Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत के दिन गलती से ना करें ये 7 काम, वरना व्रत का नहीं मिलेगा पूरा फल

Navaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत के दिन गलती से ये 7 काम ना करें, वरना व्रत का पूरा फल नहीं मिलेगा। सुहागिन महिलाओं के लिए जरूरी नियम, सावधानियां और व्रत की सही विधि इस लेख में जानें।

Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत के दिन गलती से ना करें ये 7 काम, वरना व्रत का नहीं मिलेगा पूरा फल

वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को रखा जाता है। इस साल 16 मई 2026, शनिवार को यह पावन व्रत रखा जाएगा। सुहागिन महिलाएं इस दिन सोलह शृंगार कर पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं। वट वृक्ष की पूजा और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनना इस व्रत का महत्वपूर्ण अंग है। लेकिन व्रत का पूरा फल तभी मिलता है, जब कुछ जरूरी नियमों का पालन किया जाए।

1. नकारात्मक विचारों से बचें

वट सावित्री व्रत के दिन मन में लालच, क्रोध, ईर्ष्या या नकारात्मक विचार बिल्कुल नहीं लाने चाहिए। ऐसा करने से व्रत की पवित्रता भंग होती है और इसका फल अधूरा रह जाता है। पूरे दिन सकारात्मक और शांत रहने की कोशिश करें।

2. बाल या नाखून ना काटें

व्रत के दिन गलती से भी बाल या नाखून नहीं काटने चाहिए। शास्त्रों में व्रत और शुभ अवसरों पर इन कामों को अशुभ माना गया है। इससे व्रत का पुण्य कम हो सकता है।

3. काले, नीले या सफेद कपड़े ना पहनें

इस दिन काले, नीले या सफेद रंग के वस्त्र धारण करने से बचना चाहिए। इन रंगों को व्रत के लिए अशुभ माना जाता है क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकते हैं। हल्के, शुभ रंग जैसे लाल, पीला या गुलाबी पहनना बेहतर है।

4. पति के साथ बहस या विवाद ना करें

वट सावित्री व्रत के दिन पति के साथ किसी भी प्रकार की बहस या विवाद से पूरी तरह बचना चाहिए। साथ ही उनकी किसी की बुराई भी नहीं करनी चाहिए। पति की सेवा और सम्मान इस व्रत का मुख्य उद्देश्य है।

5. दोपहर में सोने से बचें

व्रत के दिन दोपहर के समय शयन (सोना) नहीं करना चाहिए। इसे अशुभ माना गया है। साथ ही मैले या गंदे कपड़े भी नहीं पहनने चाहिए। पूरे दिन स्वच्छ और सात्विक रहना चाहिए।

6. व्रत कथा सुनते समय जगह से ना उठें

जब वट सावित्री व्रत कथा का पाठ हो रहा हो या आप उसे सुन रहे हों, तो बीच में उठकर कहीं ना जाएं। ऐसा करने से व्रत का फल अधूरा रह सकता है। पूरी श्रद्धा और एकाग्रता से कथा सुनें।

7. नकारात्मक चर्चा और गपशप से दूर रहें

व्रत के दिन नकारात्मक चर्चा, गपशप या किसी की निंदा करने से बचना चाहिए। इससे वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा फैलती है और व्रत का प्रभाव कम हो जाता है।

वट सावित्री व्रत का सही महत्व

यह व्रत सिर्फ उपवास का नहीं, बल्कि पति की लंबी उम्र, सौभाग्य और परिवार की खुशहाली का प्रतीक है। सावित्री ने सत्यवान को यमराज से वापस लाकर दिखाया था कि सच्ची भक्ति और पतिपरायणता से असंभव भी संभव हो सकता है। इसलिए इस दिन पूजा, व्रत और नियमों का पालन पूरे मन से करना चाहिए।

16 मई 2026 को वट सावित्री व्रत रखने वाली महिलाएं ऊपर बताए गए 7 कामों से बचें। सच्ची श्रद्धा, शुद्धता और नियमों के साथ किया गया व्रत अखंड सौभाग्य और पारिवारिक सुख देता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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