तुलसी की माला से किन मंत्रों का जाप करना चाहिए, जानें नियम
हिंदू धर्म में तुलसी की माला का खास महत्व है। भगवान कृष्ण और विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए तुलसी की माला से जाप करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि तुलसी की माला पर जाप कितनी बार करें, कौन सा मंत्र पढ़ें, चलिए इस बारे में जानते हैं।

हिंदू धर्म में तुलसी की माला का खास महत्व है। साथ ही इसकी माला पर जाप करना फलदायी होता है। जो लोग भगवान कृष्ण और भगवान विष्णु के उपासक होते हैं वे तुलसी की माला जरूर अपने गले में धारण करते हैं। साथ ही भगवान कृष्ण और विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए तुलसी की माला से जाप करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि तुलसी की माला पर जाप कितनी बार करें, कौन सा मंत्र पढ़ें, चलिए इस बारे में जानते हैं।
ऐसी मान्यता है कि तुलसी की माला गले में पहनने से मन में शांति और आध्यात्मिक पवित्रता बनी रहती है। ज्योतिष के मुताबक तुलसी की माला धारण करने से व्यक्ति की कुंडली में मौजूद बुध और गुरु दोनों ही ग्रह मजबूत होते हैं।
मंत्र
तुलसी की माला से इन मंत्रों का जाप करना शुभ फलदायी होता है।
पहला मंत्र- ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम:
इसके अलावा राम-राम और श्रीकृष्ण मंत्र का भी जाप कर सकते हैं।
अगर तुलसी की माला से जाप करना शुरू करते हैं, तो संकल्प लेकर करें। संकल्प लेते हुए भगवान से कहें आप अपने सामर्थ्य अनुसार तुलसी माला से जाप करेंगे। वैसे आप शुरूआत 1, 5, 7, 11, 21 किसी संख्या में कर सकते हैं। इसके अलावा पूर्व मुख या उत्तर मुख आसान पर बैठ कर जाप करें। तुलसी से आप किसी समय मंत्र का जाप कर सकते हैं
तुलसी माला जपने के नियम
तुलसी की माला जपने के कुछ नियम होते हैं। जैसे कि जिस तुलसी की माला से आप जाप करते हैं उसे कभी भी धारण नहीं करना चाहिए। तुलसी की माला जपने के बाद उसे साफ-सुथरी जगह पर रखें। तुलसी की माला में कम से कम 27 और ज्यादा से ज्यादा 108 मनके यानी दाने होने चाहिए। ध्यान रखें कि कभी भी किसी दूसरे की इस्तेमाल की हुई माला से जाप न करें। जाप करने से पहले माला को गंगाजल से शुद्ध करें। तुलसी की माला को जाप करने के बाद उसे कपड़े (गोमुखी) में लपेटकर रख देना चाहिए।
माला के प्रकार
तुलसी के माला दो तरह की होती हैं। पहली श्यामा और दूसरी रामा तुलसी। इन्हीं दोनों से ही तुलसी की माला बनाई जाती है। मान्यता है कि श्यामा तुलसी की माला पहने से व्यक्ति को मानसिक शांति और मन में सकारात्मक ऊर्जा का भाव पैदा होता रहता है। वहीं, श्मामा तुलसी की माला से आर्थिक फायदे के साथ भगवान की कृपा हासिल होती है। वहीं रामा तुलसी की माला से भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ता है।
तुलसी माला पहनने के नियम
माला पहनते समय शरीर और मन दोनों शुद्ध हों। स्नान करके पहनना सबसे अच्छा माना जाता है।
तुलसी को पवित्र माना जाता है, इसलिए माला को साफ और ऊँचे स्थान पर रखें।
माला पहनने वाले को मांस, मछली, अंडा, शराब आदि से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
कुछ परंपराओं में सोते समय माला उतारने को कहा गया है, जबकि कई लोग लगातार पहनते हैं।
शौच, स्नान या किसी अपवित्र कार्य के समय माला उतार देना उचित माना जाता है।
यदि माला टूट जाए तो उसे किसी पवित्र स्थान (जैसे तुलसी के पौधे के पास या बहते जल में) सम्मानपूर्वक विसर्जित करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
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