अगस्त या सितंबर कौशिकी अमावस्या कब है? जानें व्रत की सटीक तारीख और स्नान-दान का मुहूर्त
Kaushiki amavasya 2026 kis din hai: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का खास महत्व है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। जानें इस साल कौशिकी अमावस्या कब है।

Kaushiki amavasya 2026: हिंदू धर्म में हर अमावस्या (अमावस) तिथि का अलग महत्व होता है। भाद्रपद माह में कौशिकी अमावस्या आती है, जिसे कुशोत्पाटिनी अमावस्या, कुशग्रहणी अमावस्या, कुशी अमावस्या, भाद्रपद अमावस्या या पिठोरी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन वर्ष भर के धार्मिक कार्यों के लिए पवित्र 'कुश' (एक विशेष प्रकार की घास) इकट्ठी की जाती है। कौशिकी अमावस्या का पश्चिम बंगाल के बीरबल स्थित तारापीठ मंदिर में विशेष महत्व है। इस दिन मां तारा की पूजा का विधान है।
भाद्रपद (कौशिकी) अमावस्या कब है 2026:
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 10 सितंबर को सुबह 07 बजकर 03 मिनट पर प्रारंभ होगी और 11 सितंबर को सुबह 05 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि मान्य होने के कारण भाद्रपद या कौशिकी अमावस्या 10 सितंबर 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी।
भाद्रपद अमावस्या स्नान-दान मुहूर्त 2026:
भाद्रपद अमावस्या पर सिद्ध और साध्य योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में यह योग अत्यंत शुभ माने जाते हैं। मान्यता है कि इन योग में किए गए कार्यों का शुभ फल प्राप्त होता है और कार्यों में सफलता मिलती है। भाद्रपद अमावस्या पर स्नान-दान का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 51 मिनट से सुबह 06 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 08 बजकर 17 मिनट से सुबह 09 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजित मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 21 मिनट से दोपहर 02 बजकर 13 मिनट तक रहेगी।
कौशिकी या पिठोरी अमावस्या व्रत प्रदोष मुहूर्त:
अमावस्या तिथि पर भगवान शिव, भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के पूजन का विधान है। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के लिए प्रदोष काल अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन प्रदोष मुहूर्त रात 08 बजकर 14 मिनट से रात 10 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। पूजन की कुल अवधि 02 घंटे 13 मिनट की है।
अमावस्या व्रत के फायदे:
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या व्रत करने से मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। पितृ दोष दूर होता है और परिवार में सुख-शांति आती है।
अमावस्या के उपाय:
इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन कराना चाहिए।
अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की जड़ में कच्चा दूध, जल और काले तिल मिलाकर चढ़ाना चाहिए। शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस दिन घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


