विनायक चतुर्थी के साथ आज गुप्त नवरात्रि का दुर्लभ संयोग, गणेश जी की कृपा पाने के लिए करें ये 5 आसान उपाय

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विनायक चतुर्थी के साथ आज गुप्त नवरात्रि का दुर्लभ संयोग। गणेश जी की कृपा पाने के लिए 5 आसान उपाय जानिए। शाम में ऐसे पूजा करके बाधाएं दूर करें और मनोकामना पूरी करें।

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17 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल चतुर्थी तिथि पर विनायक चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है। इस बार यह तिथि गुप्त नवरात्रि के साथ शुक्रवार के दिन पड़ रही है, जो बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग है। गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की गुप्त साधना चल रही है, वहीं चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व है। शाम के समय गणेश पूजन करने से मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। गणेश जी की कृपा पाने के लिए आप शाम में कुछ उपाय भी कर सकते हैं।

दुर्लभ संयोग का महत्व

गुप्त नवरात्रि और विनायक चतुर्थी का संयोग बहुत खास है। गुप्त नवरात्रि साधना की गोपनीयता बढ़ाती है, जबकि चतुर्थी गणेश जी को प्रसन्न करने का दिन है। शुक्रवार को चतुर्थी पड़ने से शुक्र ग्रह की कृपा भी मिलती है। इस संयोग में किए गए उपाय जल्दी फल देते हैं।

शाम में गणेश पूजा का विशेष महत्व

गणेश चतुर्थी पर सुबह के साथ ही शाम का समय भी पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्यास्त के बाद गणेश जी की पूजा करने से बाधाएं दूर होती हैं और नई शुरुआत के लिए ऊर्जा मिलती है। शाम की पूजा में मन एकाग्र रहता है और भक्त की मनोकामना शीघ्र पूरी होती है।

शाम में गणेश जी की पूजा विधि

शाम को स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल को साफ करें और गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। उन्हें जल, दूध, पंचामृत चढ़ाएं। दूर्वा, सिंदूर, लाल फूल, मोदक और लड्डू का भोग लगाएं। 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें। आरती करें और अपनी मनोकामना मन में रखकर प्रार्थना करें। पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें।

दूर्वा चढ़ाकर गणेश जी को प्रसन्न करें

गणेश जी को दूर्वा यानी हरी घास अत्यंत प्रिय है। शाम की पूजा में गिनकर पांच दूर्वा लें और उन्हें जोड़कर गणेश जी के मस्तक पर अर्पित करें। गणेश जी की चरणों में दूर्वा ना रखें। दूर्वा अर्पित करते समय ये मंत्र बोलें - 'इदं दुर्वादलं ऊं गं गणपतये नमः।' इस उपाय से बुद्धि तेज होती है और बाधाएं दूर होती हैं।

शमी के पत्ते अर्पित करें

शमी का पौधा गणेश जी और शनि दोनों को प्रसन्न करने वाला माना जाता है। शाम को शमी के 11 पत्ते लेकर गणेश जी को चढ़ाएं। इससे घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और सौभाग्य बढ़ता है। शमी की पूजा रामायण काल से चली आ रही है। यह उपाय करने से शत्रु भय और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।

सिंदूर और अक्षत से पूजा

गणेश जी को लाल सिंदूर बहुत पसंद है। शाम की पूजा में गणेश जी को सिंदूर का तिलक लगाएं और फिर खुद के माथे पर भी लगाएं। पवित्र (साबुत) चावल लेकर तीन बार 'इदं अक्षतम् ऊं गं गणपतये नमः' बोलते हुए अर्पित करें। टूटे चावल या उबले चावल ना चढ़ाएं। इससे गणेश जी की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।

मोदक या लड्डू का भोग

गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाना सबसे प्रिय है। शाम को ताजा मोदक बनाकर या लाकर भोग लगाएं। पूजा के अंत में गणेश चालीसा या गणेश स्तोत्र का पाठ करें और अपनी मनोकामना मन में रखकर प्रार्थना करें। पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें। इस दुर्लभ संयोग में सच्ची श्रद्धा से किया गया छोटा-सा उपाय भी बड़े फल देता है।

17 जुलाई 2026 को विनायक चतुर्थी और गुप्त नवरात्रि का यह संयोग जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। शाम में आसान विधि से गणेश पूजन करें, तो गणेश जी की कृपा जरूर बरसेगी और हर मनोकामना पूरी होगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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