गुरु की मीन राशि शनि, चंद्र और गुरु 3 ग्रह, बन रहा है विषयोग, किन राशियों को क्या लाभ

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विष योग जैसा कि इसके नाम से ही समझ आ रहा है कि विष के समान बनने वाला योग।ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा व शनि की युति से बनने वाले योग को विष योग कहते हैं। जब चंद्रमा और शनि एक दूसरे के साथ एक ही राशि में आते हैं,

गुरु की मीन राशि शनि, चंद्र और गुरु 3 ग्रह, बन रहा है विषयोग, किन राशियों को क्या लाभ

विष योग जैसा कि इसके नाम से ही समझ आ रहा है कि विष के समान बनने वाला योग।ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा व शनि की युति से बनने वाले योग को विष योग कहते हैं। जब चंद्रमा और शनि एक दूसरे के साथ एक ही राशि में आते हैं, तो यह योग बनता है, आज 12 मई को शनि और चंद्रमा एक साथ एक राशि में आ रहे हैं, इसलिए यह योग बनेगा। कुछ राशियों के लिए विषयोग परेशानी वाला होगा, तो कुछ राशियों के लिए अच्छा भी होगा। दोनों ग्रह गुरु की मीन राशि में आने वाले हैं। इस प्रकार मीन राशि में गुरु चंद्र और शनि तीनों ग्रह एक साथ इस राशि में रहेंगे। पहले चंद्र और शनि, गुरु तीनों के बारे में जानते हैं। शनि अनुशासन, न्याय के कारक हैं, वहीं चंद्रमा आपके मन का कारक है। आप क्या फैसले लेते हैं, इसका सीधा असर चंद्रमा से है। आपकी सोच क्या और मूड कैसा रहेगा। जब चंद्रमा गुरु के साथ आएगा तो आध्यत्मिकता बढ़ेगी, चंद्रमा के कारण आप अधिक गहराईसे सोचेंगे।

विष योग का किन राशियों को लाभ

कर्क राशि के लिए यह गोचर अच्छा रहेगा। आप पेंडिंग कामों की लिस्ट इस समय में शार्ट कर लेंगे, क्योंकि कई काम बन जाएंगे। कहीं काम से बाहर जाना होगा और उससे भी आपके काम बनेंगे।

मेष राशि के लिए चंद्रमा का गोचर लाभ देगा, इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती है, लेकिन इस गोचर से इस राशि के लोगों का काम में मन लगेगा और इनकी प्लानिंग से कोई प्रोजेक्ट मिल सकता है, इसलिए फैसले लें और सोच समझकर काम करें।

व़श्चिक राशि वालों के लिए पार्टनर के साथ रिश्तों में खुशियां वापस आएंगी। संतान से आपके संबंध अच्छे होंगे।

विष योग का किस भाव में क्या असर

यह योग प्रथम भाव में स्नायु तंत्र, दूसरे भाव में यह युति दांत व दाहिनी आंख, तीसरे घर में गला, दायां कान व गर्दन, चौथे घर में छाती, फेफड़े और दिल पर वार करता है। पंचम भाव में योग बनें तो पेट से जुड़ी दिक्कतें होती है। छठे घर में दुर्घटना, सप्तम भाव में मूत्र मार्ग पर असर, अष्टम भाव में मृत्यु तुल्य कष्ट देता है। नवम भाव में भाग्य पर दुष्प्रभाव , दशम भाव में काम-धंधे पर असर, द्वादश भाव में नींद न आना व डिप्रेशन होता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर

अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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