
भगवान हमें गलत कर्म करने से क्यों नहीं रोकते हैं? जानें प्रेमानंद महाराज का जवाब
एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज जी से पूछा कि हम परमात्मा के अंश हैं, वो हमारे कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं, तो फिर वो हमें गलत कर्मों के लिए क्यों नहीं रोकते हैं? इसके लिए उन्होंने क्यों बल दिया है। चलिए जानते हैं कि महाराज जी ने क्या जवाब दिया।
वृंदावन के फेमस संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने लोग दूर-दूर से आते हैं। साथ ही लोग उनसे सवाल पूछते हैं। जिसके जवाब वो बेहद सहजता से देते हैं। ऐसे ही एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज जी से पूछा कि हम परमात्मा के अंश हैं, वो हमारे कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं, तो फिर वो हमें गलत कर्मों के लिए क्यों नहीं रोकते हैं? इसके लिए उन्होंने क्यों बल दिया है। चलिए जानते हैं कि महाराज जी ने क्या जवाब दिया।
गलत या सही?
प्रेमानंद महाराज इस सवाल का जवाब देते हुए कहते हैं कि आपको जीवन दिया गया है, बुद्धि दी गई, बल दी गई और संसार रुपी बाजार में भगवान ने आपको भेज दिया। अब आप इसका क्या प्रयोग करते हैं। गलत या सही? उन्होंने कहा कि यदि आप गलत करते हैं, तो आपको दंड मिलेगा। सही करते हैं तो पुरस्कार मिलेगा, आपको और आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यही लोक थोड़ी है, ये तो मृत्यु लोक है। स्वर्ग लोक, महर लोक, जनलोक, तप लोग, सत्य लोक, वैकुंठ लोक, कैलाश, साकेत, गोलोक जहां का भजन करोगे, वहां पहुंच जाओगे। महाराज जी कहते हैं कि अब आप गलत आचरण करोगे, तो कह दोगे कि पिता ने 100 रुपये ही क्यों दिए थे। 100 रुपये अच्छे कार्यों के लिए दिए, तो आपने बुरे कार्यों के लिए क्यों खर्चा किया था।
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि आपको जो वाणी मिली है, तो गाली क्यों दो? राम-राम बोलो, राधा-राधा बोलो। आपको नेत्र दिए हैं, तो अच्छा देखो, आपको हाथ दिए हैं, तो अच्छा करो। आपको जो विचार दिया है गया है उससे अच्छा सोचो। बुरा क्यों सोचे, बुरी सोच को मिटाओ, गलत आदतों को मिटाओ। इसलिए मनुष्य जन्म मिला है।
महाराज जी कहते हैं कि भगवान ने तो बड़ी कृपा की है। भगवान ने आपको बुद्धि दी, शक्ति दी। आप उसका दुरुपयोग क्यों करो। सद् उपयोग करो, अच्छे बनो।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





