वृषभ राशि में जाकर कमजोर होंगे मंगल, ब्लड और लवलाइफ से जुड़ी दिक्कतें होंगी, मंगल को सही करने के दमदार उपाय
मंगल ग्रह का गोचर होने वाला है, मंगल अब शुक्र की राशि में जा रहे हैं। आग, एनर्जी, साहस के प्रतीक मंगल जिसकी भी राशि में जाते हैं तो इसका क्या असर होता है लवलाइफ पर, हेल्थ पर यहां पढ़ें

मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस, अग्नि के कारक हैं और अब मंगल मेष राशि से निकलकर 21 जून में शुक्र की वृषभ राशि में जाने वाले हैं। इस राशि में जाकर मंगल और शुक्र की युति क्या असर डालती है, और राशियों पर क्या असर होता है, यहां आप यहां पढ़ें। ऐसे में शुक्र और मंगल की कैसी स्थिति होगी और इसका लोगों पर क्या असर होगा, यह सब आप यहां पढ़ सकते हैं। किस तरह की समस्याएं आपको इस दौरान झेलनी होगी, यहां भी जानें
वृषभ राशि में जाकर क्या कराएंगे मंगल
मंगल का वृषभ राशि में जाना कमजोर स्थित को दर्शाएगा। इसका अर्थ है कि मंगल शुक्र की वृषभ राशि में जा रहे हैं जो शत्रु राशि है।ज्योतिर्विद नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार अभी तक मंगल अपनी राशि मेष यानी स्वग्रही से शुक्र के घर में जाएंगे, इससे लोगों की विवाह की स्थिति पर असर होगा। मंगल शत्रु के क्षेत्र में होगें, तो आपके रिलेशनशिप इससे प्रभावित होंगे। आप हार्मोनली काम करेंगे, बल की कमी होगी। मंगल रक्त के मालिक हैं र पौरुष के मालिक हैं, संबंधों के भी मालिक है खासकर स्त्री पुरुष की संबंधों में असर मंगल से ही होते हैं।
मंगल गोचर का हेल्थ पर क्या होगा असर?
ज्योतिर्विद नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार अभी तक अच्छी स्थिति मंगल के कारण चल रही थी, पिछले 45 दिन से वो अब थोड़ी बिगड़ती चली जाएगी। इसे आप नेगेटिव गोचर कहा सकते हैं। काल पुरुष के द्वितीय घर में गोचर हो रहा है। रक्त से जुड़ी दिक्कत, शुगर लेवल, थायरायड बढ़ सकती है। मंगल रक्त के मालिक है, ब्लड के इंफेक्शन और ब्लड प्रैशर से जुड़ी दिक्क्तें भी लोगों को होंगी । अस्त्र शस्त्र की खरीददारी की इस्तेमाल की होड़ मचेगी। लोग वाणी से भी अनियंत्रित होंगे। अनाप शनाप खर्चे लोग करेंगे, शो ऑफ करेंगे, वाणी को साबित करने के लिए खर्चे बढ़ाएंगे।
मंगल के क्या उपाय हमें करने चाहिए, जिससे मंगल शांत हो?
मंगल आपकी राशि में कमजोर है या बलवान इसके लिए आपको अपनी कुंडली को देखना होगा। इसके आधार पर ही आप जान पाएंगे कि क्या आपको मंगल के लिए उपाय करने चाहिए। मंगल का सबसे अच्छा उपाय है कि आप ब्लड डोनेशन करें। दरअसल मंगल के योग में आपका ब्लड निकलता है, फिर चाहे सर्जरी हो, या फिर कहीं छोटा सा कट लगे या फिर आप ब्लड टेस्ट कराएं। इसलिए अगर मंगल के लिए ब्लड डोनेशन करेंगे तो इससे मंगल मजबूत होता है। मसल्स को मजबूत करने की ट्रेनिंग करें। मंगल के कारण मसल्स भी कमजोर होती हैं। इसलिए इस दौरान फिटनेस की ट्रैनिंग करें।
अगर आपका मंगल कमजोर है तो आप मंगल की एनर्जी को सही जगह पर इस्तेमाल करें, इस दौरान आपको वर्कआउट करना चाहिए, रोज एक्सरसाइज, चलना दौड़ना चाहिए, इससे आपका मंगल शांत होगा। अपने घर की दक्षिण दिशा को साफ रखें। यहां कोई कड़ा करकट नहीं होना चाहिए। अपने छोटे भाई की मदद करें, इससे मंगल ग्रह मजबूत होता है। आप अगर अमीर हैं तो भूमि दान कर सकते हैं, किसी धार्मिक कार्य के लिए। इसके अलावा घर में खुद से खाना बनाएं और गरीबों को खिलाएं इससे भी मंगल मजबूत होता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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