Gemstone: पुखराज पहनकर आप भी खा लेते हैं नॉनवेज? गुरु दोष से झेलना पड़ेंगे ये 3 नुकसान
क्या आप पुखराज पहनकर नॉनवेज खाते हैं? ज्योतिष और रत्न शास्त्र के अनुसार ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है। जानिए इससे जुड़े 3 नुकसान और उपाय के बारे में।

रत्न और ज्योतिष शास्त्र में पुखराज को गुरु यानी बृहस्पति से जुड़ा रत्न माना जाता है। मान्यता है कि इस रत्न के जरिए ज्ञान, धन, और शादीशुदा जिंदगी में शांति के साथ-साथ मान-सम्मान में भी वृद्धि होती है। यही वजह है कि पुखराज धारण करने के बाद लोगों के लिए तरक्की के नए-नए रास्ते खुलने लग जाते हैं। हालांकि ये रत्न जितना पावरफुल है उससे भी ज्यादा इसे पहनने के नियम भी उतने ही कड़े हैं। ऐसे में इसे धारण करने के कुछ नियम भी हैं जिनका पालन जरूर करना चाहिए। मान्यता है कि अगर कोई व्यक्ति पुखराज पहनकर नॉनवेज खाता है इससे पुखराज की पवित्रता को नुकसान पहुंचता है। इसी वजह से ज्योतिष और रत्न शास्त्र में इस गलती से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे गुरु दोष लगता है।
क्या है गुरु दोष?
ज्योतिष शास्त्र में गुरु को सबसे सात्विक ग्रह के रूप में देखा जाता है। इसी वजह से सलाह दी जाती है कि पुखराज पहनने वाला व्यक्ति सात्विक जिंदगी जीने की कोशिश करें या फिर कुछ नियमों का पालन जरूर करें। माना जाता है कि तामसिक खाना खाने से गुरु का अच्छा प्रभाव कम होने लगता है और इससे गुरु दोष बढ़ता है। कहा जाता है कि इससे 3 नुकसान हो सकते हैं।
पुखराज पहनकर नॉनवेज खाने से होंगे ये 3 बड़े नुकसान
1. शुरू होगी पैसों की दिक्कत
रत्नशास्त्र में पुखराज को पैसों और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है। अगर नियम का सही से पालन ना किया जाए तो पैसों से जुड़ी दिक्कतें शुरू हो जाती है और फालतू के खर्चे बढ़ने लगते हैं। ऐसे में आर्थिक तंगी जैसी स्थिति भी बन सकती है।
2. रिश्तों में तनाव की स्थिति
गुरु दोष लगने पर इसका सीधा असर हमारे रिश्तों पर भी पड़ता है। गुरु का संबंध हमारे रिश्तों और शादीशुदा जिंदगी से भी होता है। ऐसे में अगर पुखराज से जुड़े नियमों का पालन ना किया जाए तो गुरु दोष लगने की वजह से ये रिश्तों में तनाव भी पैदा कर सकता है। वहीं घर-परिवार में भी माहौल तनाव भरा हो सकता है।
3. मान-सम्मान और सेहत पर असर
ज्योतिष मान्यता के अनुसार गुरु जब कमजोर स्थिति में आता है तो मान-सम्मान भी प्रभावित होता है। इसके अलावा सेहत पर भी इसका असर देखने को मिलता है। कुछ लोगों को पेट से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं या फिर किसी को वजन बढ़ने जैसी शिकायत हो सकती है। ऐसे में साफ है कि पुखराज पहनने के बाद कुछ नियमों का पालन करना बेहद ही जरूरी है।
गलती से खा लिया नॉनवेज तो करें ये उपाय
अब अगर आपने जाने-अनजाने में पुखराज पहनकर नॉनवेज खा लिया है तो घबराने की जरूरी नहीं है। आप अपनी अंगूठी को गंगाजल और कच्चे दूध से फिर से शुद्ध कर लें। इसके अलावा गुरुवार को ॐ बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का 108 बार जाप करें और विष्णु भगवान के साथ-साथ गुरु से क्षमा मांगे। आगे से हमेशा ध्यान रखें कि अगर आपको नॉनवेज खाना ही है तो इससे पहले पुखराज को उतारकर किसी साफ जगह पर रख दें।
डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र


