
सूर्य देव से लेकर शनि तक, इन अलग-अलग फूलों से खुश होंगे आपके ग्रह
हर ग्रह का अपना प्रिय फूल होता है। इन फूलों को पूजा में अर्पित करने से ग्रह प्रसन्न होते हैं, दोष शांत होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की शांति और कृपा प्राप्त करने के लिए फूलों का विशेष महत्व है। प्रत्येक ग्रह का अपना प्रिय फूल होता है। इन फूलों को पूजा में अर्पित करने से ग्रह प्रसन्न होते हैं, दोष शांत होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। सूर्य से शनि तक नवग्रहों के लिए अलग-अलग फूल चढ़ाने की परंपरा है। ये फूल ग्रहों की ऊर्जा से मेल खाते हैं और इनकी कृपा दिलाते हैं। नियमित पूजा में इन फूलों का उपयोग करें, तो ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम होता है और शुभ फल मिलता है। आइए जानते हैं नवग्रहों के प्रिय फूल और इनके लाभ।
सूर्य देव - लाल कमल या लाल गुलाब
सूर्य ग्रहों के राजा हैं। इनको लाल कमल या लाल गुलाब बहुत प्रिय है। रविवार को सूर्यदेव को लाल फूल अर्पित करें। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है, सम्मान मिलता है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है। सूर्य कमजोर होने पर नेत्र या हृदय समस्या होती है और लाल फूल चढ़ाने से यह दूर होती है। सूर्य को जल अर्घ्य देते समय लाल फूल डालें तो विशेष लाभ मिलता है।
चंद्र देव - सफेद कमल या चंदनी
चंद्रमा मन और शांति का कारक है। इनको सफेद कमल या सफेद चंदनी फूल प्रिय है। सोमवार को चंद्र देव को सफेद फूल चढ़ाएं। इससे मन शांत रहता है, मानसिक तनाव दूर होता है और मां का सुख मिलता है। चंद्र कमजोर होने पर अनिद्रा या भावनात्मक समस्या होती है और सफेद फूल से यह शांत होता है।
मंगल देव - लाल गुड़हल या लाल कनेर
मंगल साहस और पराक्रम का ग्रह है। इनको लाल गुड़हल या लाल कनेर फूल बहुत पसंद है। मंगलवार को हनुमान जी या मंगल देव को लाल फूल चढ़ाएं। इससे साहस बढ़ता है, शत्रु पर विजय मिलती है और रक्त संबंधी समस्या दूर होती है। मंगल दोष होने पर लाल फूल चढ़ाने से विवाह में बाधा दूर होती है।
बुध देव - हरे तुलसी या हरा गुलाब
बुध बुद्धि और व्यापार का ग्रह है। इनको हरी तुलसी या हरा गुलाब प्रिय है। बुधवार को गणेश जी को हरे फूल चढ़ाएं। इससे बुद्धि तेज होती है, व्यापार में लाभ मिलता है और वाणी में मधुरता आती है। बुध कमजोर होने पर पढ़ाई या कम्युनिकेशन में समस्या आती है और हरे फूल से यह दूर होता है।
गुरु देव - पीला कमल या पीला गुलाब
गुरु ज्ञान और समृद्धि का ग्रह है। इनको पीला कमल या पीला गुलाब बहुत प्रिय है। गुरुवार को विष्णु जी या गुरु को पीले फूल चढ़ाएं। इससे ज्ञान बढ़ता है, संतान सुख मिलता है और धन में वृद्धि होती है। गुरु कमजोर होने पर विवाह या संतान में देरी होती है और पीले फूल से यह शुभ होता है।
शुक्र देव - सफेद कमल या सफेद गुलाब
शुक्र सुख और वैभव का ग्रह है। इनको सफेद कमल या सफेद गुलाब प्रिय है। शुक्रवार को लक्ष्मी जी या शुक्र देव को सफेद फूल चढ़ाएं। इससे वैभव बढ़ता है, प्रेम जीवन सुखमय रहता है और सौंदर्य बना रहता है। शुक्र कमजोर होने पर सुख-सुविधाओं में कमी आती है और सफेद फूल से यह दूर होता है।
शनि देव - नीला या काला फूल
शनि न्याय का ग्रह है। इनको नीला या काला फूल (नीला कमल या काले गुलाब) चढ़ाएं। शनिवार को शनि देव को ये फूल अर्पित करें। इससे शनि दोष शांत होता है, मेहनत का फल मिलता है और दीर्घायु प्राप्त होती है।
राहु देव - नीला फूल
राहु छाया ग्रह है। इनको नीला फूल प्रिय है। शनिवार या बुधवार को दुर्गा मां को नीला फूल चढ़ाएं। इससे राहु दोष दूर होता है और अप्रत्याशित लाभ मिलता है।
केतु देव - लाल या बहुरंगी फूल
केतु मोक्ष का ग्रह है। इनको लाल या बहुरंगी फूल चढ़ाएं। गणेश जी को ये फूल अर्पित करें। इससे केतु दोष शांत होता है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
ग्रहों को उनके प्रिय फूल चढ़ाने से ग्रह प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। नियमित पूजा करें तो ग्रहों की कृपा बनी रहती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





