सूर्य और चंद्र का व्यातिपात योग मई के आखिर में है बनने वाला, किन 3 राशियों को सतर्क रहने की सलाह, जानें इसके बारे में
अधिकमास का व्यातिपात योग बन रहा है। यह क्या होता है और इसके बनने से किन राशियों को लाभ और नुकसान होगा, आज हम आपको ये बताएंगे। व्यातिपात योग क्या होता है, यह हम आपको विस्तार से बता रहे हैं,

अधिकमास का व्यातिपात योग बन रहा है। यह क्या होता है और इसके बनने से किन राशियों को लाभ और नुकसान होगा, आज हम आपको ये बताएंगे। व्यातिपात योग क्या होता है, यह हम आपको विस्तार से बता रहे हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जान लें कि यह योग सूर्य और चंद्रमा के आमने सामने 180 डिग्री की स्थिति में आने से बनता है। इस समय ग्रह की एनर्जी बहुत हाई लेवल की होती है और इसका असर सभी पर कुछ ना कुछ होता है। इस साल 27 मई को सुबह 3 बजे से यह योग बन रहा है, यह योग 30 मई तक ही रहेगा। इस दौरान ज्योतिष की क्या है सलाह यहां पढ़ें
क्या है व्यातिपात योग
व्यातिपात योग सूर्य और चंद्र जब एक दूसरे के विपरीत होते हैं, तो इसे व्यातिपात योग कहते हैं। इस दौरान तनाव का माहोल रहता है। यड कॉस्मिक फ्लो है जो तकरीबन बनता रहता है। इस व्यातिपात योग में किसी नए काम को नहीं करना चाहिए, इसके अलावा आपको नया काम शुरू नहीं करना चाहिए। आपके पारंपरिक रीती रिवाज भी लेट हो सकते हैं। आपको अपने अंदर की चीजों को प्राथमिकता देनी है।आप खुद का विश्लेषण करते हैं। आपको यूनिवर्स में आपको एक नहीं कई तरह की एनर्जी मिलती है, लेकिन व्यातिपात में आपको बदलाव मिलता है। आपको लाइफ में अधिक व्यापक और बड़ी चीजें दिखती हैं। आपका अंतर्ज्ञान होता है, इसमें, आप सतह के ऊपर भी चीजों को समझ पाते हैं।
किन राशि को रहना है अलर्ट, आपके लिए क्या है सलाह
वृषभ राशि के लिए यह समय बहुत खास रहता है। इस योग में वृषभ राशि वालों को आर्थिक फैसले और पैसों को लेन-देन से बचना चाहिए। आपके लिए चैलेंज वाला समय है, लेकिन इस समय में नुकसान तभी होगा, अगर आप सोच समझकर फैसला नहीं करेगें। इसलिए धैर्य रखें और सोच-विचार कर चीजों पर फैसला लें।
कन्या राशि के लिए आपको कई चीजों को लेकर सोचना होगा। आपको जो बोलना है वो सोच समझकर, इस दौरान आपकी कही बात का बतंगड़ बन सकता है। आप जल्दबाजी में रिएक्शन ना दें, सीनियर्स से आपकी बहस हो सकती है।
सिंह राशि के लिए इस दौरान छोटी से गलती आपको कई चीजों से बचा सकती है। आपके लिए आर्थिक फैसले आपको पहले से बेहतर बनाएंगे। ऑफिस में आपकी किसी सीनियर या साथ काम करने वाले से भी विवाद हो सकता है, इसलिए इस समय आपको थोड़ा अलर्ट रहना होगा।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर
अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
विजन
अनुराधा का उद्देश्य एस्ट्रोलॉजी (धर्म) के माध्यम से राशियों पर ग्रहों के प्रभाव, कुंडली, ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, भाव और दशा-विश्लेषण को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। ग्रहों का व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या असर पड़ता है, इन जटिल ज्योतिषीय अवधारणाओं को आम पाठकों के लिए सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही टीम का कुशल मार्गदर्शन और कंटेंट की क्वालिटी सुनिश्चित करना भी उनके विजन का अहम हिस्सा है।
विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र
कुंडली एवं ग्रह-दशा के माध्यम से राशियों पर ग्रहों का प्रभाव, नक्षत्रों का आम लोगों की जिंदगी पर असर और इससे जुड़ी एक्सपर्ट से वेरिफाइड सलाह पाठकों तक पहुंचाना उनका प्रमुख कार्य क्षेत्र है। वे धार्मिक और समसामयिक विषयों पर गहराई से अध्ययन कर तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत करती हैं। उनका अनुभव सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक और निरंतर शोध पर आधारित है। जन्म कुंडली विश्लेषण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वैदिक ज्योतिष पर उनकी गहरी पकड़ उनके लेखों को विश्वसनीय बनाती है। खबरों की दुनिया से इतर, अनुराधा जी को किताबें पढ़ना पसंद है, जो उनके शोधपरक लेखन को और समृद्ध बनाता है।
विशेषज्ञता
कुंडली एवं ग्रह-दशा
ग्रह नक्षत्रों का लोगों पर असर
धर्म एवं भारतीय परंपराएं
व्रत-त्योहारों का महत्व
ग्रहों की स्थिति और राशियां


