Vikata Sankashti Chaturthi 2026: करियर-व्यापार में आ रही है हमेशा रुकावट, तो विकट संकष्टी चतुर्थी पर जरूर करें ये 5 काम
5 अप्रैल 2026 को विकट संकष्टी चतुर्थी है। अगर करियर और व्यापार में बार-बार रुकावटें आ रही हैं, तो इस दिन गणेश जी की विशेष पूजा और कुछ उपाय जरूर करें। संकष्टी चतुर्थी पर किए गए उपाय बुध-केतु दोष दूर करते हैं, बाधाएं हटाते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। जानें पूजा विधि, मंत्र और प्रभावी उपाय।

कई बार खूब मेहनत करने के बाद भी हमें अपने काम से मनचाहा परिणाम नहीं मिलता है। अक्सर कामों में कुछ ना कुछ बाधा बनी रहती है। 5 अप्रैल 2026 को पड़ने वाली विकट संकष्टी चतुर्थी उन लोगों के लिए विशेष महत्व रखती है, जिनके करियर और व्यापार में बार-बार रुकावटें आ रही हैं। ज्योतिष शास्त्र में इस तिथि को भगवान गणेश की पूजा के लिए अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। इस दिन विघ्नहर्ता गणेश जी की विधि-विधान से पूजा करने और कुछ खास उपाय करने से बुध और केतु के दोष कम होते हैं, बाधाएं दूर होती हैं और नए रास्ते खुलते हैं।
विकट संकष्टी चतुर्थी 2026 की तिथि
चतुर्थी तिथि 5 अप्रैल 2026, रविवार को सुबह 11:59 बजे शुरू होगी और 6 अप्रैल 2026, सोमवार को दोपहर 02:10 बजे समाप्त होगी। इस दिन चंद्रोदय के समय गणेश पूजा करना विशेष फलदायी होता है। ऐसे में विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत 5 अप्रैल 2026, रविवार को रखा जाएगा।
गणेश जी और ग्रहों का गहरा संबंध
ज्योतिष में भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और रिद्धि-सिद्धि का स्वामी माना गया है। इनका सबसे गहरा संबंध बुध ग्रह से है। यदि कुंडली में बुध कमजोर हो तो व्यक्ति को निर्णय लेने में कठिनाई, व्यापार में हानि और बोलचाल में समस्या आती है। विकट संकष्टी चतुर्थी पर गणेश पूजा करने से बुध ग्रह मजबूत होता है। साथ ही केतु के नकारात्मक प्रभाव को भी शांत किया जा सकता है।
करियर और व्यापार में रुकावट दूर करने के 5 उपाय
1.गणेश जी की विशेष पूजा
सुबह स्नान कर गणेश मंदिर जाएं या घर में गणेश जी की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं। “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
2. मोदक या लड्डू का भोग
गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। भोग लगाते समय मन में अपनी रुकावटों को दूर करने की प्रार्थना करें।
3.चंद्रमा को अर्घ्य
शाम को चंद्रमा को जल अर्घ्य दें। इससे मन की अशांति दूर होती है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
4.बुधवार का व्रत या दान
संकष्टी चतुर्थी के बाद आने वाले बुधवार को व्रत रखें या हरे चने, पुस्तक, कलम आदि का दान करें। इससे बुध ग्रह मजबूत होता है।
5.विघ्नहर्ता स्तोत्र पाठ
'विघ्नेश्वराय वरदाय' या 'गणेश अथर्वशीर्ष' का पाठ करें। इससे करियर और व्यापार की बाधाएं दूर होती हैं।
मानसिक तनाव और बाधक योग से मुक्ति
कई बार कुंडली में शनि-राहु या अन्य बाधक योग बन जाते हैं, जो काम में अड़चनें पैदा करते हैं। विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत और पूजा इन योगों को शांत करने में मदद करती है। चंद्रमा को अर्घ्य देने से मन स्थिर होता है और सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
सावधानियां और सलाह
विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा के समय मन को पूरी तरह शांत रखें। व्रत रखने वाले लोग फलाहार करें और शाम को चंद्रोदय के बाद पारण करें। व्रत नहीं भी रख रहे हैं, तो इस दिन मांसाहार, शराब और क्रोध से बचें।
विकट संकष्टी चतुर्थी पर इन 5 उपायों को श्रद्धा से करने से करियर और व्यापार की रुकावटें दूर हो सकती हैं। भगवान गणेश की कृपा से जीवन में नए रास्ते खुलेंगे और सफलता मिलेगी।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Navaneet Rathaurसंक्षिप्त विवरण
नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
विस्तृत बायो परिचय और अनुभव
डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।
नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
अंक ज्योतिष
हस्तरेखा विज्ञान
वास्तु शास्त्र
वैदिक ज्योतिष


