
प्रेमानंद महाराज का प्रिय शास्त्र और भोजन प्रसाद क्या है?
राधारानी के परम भक्त संत प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि भोजन केवल शरीर की भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि यह एक आध्यात्मिक क्रिया है। भोजन को प्रसाद मानकर खाने से ना केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन और आत्मा को भी शांति मिलती है।
वृंदावन के राधा केलीकुंज के संचालक हित प्रेमानंद महाराज किसी परिचय के मोहताज नहीं है। हर दिन महाराज के दर्शन को हजारों भक्त उनका इंतजार बड़ी बेसब्री से करते हैं। प्रेमानंद महाराज के जीवन को जानने में भक्तों की काफी जिज्ञासा रहती है। जैसे कि उन्हें भोजन में क्या पसंद है, वो कितने घंटे सोते हैं, वगैहर-वगैरह। ऐसे में एक भक्त ने उनसे पूछा कि महाराज जी आपका प्रिय शास्त्र और प्रिय भोजन प्रसाद क्या है? चलिए जानते हैं कि महाराज जी ने इसका क्या जवाब दिया।
महाराज जी कहते हैं कि सबसे प्रिय शास्त्र उड़िया बाबा के उपदेश। वो आगे कहते हैं कि हमारे जीवन के आदर्श भी उड़िया बाबा महाराज जी है। वहीं प्रिय भोजन प्रसाद के बारे में महाराज जी कहते हैं कि जो मिल जाए, वही प्रिय भोजन प्रसाद है। महाराज जी कहते हैं कि वैसे इस शरीर को मीठा बहुत प्रिय था।
उन्होंने कहा कि ये प्रिय चीजें हमारे जीवन में रहे। अब हमारे जीवन में प्राण प्रिय वाणी जी चतुराशी जी और प्रियाजु के उच्चिष्ट का ही जीवन का भरण पोषण होना अब यह मार्ग चला आ रहा है। वो आगे कहते हैं जो डॉक्टरों के मुताबिक बताया गया है अब वही खाने में पसंद है।
राधारानी के परम भक्त संत प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि भोजन केवल शरीर की भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि यह एक आध्यात्मिक क्रिया है। भोजन को प्रसाद मानकर खाने से ना केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन और आत्मा को भी शांति मिलती है।
बता दें कि प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज के विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा भी शिष्य हैं। महाराज से मिलने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी उनके आश्रम आ चुके हैं। प्रेमानंद महाराज से कई नामचीन लोग और प्रमुख संत भी भेंट कर चुके हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





