साप्ताहिक पंचांग 26 अप्रैल-2 मई 2026: मोहिनी एकादशी से लेकर प्रदोष व्रत तक, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
Weekly Panchang 26 April-2 May 2026: हिन्दू पंचांग का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। पंचांग शब्द का अर्थ है , पांच अंगो वाला। पंचांग में समय गणना के पांच अंग हैं- वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। आइए जानते हैं इस सप्ताह के शुभ, अशुभ मुहूर्त…

Weekly Panchang, साप्ताहिक पंचांग: ये हफ्ता आपकी जिंदगी में किसी बड़े बदलाव से नहीं बल्कि छोटे-छोटे सही फैसलों से धीरे-धीरे नया मोड़ लेकर आएगा। चंद्रमा शुक्ल पक्ष की दशमी और एकादशी से होते हुए पूर्णिमा की ओर बढ़ेगा। तो ऐसे में जैसे-जैसे हफ्ता आगे बढ़ेगा आध्यात्मिक माहौल भी बढ़ेगा। इस दौरान रोजमर्रा के काम जैसे पूजा-पाठ, किसी के साथ बातचीत और पेंडिंग काम अगर आप शांति से करेंगे तो ये पूरे भी हो जाएंगे। हफ्ते की शुरुआत सिंह राशि के चंद्रमा से होगी, इस दौरान परिवार से जुड़ी बातें सामने आ सकती हैं। इसके बाद चंद्रमा कन्या में जाएगा। इस दौरान आपका ध्यान पूरी तरह से हेल्थ, रूटीन, कागजी काम और छोटी-छोटी चीजों पर रहेगा। फिर तुला में जाकर चंद्रमा रिश्तों में बैलेंस और समझदारी लाएगा। तो ऐसे में आपको शुरुआत में सेल्फ रिस्पेक्ट पर ध्यान देना है लेकिन ईगो से बचना है। इस हफ्ते मोहिनी एकादशी, परशुराम द्वादशी, नरसिंह जयंती और बुद्ध पूर्णिमा जैसे खास दिन भी आ आएंगे जो इस हफ्ते को और भी खास बना देते हैं।
इस हफ्ते के शुभ मुहूर्त
इस हफ्ते जल्दबाजी से ज्यादा तैयारी करें। पढ़ाई, डॉक्यूमेंट्स, हेल्थ रूटीन, दान-पुण्य, पूजा-पाठ, पैसों की जांच या घर के काम सब आराम से ध्यान से करेंगे तो अच्छा रिजल्ट मिलेगा। कोई पुराना पेंडिंग काम भी इस हफ्ते पूरा हो सकता है। 29 अप्रैल को सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा। ये समय पढ़ाई, पूजा और जरूरी फैसलों के लिए अच्छा होगा। वहीं 1 मई की पूर्णिमा का समय सत्यनारायण पूजा, दान और परिवार के साथ शांति से समय बिताने के लिए बहुत शुभ रहेगा। इस हफ्ते छोटी-छोटी सावधानियां बरतेंगे तो अच्छा होगा।
इस हफ्ते ग्रहों की चाल
सूर्य अभी मेष राशि में है जिससे हिम्मत और आगे बढ़ने की भावना बनी रहेगी। आप लंबे समय से रुका हुआ कोई फैसला ले सकते हैं। लेकिन जल्दीबाजी में रिएक्ट करने से बचना जरूरी है। चंद्रमा की प्लेसमेंट भी अहम है। ये सिंह में कॉन्फिडेंस देगा। कन्या में सही प्लानिंग और डिटेल्स पर ध्यान दिलाएगा। तो वहीं तुला में संतुलन और समझदारी सिखाएगा। मतलब यही है कि पहले कदम उठाएं। फिर सब चेक करके बैलेंस बनाएं। हफ्ते के अंत तक चीजें क्लियर होने लगेंगी और जो उलझन थी वो थोड़ी कम होगी।
इस हफ्ते के व्रत और त्योहार
ये पूरा हफ्ता धीरे-धीरे आपको संयम, साहस और फिर शांति की ओर ले जाएगा। इस हफ्ते कई ऐसी तिथियां पड़ेंगी जिनका हिंदू धर्म में काफी महत्व है।
27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) है। इस दिन विशेष रुप से भगवान विष्णु की पूजा होती है। मान्यता है कि इस दिन की पूजा से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस खास तिथि पर मन को शांत रखें।
28 अप्रैल को परशुराम द्वादशी और प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) है। ये अनुशासन और भगवान शिव की पूजा से जुड़ा है।
30 अप्रैल को नरसिंह जयंती है। इसे साहस और सुरक्षा के प्रतीक के रुप में देखा जाता है।
1 मई को बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima), पूर्णिमा व्रत और सत्यनारायण पूजा जैसे खास दिन पड़ेंगे।
2 मई को नारद जयंती है और ये दिन भक्ति और ज्ञान से जुड़ा है।
हफ्ते भर का राहु काल समय
रविवार, 26 अप्रैल: शाम 5:12 से 6:48 बजे तक
सोमवार, 27 अप्रैल: सुबह 7:36 से 9:12 बजे तक
मंगलवार, 28 अप्रैल: दोपहर 3:36 से 5:12 बजे तक
बुधवार, 29 अप्रैल: दोपहर 12:24 से 2:00 बजे तक
गुरुवार, 30 अप्रैल: दोपहर 2:00 से 3:36 बजे तक
शुक्रवार, 1 मई: सुबह 10:47 से 12:24 बजे तक
शनिवार, 2 मई: सुबह 9:10 से 10:47 बजे तक
राहु काल में नए काम को शुरू करने से बचना चाहिए। इस समय पुराने काम पर ही फोकस करें। पूजा या प्लानिंग करना बेहतर होता है।
इस हफ्ते के लिए सलाह
इस हफ्ते हर एक चीज को शांति और धैर्य से संभावने का समय है। चीजों में समझदारी दिखाएं। अगर आप इस हफ्ते को सही दिशा में आगे बढ़ाना चाहते हैं तो सोच-समझकर बात करें और समय पर सही फैसला लेने की कोशिश करें। हर चीज में परफेक्शन की जरूरत नहीं है। बस जो चीजें सामने आती जाए, उसे बेहतर तरीके से संभालने की कोशिश करें।
लेखक के बारे में
Ishita Kotiyaइशिता कोटिया को ज्योतिष और टैरो प्लेटफॉर्म पर IshK Aura के नाम से जाना जाता है। वो एक मनोवैज्ञानिक, ज्योतिषी और होलिस्टिक लाइफ स्ट्रैटेजिस्ट हैं। वे मनोविज्ञान की समझ को ज्योतिष और इंट्यूटिव साइंसेस के साथ जोड़कर लोगों को मार्गदर्शन देती हैं और उनकी जिंदगी को आसान बनाती हैं।
इशिता ने क्लिनिकल साइकोलॉजी में मास्टर डिग्री प्राप्त की है और इमोशनल ट्रॉमा, रिश्तों की समस्याओं और व्यवहार से जुड़े पैटर्न को समझने में विशेषज्ञता रखती हैं। उनकी खास बात ये है कि वे वैज्ञानिक मनोविज्ञान और पारंपरिक ज्योतिष को मिलाकर ऐसी सलाह देती हैं जो समझने में आसान होते हैं और लोग उन्हें आसानी से अपना भी सकते हैं।
इशिता को टैरो, ज्योतिष, ऑकल्ट साइंसेस, रेकी और अन्य इंट्यूटिव हीलिंग तरीकों में 10 साल से अधिक का अनुभव है। वो सर्टिफाइड लाइफ कोच और मास्टर स्पिरिचुअल लाइफ कोच भी हैं। साथ ही वे प्राणिक हीलिंग और रेकी की प्रैक्टिशनर हैं। उन्होंने बॉडी लैंग्वेज एनालिसिस (लेवल 1 और 2) में भी सर्टिफिकेशन किया है, जिसमें उनका फोकस क्रिमिनोलॉजी पर रहा है। ऐसे में वह जिंदगी के हर पहलु को ध्यान में रखते हुए लोगों को सलाह देती हैं।
इशिता लगातार हेल्थ एस्ट्रोलॉजी और प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का अध्ययन करती रहती हैं ताकि लोगों को बेहतर और गहराई से गाइडेंस दे सकें। उनका एकमात्उर द्देश्य लोगों को समझ और बैलेंस के साथ आगे बढ़ने में मदद करना है ताकि लोगों की जिंदगी स्मूदली चलती रहें।
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