
Vinayaka Chaturthi : विनायक चतुर्थी आज, नोट कर लें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, उपाय और मंत्र
हिंदू पंचाग के अनुसार प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी पड़ती है। इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव से गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हैं। माना जाता है कि इस तिथि पर व्रत रखने से सुख, सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है।
Vinayaka Chaturthi 2025 : हिंदू पंचाग के अनुसार प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी पड़ती है। इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव से गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हैं। माना जाता है कि इस तिथि पर व्रत रखने से सुख, सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही भगवान गणेश की कृपा से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। भगवान गणेश प्रथम पूजनीय देव हैं। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। भगवान गणेश का एक नाम विनायक भी है। वैदिक पंचांग के अनुसार कार्तिक माह में विनायक चतुर्थी 25 अक्टूबर 2025 को है।

मुहूर्त-
कार्तिक, शुक्ल चतुर्थी प्रारम्भ - 01:19 ए एम, अक्टूबर 25
कार्तिक, शुक्ल चतुर्थी समाप्त - 03:48 ए एम, अक्टूबर 26
ब्रह्म मुहूर्त 04:46 ए एम से 05:37 ए एम
अभिजित मुहूर्त 11:42 ए एम से 12:27 पी एम
विजय मुहूर्त 01:57 पी एम से 02:42 पी एम
गोधूलि मुहूर्त 05:42 पी एम से 06:07 पी एम
अमृत काल 12:54 ए एम, अक्टूबर 26 से 02:42 ए एम, अक्टूबर 26
निशिता मुहूर्त 11:40 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 26
रवि योग 07:51 ए एम से 06:29 ए एम, अक्टूबर 26
विनायक चतुर्थी की पूजा विधि
इस दिन सूर्योदय से पहले उठें और घर की पूरी साफ-सफाई करें। इसके बाद गंगाजल मिले जल से स्नान करें। फिर आचमन कर स्वयं को शुद्ध करें और पीले वस्त्र धारण करें।
सूर्य देव को जल अर्पित करें। इसके बाद विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करें।
एक चौकी पर लाल या पीले वस्त्र बिछाएं। उस पर गणेशजी की प्रतिमा स्थापित करें।
अब गणपति बप्पा की विधि-विधान से पूजा करें।
गणेशजी के समक्ष घी का दीपक जलाएं।
गणेशजी को फल, फूल,दूर्वा, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
गणेशजी के बीज मंत्रों का जाप करें। उन्हें मोदक या मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं।
भगवान गणेश को दूर्वा अतिप्रिय होता है। जो भी व्यक्ति भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करता है, भगवान गणेश उसकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।
भगवान गणेश की आरती करें और भोग लगाएं। आप गणेश जी को मोदक, लड्डूओं का भोग लगा सकते हैं।
गणेश चालीसा और मंत्रों का पाठ करें तथा पूजा के अंत में आरती उतारें।
इस दौरान भगवान से सुख, समृद्धि, शांति और बुद्धि की प्राप्ति की प्रार्थना करें।
पूजा सामग्री लिस्ट : लकड़ी चौकी, पीला कपड़ा, जनेऊ, पान का पत्ता, लौंग, इलायची, गंगाजल, दूर्वा, रोली, सिंदूर, अक्षत, हल्दी, मौली, इत्र, गाय का घी, मोदक, चीनी समेत सभी सामग्री एकत्रित कर लें।
इन मंत्रों का जप करें
वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुंडाय धीमहि। तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
दन्ताभये चक्रवरौ दधानं, कराग्रगं स्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जयालिङ्गितमाब्धि पुत्र्या-लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं चिरचिर गणपतिवर वर देयं मम वांछितार्थ कुरु कुरु स्वाहा॥
ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वरवरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा॥
उपाय-
चौमुखी दीपक जलाएं
भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन गणेश जी के समक्ष घी का चौमुखी दीपक जलाएं। यह उपाय आर्थिक स्थिरता लाता है और कर्ज से मुक्ति दिलाता है।
दूर्वा और मोदक
गणेश जी को 21 दूर्वा, लाल फूल चढ़ाएं और मोदक का भोग लगाएं। मान्यता है कि इससे जीवन की सभी रुकावटें दूर होती हैं और घर में सौभाग्य व समृद्धि आती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





