वट पूर्णिमा पर करें ये 5 आसान उपाय, पति की लंबी उम्र के साथ मिलेगी सुख-समृद्धि
वट पूर्णिमा पर सुहागिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा कर पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ आसान उपाय करने से घर में सुख-शांति, आर्थिक समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहती है। जानिए वट पूर्णिमा के 5 आसान उपाय और उनका महत्व।

Vat Purnima 2026 Upay: वट पूर्णिमा का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लिए थे। तभी से वट पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। इस दिन पूजा के साथ कुछ आसान उपाय भी किए जाते हैं। कहा जाता है कि इन्हें करने से वैवाहिक जीवन में सुख बना रहता है और घर में बरकत आती है।
वट के पेड़ पर कच्चा सूत बांधें
पूजा के समय बरगद के पेड़ पर कच्चा सूत 7 या 108 बार लपेटें। हर फेरा लगाते समय पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें। पूजा खत्म होने के बाद किसी ब्राह्मण को नया सफेद सूत दान करें। मान्यता है कि इससे परिवार पर आने वाली परेशानियां कम होती हैं और सुख-शांति बनी रहती है।
बांस का पंखा और भीगे चने करें दान
वट पूर्णिमा की पूजा के बाद बांस का हाथ वाला पंखा लें। उस पर भीगे हुए चने, कुछ फल और कपड़े रखकर अपनी सास या घर के किसी बड़े बुजुर्ग को दें। फिर उनका आशीर्वाद लें। माना जाता है कि इससे घर में प्यार बना रहता है और रिश्तों में मिठास आती है।
शिव-पार्वती की पूजा भी करें
कहा जाता है कि वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। इसलिए इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा भी जरूर करें। उनसे अपने परिवार की खुशहाली और पति-पत्नी के बीच प्यार बनाए रखने की प्रार्थना करें। मान्यता है कि इससे दांपत्य जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।
धन की परेशानी हो तो चंद्रमा को दें अर्घ्य
अगर काफी समय से पैसों की दिक्कत चल रही है, तो पूर्णिमा की रात चंद्रमा को कच्चे दूध में थोड़ा चावल और चीनी मिलाकर अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय अपनी मनोकामना मन ही मन बोलें। धार्मिक मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां कम होने लगती हैं और घर में बरकत आती है।
पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान
वट पूर्णिमा की पूजा में लाल, पीले या हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। वहीं काले, नीले और सफेद रंग के कपड़ों से बचने की सलाह दी जाती है। अगर आपके आसपास बरगद का पेड़ नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप गमले में लगी बरगद की टहनी या फिर तुलसी के पौधे के सामने भी श्रद्धा से पूजा कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiयोगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
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