Vivah Panchami: विवाह पंचमी पर कैसे करें सीता-राम की पूजा, जानें सुबह-शाम के पूजा मुहूर्त और उपाय
Vivah Panchami Time Pooja: आज का दिन बेहद खास है। विवाह पंचमी के दिन भगवान श्री राम और मां सीता का ध्यान कर विधिवत पूजा की जाती है। आज विवाह पंचमी के दिन रवि योग, लक्ष्मी नारयण योग और वृद्धि योग बन रहे हैं।
आज है विवाह पंचमी: आज मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष, पंचमी को विवाह पंचमी का व्रत व पूजन किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, 25 नवंबर को रात 10:56 बजे तक उदया तिथि की पञ्चमी रहेगी। आज के दिन ही भगवान श्री राम और मां सीता विवाह के पावन बंधन में बंधें थे। विवाह पंचमी के दिन भगवान श्री राम और मां सीता का ध्यान कर विधिवत पूजा की जाती है। आज विवाह पंचमी पर रवि योग और वृद्धि योग बन रहे हैं। इसके साथ ही शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारयण योग, मंगल और सूर्य कि युति से आदित्य मंगल योग भी बन रहा है। ऐसे में आज का दिन बेहद खास है। आइए जानते हैं विवाह पंचमी पर पूजा के शुभ मुहूर्त, विधि-
सुबह-शाम के पूजा मुहूर्त
- चर - सामान्य 09:30 ए एम से 10:49 ए एम
- लाभ - उन्नति 10:49 ए एम से 12:08 पी एम
- अमृत - सर्वोत्तम 12:08 पी एम से 01:27 पी एम
- लाभ - उन्नति 07:05 पी एम से 08:46 पी एम
- शुभ - उत्तम 10:27 पी एम से 12:08 ए एम, नवम्बर 26
- ब्रह्म मुहूर्त 05:04 ए एम से 05:58 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 11:47 ए एम से 12:29 पी एम
- विजय मुहूर्त 01:53 पी एम से 02:36 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 05:22 पी एम से 05:49 पी एम
- अमृत काल 05:00 पी एम से 06:45 पी एम
- निशिता मुहूर्त 11:42 पी एम से 12:35 ए एम, नवम्बर 26
- रवि योग 11:57 पी एम से 06:53 ए एम, नवम्बर 26
विवाह पंचमी पर कैसे करें सीता-राम की पूजा
प्रात: काल स्नान-ध्यान करें। पूजा स्थान या फिर एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं। भगवान राम और मां सीता की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद प्रभु का जलाभिषेक करें। रोली, चंदन, फूल, फल, धूप, दीप आदि से पूजा करें। इसके बाद दोनों के अलग-अलग वस्त्र लेकर उसे जोड़कर गांठ बांध दें। फिर फल, मिठाई आदि का भोग तुलसी दल के साथ लगाएं। आरती करें। क्षमा प्रार्थना करें।
विवाह पंचमी के उपाय
आज के दिन मां सीता को शृंगार का समान चढ़ाने से वैवाहिक जीवन में आ रही दिक्कतें दूर हो सकती हैं। श्री राम चालीसा और श्री सीता चालीसा का पाठ करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
Shrishti Chaubeyसंक्षिप्त विवरण
सृष्टि चौबे पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। वह ज्योतिष, ग्रह गोचर, राशिफल, नक्षत्र परिवर्तन, अंकज्योतिष, रत्न, और वास्तु से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। पाठक-केंद्रित व आसान भाषा में जानकारी पेश करना इनके लेखन की पहचान है। धार्मिक ग्रंथों को पढ़कर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और उन पर शोध करना इनकी विशेष पसंद है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सृष्टि पिछले ढाई साल से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। ज्योतिष से जुड़े किसी भी टॉपिक को पाठकों तक आसान, प्रामाणिक और आकर्षक भाषा में पहुंचाना, सृष्टि बखूबी जानती हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए सृष्टि ने रीडर बिहेवियर,बदलते कंटेंट फॉर्मेट पर अच्छी पकड़ हासिल की है। पाठकों की रुचियों व जरूरतों को समझते हुए वे फैक्ट आधारित उपयोगी जानकारी पहुंचाने की कोशिश करती हैं।
अपने करियर की शुरुआत इन्होंने हिन्दी दैनिक समाचार पत्र से की। इसके बाद इन्होंने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। सृष्टि वेब स्टोरी, यूट्यूब शॉर्ट्स व इंस्टाग्राम रील्स जैसे विभिन्न डिजिटल स्टोरीटेलिंग फॉर्मेट का अनुभव रखती हैं। मनोरंजन, खेल व सेहत पर अच्छी पकड़ के साथ अब सृष्टि ज्योतिष और धार्मिक विषयों को कवर कर अपनी पहचान बना रही हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान बतौर संपादक इन्होंने कैम्पस समाचार पत्र प्रकाशित किया, लाइव रिपोर्टिंग की। डाटा स्टोरी और फैक्ट चेकिंग की भी अच्छी समझ रखती हैं। सामाजिक मुद्दे पर डॉक्यूमेंट्री भी बना चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन और दृष्टिकोण
सृष्टि का मानना है कि एस्ट्रोलॉजी का उद्देश्य फैक्ट आधारित उपयोगी जानकारी को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है। इनका फोकस रहता है कि ज्योतिषीय जानकारी को आसान भाषा में रचनात्मक तरीके से पेश करें।
व्यक्तिगत रुचियां
सृष्टि को ट्रैवल करना, किताबें पढ़ना, म्यूजिक सुनना, लिखना और नई चीजें सीखने का शौक है। इनका मानना है कि पर्सनल ग्रोथ के लिए खुद को अपडेट रखना चाहिए।
विशेषज्ञता
राशिफल
साप्ताहिक राशिफल
ग्रह गोचर
नक्षत्र परिवर्तन
अंकज्योतिष
व्रत-त्योहार, पूजा-विधि
रत्न विज्ञान
ज्योतिषीय उपाय
वास्तु शास्त्र
हस्तरेखा




