Panchmukhi Hanuman: घर में रख सकते हैं पंचमुखी हनुमान की मूर्ति? ये है सही तरीका और नियम, ना करें ये गलतियां
घर में पंचमुखी हनुमान की तस्वीर या फिर मूर्ति रखी जा सकती है या नहीं? इस सवाल को लेकर काफी लोग कन्फ्यूज दिखते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर वास्तु के हिसाब से क्या इसे घर में रखना चाहिए?

Panchmukhi Hanuman Vastu Tips: अगर घर में हर चीज वास्तु के नियमों के हिसाब से रखा जाए तो जिंदगी में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। मान्यता है कि कुछ जरूरी नियमोंं का पालन करना चाहिए क्योंकि इससे घर-परिवार में खुशहाली आती है। वास्तु को सही रखने के लिए कई लोग घर में हर एक चीज की प्लेसमेंट को नियम के अनुसार ही करते हैं। वहीं अधिकतर लोग अपने घरों में देवी-देवताओं की तस्वीर भी लगाते हैं।
वास्तु शास्त्र की नजर में ऐसा करना काफी शुभ माना गया है। ऐसे में अगर आप वास्तु नियमों का ध्यान में रखते हुए भगवान की मूर्ति या फिर तस्वीरों को घर में लगाते हैं तो इससे आपको काफी लाभ देखने को मिल सकता है। अब सवाल ये है कि क्या घर में पंचमुखी हनुमान की मूर्ति या फिर तस्वीर रख सकते हैं या नहीं?
घर में पंचमुखी हनुमान रखना शुभ या अशुभ?
वास्तु के अनुसार पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति को घर में रखना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि अगर घर में पंचमुखी हनुमान की मूर्ति या फिर तस्वीर रखी जाए तो हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है। साथ ही इसकी वजहग से शक्ति और सुरक्षा की भावना महसूस होती है। हालांकि पंचमुखी हनुमान को घर में रखने के कुछ नियम हैं जिनका पालन जरूर करना चाहिए।
इस दिशा में लगाएं पंचमुखी हनुमान की तस्वीर
वास्तु शास्त्र में हनुमान जी की पंचमुखी तस्वीर लगाने के लिए घर के दक्षिण-पश्चिम कोने को सबसे सही माना गया है। घर का ये कोना समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में इस ओर भगवान हनुमान के पंचमुखी अवतार वाली तस्वीर या मूर्ति को लगाना सही होगा। माना जाता है कि इस ओर हनुमान की तस्वीर लगाने से घर के वास्तु दोष खत्म हो जाते हैं। इसके अलावा घर में सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रवाह होता है।
रखें इन बातों का ध्यान
पंचमुखी हनुमान को घर में रखते हुए कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। मूर्ति को हमेशा साफ-सुथरी जगह पर रकें। आप इसे पूजा घर में रखेंगे तो सही होगा। वहीं इसे घर में बाहर की ओर लगाना भी सही माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। इस बात का ध्यान रखें कि पंचमुखी हनुमान की मूर्ति को बेडरूम या फिर किचन में नहीं लगाना है। बस इन चीजों को ध्यान में रखकर पंचमुखी हनुमान की मूर्ति या फिर तस्वीर को घर में रखा जा सकता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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