Rudraksha niyam: रुद्राक्ष धारण करते हैं तो न करें ये काम, कैसा रुद्राक्ष पहनने के लिए सही

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Rudraksha niyam: शिवमहापुराण में बताया गया है कि कैसा रुद्राक्ष अच्छा है और किस रुद्राक्ष को नहीं पहनना चाहिए, इसके अलावा पहनते हैं तो क्या ना करें

Rudraksh niyam
रुद्राक्ष पहनने के नियम

Sawan: पापों का नाश करने के लिए रुद्राक्ष धारण किया जाता है। कहा जाता है कि इसे जो धारण करता है, उसकी सभी मनोरथ पूरी होती हैं। कहा जाता है कि बड़े-बड़े पापों को सिर्फ रुद्राक्ष से दूर किया जा सकता है। रुद्राक्ष को उसके छोटे बड़े के आधार पर उत्तम माना गया है। जो रुद्राक्ष बेर के फल के बराबर होता है, वह उतना छोटा होने पर भी लोक में उत्तम फल देनेवाला और सुख-सौभाग्य की वृद्धि करनेवाला होता है। आपको बता दें कि रुद्राक्ष और इसके पहनने के नियम शिवमहापुराण में बताए गए हैं। शिव महापुराण के अनुसार कहा गया है कि जो रुद्राक्ष आंवले के फल के बराबर होता है, समस्त विघ्नों का विनाश करने वाला होता है। ऐसा कहा जाता है कि रुद्राक्ष जैसे-जैसे छोटा होता है, वैसे-वैसे अधिक फल देनेवाला होता है। आज हम आपको रुद्राक्ष को पहनने के बाद क्या नहीं करना चाहिए और कैसा रुद्राक्ष आपके लिए अच्छा है, इसके बारे में बताएंगे। इस सावन भगवान शिव की पूजा करते हैं तो आपको पता होना चाहिए रुद्राक्ष कैसा अच्छा होता है और इसे पहनने के नियम क्या हैं।

अगर रुद्राक्ष दारण करते हैं तो ये काम तो बिल्कुल ना करें?

अगर आपने रुद्राक्ष धारण किया हुआ है तो आपको इन नियमों को अच्छे से समझना चाहिए। अगर आपने रुद्राक्ष धारण किया है तो खाने में मदिरा, मांस, लहसुन, प्याज, सहिजन, लिसोड़ाआदि को नहीं खाना चाहिए। कहा जाता है कि इसे धारण करने वाले को इन चीजों का इस्तेमाल ना करने की सलाह दी जाती है। इसलिए अगर आपने धारण किया है तो इन नियमों को मानें।

कैसा रुद्राक्ष किस कामना के लिए है?

समान आकार-प्रकार वाले, चिकने, सुदृढ़, स्थूल, कण्टकयुक्त (उभरे हुए छोटे-छोटे दानोंवाले) और सुन्दर रुद्राक्ष आपको जो चाहिए वो प्रदान करते हैं। ये भोग और मोक्ष देनेवाले बताए गए हैं।

जिस रुद्राक्ष में अपने आप ही डोरा पिरोने के योग्य छेद हो गया हो, वह उत्तम कोटि का रुद्राक्ष बताया गया है । जिसमें मनुष्य के प्रयत्न से छेद वो मीडियम श्रेणी का कहा जाता है। इसलिए हमें ऐसा रुद्राक्ष पहनना चाहिए। इसलिए देखना चाहिए कि रुद्राक्ष कैसा होना है, तभी इसे धारण करना चाहिए।

कैसा रुद्राक्ष नहीं पहनना चाहिए?

जिसे कीड़ोंने दूषित कर दिया हो, जो खण्डित हो, फूटा हो, जिसमें उभरे हुए दाने न हों, जो ब्रणयुक्त हो तथा जो पूरा-पूरा गोल न हो, ऐसे रुद्राक्षों कोनहीं पहनना चाहिए। रुद्राक्ष का चयन बहुत ही सोच विचार के करना चाहिए।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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