
Vivah panchami: उदयातिथि में कल है विवाह पंचमी, रवियोग और हर्षण योग का खास संयोग
मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पंचमी में 25 नवंबर को विवाह पंचमी मनाईजा रही है। इस बार विवाह पंचमी पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र व रवियोग का शुभ संयोग बन रहा है। आपको बता दें कि विवाह पंचमी के लिए भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था।
मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पंचमी में 25 नवंबर को विवाह पंचमी मनाईजा रही है। इस बार विवाह पंचमी पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र व रवियोग का शुभ संयोग बन रहा है। आपको बता दें कि विवाह पंचमी के लिए भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। इस दिन हर्षण योग भी बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अत्यंत शुभ माना जाता है। हर्षण योग में रामजी और माता सीता की पूजा करने से कई गुना अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन मंदिरों में षोडशोपचार विधि से भगवान राम और सीता की पूजा की जाती है।
कैसा था भगवान राम और सीता के विवाह का दृश्य
सुर प्रनामु करि बरिसहिं फूला। मुनि असीस धुनि मंगल मूला॥
गान निसान कोलाहलु भारी। प्रेम प्रमोद मगन नर नारी॥
भगवान राम और सीता के विवाह के समय आकाश से फूलों की बारिश हो रही है। भगवान राम और सीता के विवाह के समय देवता प्रणाम करके फूल बरसा रहे हैं। मुनियों के आशीर्वादों की ध्वनि सिनाई दे रही है। गानों और नगाड़ों के शब्द से बड़ा शोर मच रहा है। सभी नर-नारी प्रेम और आनन्द में मग्न हैं।
एहि बिधि सीय मंडपहिं आई । प्रमुदित सांति पढ़हिं मुनिराई॥ तेहि अवसर कर बिधि ब्यवहारू । दुहुँ कुलगुर सब कीन्ह अचारू॥
इस प्रकार सीताजी मंडप में आईं। मुनिराज बहुत ही आनन्दित होकर शान्तिपाठ पढ़ रहे हैं। उस अवसर की सब रीति और रिवावाज और कुलाचार दोनों कुलगुरुओं ने किए हैं।
पंचमी तिथि मुहूर्त-
पंचमी तिथि प्रारम्भ - नवम्बर 24, 2025 को 09:22 पी एम बजे
पञ्चमी तिथि समाप्त - नवम्बर 25, 2025 को 10:56 पी एम बजे
ब्रह्म मुहूर्त 05:04 ए एम से 05:58 ए एम
अभिजित मुहूर्त 11:47 ए एम से 12:29 पी एम
विजय मुहूर्त 01:53 पी एम से 02:36 पी एम
गोधूलि मुहूर्त 05:22 पी एम से 05:49 पी एम
अमृत काल 05:00 पी एम से 06:45 पी एम
इस दिन रामचरितमानस का पाठ करना उत्तम रहता है। यहीं पर सीता राम के विवाह से जुड़ी बातों को बताया गया है।-
इस साल के विवाह के मुहूर्त
इस साल 11 दिसंबर तक ही विवाह के मुहूर्त है। दरअसल 14 दिसंबर को शुक्र का तारा अस्त हो रहा है। इसलिए नवंबर में 24, 25, 27, 29 और 30 को विवाह मुहूर्त रहेंगे, वहीं इसके बाद दिसंबर में 1, 2, 4, 5, 6 और 7 व 11 दिसंबर तक रहेंगे। इसके बाद खरमास लगने के कारण विवाह नहीं होगें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





