कौन से ग्रह करते हैं हमारे मन को कंट्रोल? जानिए इनसे बचने के उपाय

Jan 25, 2026 04:00 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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अक्सर लोग अवसाद, तनान या भावुकता के शिकार हो जाते हैं और इन समस्याओं का जिम्मेदार वो अपने शरीर, हालात या फिर दिमाग को ठहराते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है।वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कई ग्रह ऐसे होते हैं, जो हमारे मन और इमोशन को कंट्रोल करते हैं। चलिए इन ग्रहों के बारे में जानते हैं।

कौन से ग्रह करते हैं हमारे मन को कंट्रोल? जानिए इनसे बचने के उपाय

अक्सर लोग अवसाद, तनान या भावुकता के शिकार हो जाते हैं और इन समस्याओं का जिम्मेदार वो अपने शरीर, हालात या फिर दिमाग को ठहराते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर बार वजह हम या हमारी परिस्थितियां नहीं होती हैं, बल्कि कई बार ग्रहों की चाल भी हमारे मूड, सोच और भावनाओं को काफी हद तक प्रभावित करती है। साफ शब्दों में कहें, तो कई ग्रह ऐसे होते हैं, जो हमारे मन और इमोशन को कंट्रोल करते हैं। ऐसे में आज हम जानेंगे कि कौन से ग्रह मन को कंट्रोल करते हैं और इनसे कैसे बचें?

चंद्रमा ग्रह
ज्योतिषियों के मुताबिक चंद्रमा को मन और माता का कारक माना गया है। चंद्रमा हमारे मन और भावनाओं का सबसे बड़ा मालिक माना जाता है।ये हमारे मूड स्विंग्स, फीलिंग्स और मन की स्थिरता को कंट्रोल करता है। लेकिन, अगर किसी जातक की कुंडली में चंद्रमा शुभ हो तो ऐसे जातक को समाज में खूब मान-प्रतिष्ठा मिलती है और उसके जीवन में हमेशा शीतलता बनी रहती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, सभी ग्रहों में चंद्र को सबसे तेज चलने वाला ग्रह माना गया है। चंद्रमा ढाई दिन में राशि परिवर्तन करता है। जब चंद्रमा वृश्चिक राशि में कमजोर होता है, तब उलझन, बेचैनी और इमोशनल टेंशन बढ़ सकती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी भी जातक की कुंडली में चंद्र दोष होता है, तो व्यक्ति मानसिक रोगों, अनिद्रा और बेचैनी से ग्रस्त हो जाता है। चंद्रमा का मानव शरीर, मन और भावनाओं पर ठोस प्रभाव पड़ता है।

चन्द्रमा को सबसे ज्यादा कमजोर और दूषित करते हैं शनि, राहु और सूर्य। इनके प्रभाव से व्यक्ति अवसाद में चला जाता है। इसके अलावा चंद्रमा जब-जब राहु और केतु से मिलता है, तो चंद्र ग्रहण दोष और जब शनि के साथ युति बनाता है तो विष योग बनता है। साल 2026 की बात करें, तो 2026 में राहु-केतु के असर से भवानाएं तेज होंगी। खासतौर पर पूर्णिमा के आसपास भावनाएं तेज हो सकती हैं।

चंद्र दोष के लक्षण
कुंडली में चंद्रमा कमजोर होने पर सबसे पहले व्यक्ति की मानसिक स्थिति प्रभावित होती है। इंसान के स्वभाव और व्यवहार में परिवर्तन होने लगता है। जातक छोटी-छोटी बातों से भी चिढ़ने या परेशान होने लगता है। भावुकता का लक्षण नजर आने लगता है। निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है।

बचने के उपाय
- जिनकी कुंडली में चंद्र दोष होता है, उन जातकों को महादेव की पूजा हमेशा शुभ माना गया है।
- जातक को हर सोमवार को भगवान शिव के मंदिर में जाकर शिवलिंग पर दूध चढ़ाना चाहिए।
- साथ ही सोमवार को ब्राह्मण को चावल, अनाज, सफेद कपड़ा, चांदी दान करना चाहिए।इससे चंद्रमा की अशुभता में कमी आती है।
- सोमवार के दिन व्रत करने से भी चंद्रमा का शुभ फल मिलता है।
- इसके साथ ही जातक अगर मां की सेवा करें, तो चंद्रमा बलशाली होता है।
- चंद्रमा को मजबूत करने के लिए ज्योतिषी की सलाह लेकर चांदी में मोती जड़वाकर सबसे छोटी उगली में धारण करना चाहिए। माना जाता है कि इससे चंद्र दोष दूर हो जाता है।

बुध ग्रह
चंद्रमा के अलावा बुध ग्रह भी हमारे दिमाग या मन को कंट्रोल करता है। वैदिक ज्योतिष के मुताबिक बुध बुद्धि का मालिक है और अवसाद को नियंत्रित करने या बढ़ाने में यह काम करता है। इतना ही नहीं ये हमें भावनाओं को समझदारी से सोचने और लॉजिक के साथ हैंडल करने में मदद करता है। साल 2026 का बात करें, तो इस साल जब बुध वक्री होगा, तो कभी दिमाग बहुत बेचैन रहेगा, तो कभी अचानक शानदार आइडियाज आएंगे। अच्छी बात ये है कि उस दौरान गुरु की मदद से हम अपने बिखरे हुए विचारों को संभाल पाएंगे और इमोशनल कन्फ्यूजन से बाहर निकल सकेंगे।

बुध दोष के लक्षण
- कुंडली में यदि बुध दोष है, तो व्यक्ति का यादाशत कमजोर हो जाता है। वो जल्दी बातें भूल जाता है।
- बोलने में परेशानी होती है
- गलत निर्णय लेना
- अधिक टेंशन या चिंता से ग्रसित होना

बचने उपाय
- बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए बुधवार के दिन बुध बीज मंत्र का ओम ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः का जप करें या फिर ओम गण गणपतये नमो नमः मंत्र का जप करें। इस मंत्र का जप आपको कम से कम 108 बार करना होगा।
- बुधवार को व्रत रखें। शुक्ल पक्ष के बुधवार से आप बुधवार का व्रत कर सकते हैं।
- बुधवार के दिन हरे वस्त्र, हरा मूंग, हरि सब्जियां, हरी चूड़ियां आदि का दान करना शुभ रहता है।
- बुधवार के दिन पन्ना रत्न धारण करें पन्ना को चांदी या सोने की अंगूठी में छोटी उंगली में बुधवार के दिन पहनें। हालांकि, कोई भी रत्न पहनने से पहले अपनी कुंडली को किसी विद्वान ज्योतिष से जांच जरूर करा लें।
- इसके अलावा विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी बुध को शांत करता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
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