Hindu Dharm: घर की पूजा में गरुड़ घंटी का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? जानिए इसका महत्व और लाभ

Navaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
share

मंदिरों के द्वार पर बड़े-बड़े घंटे लगाए जाते हैं, वहीं घर में आरती के समय छोटी घंटी बजाई जाती है। घर में गरुड़ घंटी का इस्तेमाल किया जाता है। आइए इस लेख में जानते हैं गरुड़ घंटी का महत्व

Hindu Dharm: घर की पूजा में गरुड़ घंटी का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? जानिए इसका महत्व और लाभ

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान घंटी बजाने की परंपरा बहुत पुरानी है। मंदिरों के द्वार पर बड़े-बड़े घंटे लगाए जाते हैं, वहीं घर में आरती के समय छोटी घंटी बजाई जाती है। इनमें सबसे खास मानी जाती है गरुड़ घंटी। गरुड़ भगवान विष्णु के वाहन और द्वारपाल हैं, इसलिए गरुड़ घंटी को विशेष शुभ माना जाता है। इसकी ध्वनि ना केवल वातावरण को शुद्ध करती है, बल्कि देवी-देवताओं को प्रसन्न भी करती है। आइए जानते हैं कि घर की पूजा में गरुड़ घंटी का इस्तेमाल क्यों किया जाता है और इसका क्या महत्व है।

गरुड़ घंटी क्या है और क्यों खास है?

गरुड़ घंटी एक खास प्रकार की घंटी है, जिसके ऊपरी हिस्से में गरुड़ की मूर्ति बनी होती है। गरुड़ भगवान विष्णु के वाहन होने के साथ-साथ द्वारपाल भी हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि सृष्टि की रचना के समय जो प्रथम नाद यानी आवाज उत्पन्न हुआ था, वह आज भी गरुड़ घंटी बजाने पर निकलता है। इस ध्वनि से देवी-देवता अत्यंत प्रसन्न होते हैं। गरुड़ घंटी की आवाज नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाती है और घर के वातावरण को पवित्र बनाती है। इसलिए घर की पूजा में गरुड़ घंटी का विशेष महत्व है।

गरुड़ घंटी बजाने का धार्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार, पूजा के समय गरुड़ घंटी बजाने से आसपास की नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। गरुड़ घंटी बजाने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। सुबह और शाम के समय गरुड़ घंटी बजाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि इस समय नकारात्मक शक्तियां सक्रिय होती हैं और घंटी की ध्वनि उन्हें दूर करती है।

घंटियों के प्रकार

घंटियां मुख्य रूप से चार प्रकार की होती हैं:

गरुड़ घंटी: हाथ से बजाई जाने वाली, ऊपर गरुड़ की मूर्ति वाली घंटी। घर की पूजा के लिए सबसे उत्तम।

द्वार घंटी: मुख्य द्वार पर लटकाई जाने वाली छोटी या बड़ी घंटी, जो घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक ऊर्जा को रोकती है।

हाथ घंटी: सत्यनारायण पाठ, रामायण पाठ आदि के समय बजाई जाने वाली, लकड़ी के हथौड़े से बजाई जाने वाली प्लेट नुमा घंटी।

बड़ा घंटा: मंदिरों में लगाया जाने वाला बड़ा घंटा, जिसकी ध्वनि दूर तक सुनाई देती है

घर की पूजा में गरुड़ घंटी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है।

गरुड़ घंटी बजाने के लाभ

गरुड़ घंटी बजाने से कई प्रकार के लाभ मिलते हैं:

  1. घर का वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  2. भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे सुख-समृद्धि बढ़ती है।
  3. मानसिक तनाव कम होता है और मन में शांति आती है।
  4. पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
  5. परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और सद्भाव बढ़ता है।
  6. वास्तु दोष दूर होने से स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

गरुड़ घंटी को रोजाना सुबह और शाम की आरती के समय बजाना चाहिए। पूजा शुरू करने से पहले और आरती के दौरान इसे बजाएं। घंटी को हमेशा साफ रखें और सम्मानपूर्वक रखें। बाजार में उपलब्ध गरुड़ घंटी को खरीदते समय ध्यान दें कि वह पीतल या अच्छी धातु की बनी हो।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

Navaneet Rathaur

संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise)

अंक ज्योतिष
हस्तरेखा विज्ञान
वास्तु शास्त्र
वैदिक ज्योतिष

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!