Vastu Tips: घर के मेनडोर पर इन 3 चीजों को रखने से दूर होगी सारी परेशानी, खत्म होंगी सारी बाधाएं
Vastu Tips for Main Door: वास्तुशास्त्र के अनुसार मेनडोर पर रखे जानी वाली चीजों का असर सीधा घर के वास्तु पर पड़ता है। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि नियम के अनुसार मेनडोर में कौन सी 3 चीजें जरूर होनी चाहिए? इसके बारे में नीचे विस्तार से जानें-

मेनडोर घर का सबसे अहम हिस्सा होता है। घर का मेनडोर ही वो हिस्सा है, जहां पर लोगों की निगाह सबसे पहले पड़ती है और यही वो सोर्स होता है जिसके जरिए घर में खराब और अच्छी एनर्जी का आगमन होते है। ऐसे में वास्तुशास्त्र के नियम के हिसाब से मेनडोर पर कुछ ऐसी चीजें जरूर होनी चाहिए जिससे घर का वास्तु प्रभावित ना हो और कोई भी नेगेटिव एनर्जी घर के अंदर प्रवेश ना कर पाएं। वास्तु के नियम के अनुसार जानिए वो कौन सी 3 चीजें हैं जो घर के मेनडोर पर जरूर होनी चाहिए? नीचे इनके बारे में जानें विस्तार से-
स्वास्तिक
घर के मेनडोर पर शुभ चिन्हों की तस्वीर भी लगाई जा सकती है। अगर शुभ चिन्हों की बात होती है तो स्वास्तिक का नाम सबसे पहले आता है। किसी भी पूजा-पाठ में स्वास्तिक का चिह्न बनाया जाता है। मान्यता के हिसाब से इसकी मौजूदगी के घर का वास्तु दोष दूर होता है। साथ ही ये किसी भी तरह के नेगेटिविटी को घर में नहीं आने देता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार लाल रंग से बना स्वास्तिक घर में बरकत ले आता है।
तोरण
घर के मेनडोर पर तोरण का होना बेहद ही शुभ माना जाता है। मेनडोर पर आम के पत्तों का तोरण लगाना सबसे शुभ माना जाता है। इससे घर में अच्छी एनर्जी की ही एंट्री होती हैं। हालांकि इसे समय-समय पर बदलना भी जरूरी है। आम के अलावा अशोक के पत्तों का तोरण भी घर के लिए शुभ होता है और ये खराब एनर्जी को घर में एंटर नहीं करने देता है। तोरण लगाने और उसे उतारने से संबंधित कई नियम हैं, जिनके बारे में कई लोगों को नहीं मालूम होता है। नीचे कुछ लिंक हैं जिन्हें क्लिक करके आप तोरण से संबंधित जरूरी जानकारी पा सकते हैं।
पायदान
घर के पायदान का सीधा संबंध वास्तु से जुड़ा होता है। ऐसे में इसे मेनडोर पर रखना जरूरी होता है। लोग आम तौर पर घर के मेनडोर के डेकॉर को ध्यान में रखते हुए किसी भी शेप के पायदान को रखते हैं लेकिन ऐसा सही नहीं है। वास्तु के हिसाब से पायदान का रंग और आकार नियम के अनुसार हो तो घर में नेगेटिविटी नहीं आती है। नियम के अनुसार मेनडोर पर हमेशा आयताकार पायदान ही रखना चाहिए। इस शेप के पायदान से जिंदगी में स्थिरता आती है और आपसी रिश्ते सही होते हैं। गोलाकार और अंडाकार शेप के पायदान भी वास्तु के हिसाब से सही होते हैं। साथ ही हमेशा हल्के रंग के पायदान ही घर के बाहर रखने चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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