कैसा रुद्राक्ष नहीं पहनना चाहिए? रुद्राक्ष को पहनने के नियम क्या हैं?
Shiv Mahapuran: शिव के आंसुओं से उत्पन्न होने वाले रुद्राक्ष को बहुत खास माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इसको पहनने से कई लाभ मिलते हैं। यहां आप पढ़ सकते हैं।

रुद्राक्ष भी धारण करना कई प्रकार से लाभ देता है। शिवमहापुराण में लिखा गया है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है। यह कम गहरे लाल से नारंगी रंग तक का होता है। इस की नकल कांच के रुद्राक्ष बनाकर की जाती है। अगर आपको श्रेष्ठ रुद्राक्ष चाहिए तो बॉम्बे, सूरत से मिल सकता है। । इस पर नक्काशी का काम बहुत सुन्दर होता है । कहते हैं कि जिस को रात में ही बुखार आता हो उसके शरीर से स्पर्श करता रुद्राक्ष बांधने से लाभ पहुंचाता है । यह नक्सीर को बन्द करता है।
कैसा रुद्राक्ष नहीं पहनना चाहिए
आपको बता दें कि जिस रुद्राक्ष को कीड़े खा गए हों या फिर जिसमें छेद ना हो, इस प्रकार के रुद्राक्ष को नहीं पहनना चाहिए। इस तरह का रुद्राक्ष आपको लाभ नहीं देता है। इसके अलावा जिसमें प्राकृतिक तरीके से छेद ना हो, ऐसा रुद्राक्ष भी नहीं पहनना चाहिए।
क्या है रुद्राक्ष के लाभ
रुद्राक्ष और लाल कार्नेलियन रत्न पहनते हैं तो आपका साहस बढ़ता है। आपका कॉन्फिडेंस अच्छा होता है। आपको डेली लाइफ में पॉजिटिव एनर्जी मिलती है।इससे आप धार्मिक तौर पर सेफ फील करते हैं, आपको शांति मिलती है और अंदर की ताकत भी बढ़ती है।लाल कार्नेलियन आपकी मोटिवेशन को बढ़ाता है। इमोशनली अगर आपकी लाइफ अच्छी नहीं है और पर्सनली आप आगे बढ़ना चाहते हैं को आप रुद्राक्ष पहन सकते हैं। मेडिटेशन और प्रार्थना के लिए हर रोज इसे पहनना चाहिए। रात को सोते समय इसे उतार देना चाहिए। इससे आपका फोकस बढ़ता है।
कौन से मुख वाला रुद्राश किसके लिए
14 मुख वाला रुद्राक्ष भगवान शिव का स्वरूप कहा गया है 4 से लेकर 13 मुखी रुद्राक्ष आपको क्या लाभ देता है, यहां आप पूरी जानकारी ले सकते हैं। मुखों के आधार पर रुद्राक्ष चौद्ह मुखी तक होते हैं।
धन प्राप्ति -7 मुखी रुद्राक्ष धारण करें
लंबी आयु - 8 मुखी रुद्राक्ष धारण करें
अर्थ, काम, मोक्ष - चार मुख वाला रुद्राक्ष धारण करें।
साधना सिद्ध - तीन मुखी रुद्राक्ष करें।
सभी वैभव - नौ मुखों वाला रुद्राक्ष को बाएं हाथ में धारण करें।
विजय - 11 मुख वाला रुद्राक्ष धारण करें
सूर्य के समान तेज- 12 मुख वाला रुद्राक्ष पहनना चाहिए।
सौभाग्य और मंगल -तेरह मुखी वाला रुद्राक्ष धारण करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


