदुस्तान की, यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। वे लगातार इस समूह के साथ बने हुए हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रेलवे रिपोर्टिंग
संस्कृत और हिन्दी में पोस्ट ग्रेजुएट एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा होने के कारण चंदन द्विवेदी को साहित्य और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह साहित्य बीट पर कमांड होने के साथ मौसम, एयरपोर्ट, रेलवे, नवाचार और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन स्टोरीज़ लिख रहे हैं। साहित्य, प्रकृति, मौसम और जलवायु में बदलाव जैसे विषयों पर चंदन द्विवेदी की गहरी समझ है। उन्होंने कई साहित्यिक सितारों, गीतकारों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं और सेलिब्रिटी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। चंदन द्विवेदी का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। साहित्य उनकी पत्रकारिता को संजीवनी देता है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
मौसम, साहित्य, रेलवे, एयरपोर्ट, जलवायु परिवर्तन, नदी अध्ययन, प्रदूषण, सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, ग्राउंड रियलिटी रिपोर्टिंग, एजुकेशनल रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग

शॉर्ट बायो :
चांद मोहम्मद पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में देहरादून यूनिट में बतौर वरिष्ठ संवाददाता कार्य कर रहे है।
परिचय एवं अनुभव
चांद मोहम्मद हिंदी पत्रकारिता में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 11 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान अखबार में देहरादून में कार्यरत है और हेल्थ रिपोर्टिंग कर रहे है। वह पिछले आठ साल से हिंदुस्तान से जुड़े है। स्वास्थ्य रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर
चांद ने अपने करियर की शुरुआत 2015 में अमर अखबार देहरादून से की। जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2018 में उन्होंने हिंदुस्तान ज्वाइन किया। वर्तमान में वह हेल्थ, मेडिकल एजुकेशन, मौसम, मुस्लिम कम्युनिटी रिपोर्टिंग के अलावा देहरादून हिंदुस्तान में सह सिटी प्रभारी और सह अपराध संवाददाता की भूमिका में है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
चांद बी कॉम और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट है। वह यूपी के मुजफ्फरनगर के छोटे से गांव भंगेला से है। समाज के वंचित लोगों की आवाज उठाने, मरीजों की पीड़ा बयां करना उनका एक जज्बा बयां करता है। कोविड के दौरान उन्होंने पीड़ा बताती और सिस्टम पर प्रहार करती रिपोर्टिंग की। मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर उन्होंने काफी काम किया है। लगातार जागरूकता परक और रिसर्च बेस्ड स्टोरी हेल्थ और मौसम पर करते है।
विजन
चांद का विजन है कि वह अपने जर्नलिज्म से आम आदमी के मुद्दों को उठाए और उन्हें हल कराए। पाठकों के बीच अखबार की विश्वसनीयता बनाए रखे।
विशेषज्ञता
स्वास्थ्य रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों, मौसम, मुस्लिम कम्युनिटी के मामलों के जानकार है।

शॉर्ट बायो: ब्रजेश कुमार रोहसात (सासाराम) जिले की पत्रकारिता में पिछले 22 वर्षों से सक्रिय हैं। वर्तमान में हिन्दुस्तान कार्यालय, सासाराम में रिपोर्टर हैं।
परिचय एवं अनुभव
इन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान (सासाराम कार्यालय) में राजनीति, क्राइम, उच्च शिक्षा आदि बीट देखते हैं। बदलते ट्रेंड्स पर इन्होंने मजबूत पकड़ बनायी है।
कॅरियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
2004 में कॅरियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका, नई दुनिया जैसे प्रमुख अखबारों से की। यहां प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद दैनिक जागरण में कैमूर जिले के ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। 2017 से 2021 तक स्टाफ रिपोर्टर के रूप में दैनिक भास्कर अखबार और उसके बाद 2025 मार्च तक दैनिक भास्कर डिजिटल में कार्य किया। फिर ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
एमए (इतिहास) और लॉ ग्रेजुएट होने के कारण सामाजिक विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इस वजह से राजनीति बीट पर कमांड होने के साथ-साथ शिक्षा और प्रशासन से जुड़ी विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन एक्सप्लेनर स्टोरीज़ लिखने में दक्ष हैं।
पॉलिटिकल और सामाजिक विषयों पर गहरी समझ है। इनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
पॉलिटिकल, सोशल एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग

शॉर्ट बायो : भादो माझी पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में प्रिंसिपल कोरेस्पोंडेंट के तौर पर जनजातीय बहुल इलाक़ों में पत्रकारिता कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
भादो माझी प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में प्रिंसिपल कोरेस्पोंडेंट के तौर पर राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों पर नजर रखते हैं। जनजातीय समाज के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, पारंपरिक एवं शैक्षिक पहलुओं के विश्लेषण पर उनका विशिष्ट अनुभव हैं। 2021 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने प्रिंट मीडिया एवं डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर :
भादो माझी ने अपने करियर की शुरुआत 2009 में दैनिक जागरण अखबार से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2015 में दैनिक जागरण में उन्हें लोकल कंटेंट क्रिएटर टीम का नेतृत्व दिया गया। 2015 से 2021 तक दैनिक जागरण में लोकल रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व करने के बाद वह ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट होने के कारण भादो माझी को पत्रकारिता की तकनीकी और फील्ड प्रैक्टिकलिटी की मजबूत समझ है। इसी वजह से उनका राजनीतिक बीट पर कमांड होने के साथ उन्हें जनजातीय समाज में आ रहे परिवर्तन की शोध स्तरीय विशेषज्ञता प्राप्त है। झारखंड के ट्राइबल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मीडिया स्टडीज के शोध छात्रों के लिए उन्होंने फ़ील्ड गाइड के रूप में भी अपनी एक्स्पर्टीज़ को साझा किया। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध उनकी शोध आधारित स्टोरीज को आज भी रेफरेंस के तौर पर जनजातीय मामलों की रिपोर्ट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
ट्राइबल स्टडीज एवं योगदान
झारखंड के 32 (अब 33) जनजाति की रूढ़ि परंपरा से लेकर स्वशासन व्यवस्था के बारे में उनकी पकड़ न सिर्फ़ इन जनजातियों के बीच मज़बूत है बल्कि अलग अलग माध्यमों से इन समुदायों की स्थिति और संभावनाओं पर भी इनकी रिपोर्ट सरकार के नीति निर्धारकों तक के लिए इन जनजातियों का मंतव्य प्रस्तुत करती रही है। भादो माझी का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना तो है ही, साथ ही वंचित वर्ग की आवाज बनकर नीति निर्धारकों तक वस्तुस्थिति पहुंचाना और भविष्य की रणनीति को बेहतर बनाने में अपना योगदान देना है।
विशेषज्ञता
झारखंड के 32 जनजाति समाज की समझ
रूढ़ि परंपरा पर गहरी पकड़
सुदूर गांवों के अंतिम पंक्ति में खड़े आदिवासियों से सीधा संवाद
झारखंड की सभी जनजाति की भाषा की जानकारी
देश की तीसरी सबसे बड़ी जनजाति संथाल समाज से आना

शॉर्ट बायो : बासुकीनाथ पांडेय पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। लोकल न्यूज के बाद वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ बक्सर जिला ब्यूरो टीम में हैं। यहां ' बोले बक्सर ' पेज और शहर की प्रमुख घटनाओं को कवर करते हैं।
परिचय एवं अनुभव:
इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट में काम करने का चार वर्षों का व्यवहारिक अनुभव है। वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' के बक्सर कार्यालय में अपनी सेवा दे रहे हैं। स्थानीय रिपोर्टिंग में इनकी पकड़ काफी मजबूत है। वीडियो बनाने और फील्ड रिपोर्टिंग में उत्कृष्ट हैं।
कॅरियर
कॅरियर की शुरुआत एक स्थानीय लोकल चैनल से की। यहां पत्रकारिता की बुनियादी बारीकियां और कैमरा फेस करना सीखा। बदलते दौर के साथ यूट्यूब न्यूज चैनल्स के लिए भी काम किया। इसके बाद हिन्दुस्तान अखबार से जुड़े।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि:
वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल की।
रिपोर्टिंग और विजन :
वर्तमान में मुख्य रूप से 'बोले बक्सर पेज के लिए खबरें एकत्रित करते हैं। बक्सर शहर में हो रहीं घटनाओ को कवर करते हैं। इनका मानना है कि पत्रकारिता जन-सरोकार से जुड़ी होनी चाहिए। लोकल व यूट्यूब न्यूज चैनल्स अनुभव के कारण ये डिजिटल वीडियो और त्वरित खबरों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
विशेषज्ञता
-बक्सर जिले की ग्राउंड रिपोर्टिंग
- लोकल व यूट्यूब न्यूज चैनल का अनुभव।
- डिजिटल वीडियो और मोजो जर्नलिज्म।
- बोले बक्सर और स्थानीय मुद्दों का विश्लेषण।

शॉर्ट बायो : बलराम मिश्र, भागलपुर के मूल निवासी हैं।पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा बीट की खबरें लिख रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
बलराम मिश्र, मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वे हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप में उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा संवाददाता के रूप में प्रिंट सहित डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
बलराम मिश्र ने अपने करियर की शुरुआत 2016 में दैनिक जागरण जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। उन्होंने दैनिक जागरण में वर्ष 2017 से क्राइम रिपोर्टिंग की शुरुआत की। इस दौरान भागलपुर में हुए 2200 करोड़ के सृजना घोटाला की कई एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग के साथ 90 दिनों तक फॉलोअप किया। इस अवधि में कई सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के मारवाड़ी कालजे से बीकॉम के बाद पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन के बाद पत्रकारिता की शुरुआत की।
विजन
क्राइम, उच्च शिक्षा और खेल बीट पर तथ्य परक रिपोर्टों नग के लिए बलराम की पहचान है। बलराम का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है, उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
क्राइम, उच्च शिक्षा, खेल

आशीष त्रिवेदी पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में शिक्षा, पॉलिटिक्स और सामाजिक विषयों से जुड़े विभागों की टीम का नेतृत्व कर रहे हैं ।
परिचय एवं अनुभव
आशीष त्रिवेदी भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम है, जिन्हें पत्रकारिता में 21 वर्षों का अनुभव है । वर्तमान में वह “हिंदुस्तान” ( हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप) ग्रुप में शिक्षा, पॉलिटिक्स व सामाजिक विषयों से जुड़े विभागों का नेतृत्व कर रहे हैं । वर्ष 2005 में पत्रकारिता में करियर शुरू किया। उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है ।
करियर का सफर
आशीष त्रिवेदी ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में दैनिक जागरण से की और यहाँ वर्ष 2008 तक कार्य किया। फिर वर्ष 2008 से वर्ष 2013 तक हिंदुस्तान में कार्य किया। वर्ष 2013 से 2015 तक अमर उजाला में कार्य किया। वर्ष 2015 से अप्रैल 2025 तक दैनिक जागरण में कार्य किया। दैनिक जागरण स्टेट ब्यूरो में रहे। वर्तमान में अप्रैल 2025 से हिंदुस्तान स्टेट ब्यूरो में कार्य कर रहे हैं ।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और शिक्षा रिपोर्टिंग
एमए (हिंदी) और पीजी डिप्लोमा इन मीडिया राइटिंग में किया।
विशेषज्ञता
करियर के शुरुआत से ही शिक्षा की रिपोर्टिंग की और इसमें विशेषजता हासिल की।
शिक्षा में रिसर्च और एक्सपर्ट वेरिफाइड खबरें लिखी। लगातार अच्छी खबरें लिखी हैं।

शॉर्ट बायो:आशीष श्रीवास्तव पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। हिन्दुस्तान में चीफ रिपोर्टर हैं और रेल, एयरपोर्ट और प्रशासन बीट की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
आशीष श्रीवास्तव का पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ गोरखपुर की रिपोर्टिंग टीम को लीड कर रहे हैं। 2023 से वह चीफ रिपोर्टर की भूमिका में हैं जबकि रेल, एयरपोर्ट और प्रशासन की रिपोर्टिंग 2014 से कर रहे हैं।
कॅरियर का सफर
आशीष श्रीवास्तव ने अपनी कॅरियर की शुरुआत 2009 में दैनिक भाष्कर, भोपाल से की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण गोरखपुर में कार्य किया। 2010 में हिन्दुस्तान गोरखपुर के साथ अपनी पारी का आगे बढ़ाया। 2010 से 2012 तक शिक्षा और फिर 2014 तक स्वास्थ्य बीट की रिपोर्टिंग की। इसके बाद रेल, एयरपोर्ट और प्रशासन बीट लगातार काम कर रहे हैं। 2023 से बतौर चीफ रिपोर्टर रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता
बीएससी (बायोलॉजी) और मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण आशीष को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से रेलवे और एयरपोर्ट पर जहां तकनीकी पहलुओं पर विशेष खबरें करते हैं वहीं प्रशासनिक खबरों में तटस्थ रिपोर्टिंग से पहचान बनाई है।
रिपोर्टिंग और विजन
इन्वेटिगेशन में आशीष की काफी रूचि है। रेल बीट में काम करने के दौरान उनकी कई पड़ताल वाली खबरें नेशनल और स्टेट लेवल पर प्रकाशित हुईं। आशीष श्रीवास्तव का मानना है कि पत्रकारिता की बुनियाद विश्वसनीयता है, खबर तथ्यपरक और प्रमाणिक हो इससे पाठकों के बीच साख मजबूत होती है।
विशेषज्ञता
रेल, एयरपोर्ट, प्रशासन

शार्ट बायो:
आशीष दीक्षित पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में प्रशासन की बीट को देख रहे हैं।
परिचय और अनुभव:
आशीष दीक्षित मीडिया जगत का एक जाना माना नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान समाचार पत्र (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में प्रशासन की बीट को देख रहे हैं। बीते लगभग आठ महीने से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने प्रिंट कंटेंट के साथ-साथ डिजिटल कंटेंट पर भी पाठकों की रुचि के अनुरूप मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर:
आशीष ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में अमर उजाला बरेली से की थी। प्रिंट पत्रकारिता की समझ को विकसित करते हुए उन्होंने तेजी से उभरते हुए पत्रकारों में अपना नाम दर्ज कराया। वर्ष 2010 में उन्होंने हिन्दुस्तान समाचार पत्र ज्वाइन किया। लंबे समय तक शिक्षा, खेल, युवा मामले और कारोबार की बीट को कवर किया। इस दौरान तमाम ऐसी खबरें लिखी, जिनको बाद में दूसरे समाचार पत्रों और टीवी चैनलों ने भी फॉलो किया। डिजिटल जर्नलिज्म की शुरुआत के साथ उन्होंने नए जमाने की बदलती पत्रकारिता के साथ कदमताल किया। वह लाइव हिन्दुस्तान के लिए लगातार रोचक, पठनीय और दर्शनीय कंटेंट उपलब्ध करा रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग:
बीएससी बायोलॉजी और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण आशीष को विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में रिसर्च आधारित खबरों को बेहतर तरीके से कवर किया। यहां तक कि खेल की बीट में भी खिलाड़ियों की सेहत और तकनीक पर आधारित खबरें की।
विशेषज्ञता:
शिक्षा, रिसर्च, खेल, युवा मामले, ग्लैमर, प्रशासन और राजनीति

शॉर्ट बायो : आशीष दीक्षित पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान' मीडिया वेंचर्स लिमिटेड में स्वास्थ्य, कारेाबार, कॉरपोरेट, कांग्रेस बीट की रिपोटिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
आशीष दीक्षित पत्रकारिता जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में एचएमवीएल में काम कर रहे हैं। स्वास्थ्य, कांग्रेस,, कारेाबार, बाजार में मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
आशीष ने अपने करियर की शुरुआत 2008 में दैनिक जागरण अखबार से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद अलग-अलग राज्य में अलग-अलग समाचार पत्रों के साथ काम किया। 2014 में हिन्दी दैनिक हिन्दुस्तान के साथ काम शुरू किया। 2017 तक मुजफ्फरपुर व इसके बाद प्रयागराज में अलग-अलग भूमिका में काम किया। मौजूदा समय में वह कानपुर में काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
बी कॉम (कॉमर्स) और मास कम्युनिकेशन करने के बाद आशीष ने पत्रकारिता में अलग-अलग दायित्वों का निर्वाह किया। डेस्क, डिजिटल, ब्यूरो प्रभारी के अलावा रिपोटिंग में अच्छा काम किया। मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर बेहतरीन खबरें लिखीं। इसके अलावा देश-प्रदेश के विदेश व्यापार व वित्तीय जांच इकाइयों की खबरों पर भी काम किया। कई खबरें राष्ट्रीय व प्रदेश में एक्सक्लूसिव रहीं। यह सिलसिला लगातार जारी है।
विजन
मानवीय संवेदना की खबरो को अपनी बीट में प्रमुखता से देखा। ख्रासकर स्वास्थ्य बीट पर काफी गंभीरता दिखाई। घटनाओं की अपने विभाग से कनेक्टिविटी करके उससे संबंधित खबरें फाइल करना मुख्य ध्येय रहता है। काफी हद तक सफल भी हुए। इसके साथ ही अन्य हित की समस्याओं को प्राथमिकता से प्रकाशित करके उन पर असर और निरंतर तब तक फॉलो करते हैं, जब तक असर नहीं होता है।
विशेषज्ञता
स्वास्थ्य व कारोबार से जुड़े मामलों की तह तक जाने की जिज्ञासा निरंतर रहती है।
घटना की वजह जानने के साथ मानवीय संवेदनाओं पर पैनी नजर रखना
बीट की रूटीन खबरों के अलावा अलग हटकर समाचार निकालने पर निरंतर काम
मेडिकल में होने वाले रिसर्च व नयापन की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करना
हेल्थ, फिटनेस, निवेश, विदेश व्यापार से जुड़े मामलों में बेहतरीन काम

शॉर्ट बायो: आशीष तिग्गा पिछले 24 वर्षो से पत्रकारिता में सक्रिय है और वर्तमान में हिन्दुस्तान रांची में वरीय संवाददाता के रूप में विभागीय व सामाजिक मुद्दों की रिर्पोटिंग कर रहे हैं। आदिवासी समाज और जनजातीय मुद्दे इनकी विशेषज्ञता हैं।
परिचय एवं अनुभवआशीष तिग्गा पत्रकारिता जगत में समााजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में एक जाना-पहचाना नाम है। इन्हें पत्रकारिता में 23 वर्षो का अनुभव है। वर्तमान में रांची हिन्दुस्तान में रेलवे के साथ आदिवासियों के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक मुद्दों पर गहनता से रिर्पोटिंग कर रहे हैं। वर्ष 2009 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने पत्रकारिता में बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर आशीष ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 से अस्थाई तौर पर लोकल सिटी टीवी केबल न्यूज नेटवर्क और बाद में जैन टीवी नेटवर्क से की। इसके बाद प्रिंट मीडिया में आए और तीन वर्षो से सांध्य दैनिक झारखंड न्यूजलाइन में बतौर प्रशिक्षु रिपोर्टर के रूप में कार्य किया। इसके बाद वर्ष 2007-2009 तक आज हिंदी दैनिक, 2009-2018 तक दैनिक जागरण में रिपोर्टर रहे। फरवरी 2018 से हिन्दुस्तान रांची में वरीय संवाददाता के रूप में कार्य कर रहे है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमिइतिहास ऑनर्स से ग्रेजुएट के बाद मास्टर ऑफ जर्नलिज्म इन मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट किया। इसके बाद लॉ कॉजेज से विधि स्नातक हुए। इसी क्रम में ह्मयून राइट में विशेष कोर्स किया। विधि स्नातक और इतिहास संकाय में ग्रेजुएट होने के कारण सामाजिक न्याय,सामाजिक मुद्दों, आदिवासी मुद्दों पर शोध आधारित रिपोर्ट लिखने में सहायता मिली। बाल तस्करी-बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर निरंतर रिपोर्टिंग के लिए वर्ष 2018 में आईसीआरडब्ल्यू मीडिया अवार्ड, सामाजिक मुद्दों पर बेहतर रिर्पोटिंग के लिए वर्ष 2019 में झारखंड इंडीजिनियस पीपुल्स फोरम अवार्ड, वर्ष 2023 में कला-संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार से पत्रकारिता सम्मान से भी नवाजा गया। इसके अलावा वर्ष 2024 में बाल विवाह रोकथाम और वर्ष 2025 में नागरिक सहायता केंद्र पर मीडिया फेलाशिप मिली।
विजनरेलवे, बिजली, समाज कल्याण विभाग, कल्याण विभाग, बाल संरक्षण आयोग, ट्राइबल रिसर्च, ट्राइबल डेवलपमेंट स्कीम, सामाजिक धार्मिक मुद्दे, ट्राइबल इश्यू में गहरी समझ है और उन्होंने बाल तस्करी, ट्राइबल इश्यू, रेलवे में कई एक्सक्लूसिव स्टोरी दी है। इनका लक्ष्य है सामाजिक न्याय, ट्राइबल इश्यू पर अनछुए पहलुओं और पर्दे के पीछे चल रही खबरों को प्रमाणिक तौर पर पाठकों के सामने प्रस्तुत करना।

शार्ट बायो :
सांस्कृतिक समीक्षक के रूप में हिंदी पत्रकारिता में खास पहचान रखने वाले अरविन्द मिश्र अपने परिवार में तीसरी पीढ़ी के पत्रकार हैं। उनके दादा स्व.पं.जनार्दन दत्त मिश्र ‘व्यास’ ने आजादी की लड़ाई में अपनी लेखनी से देश की सेवा की। उनके पिता नवगीतकार स्व.पं.अशोक मिश्र ‘सामयिक’ ने देश के कई राष्ट्रीय समाचार पत्रों में उच्च पदों पर सेवाएं दीं।
परिचय एवं अनुभव
अरविन्द मिश्र, हिंदी सांस्कृतिक पत्रकारिता का जाना पहचाना नाम है। बीते ढ़ाई दशक से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता की मुख्य धारा में बतौर सांस्कृतिक पत्रकार कार्यरत हैं। पत्रकारिता की शुरुआत क्राइम रिपोर्टर के रूप में हुई। दैनिक आज और अमर उजाला के लिए अर्से तक धर्म-संस्कृति की रिपोर्टिंग के साथ-साथ खेल पत्रकारिता भी की। रंगमंच, साहित्यिक मंच और संचालन विधा पर लेखन करने के साथ ही स्वयं उक्त विधाओं से जुड़े भी हैं।
करियर का सफर
अरविन्द मिश्र ने विद्यार्थी जीवन के दौरान ही काशी के सांध्यकालीन एवं साप्ताहिक समाचार पत्रों के लिए लिखना शुरू कर दिया था। वर्ष 1997 में दैनिक आज से जुड़कर मुख्य धारा की पत्रकारिता आरंभ की। आज अखबार चार वर्ष सेवा देने के बाद वर्ष 2002 में दैनिक अमर उजाला के वाराणसी संस्करण से बतौर रिपोर्टर जुड़े। वर्ष 2008 से 2012 तक अमर उजाला कॉम्पैक्ट की डेस्क और रिपोर्टिंग टीम को लीड किया। बरेली में अमर उजाला कॉम्पैक्ट की लॉन्चिंग कराई। वर्ष 2013 में दैनिक हिन्दुस्तान के पटना संस्करण से जुड़े। हिन्दुस्तान की ‘पटना लाइव’ टीम को चार वर्षों तक लीड किया। वर्ष 2018 से वाराणसी में बतौर मुख्य संवाददाता कार्यरत हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
हाईस्कूल की परीक्षा विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी के रूप में उत्तीण करने के बाद इंटरमीडिएट की परीक्षा वाणिज्य विषय से दी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा यूपी बोर्ड से उत्तीर्ण की। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से वर्ष 1994 में बीकॉम की पढ़ाई पूरी की। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण एम.कॉम की पढ़ाई पूरी नहीं हो सकी। बहुत ही कम समय में अरविन्द मिश्र ने अमर उजाला में सांस्कृतिक पत्रकारिता के नवीन मानदण्ड स्थापित कर दिए। इस दौरान उन्होंने ‘काशी परिक्रमा’, ‘आमने-सामने’ और ‘देखी तुम्हरी काशी’ जैसे कॉलमों के माध्यम से अपनी लेखनी को धार दी। प्रदूषण की मार झेल रही गंगा पर उन्होंने विशेष रूप से कार्य किया। गंगा पर उनके विशिष्ट लेखन से प्रभावित होकर ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरुशंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उन्हें गंगारविन्द नाम दिया। सोशल मीडिया पर अरविन्द मिश्र इसी नाम से पहचाने जाते हैं। हिन्दुस्तान से जुड़ने के बाद अरविन्द मिश्र ने सांस्कृति पत्रकारिता में मील के कई पत्थर स्थापित किए। उन रिपोर्ट में रामनगर की रामलीला, नाटी इमली के भरत मिलाप से लेकर काशी में होने वाले धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों की अनेकानेक रिपोर्ट शामिल हैं। संकट मोचन संगीत समारोह और काशी के अति प्राचीन बेनियाबाग के इतिहास को पहली बार कलमबंद करने का श्रेय भी अरविन्द मिश्र को ही जाता है। उन्हें हिन्दुस्तान अखबार की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर दिए जाने वाले ‘होनहार अवार्ड’ इंडिवीजुअल कैटेगरी में छह बार दिए जा चुके हैं। जिन समाचार शृंखलाओं के लिए उन्हें यह अवार्ड मिले उनमें ‘काकोरी काण्ड के नायक’, ‘मैं बेनियाबाग हूं’, ‘प्रेमचंद के बहाने’, ‘प्रेमचंद से छल’, ‘सब्जीवाला शायर’ और ‘गंगा कावेरी’ शामिल हैं। संकट मोचन संगीत समारोह, काशी तमिल संगमम, बनारस लिट् फेस्ट जैसे वृहद आयोजनों की यादगार कवरेज की कटिंग पाठकों ने सहेज कर रखी है। 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग के दिन अरविन्द मिश्र ने 23 अगस्त की तारीख को चंद्रयान दिवस के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल छेड़ी। इसका नतीजा यह हुआ कि दक्षिण अफ्रीका की यात्रा से लौट कर सीधे इसरो पहुंचे प्रधानमंत्री ने इस दिन को नेशनल स्पेस डे के रूप में मनाने की घोषणा कर दी।
विशेषज्ञता
अरविन्द मिश्र निश्चित रूप से सांस्कृति पत्रकार के रूप में अपनी खास पहचान रखते हैं लेकिन मानवीय कोणों वाली स्टोरी, शिक्षा, खेल और प्रशासनिक रिपोर्टिंग में भी अपनी दक्षता प्रमाणित की है। एक सफल रिपोर्टर होने के साथ ही उन्होंने अपने आप को एक छायाकार के रूप में भी स्थापित किया। हिन्दुस्तान समाचार पत्र में पटना और वाराणसी संस्करण में सौ से अधिक फोटोग्राफ पर बाइलाइन मिल चुकी है। काशी में देवदीपावली के उत्सव की उनके द्वारा ली गई तस्वीर को हिन्दुस्तान के देशभर के सभी संस्करणों में प्रमुखता से स्थान मिल चुका है।

शॉर्ट बायो: अपूर्व वर्मा पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में दैनिक हिन्दुस्तान में खेल और वन्य पर्यावरण बीट का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अपूर्व वर्मा का पत्रकारिता में 15 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह दैनिक हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में खेल और वन्य पर्यावरण बीट की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। 2025 अगस्त से इस भूमिका में रहते हुए अपूर्व ने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अपूर्व वर्मा ने अपने करियर की शुरुआत 2011में दैनिक हिंदुस्तान से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। शुरुआती दौर से ही क्राइम बीट पर काम किया। कई महत्वपूर्ण खबरों को ब्रेक किया। पटना में हुई तमाम क्राइम की बड़ी घटनाओं को कवर करने के साथ ही उससे जुड़ी खबरों में अखबार को आगे रखा।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
पटना युनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। इसके पहले लोयोला हाई स्कूल से पढ़ाई की।
क्राइम रिपोर्टिंग
क्राइम बीट पर अपूर्व को गहरी समझ है। कई बड़ी घटनाओं का कवरेज करने के साथ ही एक्सक्लूसिव खबरें भी की हैं। अपूर्व का मानना है कि पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देनी चाहिए।

शॉर्ट बायो :
अनुज शर्मा पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' हिंदी आगरा में वरिष्ठ संवाददाता की भूमिका में कार्य कर रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता शिक्षा से जुड़ी रिपोर्टिंग में है।
परिचय एवं अनुभव
अनुज शर्मा को हिंदी पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। उन्होंने 2008 में आगरा से पत्रकारिता की शुरुआत की। 18 साल के प्रिंट मीडिया का अनुभव है। एजुकेशन बीट के साथ यूथ से जुड़ी कवरेज लगातार कर रहे हैं।
करियर का सफर
कई अखबारों में काम करने के बाद 2013 में वह 'हिन्दुस्तान' से जुड़े।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बीएससी (मैथ्स), मास्टर इन मास कम्युनिकेशन, मास्टर इन आर्ट्स (सोशियोलॉजी) की। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक को लगभग 12 साल से कवर कर रहे हैं। इस दौरान आरटीई पर बड़ा काम किया। इसके चलते सैकड़ों पात्र बच्चों को प्रवेश मिला। माध्यमिक शिक्षा की विभिन्न खबरों के माध्यम से प्रभावी बदलाव आया। उच्च शिक्षा के साथ तकनीकी शिक्षा के हर पहलु पर प्रभावी रिपोर्टिंग की है।
विशेषज्ञता
उच्च शिक्षा
बेसिक शिक्षा

शॉर्ट बायो :
अनुज परमार पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ हिंदी आगरा में वरिष्ठ संवाददाता की भूमिका में कार्य कर रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता कृषि से जुड़ी रिपोर्टिंग में है।
परिचय एवं अनुभव
अनुज परमार को हिंदी पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। साल 2014 में आगरा से पत्रकारिता की शुरुआत की। 12 साल के करियर में खेती-किसानी के साथ शहर में पर्यावरण व वन से जुड़ी कवरेज लगातार कर रहे हैं। 2017 में वह ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़े। मौजूदा समय में ‘हिन्दुस्तान’ आगरा में वरिष्ठ संवाददाता के पद पर हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के अलावा वर्तमान डिस्टेंस से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र की रिपोर्टिंग में उन्होंने आवारा पशुओं से खराब हो रहीं फसलों का बड़ा मुद्दा उठाया। ‘पूस की रात में किसान बने हलकू’ जैसी मार्मिक खबर से किसानों की परेशानियां उभारीं। कृषि में आधुनिकता, तकनीकी और एआई से आए बदलाव को सक्रियता से लिया है।
ग्राउंड जीरो पर रिपोर्टिंग
पिछले 12 साल से पर्यावरण, वन और बेसिक शिक्षा से जुड़ी कवरेज भी कर रहे हैं। टीटीजेड में सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी काटे जा रहे पेड़ों से जुड़ी खबरों में ग्राउंड जीरो रिपोर्टिंग की है। डालमिया बाग, माथुर फार्म हाउस और रेलवे माल गोदाम जैसे बड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए हैं। अनुज का मानना है कि इस पेशे में मेहनत और ईमानदारी जरूरी है।
विशेषज्ञता
कृषि, पर्यावरण, वन, बेसिक शिक्षा

शॉर्ट बायो: अनूप शुक्ल पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ' हिन्दुस्तान प्रिंट' में जनपद हरदोई टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अनूप शुक्ल भारतीय प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘ प्रिंट हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में उत्तर प्रदेश के जनपद हरदोई टीम के लीडर हैं। 2017 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर भी मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट)
अनूप ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में दैनिक अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबार से की। उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। कन्नौज, महोबा, कानपुर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद जिले में काम किया। 2017 में प्रिंट हिंदुस्तान की दुनिया में कदम रखा। वर्तमान में वह हरदोई की टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
B.com (कॉमर्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण अनूप को वाणिज्य और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह बिजनेस, क्राइम और प्रशासन बीट पर कमांड होने के साथ अन्य विषयों पर भी स्टोरीज़ लिखते रहे हैं।
खेल, डेवलपमेंट, पर्यावरण, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, चिकित्सा, ग्रामीण विकास आदि विषयों पर अनूप की गहरी समझ है। उन्होंने कई सेलिब्रिटी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। अनूप का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
पॉलिटिकल सेलिब्रिटीज का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए। एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग। हादसों और बड़े आपराधिक मामले में तथ्यात्मक पत्रकारिता में माहिर।

शॉर्ट बायो :
अंकित शुक्ला पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' समाचार पत्र में शिक्षा, युवा और स्पोर्ट्स के साथ बिजली व वन विभाग बीट देख रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव:
अंकित शुक्ला को पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘ हिन्दुस्तान’ समाचार पत्र (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में शिक्षा, युवा, स्पोर्ट्स के साथ बिजली व वन विभाग की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। 2023 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर:
अंकित ने अपने करियर की शुरुआत 2014 में दैनिक आज और दैनिक जागरण जैसे प्रमुख अखबारों से की। 2014 में दैनिक आज के साथ उन्होंने न्यू मीडिया की दुनिया में कदम रखा। 2018 से 2023 तक दैनिक जागरण में और उसके बाद से हिन्दुस्तान समाचार पत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग:
अंकित शुक्ला ने बीए के बाद मास कम्युनिकेशन की डिग्री ली। शिक्षा, स्पोर्ट्स और बिजली के साथ धर्म-कर्म की खबरें लिख रहे हैं।
रिपोर्टिंग और विजन:
शिक्षा, खेल और बिजली बीट की अंकित को बेहतर समझ है। इनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है-उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
बेसिक और हायर एजुकेशन, स्पोर्ट्स, धर्म-कर्म, बिजली

शॉर्ट बायो :
अंकित कुमार चौधरी पिछले 15 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में विश्वसनीय और अनुभवी नाम हैं। वर्तमान में वह HT Group के दैनिक हिन्दुस्तान में देहरादून में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव:
अंकित चौधरी उत्तराखंड की क्राइम रिपोर्टिंग में एक प्रतिष्ठित नाम है। वर्ष 2011 में देहरादून से प्रत्रकारिता की शुरुआत की। अंकित ने क्राइम, कोर्ट, सीबीआई, जिला प्रशासन और रक्षा (डिफेंस) जैसे चुनौतीपूर्ण और गंभीर बीट्स पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। पत्रकारिता के प्रति उनका दृष्टिकोण स्पष्ट है। वे केवल समाचार रिपोर्ट नहीं करते, बल्कि उन 'ऑफबीट' और मानवीय संवेदनाओं वाली कहानियों को खोजने में विश्वास रखते हैं जो अक्सर मुख्यधारा की सुर्खियों से दूर रह जाती हैं।
कॅरियर का सफर
अंकित ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2011 में 'हिन्दुस्तान' के साथ बतौर रिपोर्टर की थी, जहां उन्होंने शुरुआती दौर में परिवहन और मंडी जैसी बीट से मुख्यधारा की पत्रकारिता में कदम रखा। इसके बाद 2013 से 2014 तक 'अमर उजाला' में रहते हुए उन्होंने क्राइम रिपोर्टिंग की बारीकियां सीखीं। 2014-15 में 'आईनेक्स्ट' (दैनिक जागरण समूह के दैनिक बाइलिंगुअल ) में सब-एडिटर के रूप में डेस्क और फील्ड का अनुभव लेने के बाद मई 2015 में पुनः 'हिन्दुस्तान' से जुड़े। पिछले नौ वर्षों से वे इसी संस्थान में अपराध,सीबीआई, कोर्ट, ईडी, विजिलेंस, जेल, डिफेंस फोर्सेस और प्रशासन जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अंकित ने पश्चिमी यूपी से स्कूलिंग के बाद देहरादून से बीबीएस की डिग्री ली। इसके बाद गढ़वाल विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है और वर्ष 2022 में रक्षा मंत्रालय के प्रतिष्ठित 'डिफेंस कॉरेस्पोंडेंट कोर्स' को किया है। उनका पेशेवर सफर अमर उजाला और आईनेक्स्ट जैसे संस्थानों से होकर गुजरा है, जिससे उन्हें जमीनी रिपोर्टिंग और संपादकीय बारीकियों की गहरी समझ मिली है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अपराध रिपोर्टिंग
बीबीए और मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा होने के कारण अंकित मैनेजमेंट और पत्रकारिता का संयोजन हैं। पश्चिमी यूपी मूल के चलते अपराध की समझ भी बेहतर है। इसी वजह से बीट पर कमांड होने के साथ एक्सपर्ट वेरिफाइड और रिसर्च-ड्रिवेन स्टोरियां लिख रहे हैं
एंटरटेनमेंट और विजन
अंकित का मानना है कि आधुनिक युग में तकनीकी पकड़ के साथ रिपोर्टिंग के विषयों की बुनियादी समझ होना जरुरी है। अपने व्यस्त पेशेवर जीवन के बीच, अंकित स्वास्थ्य और फिटनेस को प्राथमिकता देते हैं। सुबह व्यायाम करना पसंद है। उन्हें यात्रा करना और खाली समय में पुस्तकें पढ़ना पसंद है। क्रिकेट खेलना और देखना पसंद करते हैं।
विशेषज्ञता
क्राइम, कोर्ट, सीबीआई, ईडी, सेना और स्थानीय मुद्दों की रिपोर्टिंग के साथ एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग।

प्रोफाइल: अंकित आनंद
शॉर्ट बायो : अंकित आनंद पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में शहरी विकास, आधारभूत संरचना और कर विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अंकित आनंद भारतीय प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। एक दशक से अधिक के अपने पत्रकारीय सफर में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल घटनाओं को रिपोर्ट किया, बल्कि उनका गहन विश्लेषण भी प्रस्तुत किया है। वर्तमान में वे 'हिन्दुस्तान' के भागलपुर यूनिट में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्ष 2025 से अपनी वर्तमान भूमिका में रहते हुए उन्होंने प्रिंट मीडिया के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर एक असाधारण पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
अंकित के करियर की शुरुआत 2015 में 'हिन्दुस्तान' जैसे अग्रणी समाचार पत्र से बतौर रिपोर्टर हुई, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता के बुनियादी सिद्धांतों को आत्मसात किया। वर्ष 2018 में उन्होंने 'प्रभात खबर' समूह के साथ अपनी नई पारी शुरू की, जहां उन्होंने क्राइम और लीगल रिपोर्टिंग में अपनी एक विशेष पहचान बनाई। 2018 से 2025 तक के कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपनी बीट पर कई उल्लेखनीय और प्रभावकारी खबरें लिखीं, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें दो बार पूरे समूह में 'बेस्ट रिपोर्टर' के सम्मान से नवाजा गया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अंकित ने नई दिल्ली स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास मीडिया से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (बीजेएमसी) की डिग्री हासिल की है। इंटरमीडिएट में वाणिज्य विषय होने के कारण उन्हें वित्तीय आंकड़ों और अर्थव्यवस्था की बेहतर समझ है। जनसंचार की पढ़ाई के दौरान उन्होंने 'प्रिंट मीडिया' को अपना मुख्य विषय चुना और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म (खोजी पत्रकारिता) की बारीकियां सीखीं। इसी विशेषज्ञता का लाभ उन्हें अपनी हर रिपोर्टिंग बीट पर गहन शोध और प्रमाणिक तथ्यों को उजागर करने में मिलता है।
प्रमुख कार्यक्षेत्र: क्राइम, शहरी विकास और कर विभाग
अपने शुरुआती दिनों में एक स्ट्रिंगर के रूप में लगभग सभी बीट्स पर कार्य करने के बाद, अंकित ने अपनी विशेषज्ञता को विस्तार दिया। 2025 में पुनः 'हिन्दुस्तान' समूह का हिस्सा बनने के बाद, उन्होंने शहरी विकास, आधारभूत संरचना और कर विभागों पर अपनी रिपोर्टिंग के माध्यम से सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी पाठकों तक पहुँचाई है। उनकी खबरों का आधार हमेशा शोध और जमीनी हकीकत होता है।
विशेषज्ञता
अपराध एवं विधिक मामले, शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना, राजस्व एवं कर विभाग, भारतीय डाक एवं टेलीकॉम, उद्योग एवं व्यापार विभाग की रिपोर्टिंग और समझ।

शॉर्ट बायो : अनिकेत कुमार यादव पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अनिकेत कुमार यादव भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और अनुभवी नाम हैं। उन्हें पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे उच्च और तकनीकी शिक्षा की रिपोर्टिंग के साथ नवीनतम शोध, पाठकों की रुचि और विश्वसनीय रिपोर्टिंग पर मजबूत पकड़ रखते हैं। उनकी पहचान तथ्यपरक, प्रमाणिक और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता के लिए है।
करियर का सफर
अनिकेत ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2012 में दैनिक जनसंदेश और डेली न्यूज एक्टिविस्ट जैसे समाचार पत्रों से की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की मजबूत नींव तैयार की। वह वर्तमान में प्रिंट के साथ ही ‘लाइव हिन्दुस्तान’ से जुड़े हुए हैं, जहां वे समाचार पत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए प्रभावी कंटेंट निर्माण कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अनिकेत ने बीए और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है, जिससे उन्हें विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। वे शोध और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर एक्सपर्ट-वेरिफाइड और रिसर्च-ड्रिवेन मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विजन
उच्च और तकनीकी शिक्षा विषयों पर अनिकेत की गहरी समझ है। उन्होंने शोध आधारित कई तथ्यपरक खबरें की हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
पूरब का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय की गतिविधियों पर बारीक नजर।
एमएनएनआईजी और ट्रिपलआईटी जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों की खबरों और यहां होने वाले शोध की रिपोर्टिंग।
रिसर्च आधारित मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज।
डिजिटल ट्रेंड एनालिसिस और ऑडियंस बिहेवियर पर स्टोरी।

शॉर्ट बायो :
अनय मिश्रा पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान प्रिंट में मुरादाबाद में क्राइम रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अनय मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के निवासी हैं। वह प्रिंट और डिजिटल मीडिया जगत का एक विश्वसनीय नाम हैं और पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान प्रिंट में क्राइम रिपोर्टिंग टीम कर रहे हैं। वर्ष 2019 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने अपराध के बदलते स्वरूप, साइबर क्राइम, पुलिस ढांचे में हो रहे बदलाव और समाज पर अपराध के प्रभाव जैसे विषयों पर गहन कार्य किया है। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि के अनुरूप कंटेंट तैयार करने में उनकी मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर
अनय मिश्रा ने अपने करियर की शुरुआत सितंबर 2009 में बुलंदशहर जिले में अमर उजाला से की। इसके बाद अमर उजाला, हिन्दुस्तान और दैनिक जागरण जैसे प्रमुख संस्थानों में कार्य करते हुए उन्होंने पत्रकारिता की बुनियादी समझ और मजबूत फील्ड अनुभव हासिल किया।
मार्च 2019 में वह दोबारा हिन्दुस्तान ग्रुप से जुड़े और तब से मुरादाबाद में अपराध पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। खबरों में तथ्यपरकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता उनकी पहचान रही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अनय मिश्रा ने एम.ए. (समाजशास्त्र) और एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की है। इसके साथ ही जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। समाजशास्त्र, विधि और पत्रकारिता का यह संयोजन उन्हें अपराध बीट की गहराई समझने में सक्षम बनाता है। समाज में अपराध के कारण, उसके प्रभाव और बदलते स्वरूप पर उनकी विश्लेषणात्मक दृष्टि उन्हें अलग पहचान देती है।
विजन और कार्यक्षेत्र
अपराध और समाज के संबंध, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध, गिरोहबंद गतिविधियां, उत्तर प्रदेश में पुलिस ढांचा, पुलिस सिस्टम में तकनीकी बदलाव और आधुनिक प्रशिक्षण जैसे विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है।
अनय का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर टिकी होती है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणित, विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी समय पर उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञता
दैनिक अपराध रिपोर्टिंग
महिला एवं बालिका से संबंधित अपराध
साइबर और आर्थिक अपराध
पुलिस सिस्टम और उसके नए प्रयोगों पर विशेष रिपोर्टिंग
हत्या, लूट, डकैती जैसी गंभीर घटनाओं की कवरेज
अपराध के कारण, बदलते स्वरूप और आंकड़ा आधारित विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग

आनंद सिन्हा पत्रकारिता जगत के प्रतिष्ठित नाम हैं। वर्तमान में दैनिक हिन्दुस्तान में राज्य ब्यूरो प्रमुख के तौर पर कार्यरत हैं। 34 वर्षों से राजनीतिक रिपोर्टिंग, अपराध और सामाजिक विषयों पर रिपोर्टिंग का अनुभव है। राजनीतिक खबरों पर विशेष पकड़ है और सदा ही विशेष और एक्सक्लूसिव सूचनाएं देने का रिकार्ड रहा है।
करियर का सफर
आनंद सिन्हा ने करियर की शरुआत वर्ष 1992 से माया पत्रिका समूह से की। वर्ष 1999 तक राजनीतिक, अपराध और सामाजिक विषयों पर रिपोर्टिंग करते रहे। फिर वर्ष 1999 में अमर उजाला समूह से जुड़े प्रयागराज के बाद लखनऊ संस्करण से जुड़े और वर्ष 2010 तक अमर उजाला में राज्य ब्यूरो में रिपोर्टिंग करते हुए कई ब्रेकिंग खबरें दीं। बाद में वर्ष 2010 में हिन्दुस्तान समूह से जुड़ गए और लखनऊ में राज्य ब्यूरो प्रमुख हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकॉम की डिग्री। वर्ष 1992 से राजनीतिक व अपराध से जुड़ी खबरों पर विशेष रिपोर्टिंग करते रहे हैं।
विशेषज्ञता
राजनीतिक विश्लेषक, पिछले 34 वर्षों से राजनीतिक रिपोर्टिंग।

शॉर्ट बायो: अनामिका पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ' हिन्दुस्तान' में शिक्षा, कला संस्कृति और महिलाओं पर स्टोरी लिखती है। महिलाओं के हर मुद्दे पर इनकी अच्छी पकड़ है।
परिचय एवं अनुभवअनामिका मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘ हिन्दुस्तान दैनिक’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में शिक्षा के अलावा युवाओं के अलग अलग मुद्दों पर खबरे लिखती हैं। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण पर इनकी विशेष पकड़ है और रिपोर्टिंग टीम की सेकेंड लीड की भूमिका में भी हैं। बड़े आयोजन, अखबार के बड़े इवेंट में भ्री अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके साथ ही बॉलीवुड, कला संस्कृति की बड़ी हस्तियों के लगतार इंटरव्यू लिए और उनके योगदान को युवा पीढ़ी के सामने रखा है। डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है। अभिनय, संगीत की दुनिया के कई सेलिब्रिटी के इंटरव्यू किए हैं।
करियर का सफर अनामिका ने करियर की शुरुआत 2008 में दैनिक जागरण, सहारा में इंर्टनशीप से की। यहां इलेक्ट्रॉनिक के साथ ही प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2010 में हिन्दुस्तान में बतौर कार्यालय संवाददाता बनने का मौका मिला। 2014 में सीनियर रिपोर्टर बनी। इसके बाद 2023 में प्रिसिंपल रिपोर्टर बनी। प्रिंट मिडिया के साथ हिन्दुस्तान लाइव के लिए भी लगातार लिख रही हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमिB.Sc (केमेस्ट्री) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा के साथ्ह रूरल मैनेजमेंट में भी कोर्स किया। विज्ञान और पत्रकारिता के साथ ही ग्रामीण परिवेश से भी जुड़ने का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से खास तौर पर ग्रामीण महिलाओं के मुद्दों को उभारा। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के बदलते मनोभाव, उसके असर पर भी लगतार खबरें दे रही।
अवार्ड और सम्मान2013 में भ्रूण हत्या पर स्टिंग ऑपरेशन किया। मुजफ्फरपुर के कई लिंग जांच केन्द्र की कलई खुली। इसे लेकर संस्थान की ओर से इंडिवीजुअल एक्सिलेंस अवार्ड से मिला। कला संस्कृति पर बेहतर रिपोर्टिंग को लेकर साहित्यकि संस्थानों की ओर से सम्मानित किया गया। कॉमर्स विषय में सीट नहीं होने को लेकर रिपोर्टिंग की जिसके बाद प्लस 2 स्कूलों को सीट मिला। इसे लेकर 2024 में संस्थान की ओर से होनहार अवार्ड मिला। अनामिका का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
शिक्षा, साहित्य,कला संस्कृति, महिलाओं से जुड़े हर मुद्दे पर खबर लिखना। इंटरटेनमेंट की दुनिया से जुड़ी हस्तियों का इंटरव्यू करना।

शॉर्ट बायो
अमित वत्स पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में प्रारंभिक शिक्षा, माध्यमिक, उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा का कवरेज कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अमित वत्स पत्रकारिता जगत में जाना पहचाना नाम हैं। पत्रकारिता में 23 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान धनबाद संस्करण में एजुकेशन व रोजगार से जुड़े बीट की रिपोर्टिंग करते हैं। एजुकेशन बीट पर मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर
अमित ने करियर की शुरुआत वर्ष 2002 में दैनिक जागरण से की। बहुत ही कम समय में प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। प्रारंभिक वर्षों में ही एजुकेशन बीट पर पकड़ बनाई। वर्ष 2009 में हिन्दुस्तान से जुड़े। उसके बाद पिछले 16 वर्षों से हिन्दुस्तान में शिक्षा समेत अन्य बीट का नेतृत्व कर रहे हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए भी लगातार खबरें लिख रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्टभूमि और एजुकेशन रिपोर्टिंग
बीएड, एमए एजुकेशन के साथ ही मॉस कम्युनिकेशन की पढ़ाई का लाभ अमित को एजुकेशन बीट की रिपोर्टिंग में मिला। इसकारण एजुकेशन बीट पर कमांड होने के साथ ही आईआईटी धनबाद, यूनिवर्सिटी शोध की खबरें, वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ने व एक्सक्लूसिव स्टोरी लिखते हैं।
शिक्षा और रोजगार
शिक्षा को सीधे आर्थिक अवसरों और रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित विश्लेषण समेत अन्य एक्सक्लूसिव खबरें लिखी है। शिक्षा से संबंधित खबरों पर अमित की गहरी समझ है। अमित का मानना है कि तथ्य आधारित व विश्वसनीयता पत्रकारिता का महत्वपूर्ण अंग है। पाठकों को सटीक जानकारी मिलनी चाहिए। रिपोर्टिंग में विशेषकर छात्र केन्द्रित दृष्टिकोण जरूरी है।
विशेषज्ञता
- नई शिक्षा नीति कैसे बदल रही है
- प्रतियोगिता परीक्षाओं के अपडेट
- छात्रों के लिए तनावमुक्त तैयारी
- बोर्ड परीक्षाओं जैक, सीबीएसई, आईसीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया व रिजल्ट का विश्लेषण
- कौशल विकास आधारित शिक्षा

शॉर्ट बायो
अमित रंजन पिछले 18 वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ में प्रिंसिपल कंटेंट क्रिएटर के पद पर कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
अमित रंजन भारतीय प्रिंट और डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ और ‘लाइव हिन्दुस्तान’ प्रिंसिपल कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं। दिसंबर 2014 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने बदलते मीडिया ट्रेंड्स, डिजिटल ऑडियंस बिहेवियर और कंटेंट स्ट्रेटेजी पर मजबूत पकड़ बनाई है। तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित रिपोर्टिंग उनकी पहचान है।
करियर का सफर (प्रिंट और डिजिटल)
अमित रंजन ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की। इसके बाद प्रभात खबर और दैनिक भास्कर में भी काम किया। जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता की ठोस बुनियाद तैयार की। वर्ष 2014 में वह हिन्दुस्तान से जुड़े और यहीं से ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के माध्यम से न्यू मीडिया और डिजिटल जर्नलिज्म में सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने हेल्थ, बिजनेस, स्पेशल स्टोरीज़ और करंट अफेयर्स से जुड़े कई अहम विषयों का प्रभावशाली कवरेज किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
अमित रंजन ने BA (History), LLB और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इतिहास, कानून और पत्रकारिता का यह अनूठा संयोजन उनकी रिपोर्टिंग को विश्लेषणात्मक और गहराईपूर्ण बनाता है। विशेष रूप से मेडिकल बीट पर उनकी मजबूत पकड़ है। वह मेडिकल रिसर्च, हेल्थ और प्रिवेंटिव केयर से जुड़े विषयों पर एक्सपर्ट-वेरिफाइड और रिसर्च-ड्रिवेन मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं, जो पाठकों के लिए भरोसेमंद और उपयोगी साबित होती हैं।
विजन और प्रोफेशनल अप्रोच
स्वास्थ्य, मेडिकल, बिजनेस, टैक्स और पब्लिक इंटरेस्ट से जुड़े विषयों पर अमित की गहरी समझ है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ डॉक्टरों, बिजनेसमैन और वरिष्ठ अधिकारियों के कई एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। अमित का मानना है कि पत्रकारिता की असली ताकत तथ्यपरकता, विश्वसनीयता और जिम्मेदारी में है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञता
इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म
एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
हेल्थ, फिटनेस, प्रिवेंटिव केयर और डेली लाइफ हैक्स
मेडिकल रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग
प्रिंट और डिजिटल मीडिया स्ट्रेटेजी

शॉर्ट बायो :
अमित पाठक पिछले 20 वर्ष से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' आगरा में वरिष्ठ संवाददाता हैं। उनकी विशेषज्ञता खेल व रेलवे से जुड़ी रिपोर्टिंग में है।
परिचय एवं अनुभव
अमित पाठक ने 2006 में हिन्दुस्तान आगरा में स्ट्रिंगर के रूप में काम शुरू किया था। 20 साल के प्रिंट मीडिया के अनुभव के साथ खेल बीट के साथ रेलवे की कवरेज कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पर्यटन रिपोर्टिंग
बीए के बाद मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री डॉ.भीमराव आंबेडकर विवि से हासिल की। खेल की रिपोर्टिंग में कपिल देव, सचिन तेंदुल्कर, गीत सेठी, पंकज आडवानी सहित देशी व विदेशी खिलाड़ियों का इंटरव्यू किया। इसके अलावा बीते नौ साल से रेलवे की कवरेज कर रहे हैं।
विशेषज्ञता
खेल, रेलवे, खेल सेलिब्रिटी इंटरव्यू

शॉर्ट बायो : अमित वर्मा पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में अपराध, पुलिसिंग, ट्रैफिक, खेल, वीवीआईपी विजिट की रिपोर्टिंग करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
अमित वर्मा की पहचान वाराणसी में लीडिंग अखबार के क्राइम एवं खेल रिपोर्टर के तौर पर है। उन्हें पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में अपराध, पुलिसिंग, ट्रैफिक, खेल, वीवीआईपी विजिट की रिपोर्टिंग करते हैं। अगस्त 2017 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने अखबार के अलावा डिजिटल कंटेंट के लिए काम किया है। पाठकों की रुचि के अनुसार स्टोरी प्रस्तुत करते हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अमित ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में दैनिक हिन्दुस्तान में स्ट्रिंगर के तौर पर की। मार्च 2013 से अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबार से जुड़े। वहां पर सिटी डेस्क पर काम करने का अनुभव रहा है। अगस्त 2017 से अब तक दैनिक हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
स्नातक (कला वर्ग) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उनको अपराध, पुलिसिंग, ट्रैफिक, खेल, वीवीआईपी विजिट, रेलवे, रोडवेज, एयरपोर्ट, ट्रांसपोर्ट, एनएचएआई, रोडवेज, कोर्ट, कचहरी बीट की रिपोर्टिंग का अनुभव है। इनमें से हर बीट पर कमांड होने के साथ ही रिसर्च बेस्ड स्टोरी प्रस्तुत करते हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
टीवी, ओटीटी, फिल्म, और लाइफस्टाइल विषयों की गहरी समझ है। कई सेलिब्रिटी एवं खेल सितारों का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता विश्वसनीयता की होनी चाहिए। पाठकों को प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना चाहिए। ताकि उनका विश्वास न टूटे।
विशेषज्ञता
अपराध, पुलिसिंग, ट्रैफिक, खेल, वीवीआईपी विजिट, स्पॉट रिपोर्टिंग, किसी भी इवेंट की रिपोर्टिंग
रेलवे, रोडवेज, एयरपोर्ट, ट्रांसपोर्ट, एनएचएआई, रोडवेज, कोर्ट, कचहरी बीट की रिपोर्टिंग का भी अनुभव
रिसर्च बेस्ट स्टोरी

शॉर्ट बायो : अमित कुमार चौधरी पिछले 17 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। पिछले 9 साल से हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। मूल रूप से भागलपुर जिले के निवासी हैं।
परिचय एवं अनुभव : अमित कुमार चौधरी प्रिंट मीडिया में जाना-माना नाम है। पिछले 17 साल से पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए वर्तमान में क्राइम और लीगल बीट पर काम कर रहे हैं। इससे पहले शिक्षा, स्पोर्ट्स, ट्रैफिक, शहरी विकास और परिवहन बीट पर गहराई से खबरें कवर करने का अनुभव है।
करियर का सफर - वर्ष 2009-10 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। पटना, रांची, जमशेदपुर और भागलपुर में कार्य का अनुभव है। दैनिक जागरण (आई नेक्स्ट) और प्रभात खबर में कार्य करने के बाद वर्ष 2017 में हिन्दुस्तान से जुड़े हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि - लखनऊ यूनिवर्सिटी से स्नातक करने के बाद मास कम्यूनिकेशन से पीजीजेएमसी का कोर्स किया।
विशेषज्ञता - क्राइम की विशेष खबरें, लीगल बीट की खबरों के साथ ही अपनी बीट पर एक्सक्लूसिव, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खबरें लिखते रहे हैं।

शॉर्ट बायो : अमरीष सिंह, पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में रिपोर्टिंग टीम को लीड कर रहे हैं। इन्होंने हिन्दुस्तान डिजिटल प्रोग्राम 'दिनभर की पांच प्रमुख खबरें' के लिए एंकरिंग भी कर चुके हैं।
परिचय एवं अनुभव
अमरीष सिंह हिन्दुस्तान समाचार पत्र के विशेष संवाददाता हैं। इन्हें पत्रकारिता में 19 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह रिपोर्टिंग टीम को लीड कर रहे हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अमरीष सिंह ने अपने करियर की शुरुआत समाचार एजेंसी यूनिवार्ता दिल्ली से की, यहां विभिन्न राजनीतिक दलों की रिपोर्टिंग की। वर्ष 2007 में प्रतिष्ठित समाचार पत्र अमर उजाला वाराणसी से जुड़े। यहां सम्पादकीय विभाग में बलिया, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर और पूर्वांचल डेस्क पर काम किया। वर्ष 2014 में वाराणसी हिन्दुस्तान ज्वाइन किए और 2019 से रिपोर्टिंग टीम को लीड कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बीएससी (बायोलॉजी) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण अमरीष सिंह को विज्ञान और पत्रकारिता का संयोजन मिला। नगर निगम, विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम, सिंचाई विभाग जैसे दर्जनों बीट पर काम किया। वर्तमान में टीम को लीड करने के साथ ही काशी विश्वनाथ धाम, ज्ञानवापी, जिला प्रशासन, ग्रामीण विकास, भाजपा, वीआईपी मूवमेंट जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
विजन
अमरीष सिंह का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
विकासपरक खबरें, एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों का विशेष कवरेज।
ज्ञानवापी मुकदमा और उससे जुड़े संदर्भों की जानकारी।
नदी, परिवहन और उससे सम्बंधित बीट पर भी पकड़।
डेस्क और कोआर्डिनेशन का भी अनुभव
रिसर्च और एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग।

शॉर्ट बायो:आलोक शर्मा पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में क्राइम टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
आलोक शर्मा भारतीय डिजिटल और प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में क्राइम टीम को लीड कर रहे हैं। 2023 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
आलोक ने अपने करियर की शुरुआत 2008 में हिंदुस्तान से की। 2010 में दैनिक जागरण जैसे प्रमुख अखबार में उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2024 में हिन्दुस्तान प्रिंट मीडिया के साथ उन्होंने न्यू मीडिया की दुनिया में कदम रखा।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
LLB (विधि स्नातक) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण आलोक को विधि और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह लीगल बीट पर कमांड होने के साथ क्राइम रिसर्च और अपराध से जुड़े विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन स्टोरीज़ लिख रहे हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
फिल्म, इंटरटेनमेंट, ओटीटी और लाइफस्टाइल विषयों पर आलोक की समझ है। उन्होंने कई सेलिब्रिटी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। आलोक का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
लीगल, जिला प्रशासन, धर्म, ट्रांसपोर्टेशन, स्पोर्ट्स, जेल, रेलवे, अपराध, राजनीति, एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

आलोक मिश्र पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान लखनऊ में राज्य ब्यूरो में विशेष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
आलोक मिश्र उत्तर प्रदेश में हिंदी पत्रकारिता का प्रतिष्ठित नाम है, जिन्हें लगभग 25 वर्षों का अनुभव है। फिलहाल हिन्दुस्तान लखनऊ में राज्य ब्यूरो का हिस्सा रहते हुए प्रिंट के साथ-साथ डिजिटल के लिए भी कंटेंट क्रिएशन का काम करते हैं। इसमें खासतौर से औद्योगिक विकास, उद्यम से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, राजस्व से जुड़ी खबरें और राजनैतिक कंटेंट शामिल है।
करियर का सफर
आलोक मिश्र ने अपने करियर का आरम्भ लखनऊ हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग से किया। इसके उपरांत दैनिक जागरण और अमर उजाला में क्राइम रिपोर्टिंग के साथ ही सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरें और ह्यूमन एंगिल स्टोरी की। कुछ वर्ष हरिद्वार (उत्तराखंड) में दैनिक जागरण में स्टॉफ रिपोर्टर के पद पर रहते हुए काम किया और 2004 के अर्द्धकुम्भ में मेला प्रशासन से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग की। वर्तमान में वह फिर से लखनऊ हिन्दुस्तान का हिस्सा है।
विशेषज्ञता- उद्योग
आलोक मिश्र ने अपने करियर में शिक्षा, साहित्य और कई अन्य विभागों की रिपोर्टिंग भी की पर खासकर क्राइम व उद्योग जगत से जुड़ी खबरों का अनुभव रहा है। वर्तमान में यूपी में हो रहे बदलाव में निवेश, निर्यात और उद्योग जगत में बदलाव को परखती खबरों और राजनीतिक खबरों पर लगातार काम कर रहे हैं।

शॉट बॉयो: अखिलेश सिंह बीते 19 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में झारखंड स्टेट ब्यूरो में बतौर विशेष संवाददाता केंद्रीय एजेंसियों- ईडी, सीबीआई, एनआईए के साथ-साथ राज्य में अपराध की खबरों को कवर कर रहे हैं। क्राइम एंड इंवेस्टिगेशन जर्नलिज्म में विशेषज्ञता हासिल करने के साथ राजनीतिक गतिविधियों पर भी इनकी पैनी नजर रहती है।
परिचए एवं अनुभव: अखिलेश सिंह झारखंड की पत्रकारिता के चर्चित चेहरों में शुमार किए जाते हैं। टीवी मीडिया से साल 2007 में करियर की शुरुआत करने के बाद 2011 में हिन्दुस्तान में अपराध संवाददाता के तौर पर काम शुरू किया। इस दौरान राज्य के चर्चित राज्यसभा हॉर्स ट्रेडिंग केस, संजीवनी बिल्डकॉन घोटाला, कोल स्कैम जैसे चर्चित केस कवर किए। राजनीतिक घटनाक्रमों को प्रभावित करने वाले रांची के जमीन घोटाले समेत अन्य चर्चित कांडों में एजेंसियों से ब्रेकिंग व एक्सक्लूसिव खबरें लगातार दीं, जो काफी प्रभावी व चर्चित रहीं।
करियर का सफर: अखिलेश सिंह ने 2007 में करियर की शुरुआत झारखंड के एक स्थानीय टीवी चैनल से की। बाद में राष्ट्रीय चैनल सीएनईबी के लिए झारखंड स्टेट को कवर किया। इसके बाद 2010 में आईनेक्स्ट अखबार से प्रिंट मीडिया में कदम रखा। नवंबर 2011 में हिन्दुस्तान में बतौर संवाददाता जुड़े। इसके बाद 14 सालों के सफर में अपराध की खबरों पर बारिक नजर रखते हुए विशेष संवाददाता तक का सफर तय किया।
शैक्षणिक पृष्टभूमि: रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई करने और राजनीतिक विज्ञान में स्नातक होने के कारण अखिलेश सिंह की रुचि राजनीतिक गतिविधियों की कवरेज में भी रही। ऐसे में अपराध की रिपोर्टिंग के साथ-साथ हिन्दुस्तान के लिए राजनीतिक बीट पर भी खबरें करते हैं। अपराध व राजनीति की रिपोर्टिंग का कोलाज इन्हे अनूठा बनाता है।
विजन: अखिलेश की रुचि इंवेस्टिगेटिंग जर्नलिज्म में है। घपले - घोटालों को उगाजर करने के साथ ही यह सच के प्रति आग्रही हैं। खबरों को बिना लाग-लपेट उन्हें असल स्वरूप में कवर करते हैं, ताकि पाठक तक खबरों के तथ्यों की सटीक जानकारी पहुंचे।

शॉर्ट बायो: अजीत प्रताप सिंह पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट क्रिएटर के पद पर कार्य कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अजीत प्रताप सिंह भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक समय से काम करने का अनुभव है।इस दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और झारखंड में देश के प्रतिष्ठित अखबारों में काम किए हैं।वर्तमान में ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट क्रिएटर हैं।2022 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अजीत ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में जनमोर्चा, राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण आई नेक्स्ट, दैनिक भास्कर व दैनिक जागरण जैसे प्रमुख अखबारों से की,जहां प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित करने के साथ टीम का नेतृत्व भी किया।अजीत ने 2007 में राष्ट्रीय सहारा में देहरादून में काम शुरू किया।उनकी खबरों की समझ और लेखन शैली को सराहते हुए उन्हें सिटी रिपोर्टिंग की बीटों पर स्टेट लेवल तक काम करने का मौका दिया गया।वर्ष 2011 से नवंबर 2014 तक उन्होंने राष्ट्रीय सहारा वाराणसी में काम किया।2014 में दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में टीम लीडर के तौर पर डिजिटल का भी अनुभव उन्हें मिला था।अजीत ने आई नेक्स्ट बरेली में तीन माह कार्यकारी संपादकीय प्रभारी के तौर पर भी काम किया था।इस दौरान अखबार के बरेली एडिशन को नूर-ए-आई नेक्स्ट अवॉर्ड भी मिला था।अजीत ने 2018-19 तक दैनिक भास्कर में रिजनल हेड के तौर पर 10 जिलों की टीम को लीड किया।2019 से 2022 तक दैनिक जागरण में खबरों के साथ डिजिटल के लिए भी काम किया।धनबाद में सिटी हेड की जिम्मेदारी भी अजीत ने बखूबी निभाई थी।वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के लिए कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
ग्रेजुएशन और पीजी डिप्लोमा इन फोटो जर्नलिज्म एंड विजुअल कम्युनिकशन की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किए हैं।प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अनुभव का लाभ अजीत पत्रकारिता में भी उठा रहे हैं।इसी वजह से अजीत गंगा, श्रम और जल निगम की बीट पर एक्सपर्ट वेरिफाइड और रिसर्च ड्रिवेन स्टोरीज लिख रहे हैं।
डाटा बेस्ड और सॉफ्ट खबरों के साथ डिफरेंशिएटर पर जोर
अजीत की रुचि डाटा बेस्ड खबरों में है।डाटा पर आधारित रोचक खबरें लिखते हैं।बीट पर सॉफ्ट स्टोरी पर भी काम करते रहते हैं।रूटीन खबरों में डिफरेंशिएटर क्रिएट करना अजीत की हावी है।
विशेषज्ञता
ट्रांसपोर्ट (रेल, सड़क, हवाई जहाज और जल परिवहन),
यातायात व्यवस्था,
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासनिक खबरें
तथ्यपरक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी पर फोकस
पत्रकारिता की नींव: तथ्यपरकता और विश्वसनीयता

शॉर्ट बायो : अजय श्रीवास्तव पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान समाचार पत्र गोरखपुर यूनिट में सीनियर कंटेन्ट क्रिएटर हैं।
पत्रकारिता अनुभव
अजय श्रीवास्तव को पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। उन्होंने अपनी पत्रकारीय यात्रा की शुरुआत दिल्ली से प्रकाशित पाक्षिक पत्रिका ‘प्रथम प्रवक्ता’ से की, ‘आऊटलुट साप्ताहिक’, ‘माया’, ‘नई दुनिया’, ‘नेशनल दुनिया’ सरीखे समाचार पत्रों से पत्रकारिता की बुनियादी और व्यावहारिक समझ विकसित की। वर्ष 2010 से हिन्दुस्तान, गोरखपुर संस्करण से जुड़कर उद्योग, व्यापार, बीमा बैंकिंग, टैक्स और राजनीतिक रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि-पुरस्कार
अजय श्रीवास्तव, इतिहास में परास्नातक और बीएड हैं। गोरखपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और काशी विद्यापीठ, वाराणसी से पत्रकारिता में परास्नातक हैं। पूर्वांचल के प्रतिष्ठित रामरती देवी पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित हैं।
रिपोर्टिंग और विजन
अपने लंबे करियर के दौरान अजय श्रीवास्तव चार वर्ष से अधिक समय तक हिन्दुस्तान अखबार में महराजगंज ब्यूरो प्रमुख रहे हैं। वर्तमान में वे राजनीति, अर्थ, कारोबार, उद्योग, सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर गहरी समझ और विशेषज्ञता रखते हैं, जो उनकी रिपोर्टिंग को विश्वसनीय और प्रभावी बनाती है। अजय श्रीवास्तव के अनुसार पत्रकारिता केवल खबर पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि पाठकों में मुद्दे को लेकर समझ विकसित करना है।
विशेषज्ञता
राजनीति, अर्थ, व्यापार, उद्योग, बीमा बैंकिंग, टैक्स

शॉर्ट बायो : अभिषेक त्रिपाठी पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर जुड़े हैं। वाराणसी संस्करण के लिए वह शिक्षा जगत और राजनीतिक दल में कांग्रेस बीट कवर करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिषेक त्रिपाठी वाराणसी में इससे पहले भी विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। शिक्षा और राजनीतिक बीट के रिपोर्टर के तौर पर 2021 से इन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। लगभग पांच वर्ष से इस भूमिका में इन्होंने विशिष्ट अभियान, असर और ऑफबीट खबरें भी शामिल हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबार से की। यहां पहले डेस्क और फिर रिपोर्टिंग में काम किया। रिपोर्टिंग में मेडिकल, रेलवे और अपराध जैसी बीट पर कााम किया। यहां से 2011 में हिन्दुस्तान वाराणसी की सेवाएं शुरू की। अगले छह वर्ष तक प्रशासन और क्राइम रिपोर्टिंग में कई प्रतिमान स्थापित किए। 2016 में दैनिक भास्कर भोपाल से जुड़े और यहां लोकल रिपोर्टिंग से इतर डिजिटल और देश-दुनिया की खबरों की समझ विकसित की। 2020 तक दैनिक जागरण के अलावा विभिन्न डिजिटल और प्रिंट माध्यमों से जुड़े रहने के बाद 2021 में दोबारा हिन्दुस्तान वाराणसी में शिक्षा बीट पर वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम शुरू किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
12वीं तक विज्ञान, इसके बाद राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ने अभिषेक को जीवन की सभी धाराओं का अनुभव दिया। इसका असर पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों में रिपोर्टिंग, लेखन और प्रस्तुतिकरण पर दिखा। अभिषेक राजनीतिक, सांस्कृतिक और मानवीय एंगल वाली खबरों के लेखन में सिद्धहस्त हैं। प्रशासन और अपराध जगत की खबरों पर भी इनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वाराणसी की भौगोलिक समझ और बड़ा सामाजिक दायरा भी इनकी रिपोर्टिंग में काफी मददगार साबित होता रहा है। 2013 से राजनीतिक, प्रशासनिक और विकास के मोर्चे पर बदलते बनारस के हर पहलू को इन्होंने गहराई से समझा और प्रस्तुत किया है। संप्रति शिक्षा जगत में प्री-प्राइमरी से लेकर आईआईटी की तकनीकी दक्षता वाली खबरों को भी लिख सकने में यह सक्षम रिपोर्टर हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
अभिषेक फिल्म, ट्रेंड्स, यूथ और लाइफस्टाइल विषयों पर भी बेहतरीन पकड़ रखते हैं। सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के लिए भी वह प्रसिद्ध हैं। बीते वर्षों में अपने अखबार के लिए इन्होंने कई विशेष कवरेज, इंटरव्यू, सीरीज प्लान किए हैं। अभिषेक का मानना है कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता और नयापन जरूरी है। इसके साथ ही खबरों का लेखन और प्रस्तुतीकरण सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मुद्दों की समझ और उनकी सटीक प्रस्तुति पाठक को समाचार पर ठहरने और बाद में उसकी चर्चा करने पर विवश करती है।
विशेषज्ञता
प्रशासनिक और राजनीतिक कवरेज
अपराध और मानवीय एंगल के समाचारों में सिद्धहस्तता
फिल्म स्टार, साहित्यकार और राजनीतिज्ञों के विशेष साक्षात्कार
शिक्षा, धर्म संस्कृति और ऑफबीट खबरें
डेस्क पर खबरों का संपादन और पेजमेकिंग

शॉर्ट बायो: अभिषेक सिंह पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कृषि एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा के साथ खेल की खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिषेक सिंह भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कृषि एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा के साथ खेल को लीड कर रहे हैं। 2016 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में दैनिक जागरण (आईनेक्स्ट) जैसे प्रमुख अखबार से की। जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2016 में हिन्दुस्तान के साथ जुड़े और प्रिंट मीडिया में मजबूत पकड़ बनाने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। 2010 से 2016 तक खेल, स्वास्थ्य, जिला प्रशासन, रेलवे समेत पूरे परिवहन आदि से जुड़ी कवरेज से बड़ा नाम बनाया। 2016 से हिन्दुस्तान से जुड़े और वर्तमान में उच्च, कृषि व तकनीकी शिक्षा के साथ खेल की खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिसर्च रिपोर्टिंग
B.Sc (मैथ्स) और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण अभिषेक को विज्ञान और पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह तकनीकी व उच्च शिक्षा बीट पर कमांड होने के साथ रिसर्च और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन एक्सप्लेनर स्टोरीज लिख रहे हैं।
शिक्षा और खेल विजन
शिक्षा और खेल विषयों पर अभिषेक को गहरी समझ है। उन्होंने आईआईटी जैसे संस्थानों में ड्रोन, यूएवी, कैंसर, हथियार, एयरोस्पेस, कृषि जैसे विषयों पर रिसर्च व नवाचार करने वाले वैज्ञानिकों के साथ इसरो, डीआरडीओ, यूजीसी, एआईसीटीई, आल इंडिया यूनिवर्सिटी के प्रमुखों के साथ खेल के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। अभिषेक का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
इंटरनेशनल टेस्ट, वन-डे व टी-20 क्रिकेट मैच के साथ अन्य खेलों की कवरेज
सेलिब्रेटी, मिनिस्टर, शिक्षाविद व खिलाड़ी का साक्षात्कार
रिसर्च व नवाचार से जुड़े विषय
उच्च शिक्षा, कृषि एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा व तकनीकी शिक्षा से जुड़े सेमिनार

शॉर्ट बायो: अभिषेक मिश्र पिछले 22 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रयागराज में वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ प्रयागराज में प्रशासनिक व प्रमुख धार्मिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिषेक मिश्र भारतीय प्रिंट व डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में अभिषेक ‘हिन्दुस्तान’ अखबार व ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में प्रशासनिक, धार्मिक व राजनीतिक गतिविधियों की खबरों को देख रहे हैं। 2010 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
अभिषेक मिश्र ने अपने करियर की शुरुआत जुलाई 2004 में ‘हिन्दुस्तान’ अखबार से की थी। अगस्त 2007 में अमर उजाला कानपुर व आगरा में रहते हुए अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2008 से अगस्त 2010 तक दैनिक जागरण आईनेक्स्ट अखबार में प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा की रिपोर्टिंग की। सितंबर 2010 में एक बार फिर ‘हिन्दुस्तान’ अखबार प्रयागराज में सेवाएं देना शुरू किया। तब से अब तक ‘हिन्दुस्तान’ अखबार से जुड़े हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में परास्नातक करने बाद अभिषेक मिश्र ने राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। इसके बाद से लगातार प्रिंट मीडिया में सक्रिय रहे हैं। शुरूआती दौर में उच्च व तकनीकी शिक्षा के साथ बाद प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षा, मेडिकल बीट की रिपोर्टिंग के साथ ही रेलवे व परिवहन की रिपोर्टिंग का अनुभव रखते हैं। वर्तमान में मुख्य रूप से प्रशासन, आबकारी बीट की रिपोर्टिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रमुख धार्मिक गतिविधियों की रिपोर्टिंग करते हैं।
रिपोर्टिंग और विजन
पत्रकारिता का लंबा अनुभव रखने वाले अभिषेक का मानना है कि खबरें सच दिखाती हैं। कमजोर वर्ग की समस्या के साथ विकास करने वाली और विकास को बढ़ाने वाली खबरों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके लिए गहन पड़ताल की भी जरूरत होती है।
महाकुंभ की कवरेज
वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुम्भ के दौरान व्यवस्थागत खबरों के साथ ही अखाड़ों पर खास रिपोर्ट की। 2013 के महाकुम्भ और 2019 के कुम्भ की रिपोर्टिंग का भी अनुभव है।
विशेषज्ञता
महाकुम्भ, कुम्भ और माघ मेला की रिपोर्टिंग का अनुभव।
प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा बीट की रिपोर्टिंग का अनुभव।
रेलवे, रोडवेज और एयरवेज के साथ की कम्यूनिटी रिपोरिटिंग।
जीवन शैली को बदलने वाली खबरों के साथ, तथ्यात्मक विशेष रूप से विश्लेषण वाली खबरों पर फोकस।

शॉर्ट बायो: अभिषेक पिछले 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार के सीवान में जिला रिपोर्टर हैं।
परिचय एवं अनुभव
वर्ष 2009 में सीवान जिले से साधना न्यूज से कॅरियर की शुरुआत की। फिर हिन्दी दैनिक प्रभात खबर और टीवी चैनल भारत 24 में काम किया। वर्तमान में हिन्दुस्तान के सीवान जिला ब्यूरो टीम से जुड़े हुए हैं। नियमित तौर पर रिपोर्टिंग करते हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
राजनीतिक विज्ञान से स्नातक हैं। भाषा, संस्कृति, राजनीतिक खबरों और शब्द संयोजन पर विशेष पकड़ है। कला एवं संस्कृति, राजनीति, जन सरोकार, सामाजिक व महिला मुद्दों, हेल्थ स्टाइल, क्राइम में विशेषज्ञता है। बदलते डिजिटल कंटेंट के दौर में भी पाठकों की रुचि और समाचार प्रस्तुति पर मजबूत पकड़ बनाई है।

शॉर्ट बायो :
अभिनय सिंह, पिछले करीब 17 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव समाचारपत्र' में अपराध बीट के लिए रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिनय सिंह भारतीय प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम है, जिन्हें पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान समाचारपत्र’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में अपराध बीट के रिपोर्टर हैं। 2009 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने अपराध पत्रकारिता के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर:
अभिनय ने अपने करियर की शुरुआत 2009-10 में दैनिक शाह टाइम्स समाचार पत्र से की। फिर अमर उजाला, दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका जैसे प्रमुख अखबारों में प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2010 में अमर उजाला समाचार पत्र के साथ इस सफर को आगे बढ़ाया। 2012 से 2013 तक दैनिक जागरण में विभिन्न बीटों पर काम के बाद 2015-2017 तक राजस्थान पत्रिका जबलपुर में प्रशासन बीट के लिए रिपोर्टिंग की। नवंबर 2015-2017 तक दैनिक जागरण में दोबारा सिटी इंचार्ज के तौर पर कार्य किया और फिर अमर उजाला में सिटी इंचार्ज रहे। अक्तूबर 2022 से हिन्दुस्तान समाचारपत्र में अपराध बीट पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और क्राइम रिपोर्टिंग:
बीए और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अभिनय ने अपराध, राजनीति, शिक्षा, रिसर्च समेत अन्य बीट पर काम किया। मगर अपराध बीट शुरुआत से ही पसंदीदा रही है और इस पर लगातार एक्सक्लूसिव स्टोरीज़ लिख रहे हैं।
क्राइम रिपोर्टिंग और विजन:
अपराध बीट को लेकर अभिनय की गहरी समझ है। उन्होंने कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज की हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है, उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
क्राइम एंड रिसर्च स्टोरीज

शॉर्ट बायो: राकेश कुमार तिवारी पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिदुस्तान अलीगढ़ यूनिट में विभिन्न बीटों का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
राकेश कुमार तिवारी भारतीय प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान अलीगढ़ यूनिट में सीनियर रिपोर्टर की भूमिका में हैं।
करियर का सफर
राकेश कुमार तिवारी ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में अमर उजाला जालंधर से शुरूआत की। अमर उजाला जालंधर में पंजाबियां द टशन में फीचर रिपोर्टिंग से करियर क नई दिशा दी। साल 2008 में मेरठ डीएलए, सुभारती मीडिया से जुड़कर कारोबार व परिवहन समेत अन्य बीटों पर कार्य किया। 2010 में मेरठ दैनिक जागरण यूनिट ज्वाइन किया। मेरठ से मुजफ्फरनगर ब्यूरो में साल 2017 तक रिपोर्टिंग व बतौर कार्यवाह ब्यूरो चीफ कार्य किया। मुजफ्फरनगर में साल 2012 में हुए दंगे की विशेष करवेज की। दैनिक जागरण मुजफ्फरनगर में कार्य करते हुए इंटरनेशनल महिला आईटीएफ टेनिस टूर्नामेंट की विशेष कवरेज की। सितंबर 2017 से हिन्दुस्तान अलीगढ़ यूनिट में बतौर सीनियर रिपोर्टर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
समाजशास्त्र से पोस्ट ग्रेजुएट होने के कारण राकेश तिवारी को पत्रकारिता में अनूठा संयोजन मिला। इसी वजह से वह समाज के विभिन्न क्षेत्रों में रिपोर्टिंग को स्थापित किया।
एंटरटेनमेंट और विजन
फीचर रिपोर्टिंग से पंजाबी कलाकारों की प्रतिभा निखारने व पंजाब कलाकारों के साक्षात्कार किए। जालंधर में गेंदबाज हरभजन सिंह का भी साक्षात्कार किया। मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री पर विशेष लेखन व कवरेज रही। राकेश का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता की प्रतीक है। लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक, विश्वसनीय, सशक्त जानकारी देना है।

शॉर्ट बायो: सुमित कुमार शर्मा पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान अलीगढ़ में रिपोर्टिंग टीम में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव :
सुमित कुमार शर्मा, जिन्हें पत्रकारिता में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अलीगढ़ में रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2025 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने अपराध व सामाजिक गतिविधियों के बदलते ट्रेंड्स पर अपनी पकड़ बनाई है।
करियर का सफर :
सुमित ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में दैनिक सवेरा (जालंधर) से करियर की शुरुआत की। वर्ष 2014 में दैनिक जागरण में प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद वर्ष 2015 दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख अखबार में काम किया। साल 2017 से 2025 तक दैनिक जागरण (अलीगढ़) में डेस्क व रिपोर्टिंग पर कार्य किया। वर्तमान में अपराध, न्यायालय, जेल व सोशल बीटों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि :
आईसीएससी बोर्ड से 10वीं और 12वीं के बाद गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (अमृतसर) से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन किया। इसके बाद यूपी राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (प्रयागराज) से एमए जर्नलिज्म किया।

शॉर्ट बायो: विशाल शर्मा पिछले 22 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिन्दुस्तान आगरा में चीफ रिपोर्टर की भूमिका में कार्य कर रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता क्राइम से जुड़ी रिपोर्टिंग में है।
परिचय एवं अनुभव
विशाल शर्मा को हिंदी पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2004 में हिंदी पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। उस समय प्रदेश में अपहरण उद्योग बन गया था। बीहड़ ही नहीं शहर से भी अपहरण की वारदातें होती थीं। तब विशाल शर्मा ने क्राइम रिपोर्टिंग इस अपराध को उभारा। मौजूदा समय में धर्मांतरण, साइबर क्राइम, बड़े अपराधों की गहराई से पड़ताल करती रिपोर्ट लिख रहे हैं।
कॅरियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
2004 में पत्रकारिता शुरू करने के बाद जून 2006 में हिन्दुस्तान से जुड़े। आगरा में मुख्य संवाददाता के पद पर तैनात हैं और चीफ क्राइम रिपोर्टर की भूमिका में हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बीएससी, एमए, एलएलबी, पीएचडी के अलावा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जर्नलिज्म किया है। आगरा में उन्होंने कई दंगों समेत बड़े अपराधों को कवर किया है। एक बार रिपोर्टिंग के दौरान बलवाइयों ने उनकी बाइक जला दी थी। जान जोखिम में डालकर विशाल ने रिपोर्टिंग जारी रखी। साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता की मुहिम चलाई। एक खबर को आधार बनाकर पुलिस ने दो सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में छह राज्यों में दबिश देकर 14 लोगों को पकड़ा। मामला टेरर फंडिंग से भी जुड़ा निकला।
विशेषज्ञता
अपराध, फोरेंसिक, लीगल रिपोर्टिंग

ज्ञान प्रकाश पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान अखबार' में एविएशन सेक्टर कवर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
ज्ञान प्रकाश पत्रकारिता जगत में एक प्रतिष्ठित नाम है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में एविएशन, एयरपोर्ट कस्टम, डीआरआई कवर करते हैं। कोविड के दौरान विदेश में फंसे छात्रों को उनकी रिपोर्टिंग पर केन्द्र ने फ्लाइट मुहैया कराई। इसका बॉलिवुड सेलिब्रिटी ने आभार भी जताया था।
करियर का सफर (प्रिंट)
ज्ञान प्रकाश ने अपने करियर की शुरुआत 2003 में की। कई प्रमुख अखबारों में काम करते हुए 2008 में हिन्दुस्तान अखबार में कदम रखा। और और वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार में सेवाएं दे रहें हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बैचलर ऑफ आर्ट में स्रातक करने के साथ कम्प्यूटर में पीजी सी प्लस कोर्स ने उनको तकनीकी विषयों की गहरी समझ दी है। ज्ञान प्रकाश की खबरें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हैं। उनकी खबर को एटीसी ने राष्ट्रीय स्तर पर सराहा है। अन्तरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी मुहिम को देश की नामचीन सेलेब्रिटीज से लेकर अन्तरराष्ट्रीय प्रसिद्ध पत्रकारों ने सराहा है।
एविएशन सेक्टर में तकनीकी जानकारी के लिए उनको जाना जाता है। अक्सर उनके विश्लेषण नजीर बनते हैं। एयरपोर्ट कस्टम, सिक्योरिटी, इमिग्रेशन से जुड़ी उनकी खबरों को वैश्विक मंच पर सराहा जा चुका है। उनका लक्ष्य है कि पाठकों को सही और तथ्यात्मक जानकारी मिले।
विशेषज्ञता
एविएशन, एयरपोर्ट कस्टम, इमिग्रेशन और इस सेक्टर से जुड़े अन्तरराष्ट्रीय मामले।

शॉर्ट बायो :आशीष सिंह पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर कार्यरत हैं। वह राजनीति, शिक्षा, पर्यटन, खाद्य सुरक्षा विभाग व सामाजिक विषयों से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
आशीष सिंह को पत्रकारिता में छह वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कार्यरत हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कई ब्रेकिंग व चर्चित खबरें की हैं। जमीनी पत्रकारिता के जरिए उन्होंने पाठकों के बीच मजबूत पकड़ बनाई है। यह सफर लगातार जारी है।
करियर का सफर (प्रिंट)
आशीष ने अपने करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की थी। इसके बाद अमर उजाला व पंजाब केसरी जैसे प्रमुख अखबारों में सेवाएं दीं। उन्हें घूमना, लिखना, पढ़ना व संगीत सुनना खूब पसंद है। खासकर यात्रा वृतांत व पर्यावरण विषय पढ़ने में उन्हें खूब रुचि है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि:
उन्होंने एमए इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन प्रिंट, बीए (ऑनर्स) इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री ली है। नदियों व पहाड़ों से लगाव के चलते उन्हें डीडब्ल्यू हिन्दी द्वारा ईको इंडिया प्रोजेक्ट के लिए ग्रांट प्राप्त है।
विशेषज्ञता
राजनीति, शिक्षा, पर्यटन, सामाजिक मुद्दे और देश-विदेश की घटनाओं को दिल्ली से जुड़े एंगल को वह कवर करते हैं। इन विषयों को वह अपने इर्द-गिर्द रोज़ाना जीते और अनुभव करते हैं। शिक्षा निदेशालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), राजनीति-(दिल्ली भाजपा), जू अथॉरिटी, खाद्य सुरक्षा विभाग, धर्म-कर्म, पर्यटन विभाग को वह कवर करते हैं।
उन्होंने हिन्दुस्तान में रहते हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान दिल्ली का हाल, लाल किला के पास बम धमाका, गोवा अग्निकांड, नेपाल-युवा आंदोलन, ईरान में युवा आंदोलन, तुर्कमान गेट हमला और कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम को मानवीय दृष्टि से कवर किया था। यह सफर निरंतर रूप से चल रहा है। वह अपनी लेखनी को और मजबूत कर रहे हैं।

शॉर्ट बायो :
राजन शर्मा पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में अपराध टीम में कार्यरत हैं।
परिचय एवं अनुभव
राजन शर्मा को पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में अपराध टीम का हिस्सा हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कई ब्रेकिंग खबरें की हैं।
करियर का सफर (टीवी से प्रिंट पत्रकारिता)
राजन शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत मुंबई जी न्यूज और जन संदेश दिल्ली के बाद प्रिंट पत्रकारिता में आए। उन्होंने प्रमुख हिंदी अखबार हरि भूमि, विराट वैभव, नवोदय टाइम्स, दैनिक भास्कर में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।उन्हें अपराध और स्वास्थ्य से जुड़ी कवरेज के लिए जाना जाता है। मौजूदा समय में वह अपराध टीम का प्रमुख हिस्सा हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
विशेषज्ञता
अपराध, राजनीति, स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों में विशेषज्ञता है।

शॉर्ट बायो :
तरनजीत कौर पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में कला एवं संस्कृति, स्वास्थ्य और गुरुद्वारा से संबंधित खबरें करती हैं।
परिचय एवं अनुभव
तरनजीत कौर को पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कला एवं संस्कृति गुरुद्वारा और स्वास्थ्य टीम का हिस्सा हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कई ब्रेकिंग खबरें की हैं।
करियर का सफर (टीवी से प्रिंट पत्रकारिता)
तरनजीत कौर ने अपने करियर की शुरुआत आजाद न्यूज से शुरुआत की थी। इसके बाद महुआ न्यूज, साधना न्यूज, जी न्यूज, इंडिया न्यूज और पीटीसी न्यूज में अपनी सेवाएं दी। इसके बाद प्रिंट पत्रकारिता में आईं। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में प्रमुख संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। इन सभी राष्ट्रीय चैनलों में एंटरटेनमेंट और हेल्थ व्यू बीट की ख़बरों को संभाला है और बतौर सीनियर प्रोड्यूसर और एंकर काम किया है । इसके बाद पंजाबी भाषा के न्यूज़ चैनल पीटीसी न्यूज़ नेटवर्क से जुड़ीं और अब हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप के साथ जुड़ी हूँ।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएचएमस (बैक्सन होम्योपैथिक मैडिकल कॉलेज), पीजी डिप्लोमा इन रेडियो एंड टेलीविजन प्रोडक्शन (भारतीय विद्या भवन)
विशेषज्ञता
दिल्ली की स्वास्थ्य और कला एवं संस्कृति से जुड़े मुद्दों की कवरेज। सिख समुदाय से जुड़े विषय, गुरुद्वारा प्रबंधन, सांस्कृतिक आयोजन और विशेष कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग। कई महत्वपूर्ण इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट और विशेष पैकेज। विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पत्रकारिता योगदान के लिए सम्मानित, डिजिटल मीडिया व न्यूज़ प्रोडक्शन से संबंधित प्रशिक्षण प्रमाणपत्र।

शॉर्ट बायो :
मैं राहुल मानव हूं, मुझे पत्रकारिता जगत में लगभग 16 वर्ष हो चुके हैं। मैं हिन्दुस्तान अखबार में प्रिंट और डिजिटल के लिए म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी), दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए) और अन्य संबंधित विभाग कवर करता हूं।
परिचय एवं अनुभव
मैं राहुल मानव हूं, मुझे पत्रकारिता जगत में लगभग 16 वर्ष हो चुके हैं। मुझे देश के कई प्रतिष्ठित प्रमुख मीडिया समूह में काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान मैने सरकार के विभागों से लेकर दिल्ली की सभी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, विश्वविद्यालय, हायर एजुकेशन, लोअर एजुकेशन, पर्यावरण, मौसम, इंटरमेंट, व्यापार समेत तमाम रिपोर्टिंग बिट में कार्य किया है। वर्ष 2018 में मैने दिल्ली की तीनों लैंडफिल साइटों पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ लेकर एक साझा ग्राउंड एनालिटिकल न्यूज स्टोरी दैनिक भास्कर दिल्ली एडिशन के लिए की थी। जिसमें यह निष्कर्ष निकाला गया था इन तीनों लैंडफिल साइट से एक दिन में दो सौ सिगरेट के बराबर धुंआ निकलता है और यहां का ग्राउंड वाटर पूरी तरह से पोल्यूटेड हो चुका है, जिससे कैंसर हो सकता है। इसी ग्राउंड एनालिटिकल न्यूज स्टोरी के लिए मुझे वर्ष 2019 में सीएमएस वातावरण यंग एनवायरमेंट जर्नलिस्ट अवॉर्ड प्राप्त हुआ था।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
राहुल मानव ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2011 से की थी। इस दौरान शुरुआत में नवभारत टाइम्स (द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप) में इंटर्नशिप की। इसके बाद मुझे नवभारत टाइम्स में ट्रेनी जर्नलिस्ट के तौर पर अवसर मिला। इसके बाद वर्ष 2017 तक नवभारत टाइम्स में कार्य किया। इसके बाद वर्ष 2017 से 2018 के दौरान दैनिक भास्कर, 2018 से 2020 के दौरान दैनिक जागरण, फिर अमर उजाला डिजिटल और वर्ष 2022 से 2023 तक राजस्थान पत्रिका ग्रुप में नेशनल ब्यूरो में कार्य किया। इसके बाद जून, 2023 से हिन्दुस्तान अखबार में कार्यरत हूं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (बीजेएमसी) गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, पीजी डिप्लोमा इन पब्लिक रिलेशन फ्रॉम भारतीय विद्या भवन, एमए इन जर्नलिज्म मास कम्युनिकेशन फ्रॉम गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी
पॉलिटिकल, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन रिपोर्टिंग व विजन
पॉलिटिक्स, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, सिविक एजेंसी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण, कम्युनिटी कनेक्ट, शिक्षा, म्युनिसिपल ऑपरेशंस, डीडीए, हायर एजुकेशन, लोअर एजुकेशन, वेदर, ऑटो सेक्टर, व्यापार, एंटरटेनमेंट जैसे संबंधित अन्य कई रिपोर्टिंग न्यूज बीट को अपने पत्रकारिता के कार्यकाल के दौरान कवर किया है। इस दौरान कई प्रमुख हस्तियों, फिल्म अभिनेता और अभिनेत्री, आईएएस, वाइस चांसलर, नेताओं के इंटरव्यू भी किए हैं। 2014, 2016 और 2018 में ग्रेटर नोएडा में आयोजित ऑटो एक्सपो, प्रगति मैदान में आयोजित ट्रेड फेयर को दस वर्षों के दौरान कवर किया है।
विशेषज्ञता
पॉलिटिकल, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, सिविक एजेंसी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण, कम्युनिटी कनेक्ट, शिक्षा, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, हायर एजुकेशन, लोअर एजुकेशन, वेदर, ऑटो सेक्टर, व्यापार, एंटरटेनमेंट, राज्य सरकार के विभाग जैसे संबंधित अन्य कई रिपोर्टिंग न्यूज़ बीट को अपने पत्रकारिता के कार्यकाल के दौरान कवर किया है।

शॉर्ट बायो :
हेमलता कौशिक पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' में दिल्ली हाई कोर्ट से संबंधित खबरें करती हैं।
परिचय एवं अनुभव
हेमलता कौशिक को पत्रकारिता में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कोर्ट रिपोर्टिंग टीम का हिस्सा हैं। इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कई ब्रेकिंग खबरें की हैं।
करियर का सफर (प्रिंट पत्रकारिता)
एचटी में उन्हें कार्य करते हुए 17 वर्ष हो गए हैं। एक वर्ष उन्होंने पंजाब केसरी में कार्य किया है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन(बीजेएमसी), एम ए राजनीति शास्त्र, कानून स्नात्तक (एलएलबी)।
विशेषज्ञता
कानूनी मामले (अदालत की रिपोर्टिंग), उपभोक्ता अधिकार संबंधी मामले, केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण(कैट नौकरी संबंधी प्रशासनिक आदेश), दिल्ली महिला आयोग के माध्यम से महिलाओं के हक की लड़ाई व मानवीय पहलु से संबंधित ज्वलंत मुद्दों पर विशेष दृष्टि, दिल्ली सरकार के मध्यस्थता केन्द्र में पारिवारिक विवादों व उनसे परिवार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों की राय पर आधारित मामलों पर विशेष ध्यान। किशोर न्याय बोर्ड में नाबालिगों के आने वाले मामलों पर उनकी मनोस्थिति व बदलती धारणा पर नजर बनाए रखना।

शॉर्ट बायो :
हेमंत कुमार पांडेय वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिंदुस्तान अखबार के दिल्ली संस्करण में क्राइम, कानून एवं राजनीतिक-सामाजिक विषयों से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं।।
परिचय एवं अनुभव
हेमंत कुमार पांडेय राजधानी दिल्ली की क्राइम रिपोर्टिंग में स्थापित नाम हैं। वह वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह वर्ष 2013 से हिंदु्स्तान दिल्ली टीम का हिस्सा हैं। इस दौरान अपराध के बदलते ट्रेंड पर भी मजबूत पकड़ रखते हैं। खासतौर पर आर्थिक अपराध और साइबर अपराध। उन्होंने वर्ष 2017 से साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों पर रिपोर्टिंग किया है। इस बीते दस सालों में क्राइम की कई बड़ी ब्रेकिंग की जिसमें बुराड़ी में बसपा नेता समेत छह की हत्या, श्रद्धा वाल्कर मर्डर केस, एआई के इस्तेमाल सुलझा हत्या का मामला और महिला कांस्टेबल का दो साल बाद मिला कंकाल आदि खबरें प्रमुख हैं।
करियर का सफर
हेमंत ने करियर की शुरुआत में प्रथम प्रवक्ता मैगजीन के लिए रिपोर्टिंग की। फिर वर्ष 2009 में डीएलए नाम के सांध्य कालीन अखबार से करियर की शुरुआत की। इसके बाद वर्ष वह 2011 में न्यूज एजेंसी आईएएनएस की टीम का हिस्सा बने। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं समसामयिकी मुद्दों से जुड़ी खबरों का अनुवाद करने का अनुभव मिला। फिर वर्ष 2013 जनवरी में दैनिक भाष्कर की दिल्ली और अक्तूबर में हिंदुस्तान दिल्ली टीम का हिस्सा बने।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मेडिकल रिपोर्टिंग
हेमंत ने B.Sc (बायोलॉजी) के बीएड एवं मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा की डिग्री ली। इस दौरान सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान इतिहास, भूगोल, अर्थ व्यवस्था, समसामयिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों और सामाजिक समस्याओं को लेकर एक समझ विकसित हुई। क्राइम रिपोर्टिंग के दौरान इससे सहायता मिली।
क्राइम रिपोर्टिंग एवं इसके आयाम
हेमंत की क्राइम रिपोर्टिंग के विभिन्न पक्षों पर गहरी पकड़ है। खासतौर पर कानून के प्रति समझ एवं पुलिस विभाग में अंदर तक पैठ है जिसकी वजह से एक्सक्लूसिव खबरें सही तथ्यों के साथ निकालकर पाठकों के लिए लाते हैं। हेमंत की रिपोर्टिंग सही और सटीक तथ्यों पर टिकी है।
विशेषज्ञता
साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध, गैंगवार

शॉर्ट बायो:
राजीव शर्मा, पिछले 20 वर्ष से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हूं और वर्तमान में दिल्ली में हिंदुस्तान दैनिक में वरिष्ठ संवाददाता के पद पर कार्यरत हूं।
परिचय एवं अनुभव
राजीव शर्मा को प्रिंट मीडिया में 20 वर्ष का अनुभव। वर्तमान में दिल्ली में दैनिक हिंदुस्तान के लिए काम करते हुए परिवहन विभाग, डीटीसी, राजनीतिक दल, एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन, कारोबार, उद्योग, ट्रेड टैक्स समेत तमाम बीट को कवर कर रहा हूं। इन बीट को कवर करते हुए न सिर्फ बाजार, उद्योग के बदलते ट्रेंड, समय-समय पर टैक्स प्रणाली में होने वाले बदलाव और दिल्ली की परिवहन व्यवस्था पर पाठकों के नजरिए से कंटेट को तैयार किया है बल्कि इन मुद्दों पर मजबूत पकड़ भी बनाई है।
करियर का सफर (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से प्रिंट)
राजीव शर्मा ने अपने पत्रकारिता के करियर की शुरूआत उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थानीय समाचार पत्र और न्यूज चैनल से 2006 में की। इसके बाद गाजियाबाद में नई दुनिया समाचार पत्र की लांचिंग टीम में शामिल रहकर पत्रकारिता की। अगस्त 2010 में गाजियाबाद में ही प्रतिष्ठित समाचार पत्र अमर उजाला का हिस्सा बना। अप्रैल 2024 में प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक हिंदुस्तान से जुड़ा और राजधानी दिल्ली की स्टेट टीम से जुड़कर पत्रकारिता की।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से वाणिज्य विषय में स्नातक की शिक्षा हासिल की। हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टैक्नोलॉजी से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। इसके कारण बाजार, उद्योग और ट्रेड टैक्स से जुड़ी पत्रकारिता करने में अनूठा सहयोग मिला।
पीपल कनेक्ट रिपोर्टिंग एंड विजन
जनसरोकार के मुद्दों, राजनीति, डेवलपमेंट के विषयों गहरी समझ है। पत्रकारिता के शुरूआती दौर से ही कई सीधे जनता से जुड़े नगर निगम और विकास प्राधिकरण जैसे विभागों में रिपोर्टिंग कर न जनसरोकार के मुद्दों पर रिपोर्टिंग की, बल्कि धारदार पत्रकारिता कर कई घोटालों पर भी एक्सक्लूसिव खबरें की। जिससे जनता का सीधा जुड़ाव था। राजीव शर्मा का मानना है कि पत्रकारिता की नींव विश्वसनीयता और तथ्यपरकता है। उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक, सशक्त जानकारी देकर हकीकत से रूबरू कराना है। राजनीतिक रिपोर्टिंग के दौरान उत्तर प्रदेश और दिल्ली में विधानसभा, लोकसभा चुनाव के दौरान अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर ग्राउंड रिपोर्ट की। राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषण भी लिखे। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम ट्रेड फेयर और ऑटो एक्सपो को कवर किया है।
विशेषज्ञता
डेवलपमेंट, ट्रांसपोर्ट, पॉलिटिकल रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्ट।
ट्रेड टैक्स में बदलाव के कारण बाजारों, उद्योगों और कारोबार पर होने वाले असर की स्पेशल स्टोरी, एक्सप्लेनर

शॉर्ट बायो :
आशीष गुप्ता दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'दैनिक हिन्दुस्तान' में प्रमुख संवाददाता के रूप में कार्य कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
आशीष गुप्ता पत्रकारिता जगत में दो दशकों के समृद्ध अनुभव के साथ कार्य रहे हैं। वर्तमान में वे हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के प्रमुख प्रकाशन 'दैनिक हिन्दुस्तान' की दिल्ली टीम में प्रमुख संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। अपने विस्तृत कैरियर में उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, राजधानी के बुनियादी ढांचे, यातायात प्रबंधन और शहरी नियोजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन रिपोर्टिंग की है।
करियर का सफर< b>
आशीष गुप्ता ने वर्ष 2006 में फरीदाबाद से एक स्थानीय अखबार के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। वर्ष 2008 में उन्होंने दैनिक हिन्दुस्तान से जुड़कर रेलवे, ऊर्जा और खेल बीट पर दो वर्षों तक सक्रिय रिपोर्टिंग की। दिसंबर 2010 में उन्होंने उत्तर प्रदेश की शैक्षिक नगरी अलीगढ़ का रुख किया, जहां उन्होंने 2014 तक दैनिक जागरण के लिए कार्य किया। इस अवधि में उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू), डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के कॉलेज, कृषि, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों की व्यापक कवरेज की। सितंबर 2014 से जुलाई 2017 तक उन्होंने अलीगढ़ में ही दैनिक हिन्दुस्तान में सेवाएं दीं। तत्पश्चात दैनिक जागरण के साथ जुड़कर गाजियाबाद और दिल्ली में उन्होंने नगर निकाय, शहरी विकास, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस), मेट्रो रेल, न्यायालय, उपभोक्ता फोरम जैसी महत्वपूर्ण बीटों को कवर किया। इस दौरान उन्होंने पूर्वी दिल्ली टीम का नेतृत्व भी संभाला।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बी.कॉम (कम्प्यूटर एप्लिकेशन) और जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। प्रिंट में काम करने के साथ डिजिटल जर्नलिज्म का प्रशिक्षण प्राप्त कर रखा है।
विजन
आशीष गुप्ता का मानना है कि पत्रकारिता समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। गुणवत्तापूर्ण कंटेंट, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित पत्रकारिता उनका विजन है।
विशेषज्ञता
राष्ट्रीय राजमार्ग, शहरी विकास, नगर निकाय, उपभोक्ता फोरम, लीगल उच्च शिक्षा, रेलवे, खेल, बिजली समेत कई विषयो पर गहरी पकड़।

शॉर्ट बायो :
अभिनव उपाध्याय पिछले लगभग 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार हैं और वर्तमान में हिंदुस्तान दैनिक में प्रमुख संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा, साहित्य, संगीत, कला, सामाजिक मुद्दों पर्यावरण और राजनीति से जुड़े विषय उनकी विशेष विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिनव उपाध्याय राजधानी की पत्रकारिता दुनिया का एक विश्वसनीय और सक्रिय नाम हैं, जिन्हें समाचार लेखन, विश्लेषण और जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर गहरी पकड़ के साथ लगभग दो दशक का अनुभव है। बीते करीब आठ वर्षों से वे हिंदुस्तान दैनिक से जुड़े हैं और दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों, छात्र राजनीति तथा सांस्कृतिक गतिविधियों की व्यापक और शोधपरक कवरेज कर रहे हैं।
करियर का सफर
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साहित्यिक पत्रिका ‘कथादेश’ से की, जिसके बाद ‘आज समाज’ और ‘दैनिक जागरण’ जैसे प्रमुख संस्थानों में विभिन्न बीट्स पर कार्य किया। आज समाज में कार्य करते हुए 1984 के सिख दंगों के 25 वर्ष पूरे होने पर विशेष श्रृंखला तथा दैनिक जागरण में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, दिल्ली और आजादी के 75 वर्ष पर शैक्षणिक संस्थानों के योगदान से जुड़ी शोधपरक श्रृंखलाएं तैयार कीं। वर्तमान भूमिका में उन्होंने कई महत्वपूर्ण साक्षात्कार, ब्रेकिंग स्टोरी और विशेष पैकेज किए हैं, साथ ही गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव सहित अनेक प्रमुख आयोजनों की रिपोर्टिंग की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और उपलब्धियां
अभिनव ने पीएचडी, राजनीति विज्ञान में एमए, बीएड और बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (डिप्लोमा) की उपाधियां प्राप्त की हैं। उन्हें संस्कृति मंत्रालय द्वारा मौलाना मोहम्मद अली जौहर पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त रॉयटर का डिजिटल जर्नलिज्म कोर्स तथा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की जूनियर रिसर्च फेलोशिप भी उन्हें प्राप्त है। उनके कई लेख और शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं, विशेषकर भोजपुरी गीतों में सामाजिक चेतना पर उनका शोध उल्लेखनीय है।
सार्वजनिक भूमिका और रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ वे विभिन्न शैक्षणिक और सार्वजनिक मंचों पर वक्ता, शोधपत्र प्रस्तुतकर्ता, समिति सदस्य और निर्णायक के रूप में सक्रिय रहते हैं। लेखन, संगीत, कुकिंग और यात्रा उनकी प्रमुख रुचियां हैं, जो उनके रचनात्मक व्यक्तित्व को और समृद्ध बनाती हैं।

परिचय एवं अनुभव
रणविजय सिंह को पत्रकारिता में करीब 19 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर प्रमुख संवाददाता स्वास्थ्य, दिल्ली मेट्रो, पेयजल और सामाजिक सरोकार की खबरें कवर करते हैं। इन्हें अपराध, अदालत, तिहाड़ जेल, कृषि, खेल, राजनीति, अन्ना आंदोलन, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय व दिल्ली सरकार को कवर करने का अनुभव है। कोरोना माहामरी, मायापुरी रेडिएशन, निर्भया कांड, लोकसभा, दिल्ली विधानसभा व नगर निगम चुनाव कवर कर चुके हैं। वह करीब एक दशक से अधिक समय से स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर लगातार शोधपरक स्टोरीज लिख रहे हैं। पत्रकारिता के बदलते ट्रेंड्स, डिजिटल कंटेंट व पाठकों की रुचि के अनुरूप अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में दैनिक जागरण से की और 18 वर्ष से अधिक समय तक जुड़े रहे। जहां उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियां सीखी और रिपोर्टिंग में अपनी पकड़ मजबूत की और प्रिंट के लिए पत्रकारिता करते हुए दैनिक जागरण डिजिटल प्लेटफार्म के लिए भी कांटेंट तैयार किए। वह पांच अगस्त 2025 को हिन्दुस्तान से जुड़े।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और स्वास्थ्य रिपोर्टिंग
बायोलॉजी से 12वीं करने के बाद स्नातक मानविकी संकाय संकाय से की। बाद मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा करने से विज्ञान, सामाजिक विज्ञान व पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला।इससे सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों के साथ-साथ मेडिकल बीट पर भी बेहतर तकनीकी समझ विकसित हुई।
विजन
स्वास्थ्य के विषय पर मजबूत पकड़ के साथ पर्यावरण, सामाजिक सरोकार व राजनीति के विषयों की भी गहरी समझ है। उन्होंने कई ओलंपिक खिलाड़ियों, प्रतिष्ठित डॉक्टरों व नेताओं के साक्षात्कार किए हैं। उनका लक्ष्य पाठकों तक प्रमाणित व शोध परक जानकारी पहुंचाना है।
विशेषज्ञता
स्वास्थ्य। पर्यावरण व राजनीतिक खबरों में भी गहरी रुचि।

शॉर्ट बायो :
संजय कुशवाहा पिछले 21 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में पर्यावरण एवं वन्य जीव, मौसम, विधानसभा जैसी महत्वपूर्ण बीट की कवरेज कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभवः
संजय कुशवाहा पत्रकारिता और लेखन जगत में एक प्रतिष्ठित नाम है, जिन्हें पत्रकारिता में 21 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स समूह) में बतौर प्रमुख संवाददाता कार्यरत हैं। अपनी इस भूमिका के अंतर्गत वे दिल्ली में अलग-अलग विभागों की खबरें रिपोर्ट करते हैं। उनकी खबरों में पर्यावरण, वन्यजीव, मौसम और राजनीति के विविध रंगों को पहचाना जा सकता है।
करियर का सफरः
संजय कुशवाहा यूं तो कॉलेज के दिनों से विविध लेखन करते रहे और विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में छपते भी रहे। वर्ष 2005 से दैनिक भास्कर सोनीपत, फिर अमर उजाला देहरादून और फिर दैनिक जागरण देहरादून में काम किया। वर्ष 2011 से हिन्दुस्तान दिल्ली में रिपोर्टिंग टीम का हिस्सा हैं। लंबे पत्रकारीय जीवन में संजय कुशवाहा ने साहित्य, संस्कृति, नगर निगम से लेकर अपराध और राजनीति तक की कवरेज की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमिः
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई करने वाले संजय कुशवाहा को किताबें पढ़ना बेहद पसंद रहा है। खासतौर पर साहित्य, इतिहास और वन्य जीव के बारे में उन्होंने स्वतंत्र अध्ययन किया है।
पत्रकारीय दृष्टिकोणः
दिल्ली के पर्यावरण, प्रदूषण की समस्या, मौसम चक्र, वन्य जीवन, जंगल आदि की विशेष समझ। दिल्ली विधानसभा और कांग्रेस पार्टी की रिपोर्टिंग। स्थानीय निकाय एनडीएमसी की रिपोर्टिंग।
विशेषज्ञताः
साहित्य, संस्कृति, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीवन
राजनीति, विधानसभा, कांग्रेस पार्टी
स्थानीय निकाय एनडीएमसी, दिल्ली नगर निगम

शॉर्ट बायो: निखिल पाठक एक प्रतिबद्ध और तथ्यपरक पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट मीडिया में 6.5 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ में कार्यालय संवाददाता के रूप में कोर्ट, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और स्पोर्ट्स बीट कवर कर रहे हैं। उनकी रिपोर्टिंग का फोकस न्याय, जवाबदेही और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर रहता है।
परिचय
निखिल पाठक नई दिल्ली में आधारित एक सक्रिय पत्रकार हैं, जो न्यायपालिका, पर्यावरणीय नियमन और खेल जगत से जुड़े विषयों पर गहन और संतुलित रिपोर्टिंग करते हैं। उन्होंने 1984 सिख विरोधी दंगा मामलों के कोर्ट ट्रायल व सजा पर फैसले, जमीन के बदले नौकरी घोटाला, आईआरसीटीसी घोटाला और अदालतों के आंकड़ों पर आधारित कई प्रमुख खबरों की कवरेज की है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में प्रदूषण, भूजल दोहन, जलाशयों के संरक्षण और पर्यावरणीय जवाबदेही से जुड़े मामलों पर भी उनकी विस्तृत रिपोर्टिंग रही है।
करियर का सफर
निखिल पाठक ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2019 में अमर उजाला के साथ की। अमर उजाला की चंडीगढ़ यूनिट में वह डेस्क पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने खबरों के संपादन, पेज मेकिंग और डेस्क से जुड़े अन्य कार्यों की गहन समझ विकसित की। इसके बाद वर्ष 2022 में उन्होंने दैनिक जागरण में बतौर संवाददाता कार्यभार संभाला। दैनिक जागरण के पूर्वी दिल्ली कार्यालय में रहते हुए उन्होंने डीडीए, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, आरडब्ल्यूए और धर्म-कर्म जैसी बीटों पर काम किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी मुद्दों, नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े कई रोचक और प्रभावी समाचार लिखे।फरवरी 2025 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ जॉइन किया। एचटी मीडिया के साथ उनका एक वर्ष का अनुभव है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
निखिल ने एमए (जर्नलिज्म) तथा बैचलर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (बीजेएमसी) की पढ़ाई की है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और फील्ड अनुभव का संयोजन उन्हें कानूनी, पर्यावरणीय और खेल विषयों को तथ्यात्मक व सरल भाषा में प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।
रिपोर्टिंग विजन
निखिल का मानना है कि कोर्ट और एनजीटी से जुड़े फैसले केवल कानूनी दस्तावेज नहीं होते, बल्कि वे सीधे समाज, शासन और आम नागरिकों के जीवन को प्रभावित करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी और पर्यावरणीय मुद्दों को पाठकों के लिए सरल, सटीक और विश्वसनीय रूप में प्रस्तुत करना है।
विशेषज्ञता
कोर्ट रिपोर्टिंग (ट्रायल, सजा, महत्वपूर्ण आदेश)
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी)— प्रदूषण, भूजल दोहन, जलाशय संरक्षण
आंकड़ों पर आधारित न्यायिक रिपोर्टिंग
स्पोर्ट्स कवरेज
व्यक्तिगत रुचियां
संगीत, लेखन और बैडमिंटन

विशिष्ट विशेषज्ञता
दिल्ली सरकार, पुलिस (अपराध एवं ट्रैफिक), रेलवे
यह विशेष क्यों पसंद है
अपराध समाज को सीधे प्रभावित करता है। यह समाज के दूसरे पक्ष से अवगत कराता है।
कुल अनुभव के वर्ष
19
एचटी में अनुभव के वर्ष
13
शिक्षा
एम.ए (मॉस कम्युनिकेशन)
रुचियां
घूमना, नए कांटेक्ट बनाना
पिछला अनुभव
16 वर्षों तक दिल्ली में अपराध से संबंधित खबरें की
वर्तमान भूमिका
प्रमुख संवाददाता के रूप में दिल्ली सरकार बीट कवर करना
मीडिया कवरेज
अपराध, ट्रैफिक, एयरपोर्ट, मेट्रो, रेलवे एवं सरकार पर खबरें लिखी
प्रकाशन
राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान
स्थान
नई दिल्ली
बॉयो
दिल्ली में वर्ष 2006 से पत्रकारिता कर रहा हूं। अपनी शुरुआत विराट वैभर अखबार से की। वर्ष 2007 में राष्ट्रीय सहारा में बतौर संवाददाता कार्य किया। जुलाई 2008 से लेकर फरवरी 2018 तक हिन्दुस्तान में संवाददाता से प्रमुख संवाददाता तक का सफर किया। ईटीवी भारत के डिजीटल प्लेटफॉर्म के लिए फरवरी 2018 से जुलाई 2022 तक कार्य किया। इसके बाद से हिन्दुस्तान दिल्ली में बतौर प्रमुख संवाददाता कार्यरत। पत्रकारिता में 16 साल तक दिल्ली में हुए अपराध एवं ट्रैफिक से जुड़ी खबरों को कवर किया। जबकि बीते तीन वर्षों से अधिक समय से दिल्ली में रेलवे, एयरपोर्ट और दिल्ली सरकार से जुड़ी खबरें कर रहा हूं। इस दौरान लाइफ ओके पर आयोजित होने वाले सावधान इंडिया कार्यक्रम में बतौर विशेषज्ञ हिस्सा लिया। वहीं वर्ष 2022 में नेटफ्लिक्स पर बनी डॉक्यूमेंट्री द बूचर ऑफ दिल्ली में बतौर विशेषज्ञ हिस्सा लिया।

शॉर्ट बायो: रजनीश कुमार पाण्डेय पिछले करीब पांच वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'हिन्दुस्तान समाचार पत्र' में क्राइम टीम का हिस्सा हैं और दिल्ली में क्राइम रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले करीब पांच वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। अपराध संवाददाता के रूप में काम करते हुए दिल्ली में अपराध, दिल्ली पुलिस, साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट व अन्य मुद्दों की कवरेज करते हुए हिंदुस्तान समाचार पत्र में कार्यालय संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। व्यक्तिगत तौर पर काव्य लेखन व वाचन, संगीत व गायन, कला व कौतुक, रहस्य व अपराध आधारित सिनेमा में विशेष रुचि रखने के साथ ऐतिहासिक, पौराणिक व नये स्थानों के भ्रमण का शौक है।
करियर का सफर
साल 2021 से दिल्ली में पत्रकारिता का सफर शुरू हुआ। कुछ महीने न्यूज नेशन और फिर करीब दो साल दो महीने 2023 तक दैनिक जागरण के दक्षिणी दिल्ली ब्यूरो में काम करते हुए अपराध के बड़े मामले जैसे- श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड की क्राइम, कोर्ट व ग्राउंड जीरो समेत 360 डिग्री कवरेज की। जी-20 सम्मेलन, आजादी को 75 वर्ष पूरे होने पर अमृतकाल के कार्यक्रमों में भी पूरी सक्रियता से भाग लेते हुए सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर स्टोरी की। लोकसभा, विधानसभा, एमसीडी व अन्य चुनावों की कवरेज का अनुभव भी है। दिल्ली पुलिस व जिला न्यायालय की सामान्य कवरेज के अलावा डीडीए, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन व सिविक एजेंसियों से जुड़े आम लोगों की समस्याओं व मुद्दों को उठाते हुए ग्राउंड जीरो से विस्तृत कवरेज का अनुभव है। इसके बाद 2023 के अंत तक हिंदुस्तान अखबार में क्राइम रिपोर्टर के रूप में सेवाएं देनी शुरू की। लाल किला धमाका 2025, दिल्ली के दयालपुर में इमारत ढहने से 11 की मौत, वेलकम में सात की मौत, दक्षिणी दिल्ली के जैतपुर में दीवार गिरने से सात लोगों की मौत, फॉल्कन ग्रुप धोखाधड़ी और चाणक्य एकेडमी के धोखाधड़ी जैसे प्रमुख मामलों की ग्राउंड रिपोर्टिंग की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस स्थित आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज से जीव विज्ञान में स्नातक (ऑनर्स) के बाद अयोध्या स्थित डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय परिसर से जनसंचार व पत्रकारिता में परास्नातक किया। उनकी विज्ञान पृष्ठभूमि की शिक्षा और पत्रकारिता व लेखन में रुचि का संयोजन उन्हें अपराध रिपोर्टिंग के साथ ही मेडिकल, रिसर्च व नवाचारों संबंधी स्टोरी इत्यादि करने में सक्षम बनाता है। वह अपराध रिपोर्टिंग में भी नवाचार व तकनीकि का इस्तेमाल करके बेहद आसान व सरल ढंग से आम आदमी को जागरूक करने की कोशिश करते हैं।
विजन
रजनीश का मानना है कि अपराधी व अपराध पीड़ितों के मानवीय भावनाओं और अपराध के कारण को समझकर लिखी गई उनकी खबर व स्टोरी की मदद से वह सैकड़ों लोगों को अपराध का शिकार होने से बचा सकते हैं। लोगों को जागरूक करने व अपराधों से शिकार होने से बचाने के लिए वे लगातार अनोखे व अलग तरह के साइबर अपराधों व आम लोगों से जुड़े अन्य अपराधों पर स्टोरी करते रहते हैं।
विशेषज्ञता
अपराध व कानून, साइबर अपराध, नये व अनोखे साइबर हैक पर स्टोरी करना, अपराधी व पीड़ित के मानवीय भावनाओं को लेकर स्टोरी करना, बड़े हादसों व वारदातों की ग्राउंड रिपोर्टिंग

शॉर्ट बायो: डा.गौरव कुमार त्यागी वर्ष 2006 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में हिंदुस्तान अखबार के दिल्ली संस्करण में मेट्रो एडिटर की भूमिका निभा रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
बीते बीस वर्ष से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। गाजियाबाद में रिपोर्टिंग के साथ हिन्दुस्तान के लिए नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में ब्यूरो चीफ रह चुके हैं। वर्ष 2008 से हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। जन सरोकार के मुद्दों के साथ साथ, राजनीति और विकास से जुड़ी खबरों पर पकड़ है।
करियर का सफर
करियर की शुरुआत अमर उजाला के साथ एक जनवरी 2006 से की। इसके बाद जुलाई 2008 में हिन्दुस्तान गाजियाबाद टीम का हिस्सा बने। तब से हिन्दुस्तान में अलग अलग भूमिका में सक्रिय हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गणति में परास्नातक के साथ पत्रकारिता और जनसंचार में एम.ए. किया है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में पी-एचडी की उपाधि हासिल की है।
विशेषज्ञता
टीम मैनेजर के तौर पर बीते 16 वर्ष से कार्य।
राजनीति और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष पकड़।
नेशनल बुक ट्रस्ट से वैश्वीकरण का हिंदी अखबारों पर प्रभाव विषय पर पुस्तक का प्रकाशन।