Shankh Yog: कुंडली में शंख योग देता है राजा जैसी जिंदगी, बस इस स्थिति में नहीं मिलेगा शुभ फल
क्या आपकी कुंडली में शंख योग है? जानिए इस योग के जरिए जिंदगी में कौन-कौन से पॉजिटिव बदलाव आ सकते हैं? साथ ही जानें कि किस स्थिति में ये शुभ फल नहीं दे पाता है?

ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से कुंडली में कई ऐसे शुभ योग बनते हैं जो व्यक्ति की जिंदगी पर सकारात्मक असर डालते हैं। इन्हीं में से एक शंख योग है। ज्योतिषीय लिहाज से माना जाता है कि जिस भी व्यक्ति की कुंडली में योग बनता है वो मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति का भी डटकर सामना करना है। ऐसे लोग मुश्किल हालात देखकर घबराते नहीं है बल्कि हर चीज को धैर्य से संभालते हुए सब कुछ अपने फेवर में करने का माद्दा रखते हैं।
हालांकि कुंडली में किसी भी तरह के योग का असर कितना होगा ये व्यक्ति की पूरी कुंडली और ग्रह-नक्षत्रों की दशा देखकर ही समझा जा सकता है। जानिए आखिर ये योग कैसे बनता है और ऐसे लोग कैसे होते हैं और उनकी जिंदगी पर इसका क्या-क्या असर पड़ता है?
कुंडली में कैसे बनता है शंख योग?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी कुंडली में पंचम और षष्ठ भाव के स्वामी एक खास स्थिति में होते हैं और दूसरी ओर लग्न का स्वामी भी मजबूत हो तो शंख योग बनने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। वहीं अगर इस योग को जो ग्रह बना रहे हैं वो भी अच्छी खासी स्थिति में हो और उन पर किसी भी तरह का नेगेटिव इम्पैक्ट ना हो तो इस योग को बहुत ही ज्यादा असरदार माना जाता है। वहीं जब ग्रहों की स्थिति कमजोर स्थिति में होती है तो इस योग के असर को इतना खास नहीं माना जाता है।
शंख योग वालों का स्वभाव
जिन लोगों की कुंडली में शंख योग बनता है माना जाता है कि ऐसे लोग बेहद ही शांत स्वभाव के होते हैं। इनकी खास बात ये होती है कि ये बिना सोचे-समझे कोई भी फैसला नहीं लेते हैं। हर चीज को सोच-विचार करके ही ये आगे बढ़ना पसंद करते हैं। अगर स्थिति इनके अनुकूल ना हो तो बजाय घबराने के ये लोग किसी ना किसी तरह से सॉल्यूशन ढूंढने की कोशिश करते हैं। वहीं हर मौके को समझकर एक्ट करते हैं। इनके सफल होने के चांस यही से बढ़ जाते हैं। ऐसे ही कुछ खास बातें हैं जो इन्हें औरों से अलग बनाती है।
करियर में मिलती है अच्छी ग्रोथ
कुंडली में अगर ग्रहों की शुभ स्थिति से ये योग बनता है तो माना जाता है कि ऐसे लोग करियर में बहुत आगे जाते हैं और उनकी ग्रोथ देखने लायक होती है। पढ़ाई से लेकर करियर के दौरान इन्हें कई ऐसे मौके मिल सकते हैं जो इनकी प्रोफाइल में चार चांद लगा सकते हैं। लीडरशिप और मैनेजमेंट के साथ-साथ रिसर्च बेस्ड क्षेत्र में ये लोग बहुत नाम कमाते हैं।
मिलते हैं ये दो फायदे
ज्योतिष शास्त्र की मानें तो शंख योग होने के पीछे ये भी मान्यता है कि इससे आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होती जाती है। वहीं ये लोग समझदारी से पैसे खर्च करना जानते हैं। बैलेंस और खर्चे का सही बैलेंस इन्हें समझ आता है। इसके अलावा ऐसे लोगों की बोली ऐसी होती है कि ये आसानी से लोगों का भरोसा भी जीत लेते हैं। मेहनत करने से कतराते नहीं है। ऐसे में ये समझा जाना भी जरूरी है कि कुंडली के शुभ योग होने का ये मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि मेहनत ना की जाए। मेहतन, लगन और सही समय पर लिए गए फैसले व्यक्ति को सफल बनाते हैं।
डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र


