2026 में होली, दिवाली, नवरात्रि कब हैं, नोट कर लें सही डेट

Dec 22, 2025 02:07 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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कुछ ही दिनों में नए साल 2026 की शुरुआत होने जा रही है। नए साल में त्योहारों का हर किसी को इंतजार रहता है-विशेषकर दीवाली, होली और नवरात्रि का। ये तीनों त्योहार हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहार हैं। इन त्योहारों को हर साल बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है।

2026 में होली, दिवाली, नवरात्रि कब हैं, नोट कर लें सही डेट

कुछ ही दिनों में नए साल 2026 की शुरुआत होने जा रही है। नए साल में त्योहारों का हर किसी को इंतजार रहता है-विशेषकर दीवाली, होली और नवरात्रि का। ये तीनों त्योहार हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहार हैं। इन त्योहारों को हर साल बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। होली रंगों का त्योहार है तो दिवाली में दीपक जलाएं जाते हैं। वहीं नवरात्रि में भक्त माता रानी की भक्ति में लीन रहते हैं। आइए जानते हैं, 2026 में होली, दिवाली और नवरात्रि कब हैं-

2026 में होली कब है?- हिंदू पंचांग के अनुसार 2026 में होली का पर्व 4 मार्च 2026 को है। हर साल होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा के अगले दिन यानी चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर मनाई जाती है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जिसमें लोग रंगों और खुशियों से यह त्योहार मनाते हैं।

2026 में दिवाली कब है?- हर साल दिवाली का पावन पर्व कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर पड़ता है। 2026 में 8 नवंबर, रविवार को दिवाली का पावन पर्व मनाया जाएगा।

नवरात्रि कब है?- हिंदू धर्म में 4 बार नवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है। 4 में से 2 नवरात्रि गुप्त होती हैं। चैत्र मास और आश्निन मास की नवरात्रि का विशेष महत्व होता है।

चैत्र नवरात्रि- 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च (गुरुवार) से शुरू होकर 27 मार्च (शुक्रवार) तक हैं।

चैत्र नवरात्रि तिथियां-

नवरात्रि का पहला दिन – 19 मार्च 2026 (गुरुवार)

इस दिन घटस्थापना की जाएगी और मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।

नवरात्रि का दूसरा दिन – 20 मार्च 2026 (शुक्रवार)

द्वितीया तिथि को चंद्र दर्शन, सिंधारा दूज और मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान है।

नवरात्रि का तीसरा दिन – 21 मार्च 2026 (शनिवार)

तृतीया तिथि पर गौरी पूजा, सौभाग्य तीज और मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।

नवरात्रि का चौथा दिन – 22 मार्च 2026 (रविवार)

चतुर्थी तिथि पर मां कूष्मांडा की पूजा और वासुदेव चतुर्थी का महत्व बताया गया है।

नवरात्रि का पांचवां दिन – 23 मार्च 2026 (सोमवार)

पंचमी तिथि पर नाग पूजा, लक्ष्मी पंचमी और मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है।

नवरात्रि का छठा दिन – 24 मार्च 2026 (मंगलवार)

षष्ठी तिथि पर स्कंद षष्ठी, यमुना छठ और मां कात्यायनी की पूजा का विधान है।

नवरात्रि का सातवां दिन – 25 मार्च 2026 (बुधवार)

सप्तमी तिथि को महा सप्तमी मनाई जाती है और मां कालरात्रि की पूजा की जाती है।

नवरात्रि का आठवां दिन – 26 मार्च 2026 (गुरुवार)

अष्टमी तिथि पर दुर्गा अष्टमी, महागौरी पूजा और अन्नपूर्णा अष्टमी का संयोग बन रहा है। इसी दिन राम नवमी भी मनाई जाएगी।

संधि पूजा का समय:

शुरुआत – सुबह 11:24 बजे

समाप्ति – दोपहर 12:12 बजे

नवरात्रि का नौवां दिन – 27 मार्च 2026 (शुक्रवार)

नवमी तिथि पर नवरात्रि पारण किया जाएगा और व्रत का समापन होगा। इस दिन राम नवमी भी मनाई जाती है।

शारदीय नवरात्रि- 2026 में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर (रविवार) से शुरू होकर 20 अक्टूबर (मंगलवार) तक हैं।

शारदीय नवरात्रि की तिथियां-

नवरात्रि का पहला दिन- 11 अक्टूबर 2026 (रविवार)

प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना की जाएगी और मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।

नवरात्रि का दूसरा दिन- 12 अक्टूबर 2026 (सोमवार)

द्वितीया तिथि को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा और चंद्र दर्शन का विधान है।

नवरात्रि का तीसरा दिन- 13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)

तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस दिन सिंदूर तृतीया भी मनाई जाती है।

नवरात्रि का चौथा दिन- 14 अक्टूबर 2026 (बुधवार)

चतुर्थी तिथि पर मां कूष्मांडा की पूजा और कपर्दिश चतुर्थी का महत्व बताया गया है।

नवरात्रि का पांचवां दिन- 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)

पंचमी तिथि पर मां स्कंदमाता की पूजा और उपांग ललिता व्रत किया जाता है।

नवरात्रि का छठा दिन- 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)

षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी की पूजा और सरस्वती आवाहन किया जाता है।

नवरात्रि का सातवां दिन- 17 अक्टूबर 2026 (शनिवार)

सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि की पूजा के साथ सरस्वती पूजा भी की जाती है।

नवरात्रि का आठवां दिन- 18 अक्टूबर 2026 (रविवार)

इस दिन भी सप्तमी तिथि रहेगी।

नवरात्रि का नौवां दिन- 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार)

इस दिन अष्टमी तिथि रहेगी। अष्टमी तिथि पर दुर्गा अष्टमी और मां महागौरी की पूजा की जाती है। इसी दिन संधि पूजा और महा नवमी का संयोग बन रहा है।

नवरात्रि का दसवां दिन – 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)

इस दिन नवमी और विजयादशमी एक साथ मनाई जाएगी। नवमी तिथि पर आयुध पूजा, नवमी हवन, नवरात्रि पारण और दुर्गा विसर्जन किया जाएगा। इसी दिन विजयादशमी (दशहरा) का पर्व मनाया जाएगा।

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लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण


योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

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योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


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काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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