कन्या और मकर राशि पर कब शुरू होगी शनि ढैय्या? जानें दोनों राशियों के लिए कैसे रहेंगे ढाई साल

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

Makar and Kanya rashi par shani dhaiya: कन्या राशि के स्वामी बुध हैं और मकर राशि के स्वामी शनि हैं। कुछ समय बाद कन्या और मकर राशि पर शनि ढैय्या प्रारंभ होगी। जानें पंडित जी से शनि ढैय्या का इन दोनों राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव।

कन्या और मकर राशि पर कब शुरू होगी शनि ढैय्या? जानें दोनों राशियों के लिए कैसे रहेंगे ढाई साल

Kanya aur makar rashi par shani dhaiya: शनि जब राशि परिवर्तन या गोचर करते हैं, तो सीधे तौर पर पांच राशियों को प्रभावित करते हैं। शनि गोचर के साथ ही तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव होता है और दो राशियां शनि ढैय्या की चपेट में आती है। इस समय शनि मीन राशि के गोचर में हैं। मीन राशि में शनि के होने के कारण धनु और सिंह राशि पर शनि ढैय्या चल रही है। जब शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में आएंगे, तो कन्या और मकर राशि पर शनि ढैय्या शुरू होगी। जानें पंडित ज्योतिषाचार्य नरेंद्र उपाध्याय से कन्या और मकर राशि पर कब शुरू होगी शनि ढैय्या और शनि का कैसा पड़ेगा प्रभाव।

कर्म फलदाता है शनि:

ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय देवता और कर्म फलदाता कहा जाता है। शनि हर व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार फल प्रदान करते हैं। अच्छे कर्म और अनुशासन का पालन करने वालों पर शनि सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

शनि ढैय्या क्या है:

ज्योतिष शास्त्र में शनि ढैय्या को शनि की अढैया भी कहा जाता है। ढैय्या की अवधि कुल ढाई वर्ष की होती है। जब शनि किसी व्यक्ति के चंद्र राशि से चौथे या आठवें भाव में भ्रमण करते हैं, तो शनि ढैय्या प्रारंभ होती है। इसे 'छोटी साढ़ेसाती' भी कहा जाता है। शनि जब चौथे भाव में होता है, तो यह जातक को मानसिक परेशानी, परिवार में कलह और मां के स्वास्थ्य पर अशुभ प्रभाव पड़ता है। शनि जब आठवें भाव में होते हैं, तो आकस्मिक धन हानि, स्वास्थ्य में गिरावट और अप्रत्याशित परेशानी का सामना करना पड़ता है।

कन्या और मकर राशि पर कब शुरू होगी शनि ढैय्या:

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि 03 जून 2027 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। शनि के मेष राशि में आते ही सिंह और धनु राशि वालों को शनि ढैय्या से छुटकारा मिल जाएगा और मकर व कन्या राशि वाले शनि ढैय्या की चपेट में आ जाएंगे।

कन्या और मकर राशि से कब हटेगी शनि ढैय्या:

ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि जब मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में आएंगे, तब कन्या और मकर राशि से शनि ढैय्या हटेगी। मकर और कन्या राशि से शनि ढैय्या का प्रभाव 08 अगस्त 2029 को खत्म हो जाएगा।

मकर और कन्या राशि पर शनि ढैय्या का प्रभाव:

पंडित ज्योतिषाचार्य नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, कन्या राशि वालों को शनि ढैय्या के दौरान अपनी सेहत का खास ख्याल रखना होगा। इस समय आपके सेहत में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। हड्डियों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। वाहन प्रयोग में सावधानी बरतनी होगी, चोट-चपेट लग सकती है। किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। खर्च की अधिकता कर्ज की स्थिति ला सकती है। बेवजह के खर्चों से बचें।

मकर राशि वालों को शनि ढैय्या के दौरान भाई-बहन की सेहत पर नजर रखनी होगी। प्रोफेशनल लाइफ में उतार-चढ़ाव आएंगे। व्यक्तिगत जीवन में परेशानियां आएंगी। धन हानि के संकेत हैं। परिवार से जुड़ी परेशानियां मानसिक तनाव दे सकती हैं। निवेश से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।

शनि ढैय्या के उपाय-

1. प्रतिदिन शनि मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप कम के कम 108 बार करना चाहिए।

2. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए।

3. शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।

4. प्रतिदिन शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए।

5. शनिवार के दिन काले वस्त्र, सरसों के तेल और काली उड़द की दाल का दान करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!