जल, तिल, सोना, चांदी समेत किस चीज का दान करना आपके लिए सही, गरुण पुराण में किसका दान उत्तम
अमावस्या, पूर्णिमा, संक्रांति आदि तिथि पर दान बहुत खास माना जाता है। अगर आप भी दान करते हैं और किसी खास कामना पूर्ति के लिए दान करना चाहते हैं, यहां हम आपको बताएंगे कि किस चीज का दान करने से क्या फल मिलता है। पहले जान लेते हैं कब दान करना उत्तम रहता है।

अमावस्या, पूर्णिमा, संक्रांति आदि तिथि पर दान बहुत खास माना जाता है। अगर आप भी दान करते हैं और किसी खास कामना पूर्ति के लिए दान करना चाहते हैं, यहां हम आपको बताएंगे कि किस चीज का दान करने से क्या फल मिलता है। पहले जान लेते हैं कब दान करना उत्तम रहता है। अमावस्या, पितृपक्ष, मेष और तुला संक्रान्ति, सूर्य की कई संक्रांति, खरमास, चन्द्र और सूर्यग्रहण के बाद दान का खास महत्व बताया गया है। ऐसा कहा जाता है कि इसका दान अक्षय होता है। प्रयाग आदि तीर्थो, पवित्र मन्दिरों, नदियों के किनारों में दान देने से भी अक्षय (फल) प्राप्त होता है। पुराणों में दान को लेकर कई बातों के बारे में बताया गया है। किस चीज का दान करने से क्या फल मिलता है। गरुड़ पुराण में कहा गया है कि आप अभी जो दान करते हैं, वो आपको यमलोक में फल देता है।
कूर्म पुराण में इन दानों को उत्तम बताया गया है
जलदान करनेवाला तृप्ति प्राप्त करता है, अन्नदान करनेवाला अक्षय सुख प्राप्त करता है, तिलदान करनेवाला इच्छित संतान प्राप्त करता है। दीपदान करनेवाला उत्तम ज्योति (चक्षु) प्राप्त करता है । भूमिदान करने वाला सब कुछ प्राप्त करता है। जो सोने का दान करता है, उसे दीर्घ आयु मिलती है। जो घर का दान करता है, उसे महल और चांदी दान करनेवाला उत्तम रूप प्राप्त करता है। वस्त्र दान करनेवाला चन्द्रलोक में निवास करता है और अश्व-दान करने वाला अश्विनीकुमारों के लोक में जाता है। वृषभ-दान करने वाले को पुष्ट लक्ष्मी और गो-दान करने वाले को ब्रह्मलोक जाता है। धान्य भी प्रदान करना चाहियें। ऐसा करनेसे मृत्युके अनन्तर स्वर्गकी प्राप्ति होती है । इसके अलावा गौदान मरने के बाद वैतरणी नदी पार करने के लिए उत्तम माना जाता है।
गरुड़ पुराण के अनुसार किन चीजों का दान उत्तम है?
इस संसार में प्राणियों के लिये दानसे बढ़कर कोई अन्य धर्म नहीं है। जिस व्यक्ति को किसी चीज की जरूरत है, और वो उसे खरीद नहीं पा रहा है, तो उसका दान बहुत लाभ देता है। गरुड़ पुराण के अनुसार अनाज, पानी, कपड़े, पलंग और आसन इनका दान बहुत फल देता है। आपको कम से कम साल में एक बार इनका दान करना चाहिए। कहीं अस्पाताल खुलवाना और पानी का दान, प्याऊ लगवाना भी बड़ा दान माना गया है। वैशाख मास में जलदान को अच्छा माना जाता है।
कौन सा दान है महादान
रोगियों का इलाज और दवा के दान को भी महादान बताया गया है। गौओं को घास दान करने से सभी पापों से मुक्ति हो जाती है। रोगी के रोग-शान्ति के लिए जो उन्हें दवा, स्नेह (तेल, घृत आदि) और खाना देता है, बह रोगरहित, सुखी तथा दीर्घ आयुवाला होता है। जो घरमें सबके लिएअत्यन्त प्रिय वस्तु हो, उस-उस वस्तु को दान में देता है, उसे अभीष्ट एवं प्रिय वस्तु मिलती है।
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Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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