Milad un-Nabi 2026: 26 या 27 अगस्त कब है ईद मिलादुन्नबी? जान लें सटीक तारीख और महत्व
Eid milad un nabi 2026 date: ईद मिलादुन्नबी का पर्व प्रेम,अमन, शांति, भाईचारे और मानवता का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं कि भारत में किस दिन मनाया जाएगा ईद मिलादुन्नबी का त्योहार।

Eid milad un nabi 2026 kab hai: ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर साल इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने रबीउल अव्वल की 12 तारीख को मनाया जाता है। इस वर्ष यह पर्व पूरे भारत में 26 अगस्त को मनाया जाएगा। इस्लाम धर्म की मान्यता के अनुसार पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम का जन्म 12 रबीउल अव्वल सन् 570 ईसवी को सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में हुआ। आप कुरैश कबीले से ताल्लुक रखते थे। आपके वालिद का नाम हजरत अब्दुल्ला और वालिदा का नाम बीबी आमना था। आपके जन्म से पहले ही आपके वालिद का इंतेकाल हो गया था। आपकी परवरिश आपके दादा और चाचा ने की। मुसलमान आपको अल्लाह का आखिरी नबी मानते हैं। आप बचपन से ही अल्लाह की इबादत में लीन रहे। आपका कहना था कि अल्लाह एक है।
ईद मिलादुन्नबी का महत्व
ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा के बाद मुसलमानों में ईद मिलादुन्नबी का बहुत महत्व है, क्योंकि इस दिन पैगंबर-ए-इस्लाम इस दुनिया में तशरीफ लाए। आपके जन्म के समय अरब की धरती पर बहुत-सी सामाजिक बुराइयां फैली हुई थीं। ऐसे माहौल में पैगंबर-ए-इस्लाम ने इंसानियत की अलख जगाई। बेटियों का जन्म अशुभ माना जाता था। उनके जन्म लेते ही जमीन में जिंदा दफन कर दिया जाता था। महिलाओं व मजदूरों के साथ जुल्म-ज्यादती की जाती थी। लोग उन्हें खरीदते और बेचते थे। शराब, जुआ, सूद, लड़ाई-झगड़े आम थे। लोग छोटे-छोटे कबीलों के बीच बंटे थे। एक-दूसरे की जान के दुश्मन थे। उस वक्त पैगंबर-ए-इस्लाम ने इंसानों के साथ पशु-पक्षियों व महिलाओं के हक में आवाज बुलंद की।
आपका कहना था कि सभी इंसान बराबर है। पड़ोसियों के साथ अच्छा सलूक करने और मेहमानों के आदर-सत्कार पर जोर दिया। जीवन में हमेशा सच बोलने और अमानत में खयानत न करने की सीख दी। आप पशु क्रूरता के भी खिलाफ थे। लोगों से पशु-पक्षियों के साथ अच्छा व्यवहार करने व महिलाओं की कद्र करने का हुक्म दिया। महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिया। जुआ, शराब, सूद, जिना को हराम करार दिया। साम्यवाद की बात भी आपने सबसे पहले लोगों के सामने रखी। काले-गोरे,अमीर-गरीब का भेद खत्म किया। पेड़-पौधे लगाने को सवाब का काम बताया।
ईद मिलादुन्नबी का पर्व किसका प्रतीक है:
ईद मिलादुन्नबी का पर्व प्रेम,अमन, शांति, भाईचारे और मानवता का प्रतीक है। इस दिन मुसलमान अपने घरों पर इस्लामिक झंडा लगाने के साथ खूबसूरत रोशनी से घरों, मस्जिदों, बाजारों व प्रतिष्ठानों को सजाते हैं। एशिया, यूरोप, अमेरिका,अफ्रीका के तमाम देशों में आपकी याद में जुलूस निकाले जाते हैं। एक-दूसरे को मिठाई बांटी जाती है।
ईद मिलादुन्नबी हमें शिक्षा और प्रेरणा देता है कि हम सब मुसलमान पैगंबर-ए-इस्लाम के बताए हुए अखलाक (सदाचार) को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं। दीन-दुखियों के साथ जरूरतमंदों की खूब मदद करें। बेसहारों का सहारा, भूखों के लिए भोजन, प्यासों के लिए पानी, बीमारों के लिए दवा की व्यवस्था करें। छोटे से प्रेम और अपने से बड़ों का सम्मान करें। यही खिराज-ए-अकीदत पैगंबर-ए-इस्लाम के लिए होगी। अपने वतन से सच्ची मोहब्बत के साथ हम इस दिन को विश्व शांति दिवस के रूप में मनाएं।


