रत्नशास्त्र: सफेद पुखराज से मजबूत होगा शुक्र? धारण करते वक्त 108 बार पढ़ें ये मंत्र
White Sapphire Gemsotne Rules: सफेद पुखराज को पहनते वक्त कुछ विशेष बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। आइए जानते हैं रत्न शास्त्र से जुड़े कुछ नियमों के बारे में।

ज्योतिष और रत्न शास्त्र में शुक्र ग्रह को लग्जरी, प्यार, सुंदरता, पैसा, शादी से जुड़ा माना जाता है। मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र कमजोर हो तो उसे रिश्तों में तनाव, आर्थिक दिक्कतों या फिर सुख-सुविधाओं में कमी आने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ज्योतिषी अक्सर सफेद पुखराज धारण करने की सलाह देते हैं। बता दें कि ये पीले पुखराज से बिल्कुल अलग होता है। सफेद पुखराज का संबंध शुक्र से होता है तो वहीं पीले पुखराज को को गुरु यानी बृहस्पति से जुड़ा माना जाता है। रत्नशास्त्र के अनुसार अगर सही विधि के साथ सफेद पुखराज पहना जाए तो ये कई फायदे दे सकता है।
सफेद पुखराज के फायदे
रत्नशास्त्र के अनुसार सफेद पुखराज पहनने से पर्सनैलिटी में निखार आता है। साथ ही इसकी मदद से प्यार का रिश्ता और शादीशुदा जिंदगी में और भी मजबूती आती है। मान्यता है कि कला, मीडिया, फैशन, डिजाइनिंग और एंटरटेनमेंट की दुनिया से जुड़े लोगों के लिए भी सफेद रंग का पुखराज फायदेमंद होता है। साथ ही इसे धारण करने से सुख-सुविधाएं भी बढ़ती हैं और जिंदगी में पॉजिटिव बदलाव आता है। हालांकि इसका प्रभाव कितना ज्यादा होगा ये कुंडली से ही पता चलेगा।
सफेद पुखराज पहनने की सही विधि
सफेद पुखराज को हमेशा सही दिन पर ही पहनना चाहिए। रत्न शास्त्र के अनुसार इसे शुक्रवार के दिन पहनने से ये ज्यादा असरदार साबित होगा। इसे धारण करने से पहले दूध और गंगाजल से इसका शुद्धीकरण करना चाहिए। इसके बाद चौकी पर सफेद रंग के कपड़े पर मां लक्ष्मी की मूर्ति या फिर तस्वीर को रखकर दीया जलाएं। विधि विधान से पूजा करें और इसी के साथ शुक्र देव को भी याद करें।
रत्न धारण करते वक्त पढ़ें ये मंत्र
हर एक रत्न किसी ना किसी ग्रह से जुड़ा हुआ होता है और इनका अपना-अपना एक पावरफुल मंत्र भी है। सफेद पुखराज धारण करते हुए शुक्र ग्रह से जुड़े मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। मंत्र ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः है जिसे 108 बार जापने से रत्न का असर डबल हो सकता है। हालांकि इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि ये रत्न हर किसी को सूट नहीं करेगा। सिर्फ सुनकर या फिर शौक-शौक में सफेद पुखराज ना पहनें। इसे धारण करने से पहले किसी जानकर ज्योतिषी को अपनी कुंडली जरूर दिखाएं। सही विधि और तरीके से पहना गया सफेद पुखराज ही जिंदगी में प्यार, लग्जरी और कॉन्फिडेंस लेकर आएगा।
डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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