योगिनी एकादशी पर बन रहे कई कल्याणकारी संयोग, 9 या 10 जुलाई उदया तिथि में व्रत का मान्य कब?
Yogini Ekadashi 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। हर महीने दो एकादशी व्रत रखे जाते हैं। जुलाई महीने में पहली एकादशी पर योगिनी एकादशी व्रत रखा जाएगा। जानें योगिनी एकादशी कब है।

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Kis din hai: हिंदू धर्म में हर महीने दो एकादशी व्रत किए जाते हैं। इस तरह से वर्ष में कुल 24 एकादशी व्रत आते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस समय आषाढ़ का महीना चल रहा है। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी व्रत किया जाता है। एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस बार योगिनी एकादशी पर कई शुभ और कल्याणकारी योग बन रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए पापों का नाश होता है। श्रीहरि की कृपा से जीवन में सुख-शांति और खुशहाली आती है। आइए जानते हैं कि योगिनी एकादशी व्रत उदयातिथि में कब रखा जाएगा और व्रत पारण का मुहूर्त भी।
एकादशी व्रत के लिए तिथि का ध्यान जरूरी:
ज्योतिषाचार्य धर्मेंद्र झा ने बताया कि पंचांग के अनुसार आषाढ़ कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि का प्रारंभ 09 जुलाई 2026 को दोपहर 03 बजकर 45 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 10 जुलाई 2026 को दोपहर 01 बजकर 20 मिनट पर होगा। उदया तिथि मान्य होने के कारण एकादशी व्रत 10 जुलाई, शुक्रवार को रखा जाएगा।
योगिनी एकादशी व्रत का फल:
हिंदू धर्म ग्रंथों में वर्णित है कि योगिनी एकादशी का फल जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति दिलाता है। यह व्रत करने वाला व्यक्ति सभी सुखों को भोगकर अंत में मोक्ष को प्राप्त करता है। इस व्रत के भगवान से भगवान विष्णु की कृपा से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
योगिनी एकादशी पर बन रहे कई कल्याणकारी संयोग:
योगिनी एकादशी पर इस बार कई शुभ और कल्याणकारी योग बन रहे हैं। इस दिन सुकर्मा और धृति योग का अद्भुत संयोग बन रहा है। शुक्रवार के दिन एकादशी व्रत होने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा का दुर्लभ योग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग में लक्ष्मी-नारायण पूजन करने से धन-धान्य में वृद्धि के साथ खुशहाली प्राप्त होती है।
योगिनी एकादशी व्रत पारण का समय:
पंडित जी के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण अगले दिन 11 जुलाई, शनिवार को सुबह 05 बजकर 32 मिनट से सुबह 08 बजकर 15 मिनट के बीच किया जाएगा। द्वादशी तिथि के भीतर एकादशी व्रत का पारण अनिवार्य माना जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में नहीं करना पाप के समान होता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
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