साप्ताहिक पंचांग 19-25 अप्रैल 2026: अक्षय तृतीया से गंगा सप्तमी तक, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
Weekly Panchang 19-25 April 2026: हिन्दू पंचांग का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। पंचांग शब्द का अर्थ है , पांच अंगो वाला। पंचांग में समय गणना के पांच अंग हैं- वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। आइए जानते हैं इस सप्ताह के शुभ, अशुभ मुहूर्त…

Weekly Panchang, साप्ताहिक पंचांग: इस हफ्ते की शुरुआत पिछले हफ्ते के मुकाबले ज्यादा खुली और हल्की महसूस होगी। चंद्रमा का पक्ष अब बढ़ रहा है और द्वितीया-तृतीया से आगे बढ़ते हुए नवमी-दशमी तक पहुंचेगा। यानी अब समय खत्म करने या साफ करने का नहीं, बल्कि नई शुरुआत करने और चीजों को आकार देने का है। हफ्ते का पहला हिस्सा ज्यादा ताजा और सपोर्टिव रहेगा, जबकि बाद का हिस्सा थोड़ा गहराई वाला और भावनात्मक रहेगा। इस पूरे हफ्ते में चंद्रमा की चाल सबसे ज्यादा असर डालेगी। शुरुआत मेष राशि से होगी, जिससे नई ऊर्जा और शुरुआत का भाव रहेगा। फिर वृषभ में आते ही चीजें स्थिर और संतुलित लगेंगी। हफ्ते के बीच में मिथुन में चंद्रमा आने से बातचीत, गति और सोच में तेजी आएगी। वहीं अंत में पुष्य और अश्लेषा के असर से माहौल थोड़ा अंदर की ओर और आध्यात्मिक हो जाएगा। यानी पूरा हफ्ता एक जैसा नहीं रहेगा, लेकिन बदलाव स्वाभाविक लगेगा।
हफ्ते की शुरुआत में त्योहारों का असर भी रहेगा। 19 अप्रैल को परशुराम जयंती है, वहीं अक्षय तृतीया 19-20 अप्रैल के बीच पड़ रही है। कुछ लोग 20 अप्रैल को ज्यादा शुभ मानते हैं। इससे हफ्ते की शुरुआत दो दिन तक शुभ बनी रहती है।
2. इस सप्ताह के शुभ मुहूर्त
यह हफ्ता पिछले से बेहतर है, लेकिन हर काम के लिए हर दिन सही नहीं है। विवाह के लिए 20 और 21 अप्रैल ज्यादा अच्छे दिन माने जा रहे हैं। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए 23 अप्रैल सबसे मजबूत दिन है। वाहन खरीदने के लिए 24 अप्रैल बेहतर रहेगा। गृह प्रवेश के लिए अभी समय थोड़ा कमजोर माना जा रहा है, इसलिए इसमें सावधानी रखें।
सीधी बात यह है कि हफ्ते की शुरुआत नए काम और शुभ कार्यों के लिए अच्छी है। बीच का समय काम को आगे बढ़ाने के लिए सही है और अंत का समय सोच-समझकर फैसले लेने का है।
3. ग्रहों की चाल का असर
इस हफ्ते बड़े स्तर पर कोई बड़ा ग्रह परिवर्तन नहीं हो रहा है, लेकिन चंद्रमा की वजह से माहौल बदलता रहेगा। शुरुआत में ऊर्जा तेज रहेगी, फिर स्थिरता आएगी, फिर गति और अंत में गहराई बढ़ेगी। यानी हफ्ते का क्रम ऐसा रहेगा- शुरुआत करें, स्थिर करें, सोचें और फिर अंदर से समझें। 23 अप्रैल के आसपास आध्यात्मिक प्रभाव ज्यादा मजबूत रहेगा। इस दिन गंगा सप्तमी, गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं। 24 और 25 अप्रैल को बगलामुखी जयंती, मासिक दुर्गाष्टमी, सीता नवमी जैसे पर्व माहौल को और ज्यादा आध्यात्मिक बना देंगे।
4. व्रत-त्योहार और विशेष दिन
इस हफ्ते कई खास दिन हैं, लेकिन हर दिन का मूड अलग रहेगा। शुरुआत में परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया का असर रहेगा।
20 अप्रैल को मातंगी जयंती, रोहिणी व्रत और संकर्षण चतुर्थी आएंगे।
23 अप्रैल को गंगा सप्तमी के साथ आध्यात्मिक माहौल बढ़ेगा।
24 अप्रैल को बगलामुखी जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी और
25 अप्रैल को सीता नवमी का पर्व रहेगा।
5. राहुकाल (इस हफ्ते)
राहुकाल में नए काम शुरू करने से बचना बेहतर माना जाता है। बाकी काम चलते रह सकते हैं। इस हफ्ते के राहुकाल इस प्रकार हैं-
रविवार, 19 अप्रैल: शाम 5:10 से 6:45 तक
सोमवार, 20 अप्रैल: सुबह 7:28 से 9:05 तक
मंगलवार, 21 अप्रैल: दोपहर 3:35 से 5:13 तक
बुधवार, 22 अप्रैल: दोपहर 12:19 से 1:57 तक
गुरुवार, 23 अप्रैल: दोपहर 1:57 से 3:35 तक
शुक्रवार, 24 अप्रैल: सुबह 10:41 से 12:19 तक
शनिवार, 25 अप्रैल: सुबह 9:04 से 10:41 तक
कुल मिलाकर, यह हफ्ता नई शुरुआत, धीरे-धीरे आगे बढ़ने और अंत में गहराई से सोचने वाला रहेगा। शुरुआत में मौके मिलेंगे और जैसे-जैसे हफ्ता आगे बढ़ेगा, चीजें ज्यादा समझ में आने लगेंगी।
इशिता कोटिया
(वैदिक ज्योतिषी, टैरो कार्ड रीडर, तांत्रिक विद्या विशेषज्ञ, लाइफ कोच, मनोवैज्ञानिक)
ईमेल: healingwithishita@gmail.com
लेखक के बारे में
Ishita Kotiyaइशिता कोटिया को ज्योतिष और टैरो प्लेटफॉर्म पर IshK Aura के नाम से जाना जाता है। वो एक मनोवैज्ञानिक, ज्योतिषी और होलिस्टिक लाइफ स्ट्रैटेजिस्ट हैं। वे मनोविज्ञान की समझ को ज्योतिष और इंट्यूटिव साइंसेस के साथ जोड़कर लोगों को मार्गदर्शन देती हैं और उनकी जिंदगी को आसान बनाती हैं।
इशिता ने क्लिनिकल साइकोलॉजी में मास्टर डिग्री प्राप्त की है और इमोशनल ट्रॉमा, रिश्तों की समस्याओं और व्यवहार से जुड़े पैटर्न को समझने में विशेषज्ञता रखती हैं। उनकी खास बात ये है कि वे वैज्ञानिक मनोविज्ञान और पारंपरिक ज्योतिष को मिलाकर ऐसी सलाह देती हैं जो समझने में आसान होते हैं और लोग उन्हें आसानी से अपना भी सकते हैं।
इशिता को टैरो, ज्योतिष, ऑकल्ट साइंसेस, रेकी और अन्य इंट्यूटिव हीलिंग तरीकों में 10 साल से अधिक का अनुभव है। वो सर्टिफाइड लाइफ कोच और मास्टर स्पिरिचुअल लाइफ कोच भी हैं। साथ ही वे प्राणिक हीलिंग और रेकी की प्रैक्टिशनर हैं। उन्होंने बॉडी लैंग्वेज एनालिसिस (लेवल 1 और 2) में भी सर्टिफिकेशन किया है, जिसमें उनका फोकस क्रिमिनोलॉजी पर रहा है। ऐसे में वह जिंदगी के हर पहलु को ध्यान में रखते हुए लोगों को सलाह देती हैं।
इशिता लगातार हेल्थ एस्ट्रोलॉजी और प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का अध्ययन करती रहती हैं ताकि लोगों को बेहतर और गहराई से गाइडेंस दे सकें। उनका एकमात्उर द्देश्य लोगों को समझ और बैलेंस के साथ आगे बढ़ने में मदद करना है ताकि लोगों की जिंदगी स्मूदली चलती रहें।
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