Vastu Tips: वास्तु दोष से राहत के लिए किस धातु का हाथी घर में रखना चाहिए? जानें सही दिशा और नियम

Navaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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वास्तु दोष से राहत पाने और घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए किस धातु का हाथी रखना चाहिए? जानें चांदी, पीतल और संगमरमर के हाथी के फायदे, सही दिशा और वास्तु नियम। हाथी की सूंढ किस दिशा में होनी चाहिए और जोड़े में रखने का महत्व क्या है?

Vastu Tips: वास्तु दोष से राहत के लिए किस धातु का हाथी घर में रखना चाहिए? जानें सही दिशा और नियम

वास्तु शास्त्र में हाथी को सौभाग्य, सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। अगर घर में वास्तु दोष के कारण परेशानियां, आर्थिक रुकावटें या कलह बढ़ रही है, तो सही धातु का हाथी रखना एक प्रभावी उपाय हो सकता है। हाथी की सूंढ, दिशा और धातु का चुनाव सही होने पर वास्तु दोष कम होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार किस धातु का हाथी रखना चाहिए और इसके नियम क्या हैं।

वास्तु में हाथी का महत्व

हाथी वास्तु शास्त्र में गज के रूप में जाना जाता है, जो लक्ष्मी और गणेश दोनों से जुड़ा है। घर में हाथी रखने से धन, सुख, सम्मान और सुरक्षा बढ़ती है। यह नकारात्मक ऊर्जा को रोकता है और परिवार में स्थिरता लाता है। लेकिन हाथी को गलत धातु या गलत दिशा में रखने से उल्टा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सही चुनाव बहुत जरूरी है।

किस धातु का हाथी रखना शुभ है?

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी, पीतल या संगरमरमर का हाथी घर के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं।

चांदी का हाथी - यह सबसे उत्तम माना जाता है। चांदी चंद्रमा से संबंधित है, जो शांति, मानसिक स्थिरता और मातृत्व का कारक है। चांदी का हाथी रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और वैवाहिक जीवन मधुर होता है।

पीतल का हाथी - पीतल सूर्य और गुरु का प्रतिनिधित्व करता है। यह धन, सम्मान और उन्नति बढ़ाता है। व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए पीतल का हाथी बहुत लाभकारी है।

संगमरमर (मार्बल) का हाथी - यह शुद्धता और स्थिरता का प्रतीक है। यदि बजट कम हो तो संगमरमर का हाथी भी रखा जा सकता है, लेकिन चांदी या पीतल बेहतर विकल्प है।

हाथी रखने की सही दिशा

वास्तु के अनुसार हाथी रखने की दिशा बहुत महत्वपूर्ण है:

मुख्य द्वार पर: हाथियों का जोड़ा रखें, सूंढ अंदर की तरफ हो। इससे सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है।

बेडरूम में: दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें। इससे वैवाहिक सुख बढ़ता है।

पूजा घर या ड्रॉइंग रूम में: उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में रखना शुभ है।

सूंढ की दिशा: सौभाग्य के लिए सूंढ ऊपर की ओर होनी चाहिए। संतान सुख के लिए सूंढ नीचे की ओर हो सकती है।

हाथी रखते समय जरूरी नियम

हमेशा हाथियों का जोड़ा रखें। अकेला हाथी रखना अशुभ माना जाता है। हाथी को नियमित रूप से साफ करें और धूल-मिट्टी से मुक्त रखें। वास्तु नियमों के अनुसार, हाथी को कभी भी बेड के ठीक सामने या फर्श पर सीधे ना रखें। उचित ऊंचाई वाली टेबल या अलमारी पर रखें। यदि हाथी टूट जाए या खराब हो जाए, तो उसे तुरंत घर से बाहर कर दें।

सही धातु और सही दिशा में हाथी रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। ऐसे में हाथी से जुड़े इन सरल वास्तु उपायों को अपनाकर आप अपने घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकते हैं और सुख-समृद्धि को आमंत्रित कर सकते हैं। सही धातु का हाथी सही दिशा में रखकर जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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