Vastu dosh: घर का वास्तु दोष किन आदतों से बन रहा?
Vastu dosh in hindi: आपकी कुछ आदतें आपके लिए घर में वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं। कैसे आप इन आदतों से वास्तु दोषों को कम सकते हैं और आपकी कौन सी आदतें वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं।

आपकी कुछ आदतें आपके लिए घर में वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं। कैसे आप इन आदतों से वास्तु दोषों को कम सकते हैं और आपकी कौन सी आदतें वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं। यहां हम आपको इसके बारे में बताएंगे। क्या आप किसी के बारे में गलत सोचते हैं, अगर आप किसी के लिए मन में गलत विचार लाते हैं तो ये चीजें आपके व्यवहार में तो असर डालती हैं, साथ ही आपके घर के वास्तु को भी खराब कर देती हैं। इसलिए हमें इन चीजों से बचकर रहना चाहिए। आप यहां जानें आखिर कौन सी हैं वो आदतें
कौन सी आदतें वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं?
कैसे खराब होता है ईशान कोण?
जिन्हें लगातार अपने भाग्य को कोसने की आदत होती है, उनके ईशान कोण में दोष होता है। अपनी किस्मत को बात-बात पर दोष देना, आपके इस कोण को खराब कर सकता है। दरअसल इस दिशा का संबंध आपके मानसिक हेल्थ से है। अगर इस दिशा में वास्तु दोष होता है तो मानसिक तौर पर आप तनाव महसूस कर सकते हैं। इसलिए इस दिशा का वास्तु सही होना चाहिए।
नैऋत्य कोण खराब होने के क्या कारण?
जिन्हें दूसरों के बारे में बुरा सोचने की आदत होती है, उनके नैऋत्य कोण में दोष होता है। अगर आप किसी का अपने मन में बुरा होना सोचते हैं तो आपके घर का दक्षिण और पश्चिम दिशाओं के मध्य के कोना खराब होता है, जो स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि का कारण माना जाता है।
क्या आदतें खराब करती हैं अग्नि कोण?
आपको मन में बोलकर भी किसी के बारे में गलत नहीं सोचना चाहिए, जो किसी के प्रति गलत विचार रखते हैं, उनके अग्नि कोण यानी दक्षिण पूर्व में दोष होता है। जो लोग अपने काम को टालते बहुत हैं, उनकी पश्चिम दिशा में दोष होता है। जो बात-बात पर दूसरों से संबंध खराब करते हैं, उनकी दक्षिण दिशा में दोष होता है। जो आने वाले कल की ज्यादा चिंता करते हैं, उनके वायव्य कोण यानी उत्तर पश्चिम दिशा में दोष होता है।
पूर्व दिशा में दोष किन आदतों से
जिनके जीवन का कोई उद्देश्य नहीं होता, उनकी पूर्व दिशा में दोष होता है। जो केवल सोचते ही हैं, पर करते कुछ नहीं, उनके ईशान कोण में दोष होता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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