आपके हाथ में कहां है भाग्य रेखा, कैसे दिलाती है यह सफलता?
हस्तरेखा के जरिए भी आप भाग्य जान सकते हैं, लेकिन इसमें सबसे पहले आपको भाग्य रेखा यानी फेटलाइन के बारे में पचा होना चाहिए। यहां आप इसके बारे में जान सकते हैं।

फेट लाइन यानी भाग्य रेखा। हथेली के बीच में होती है यह रेखा इसके जरिए आप आसानी से जान पाते हैं कि आपको कैसे लाइफ में सफलता मिलेगी, कैसे आपको धन मिलेगा और कैसे भाग्य आपका साथ देगा। अब सवाल होता है कि भाग्य रेखा कहां होती है और ये कहां दिखाई देती है। हथेली के नीचे यानी कलाई से शुरू होकर ये आपकी मध्यमा उंगल तक जाती है। लेकिन ऐसा नहीं है कई लोगों के हाथों में यह रेखा बुध पर्वत पर भी पहुंच जाती है परन्तु वास्तव में यह रेकखा भाग्य रेखा न होकर कोई अन्य रेखा ही होती है। इस रेखा का विकास हथेली में नीचे से ऊपर की ओर होता है। कुछ हाथों में यह रेखा शुक्र पर्वत से प्रारंभ होती है तो कुछ हाथों में यह रेखा मणिबन्ध से प्रारंभ होकर ऊपर की ओर उठती है। कुछ हाथों में यह रेखा सूर्य पर्वत के पास से भी निकल कर शनि पर्वत पर पहुंच जाती है। कई लोगों के हाथों में ये दिखाई ही नहीं देती है। इस तरह आप आसानी से किसी के हाथ में भाग्य रेखा को पहचान सकते हैं। भाग्य रेखा से कैसे पता चलता है कि आप सफल होंगे या नहीं , ऐसी ही जानकारी जानने के लिए यहां पढ़ें-
कैसी भाग्य रेखा आपके आपके लिए लकी?
1.भाग्यरेखा हथेली के अंतिम स्थान से यानी मणिबंध से शुरू हो रही हो और शनि पर्वत तक पंहुच रही हो। साथ ही, भाग्य रेखा पर किसी प्रकार का कोई भी अशुभ निशान न हीं है तो समझ लीजिए की आपकी लॉटरी लग गई है। आपको बिजनेस में सफल होने से कोई रोक नहीं सकता है। बिजनेस में ऐसे लोगों के धन लाभ होने के योग बनते हैं।
2. जिन लोगों की भाग्य रेखा सीढ़ी आकार की होती है तो ऐसे लोग बहुत हार्ड वर्किंग माने जाते हैं। अगर ये मेहनत करके सफल हो जाते हैं। अगर आपकी भाग्य रेखा गुरु पर्वत की तरफ मुड़ रही है तो व्यक्ति लीडर बनता है। उसकी लाइफ में धनदौलत मिलती हैं।
3.अगर भाग्य रेखा साफ ना हो और इससे शाखाएं निकल रही हैं तो आपको प्रमोशन मिल सकता है। अगर ये शाखाएं किसी और पर्वत से मिल रही है तो आप क्रिएटिव हो सकते हैं.हथेली में शनि पर्वत यानी मध्यमा उंगली के पास से दो या इससे अधिक खड़ी रेखाएं हों तो व्यक्ति को धन और सुख मिलता है।
4.शनि पर्वत अगर उठा हुआ हो और आपकी भाग्य रेखा के साथ एक त्रिकोण बन रहा हो तो समझ लें कि आपको आपके लिए यह योग शुभ है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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