वृषभ संक्रांति 15 मई को, सूर्य का यह गोचर खास, किन राशियों को भाग्य और सफलता दोनों, क्या दान करें
Vrishabh rashi mein surya ka gochar: वृषभ संक्रांति का अर्थ है जब सूर्य वृषभ राशि में जाते हैं। इस दिन स्नान दान का बहुत अधिक महत्व है।इस दिन सूर्य भगवान की पूजा और जलदान महत्व रखता है। अभी की बात करें तो सूर्य शुक्र की राशि में जा रहे हैं।

वृषभ संक्रांति का अर्थ है जब सूर्य वृषभ राशि में जाते हैं। इस दिन स्नान दान का बहुत अधिक महत्व है।इस दिन सूर्य भगवान की पूजा और जलदान महत्व रखता है। अभी की बात करें तो सूर्य शुक्र की राशि में जा रहे हैं। शुक्र की राशि में जाने से सूर्य कई राशियों के लिए भाग्य का साथ तो लाएंगे ही साथ ही कई राशियों को अपने कार्य में सफलता भी मिलेगी। जैसा कि आपको पता है कि शुक्र अगर आपकी कुंडली में सही हैं, तो आपको भौतिक सुख, वैभव और ऐश्वर्य मिलता रहेगा। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्मों से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। सूर्य एनर्जी के आत्मविश्वास के कारक हैं। ऐसे में जब सुख और आत्मविश्वास मिल जाएंगे तो आपको सफल होने से कौन रोक सकता है।
सूर्य गोचर और मेष राशि पर क्या होगा असर
मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती है, ऐसे में आपके लिए अच्छा योग है। आपको बिजनेस में अच्छे योग देखने को मिल रहे हैं। आपके लिए बिजनेस में नए मौके और प्रोजेक्ट आ रहे हैं, जिन्हें आपको संभालना होगा। आपके लिए लीडरशिप क्वालिटी खास तौर पर रहेगी। आपके लिए एक से बढ़कर एक मौके खड़े है, इसलिए सूर्य गोचर में खास ध्यान दें।
सूर्य गोचर का सिंह राशि पर क्या असर
सिंह राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर बहुत खास रहेगा, राजनीति में जो लोग हैं, उनका यश फैलेगा। आपके लिए सफलता के योग है, भाग्य के कारण आपके काम बनेंगे। करियर में तरक्की के योग और नौकरी में प्रमोशन के योग आपके लिए बन रहे हैं।
सूर्य गोचर और कन्या राशि के लिए कैसा रहेगा
कन्या राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर आपके भाग्य को बलवान करने वाला होगा। आपके लिए अचानक से कहीं से पैसा मिलने के योग हैं, आपकी प्रोपर्टी से लेकर आपको कई सरकारी नौकरी तक में अच्छे मौके मिल रहे हैं। नई जिम्मेदारियां ऑफिस में आपका इंतजार कर रही हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर रहेगी।
वृषभ संक्रांति पर क्या करें
इस दिन आपको मटका, चप्पल, छाता का दान करना उत्तम रहेगा। सूर्य की उपासना करें और सत्यनारायण की कथा भी इस दिन करनी चाहिए। इससे लाभ मिलता है। पवित्र नदियों में स्नान करें और फिर दान करें, पितरों के लिए भी इस दिन कुछ ना कुछ निकालना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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