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Yogini ekadashi 2025: जानें आज योगिनी एकादशी पूजा का मुहूर्त, इस दिन क्या दान करना चाहिए

Yogini ekadashi 2025: जानें आज योगिनी एकादशी पूजा का मुहूर्त, इस दिन क्या दान करना चाहिए

संक्षेप:

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से भगवान नारायण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जानें इस दिन क्या दान करना चाहिए। यह व्रत दे‌वशयनी एकादशी से पहले आता है।

Jun 21, 2025 07:32 am ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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Yogini ekadashi vrat date : आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहते हैं। योगिनी एकादशी का व्रत इस साल 21 जून को रखा जाएगा। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से भगवान नारायण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस साल एकादशी के इस व्रत में जयद योग बन रहा है। इस बार एकादशी तिथि 21 जून को शुरू होगी । इस साल पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 21 जून को सुबह 6:45 से 8:26 बजे तक रहेगा। इस दान पुण्य का भी बहुत महत्व है। योगिनी एकादशी के दिन और पारण के दिन यानी द्वादशी में भी आप दान कर सकते हैं।

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योगिनी एकादशी के दिन किस चीज का दान करना चाहिए

योगिनी एकादशी के दिन गेहूं, चावल आदि का दान करना चाहिए। इसके अलावा आप पारण के समय किसी मंदिर में या ब्राह्मण को भोजन करा सकते हैं। इस दिन कपड़ों का दान करना भी शुभ रहता है। योगिनी एकादशी पर जल का दान भी अच्छा माना जाता है। मौसमी फल जैसे आम, सेब या केला का दान करने से सेहत में सुधार और जीवन में मिठास आती है। योगिनी एकादशी पर जौ का दान भी शुभ माना गया है।

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योगिनी एकादशी 2025: पारण डेट एंड टाइम और किस चीज से पारण करें

21 जून को एकादशी तिथि शुरू होगी और अगले दिन 22 जून को सुबह 04:27 बजे समाप्त होगी। 22 जून को एकादशी पारण का समय दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। लोग द्वादशी पर पारण जौ के चूर्ण से कर सकते हैं।

योगिनी एकादशी व्रत में क्या कर सकते हैं और क्या नहीं

योगिनी एकादशी के व्रत में एकादशी पर कठिन व्रत करने का विधान है। इस दिन जल और अन्न नहीं लेना चाहिए। अगर कठिन व्रत न कर पाएं तो फल ले सकते हैं और जल भी पी सकते हैं। इस दिन नमक नहीं खाना चाहिए। इस दिन चावल न खाएं। किसी भी तरह से झूठ न बोलें और हिंसा न करें। नशा न करें, किसी को अपने मन, वचन और कर्म से दुखी न करें। ब्रह्मचर्य का पालन करें।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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